हल्द्वानी;
पंकज सक्सेना
आरटीआई में एक और बड़ा खुलासा हुआ है, जल संस्थान की लापरवाही के चलते 22 करोड़ से अधिक का नुकसान हो रहा है विभाग को।
आरटीआई एक्टिविस्ट हेमंत गोनिया ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जब सूचना मांगी तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सूचना जल संस्थान हल्द्वानी में विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा पानी का बिल जमा नही किये जाने पर जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं को नोटिस भेजा। आप दाँतो तले उंगली दबा लेंगे, गरीब लोगों के पानी में भी कटौती करने में जल संस्थान पीछे नही रहता उसी जल संस्थान में बकाया की राशि 22 करोड़ 3616000 ₹13 मात्र है ।
नींद से जागने के बाद अधिशासी अभियंता हल्द्वानी ने डीएम को पत्र भेजा ताकि संबंधित उपभोक्ताओं पर कुर्की के आदेश हो।
सवाल यह है कि आखिर उपभोक्ताओं को इतना समय क्यों दिया गया? इनके बिल क्यों नहीं भेजे गए, पानी का कनेक्शन क्यों नही काट गया।
इस प्रकार लोग सरकार को चूना लगा रहे है, संस्थान को इन पर सख्त से सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। बडीएम और अधिशासी अभियंता को करनी चाहिए बकाएदारों की संख्या है 13598 लोग जिन्होंने पानी का बिल नहीं दिया है अब तक एक तरफ विभाग अगर कोई 2 महीने तक बिल ना दे तो विभाग पानी के कनेक्शन काट देता है ।लगता है ,अवैध रूप से सरकारी विभाग ही किसी मकसद से ही सालों से मुफ्त का देने में इनकी सहायता कर रहा है।
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