टिहरी;
ढुङ्गमदार और कस्तल गांव के निवासी जिस बाघ के आतंक से त्रस्त थे आखिरकार वह मारा गया।पिछले कुछ माह से मवेशियों और इंसानों को अपना निवाला बनानेवाला नरभक्षी तेंदुआ जब 03 जून को पुनः एक कुत्ते को अपना निवाला बनाने पंहुच तो वन विभाग की टीम का निशाना बना गया और मारा गया।
वन विभाग की टीम ने 04 जून की रात्रि को बाघ को कुत्ते का अधखाया मांस रखकर बाघ को ललचाया।और अंततः रात्रि 08 बजे वैन विभाग के शूटर गंभीर ने ग्राम कस्तल में उसे निशाना बनाया। सभी ग्रामवासियो ने चैन की सांस ली।
आखिरकार नरभक्षी बाघ मारा गया, ढुंगमंदार के युवाओं ने उन सभी बुद्धिजीवियों का और क्षेत्र हितैषियों का बहुत-बहुत आभार प्रकट किया है, जिन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजनीति को एक तरफ कर एकता का संदेश दिया और एक बैठक भी रखी ।तय समय अनुसार डीएम टिहरी को ज्ञापन दिया ।जिसकी बदौलत डीएम टिहरी के दिए गए तय समय अनुसार आखिरकार बाघ मारा गया । स्थानीय जनता और युवाओं ने टिहरी जिलाधिकारी और वन विभाग का धन्यवाद किया।
धन्यवाद देने वालों में युवा सामाजिक कार्यकर्ता प्रभाकर भट्ट विजयपाल रावत, नागेंद्र दत्त भट्ट, साहिब सिंह कुमाई, अनिल राणा, शीशपाल गुसाईं, मोहनलाल गंभीर, सुधीर चौहान, अमित बग्याल आदि क्षेत्रीय युवा थे।
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