हरिद्वार:
धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा में गिर रहे नालों के विरुद्ध वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी तीन दिन से अनशन पर बैठे हुए है. अब उन्होंने मौनव्रत भी धारण कर लिया है। उनके अनशन का मुख्य करण पवित्र गंगा जी में नालो का गन्दा पानी का जाना है. नमामि गंगे और गंगा एक्शन प्लान जैसी योजनाएं भी निरर्थक साबित रही है. यहाँ तक कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यून के आदेश ली अवहेलना हो रही है.
इसी सन्दर्भ में उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को भी ज्ञापन दिया। सभी बुद्धिजीवियों , पर्यावरणविद , अधिकारियों से आग्रह किया है कि गंगा की सेवा मरीन उनके समर्थन में आगे आयेै।ज्ञात हो कि समाजसेवी रामेश्वर जी गंगा के jl में सीवर और गंदे नालों के पिने सीधे जाने के सख्त खिलाफ है.
धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा में गिर रहे नालों के विरुद्ध वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी तीन दिन से अनशन पर बैठे हुए है. अब उन्होंने मौनव्रत भी धारण कर लिया है। उनके अनशन का मुख्य करण पवित्र गंगा जी में नालो का गन्दा पानी का जाना है. नमामि गंगे और गंगा एक्शन प्लान जैसी योजनाएं भी निरर्थक साबित रही है. यहाँ तक कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यून के आदेश ली अवहेलना हो रही है.
इसी सन्दर्भ में उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को भी ज्ञापन दिया। सभी बुद्धिजीवियों , पर्यावरणविद , अधिकारियों से आग्रह किया है कि गंगा की सेवा मरीन उनके समर्थन में आगे आयेै।ज्ञात हो कि समाजसेवी रामेश्वर जी गंगा के jl में सीवर और गंदे नालों के पिने सीधे जाने के सख्त खिलाफ है.
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