रूद्रप्रयाग :
तहसील ऊखीमठ के स्थान चोपता, दुगलबिट्टा, बनियाकुण्ड आदि स्थानों पर हुए अतिक्रमण के संबंध में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्थानीय लोगों ने अपने सुझाव जिलाधिकारी के समक्ष रखे गए। जिलाधिकारी ने कहा कि चोपता क्षेत्र का अस्तित्व तभी है जब तक वहां पर बुग्याल है। उन्होने कहा कि कुछ लोगो के द्वारा बुग्याल क्षेत्र में अतिक्रमण किया जा रहा है। जो कि सभी लोगो के लिए सोचनीय विषय है।
जिला सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि चोपता क्षेत्र में इतना कूडा हो रहा है, जिससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। उन्होने कहा कि नियमावली के अनुसार कार्य होने चाहिए। उन्होने कहा कि मक्कू तथा उषाडा वन पंचायत के अन्तर्गत प्रत्येक परिवार रोजगार मिले जिससे वह अपनी आजीविका चला सके। कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी बनती है कि बुग्याल के साथ पर्यावरण भी सुरक्षित रखे।
बैठक में स्थानीय लोगों और हक-हकूकधारियों ने भी अपनी समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखे, उन्होंने कहा कि हमारा रोजगार चोपता से जुडा है और कई पीढियों से सभी लोग इसी रोजगार से जुडे हुए है, ऐसे में यदि रोजगार से वंचित किया जाता है तो रोजीरोटी का संकट खडा हो जाएगा। उन्होंने जनहित में सकारात्मक कार्यवाही की मांग की। जिलाधिकारी ने सभी लोगों को आश्वस्त किया कि जो भी कार्यवाही होगी, वह नियमानुसार और जनहित को देखकर ही की जाएगी।
इस मौके पर डीएफओ रूद्रप्रयाग मयंक शेखर झा व केदारनाथ अमित कंवर, अपर जिलाधिकारी गिरीश गुणवंत, एसडीएम उखीमठ विनोद कुमार, जिला पंचायत सदस्य मीना पुण्डीर व संगीता नेगी, तहसीलदार उखीमठ जयराम बधाणी सहित वन पंचायत सरपंच और स्थानीय लोग मौजूद थे।
तहसील ऊखीमठ के स्थान चोपता, दुगलबिट्टा, बनियाकुण्ड आदि स्थानों पर हुए अतिक्रमण के संबंध में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्थानीय लोगों ने अपने सुझाव जिलाधिकारी के समक्ष रखे गए। जिलाधिकारी ने कहा कि चोपता क्षेत्र का अस्तित्व तभी है जब तक वहां पर बुग्याल है। उन्होने कहा कि कुछ लोगो के द्वारा बुग्याल क्षेत्र में अतिक्रमण किया जा रहा है। जो कि सभी लोगो के लिए सोचनीय विषय है।
जिला सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि चोपता क्षेत्र में इतना कूडा हो रहा है, जिससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। उन्होने कहा कि नियमावली के अनुसार कार्य होने चाहिए। उन्होने कहा कि मक्कू तथा उषाडा वन पंचायत के अन्तर्गत प्रत्येक परिवार रोजगार मिले जिससे वह अपनी आजीविका चला सके। कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी बनती है कि बुग्याल के साथ पर्यावरण भी सुरक्षित रखे।
बैठक में स्थानीय लोगों और हक-हकूकधारियों ने भी अपनी समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखे, उन्होंने कहा कि हमारा रोजगार चोपता से जुडा है और कई पीढियों से सभी लोग इसी रोजगार से जुडे हुए है, ऐसे में यदि रोजगार से वंचित किया जाता है तो रोजीरोटी का संकट खडा हो जाएगा। उन्होंने जनहित में सकारात्मक कार्यवाही की मांग की। जिलाधिकारी ने सभी लोगों को आश्वस्त किया कि जो भी कार्यवाही होगी, वह नियमानुसार और जनहित को देखकर ही की जाएगी।
इस मौके पर डीएफओ रूद्रप्रयाग मयंक शेखर झा व केदारनाथ अमित कंवर, अपर जिलाधिकारी गिरीश गुणवंत, एसडीएम उखीमठ विनोद कुमार, जिला पंचायत सदस्य मीना पुण्डीर व संगीता नेगी, तहसीलदार उखीमठ जयराम बधाणी सहित वन पंचायत सरपंच और स्थानीय लोग मौजूद थे।
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