हिसार;
चार साल बाद हत्या जे मामले में सन्त कहलाने वाले रामपाल यादव पर आज फैसला आने के मद्देनजर , हिसार में धारा 144 लागू कर दी गयी है।
फैसला जेल के भीतर ही सुनाया जाएगा। जज हिसार सेंट्रल जेल पंहुच गए है।
हरियाणा में फिर से फैसले के बाद या दौरान कोई हिंसा न हो इसलिए सुरक्षा के भारी बन्दोबस्त किये गए है। कोर्ट को चारों और से 3 किमी तक घेर लिया गया है। सभी आने जानेवाले वाहनों पर पुलिस की कड़ी नजर है।। मुख्य रूट मोड़ दिए गए है।
5 महिलाओं और 01 वच्चे की हत्या के मामले में रामपाल यादव जेल में बंद है।
सुनवाई से 48 घंटे पहले ही जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई है। प्रशासन को अंदेशा है कि सुनवाई के दौरान 10 से 20 हजार श्रद्धालु कोर्ट परिसर, सेंट्रल जेल, लघु सचिवालय, टाउन पार्क और रेलवे जैसी जगहों पर एकत्रित हो सकते हैं।
ऐसे में ये समर्थक किसी तरह की कानून-व्यवस्था ना बिगाड़ पाए इसके लिए पहले से ही तैयारियां कर ली गई है। जिले 1300 पुलिस कर्मी और बाहरी जिलों से 700 जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा अन्य जिलों के एसपी और डीएसपी की ड्यूटी भी हिसार लगाई गई है। इसके अलावा आरएएफ की पांच कंपनियों को हिसार बुला लिया है।
बता दें, बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण में हत्या के मुकदमा नंबर 429 और 430 में 11 अक्तूबर को फैसला आने वाला है। प्रशासन ने फैसले को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण में हत्या के दो मुकदमों की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर सेंट्रल जेल वन में कर रहे थे।
उनका पिछले दिनों यहां से तबादला हो गया। उसके बाद रामपाल के प्रमुख तीन मुकदमें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत में स्थानांतरित हो गए। अब वे सेंट्रल जेल वन में इन मुकदमों की सुनवाई कर रहे हैं। दोनों मुकदमों में बहस पूरी हो चुकी है।
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