Halloween party ideas 2015

रुद्रप्रयाग;
भूपेंद्र भंडारी

​महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने के मकसद से जिले के कई गावों में इन दिनों रामलीलाओं का मंचन किया जा रहा है।
उसमें भी महिला किरदारों को ही सम्मिलित किया जा रहा है। जिसे देखने के लिए रात को दर्शकों की भारी भीड उमड रही है।

दूरस्थ गांव रतूडा में भी महिलाओं की रामलीला को देखने के लिए भारी भीड उमड रही है। बीते वर्ष से जिले के धोलतीर व अगस्त्यमुनि से शुरु हुई महिलाओं की रामलीला अब दूरस्थ गावों में भी पहुंच गई है और ग्रामीण महिलाएं भी मंचों पर बढ़ -चढ़ कर हिस्सेदारी कर रही हैं। पहले ये रामलीलाएं रात्रि के वजाय दोपहर को होती थी मगर अब समाज की महिलाओं के प्रति समानता ही कहेंगे कि रामलीला रात्रि को होनी शुरु हो गयी है। जिला मुख्यालय से करीब 11 किमी दूर रतूडा गांव ने रात्रि को महिलाओं की रामलीला प्रस्तुत कर जहां एक नई मिसाल भी कायम की है ।
गीता जो राम का किरदार कर रही है और अर्चना जो लक्ष्मण का किरदार कर रही है,  उनका  भी प्रयास है कि अब गांव में होने वाले सभी सामुहिक आयोजनों में भी महिलाओं को पूरी भूमिका में रखा जाये। 

रामलीला के निर्देशक  दिनेश बुटोला का मानना है कि अब समाज में जागरुकता आ गयी है और महिलाओं को भी समाज में पूरा सम्मान दिया जा रहा है। यही कारण है कि लीला के किरदारों को मंचन के लिए तैयार किया गया है।
महिला  सशक्तिकरण की दिशा में इसे एक सफल प्रयास माना जायेगा कि महिलाएं निसंकोच मंचों पर अपनी आदाकारी दिखा रही हैं और अपने आप को साबित कर रही हैं कि अब हम भी किसी से कम नहीं हैं।

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