उत्तराखंड उच्च न्यायालय द्वारा राज्य में वाइट वाटर स्पोर्ट्स तथा पैराग्लाइडिंग पर लगाई गई रोक के मद्देनजर राज्य सरकार ने जहां कोर्ट में काउंटर लगाया है वहीं तत्काल नियमावली बनाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इसी क्रम में शुक्रवार को उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों ने एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI) के प्रतिनिधियों के साथ-साथ राज्य के एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़े हुए विभिन्न स्टेकहोल्डर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया.
सचिव पर्यटन श्री दिलीप जावलकर ने बताया कि यद्यपि उत्तराखंड शासन द्वारा रिवर राफ्टिंग तथा कयाकिंग नियमावली पूर्व में ही प्रख्यापित की जा चुकी है तथापि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के क्रम में इसे और अधिक व्यवस्थित और सुदृढ़ बनाए जाने के लिए यह कदम उठाया गया है. उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा जल्द ही एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया तथा स्थानीय एडवेंचर स्पोर्ट्स आपरेटर्स के साथ विचार विमर्श कर एक सुस्पष्ट नियमावली का गठन कर लिया जाएगा ताकि राज्य में साहसिक पर्यटन से संबंधित गतिविधियों को सुचारु रुप से चलाया जाना सुनिश्चित किया जा सके और साथ ही साथ साहसिक पर्यटन के क्षेत्र से जुड़े हजारों लोगों के आर्थिक हितों की रक्षा की जा सके.
बैठक में साहसिक खेलों के नियमों के संबंध में विशेषज्ञों के साथ विस्तार से चर्चा की गई. इसके साथ ही रिवर राफ्टिंग तथा अन्य वाइट वाटर स्पोर्ट्स के दौरान पर्यावरण को न्यूनतम क्षति पहुंचाने के लिए आवश्यक मानक निर्धारित करने के विषय में भी चर्चा की गई.
.png)
एक टिप्पणी भेजें