श्यामपुर :
स्वराज मुक्ति आंदोलन के कार्यकर्ता सम्मेलन के अवसर पर मौजूद विद्वावानों ने केंद्र सरकार से ग्राम सभाओं को विधायी अधिकार दिये जाने की मांग की। कहा कि केंद्र सरकार नोटिफिकेशन जारी कर इसे लागू करें।
गुमानीवाला के अमितग्राम में स्वराज मुक्ति आंदोलन के कैम्प कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्य अतिथि जल पुरुष राजेन्द्र सिंह ने किया। उन्होंने गंगा के अबाध प्रवाह व निर्मलता के लिए जन आंदोलन की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि सरकार के प्रतिनिधि गंगा सत्याग्रह की 80% मांग मानने का गलत दावा जर रहे है। उन्होंने बताया कि गंगा जल में 17 रोग नष्ट करने की शक्ति अब नष्ट चुकी है। बताया कि स्वच्छ गंगा निर्मल गंगा अभियान के अंतर्गत सरकार करोड़ो रूपये पानी की तरह बहाकर गंगा नदी का गलत उपचार कर रही है। गंगा नदी की मॉनिटरिंग कर रही सभी कमेटियों की रिपोर्ट गंगा की स्तिथि को बद्तर बताकर सरकार के अभियान को पोल खोल रही है। गंगा नदी में पलने वाले जीव जंतु का जीवन ही खतरे में है। उनमें जीवन को सरवाइव करने की शक्ति समाप्त हो गई है। इसको बचाने के लिए विशिष्ट श्रेणी के पर्यावरणीय प्रवाह दिया जाना जाना चाहिये कहा कि यदि सरकार 2525 किमी लम्बी गंगा की सप्लाई लाईन का उचित तरीके से उपचार कर ले तो गंगा को पूर्व की स्तिथि पर लाया जा सकता है। इस अवसर पर स्वराज मुक्ति आंदोलन के कार्यकर्ता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए आचार्य पंकज मुनि ने
कहा कि संविधान के 73वे संसोधन में पंचायतों के स्वशासन की संस्थाओं के रूप में कल्पना की गई थी। केंद्र सरकार इसे लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी करे। कहा कि गाँव को स्वायत्तता दी जानी चाहिए। बजरंग मुनि ने कहा कि संविधान संसद का गुलाम है। संविधान संसोधन जनमत संग्रह द्वारा किया जाना चाहिए। जिसके लिए संविधान संसोधन का अधिकार ग्राम सभा को दिया जाय। ग्राम सभाएं विधायी व कार्यपालिका की भूमिका के लिए स्वतंत्र होनी चाहिए। महात्मा गाँधी के अनुसार लोकनियन्त्रित तंत्र होना चाहिए। इस अवसर पर जल पुरुष राजेन्द्र सिंह, आचार्य पंकज निदेशक बजरंग मुनि शोध संस्थान, प्रो जे पी सिंह,एस बालक,अनुसूइया प्रसाद, नागेन्द्र दत्त रतूड़ी, स्वामी विक्रमा सिंह, श्रीकांत सिंह, अनुसुइया प्रसाद मौजूद रहे ।
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