हरिद्वार:
गैर परम्परागत ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से अक्षय ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बीएचईएल द्वारा 5 मेगावॉट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया गया है । इसका उद्घाटन एवं लोकार्पण केंद्रीय मंत्री (भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम) श्री अनंत गीते ने कल 28 सितम्बर को भेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री अतुल सोबती तथा महाप्रबंधक (प्रभारी) हीप श्री संजय गुलाटी की उपस्थिति में किया ।
समारोह को सम्बोधित करते हुए श्री अनंत गीते ने कहा कि आने वाले दिनों में गैर परम्परागत स्रोतों से मिलने वाली अक्षय ऊर्जा ही, बिजली का प्रमुख विकल्प होगा । उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए हमें अक्षय ऊर्जा स्रोतों पर विशेष ध्यान देना होगा और भारत सरकार भी इस दिशा में विशेष प्रयास कर रही है । श्री अनंत गीते ने भविष्य की ऊर्जा क्षेत्र के रूप में, इस सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना हेतु बीएचईएल की सराहना की । श्री अतुल सोबती ने कहा कि आज जरूरत है कि हम स्वच्छ, सुरक्षित तथा निरन्तर ऊर्जा देने वाले स्रोतों पर विशेष ध्यान दें । उन्होंने सरकार द्वारा निर्धारित ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बीएचईएल की प्रतिबद्धता को भी दोहराया । श्री संजय गुलाटी ने कहा कि बीएचईल हरिद्वार ने गैर परम्परागत संसाधनों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की है और इस सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना उसी का परिणाम है ।
उल्लेखनीय है कि इस संयंत्र से सालाना लगभग 80 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होगा जिससे हीप इकाई की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकता पूरी होगी और बिजली के बिल में प्रतिवर्ष 4.74 करोड़ रूपए की अनुमानित कटौती होगी । इस संयंत्र के निर्माण में लगने वाले सभी उपकरण बीएचईएल की विभिन्न इकाईयों में ही बनाए गए हैं । इसमें ट्रैकर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिससे सोलर पैनल दिन भर सूरज की बदलती स्थिति के अनुसार अपनी पोजीशन बदलते रहते हैं ।
इस मौके पर महाप्रबंधक एवं प्रमुख (सीएफएफपी) श्री जे. पी. सिंह सहित सभी महाप्रबन्धकगण, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि, भेल के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे
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