देहरादून;
मजदूरों की मजबूरियां शासन ने नही सुनी तो सभी को लामबंद होना पड़ा। मध्यम और नीचे तबके के मजदूरों के शोषण के चलते और श्रमिक कानूनों के उल्लंघन के कारण सरकार बैकफुट पर आती नज़र आ रही थी, परंतु मुख्यमंत्री द्वारा तुरन्त मुद्दों पर संज्ञान लिया जाना और वार्ता हेतु बुलाना ,एक सकारात्मक कदम माना जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से सोमवार को सचिवालय में भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधमण्डल ने भेंट की। भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधमण्डल ने मुख्यमंत्री को मजदूर संघ की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने प्रतिनिधिमण्डल को आश्वासन दिया कि भारतीय मजदूर संघ की समस्याओं पर गम्भीरता से विचार करते हुए उचित कार्यवाही की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह, अपर सचिव श्री मेहरबान सिंह बिष्ट सहित भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।
इससे पहले परेड ग्राउंड में आक्रोश रैली में प्रदेशभर से आये विभिन्न संगठनों के श्रमिकों और कर्मचारियों, आशा फैसिलिटेटर, आशा कार्यकत्रियों, आंगनबाड़ी, भोजन माताओं, दाईयों, एनएचएम, जीएमवीएन, केएमवीएन, टीएचडीसी, चीनी मिल , ऑटो रिक्शा यूनियन, 108 सेवा, आईटीसी, ओएलएफ, डील, सिक्यूआई, ऑर्डिनेंस, पर्यटन, परिवहन, सिडकुल, भवन निर्माण मजदूर संघ आदि संगठनों से भरी मात्रा में सम्मिलित हुए श्रमिकों की लगभग 15-20 हज़ार की भीड़ ने उत्तराखंड सरकार को हिला दिया।
श्रमिक आक्रोश और लामबन्द हुए मजदूरों के शक्ति प्रदर्शन के आगे आखिर त्रिवेन्द्र सरकार को झुकना ही पड़ा।
वार्ता पर आठ सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने सचिवालय में मुख्यमंत्री को 19 सूत्री माँगपत्र देते हुए प्रदेश में श्रमिक कानूनों की उड़ाई जा रही धज्जियां तथा उद्योगपतियों के इशारों पर नाच रहे श्रम विभाग के अधिकारियों पर तत्काल नकेल कसने को लेकर दबाव बनाया गया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए तत्काल मुख्यसचिव को वार्ता में सम्मिलित करते हुए आगामी 23 अक्टूबर तक सभी संबंधित विभागों के मंत्रियों, सचिवो को माँगपत्र पर ध्यान देते हुए होमवर्क करके आने और सकारात्मक पॉलिसी पर निर्णीत बैठक निर्धारित की उक्त 23 तारीख की बैठक में बीएमएस के पदाधिकारी भी उपसिथत रहेंगे और तभी कोई घोषणाएं सार्थसक व यथार्थ रूप में कई जायँगी।
मुख्यमंत्री से वार्ता करने के गए आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में बीएमएस के राष्ट्रीय महामंत्री बृजेश उपाध्य, क्षेत्रीय संगठन मंत्री पवन कुमार, प्रदेश अध्यक्ष राठी, प्रदेश संगठन मंत्री ब्रिजेश वनकोटी, शेखरानंद पांडेय , ललितेश विश्वकर्मा, सुशीला खत्री, रेणु नेगी सम्मिलित रहे।
वार्ता उपरान्त प्रदेश अध्यक्ष राठी ने सभी कार्यकर्ताओं, श्रमिक संगठनों का आभार व्यक्त करते हुए एकता बनाये रखने की अपील की और आभार व्यक्त किया।
ज्ञात हो कि सचिवालय से पहले ही एसपी सिटी प्रदीप रॉय व आईपीएस जया बलूनी के नेतृत्व में मौजूद पुलिस बल से बीएमएस पदाधिकरियों केसाथ मामूली झड़प भी हुई, परंतु दोनो पक्षों ने शांति बनाए रखी।
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