देहरादून;
प्रदेश की राजधानी से मात्र बीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित वन क्षेत्रो के हजारो ग्रामीण
अनेक तरह की समस्याओं से जूझ रहे है वन क्षेत्र के 84 गांव को राजस्व गांव घोषित करने की मांग। आज डॉक्टर अनुस्वरूप ने की ! भारतीय रमाबाई अंबेडकर महासभा की एक महत्वपूर्ण बैठक डोईवाला के समीप स्थित चांडी गांव मे हुई ।
बैठक मे क्षेत्रिय लोगो की गंभीर समस्याओं पर बोलते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डाक्टर अनुस्वरूप ने कहा कि इस क्षेत्र के हजारो लोग पीढियो से न्याय के लिए तरस रहे हैं अब इन्हें न्याय मिलना चाहिए उन्होने बताया कि यह गांव वन विभाग के अधिकार क्षेत्र मे है यहॉ के लोग पिछली तीन - चार पीढी़यो से यहॉ रह रहे है पर लचर सरकारी नीतीयो के चलते अभी तक उन्हे उनकी ही जमीनो पर उ अधिकार नही दिया गया
जिसका सबसे बड़ा दुष्परिणाम यहॉ के उन बच्चो को भुगतना पड रहा है जो बेहद योग्य होते हुऐ भी सरकारी नौकरियो मे इस लिये भर्ती नही हो पा रहे क्योकि उनके स्थाई प्रमाण पत्र सरकार जारी नही कर रही क्योकि ये लोग वन क्षेत्र के गांवो मे निवास कर रहे हैं और उनकी ये समस्या तब तक दूर नहीं हो सकेगी जब तक उनको उनकी जमीनों पर पूरा अधिकार नहीं मिलेगा इसी कारण से विकास भी इन क्षेत्रों से बहुत दूर है कुछ घरों में तो बिजली और पानी तक भी नहीं है डा. अनुस्वरूप है यह भी बताया कि क्षेत्र के लोगों ने दर्जनों की संख्या में आकर संगठन की सदस्यता भी ग्रहण करें लोगो ने बताया कि वह किसी राजनीतिक पार्टी में यकीन नहीं रखते पर संगठन ने सही मायने में उनके हितों की बात उठाई है इसलिए वह संगठन से जुड़े हैं डॉ अनुस्वरूप ने सरकार को चेताते हुऐ कहा कि वन क्षेत्र के 84 गांव को यदि शीघ्र ही राजस्व ग्राम घोषित ना किया गया तो संगठन बड़ा आंदोलन करने को विवश हो जायेगा
बैठक में पवन गौतम ,रामपाल बाबा ,संजीव कौर ,लोचीराम , रिंकू सिंह ,अरुण कुमार ,ओम प्रकाश ,राजू बिराटिया ,अनु देवी, सीमा आदि दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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