मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों को भारत रत्न डाॅ.भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती समरसता दिवस के रूप में मना रहा है। अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि‘‘समरसता का अर्थ है सबको एक समान नजर से देखना। और जब हम सबको एक समान नजर से देख पाएंगे, तभी समाज के सभी वर्ग एकजुट हो पाऐंगे।
बाबा साहेब का यह सपना था, कि भारत में जातिवाद खत्म हो, सामाजिक समानता के अवसर हों, अधिकारों की रक्षा हो, तब जाकर ही न्यू इंडिया का सपना साकार हो सकता है। हमारे संविधान में देश के प्रत्येक नागरिक को, चाहे वह किसी भी जाति, संप्रदाय या पंथ से हो, समानता का अधिकार प्राप्त है।
मुझे खुशी है कि आज के दौर में हम न्यू इंडिया के निर्माण की तरफ बढ़ रहे हैं, जिस न्यू इंडिया का सपना डॉ. अंबेडकर ने देखा था, जिस न्यू इंडिया में सामाजिक भेदभाव न हो, अधिकारों का हनन न हो, सबके लिए समान अवसर पैदा हों। भारतीय जनता पार्टी की सरकार का ये स्पष्ट मानना रहा है कि समाज में सभी वर्गों को समान अधिकार प्राप्त हो और गरीब से गरीब व्यक्ति का विकास होना चाहिए। चाहे वंचित वर्ग के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की बात हो, छात्रवृत्ति की बात हो, इन सरकारी योजनाओं का एकमात्र उद्देश्य समाज में सबको समान अवसर प्रदान करना है।’’
मुख्यमंत्री
श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मोहिनी रोड स्थित सामुदायिक
भवन में अम्बेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा
आयोजित समरसता अभियान का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सहभोज
कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र
ने भारत रत्न डाॅ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि
अम्बेडकर जी के जन्म दिवस से उनके महानिर्वाण दिवस 06 दिसम्बर तक समरसता
अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय स्तर
पर सामाजिक समरसता कायम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। भारत की
समरसता एवं विशिष्टता को कोई भी नुकसान नहीं पहुँचा सकता है। संविधान
निर्माता भीमराव अम्बेडकर की स्मृति में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी
ने नई दिल्ली में 104 करोड़ रूपये की लागत के भवन का लोकार्पण किया। इस भवन
का निर्माण संविधान के आकार की तरह किया गया है। जिसमें अम्बेडकर जी की
शिक्षाओं, सिद्धान्तों का पूरा वांगमय संग्रहालय एवं ग्रन्थालय स्थापित
किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सामाजिक
समरसता के लिए हम सदैव प्रयासरत रहे हैं। बाला साहेब देवरस द्वारा पूरे देश
में समरसता शिविर के साथ ही पूना में बसन्त व्याख्यान माला का आयोजन किया
गया। इस व्याख्यानमाला में देश से सम्बन्धित तमाम विषयों एवं सामाजिक
समरसता एवं सामाजिक विषमताओं को दूर करने पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श
किया गया। हमारा यह प्रयास निरन्तर जारी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय
स्वयं सेवक संघ राष्ट्रीय स्तर पर एक विचारधारा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि
हमारे समाज में सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो पर प्रहार करने के
प्रयास होते रहे। हमें इस पर ध्यान देकर अपने समाज को जोड़ना है। समाज के
समग्र विकास एवं आपसी भेदभाव को मिटाकर ही हम नये भारत का निर्माण करने में
सफल हांेगे जिसका सपना डाॅ.अम्बेडकर ने भी देखा था।
इस अवसर पर
सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक श्री हरबंश कपूर, श्री गणेश
जोशी, श्री उमेश शर्मा ‘काऊ’, भाजपा के देहरादून जिलाध्यक्ष श्री शमशेर
सिंह पुण्डीर, वाल्मिकी समाज के वरिष्ठ नेता श्री चमन लाल वाल्मिकी, श्री
बाबू राम, श्री रविन्द्र कटारिया, भाजपा नेता श्री विनय गोयल, श्री नरेश
बंसल, श्री सुनील उनियाल ‘गामा’ आदि उपस्थित थे।
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