देहरादून:
मुख्यमंत्री
श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को सचिवालय में ऊर्जा विभाग के
अन्तर्गत केन्द्र सरकार की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने सौभाग्य योजना तथा दीन दयाल ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के
लिये सप्ताह एवं माह वार लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली संयोजन से वंचित घरों को बिजली प्रदान करने के
लिये माइक्रो लेवल तक प्लानिंग की जाय। हर हालत में सौभाग्य योजना तथा
ग्रामीण विद्युतीकरण योजना से विद्युत वंचित घरों तथा तोकों को दिसम्बर तक
बिजली देनी है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने
विद्युत हानियों और चोरी की घटनाओं में और अधिक कमी लाने की अपेक्षा की।
विद्युत हानियों की समीक्षा के लिये ब्लाॅक एवं जिलावार लिस्ट बनाकर
प्रभावी कार्यवाही की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग की विजिलेंस
टीम पर कोई दबाव नही है और उन्हें प्रभावी रूप से अपना काम करना चाहिये।
मुख्यमंत्री
श्री त्रिवेन्द्र ने विद्युत जनित दुर्घटनाओं पर चिन्ता व्यक्त करते हुए
इसकी रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही करने को कहा। हर विद्युत डिविजन के
दुर्घटना संभावित स्पाॅट चिन्हित करें और उनको तत्काल ठीक किया जाय।
मुख्यमंत्री ने बिजली के झूलते तारों को भी अभियान चलाकर ठीक करने के
निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि बिजली की
आपूर्ति बाधित होने पर रिस्पांस टाइम बहुत कम होना चाहिये। औद्योगिक
क्षेत्रों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के हर संभव प्रयास किये जायें।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए भी व्यवस्थाएं दुरूस्त
रखने की हिदायत दी।
ऊर्जा विभाग के कार्यों को भारत सरकार ने ‘‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’’ माना।
बैठक
में भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री एके वर्मा ने बताया कि उत्तराखण्ड
सरकार द्वारा विद्युत आपूर्ति सुधार के कदमों को केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय
ने बेस्ट प्रैक्टिसेज का दर्जा दिया है। राज्य में बिजली आपूर्ति बाधित
होने और सुचारू होने की नियमित माॅनिटरिंग तथा इसे विभागीय अधिकारियों की
चरित्र पंजिका में दर्ज करने की व्यवस्था है। सचिव ऊर्जा श्रीमती राधिका झा
ने बताया कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष शहरी क्षेत्रों की विद्युत
आपूर्ति में 25 प्रतिशत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 15 प्रतिशत सुधार हुआ
है। वर्ष से वर्ष की तुलना के आधार पर ऊर्जा विभाग ने गत वर्ष की तुलना में
236 करोड़ रूपये अधिक राजस्व अर्जित किया है। विद्युत हानियों में लगातार
गिरावट आ रही है और आने वाले समय में और अधिक सुधार होगा।
सौभाग्य योजना
प्रदेश
में सौभाग्य योजना के अन्तर्गत कुल 3 लाख 17595 घरों को विद्युत संयोजन का
लक्ष्य है। इन घरों के लिये कुल रूपये 172.44 करोड़ की डी.पी.आर. केन्द्र
सरकार को प्रेषित कर दी गई है। प्राप्त अग्रिम धनराशि 13.88 करोड़ के
सापेक्ष लगभग 55 हजार घरों को विद्युत कनेक्शन दे दिये है। मुख्यमंत्री ने
सप्ताह और माह का लक्ष्य निर्धारित कर सौभाग्य योजना का लक्ष्य शीघ्र पूरा
करने के निर्देश दिये। भारत सरकार के संयुक्त सचिव ने कहा कि राज्य सरकार
की डी.पी.आर. को शीघ्र मंजूरी प्रदान की जायेगी।
दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना
प्रदेश
में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में प्रस्तावित सभी 94 राजस्व
ग्रामों का विद्युतीकरण हो गया है। 4758 अविद्युतीकृत तोकों/मजरों के
विद्युतीकरण का कार्य दिसम्बर 2018 तक पूरा कर लिया जायेगा। प्रदेश के कुल
एक लाख 22618 विद्युत वंचित परिवारों को दिसम्बर 2018 तक विद्युत संयोजन
देने के लक्ष्य के सापेक्ष 25605 परिवारों को विद्युत संयोजन दे दिया गया
है।
देहरादून एवं हरिद्वार शहर में सोलर रूफ़ टाॅप स्थापना
हेतु कुल 18 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इस योजना के
अन्तर्गत मार्च 2019 तक कुल 2765 किला वाट क्षमता की स्थापना का लक्ष्य है।
हरिद्वार
में कुम्भ क्षेत्र में विद्युत लाइनों को भूमिगत करने का काम प्रारम्भ हो
चुका है। इसके लिये केन्द्र सरकार से 188.75 करोड़ रूपये की स्वीकृति
प्राप्त हो चुकी है तथा केन्द्रीय मंत्री श्री आर.के.सिंह ने
अतिरिक्त 200 करोड़ रूपये हेतु सैद्धान्तिक सहमति भी प्रदान की है। वाराणसी
के बाद हरिद्वार ऐसा नगर है जहां विद्युत लाइने भूमिगत हो रही है।
बैठक
में मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक ऊर्जा निगम श्री
बीसीके मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर जनपदीय अधिकारी वीडियो
कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।
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