Halloween party ideas 2015



देहरादून, 13 अक्टूबर 2026। 


*FDA आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देशों पर *


*दून क्लब के हांडी रेस्टोरेंट में मिली सड़ी-गली सब्जियां, बासी चावल और कॉकरोच-चूहों की मौजूदगी से खाद्य सुरक्षा की खुली पोल, 14 दिन का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी*


handi restaurant dehradun closed  by FDA


*उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं -  विनय शंकर पांडेय* 


आमजन को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड में मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ छापेमारी अभियान लगातार जारी है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) आयुक्त विनय शंकर पांडेय के दिशा-निर्देशों में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में देहरादून के न्यू सर्वे रोड, करणपुर स्थित दून क्लब के हांडी रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। निरीक्षण के दौरान रसोईघर, फ्रीजर और भंडारण स्थलों पर सड़ी-गली सब्जियां, बासी खाद्य सामग्री, अत्यधिक गंदगी तथा कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया और संचालक को 14 दिन का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया।


*रसोई से स्टोर रूम तक मिलीं गंभीर खामियां*

 खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तराखंड तथा जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की संयुक्त टीम ने रेस्टोरेंट का आकस्मिक निरीक्षण किया। टीम ने रसोईघर, फ्रीजर, खाद्य सामग्री के भंडारण स्थलों, बर्तन धुलाई क्षेत्र और स्टोर रूम की जांच की। इस दौरान कई ऐसी खामियां सामने आईं, जो खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय हैं। निरीक्षण में फ्रीजर के भीतर फूलगोभी, मूली, शिमला मिर्च, पत्तागोभी और आलू सहित विभिन्न सब्जियां सड़ी-गली अवस्था में मिलीं। लगभग दो दिन पुराने पके चावल, दो से तीन दिन पुराना गूंथा हुआ आटा और करीब एक सप्ताह पुरानी मोमोज एवं चाउमीन बनाने की सामग्री भी पाई गई। खाद्य पदार्थों को खुले बर्तनों में रखा गया था, जिससे उनकी स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।


*मसालों की थैलियां कुतरी मिलीं, नालियां भी जाम*

निरीक्षण के दौरान रसोईघर और मसालों की अलमारी में कॉकरोच तथा चूहों की मौजूदगी मिली। मसालों की कई थैलियां चूहों द्वारा कुतरी हुई पाई गईं। स्टोर रूम में भी चूहों की मौजूदगी सामने आई। बर्तन धोने के स्थान पर अत्यधिक गंदगी, तीन से चार दिन पुराने जूठे बर्तन और जमा कूड़ा-कचरा मिला। नालियां जाम थीं और ड्रेनेज सिस्टम भी खराब स्थिति में पाया गया। इसके अतिरिक्त, रेस्टोरेंट प्रबंधन कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। परिसर में पेस्ट कंट्रोल कराए जाने के प्रमाण और इस्तेमाल किए जा रहे पानी की वॉटर टेस्ट रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं मिली। इन कमियों से स्पष्ट हुआ कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं के अनुपालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी।


*खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे, 22 किलो सामग्री नष्ट*

संयुक्त निरीक्षण टीम ने रेस्टोरेंट में उपलब्ध पनीर, दूध और डीप फ्रीजर में रखी तैयार चिकन करी के नमूने जांच के लिए लिए। वहीं, मौके पर लगभग पांच किलोग्राम बासी चावल, 15 किलोग्राम सड़ी-गली सब्जियां, दो किलोग्राम मोमोज और बासी चिकन करी को नष्ट कराया गया। नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित खाद्य सुरक्षा कानूनों और नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।संयुक्त निरीक्षण दल में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव, अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान दून क्लब के अध्यक्ष मनोज सूरी भी मौके पर उपस्थित थे। टीम ने रेस्टोरेंट स्वामी अभय सिंह नेगी को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी कमियों को दूर करने के लिए कड़े निर्देश दिए।


*14 दिन में सुधार नहीं तो लाइसेंस निलंबन समेत कार्रवाई*

निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं के बाद रेस्टोरेंट को बंद कराते हुए 14 दिन का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के तहत परिसर की गहन सफाई, खराब खाद्य सामग्री का उचित निस्तारण, प्रभावी पेस्ट कंट्रोल, नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत, पेयजल की गुणवत्ता की जांच तथा कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस के आवश्यक अभिलेख सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि के बाद दोबारा निरीक्षण कर सुधारात्मक कार्यों का सत्यापन किया जाएगा। यदि कमियां दूर नहीं की गईं, तो रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित करने सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी। रेस्टोरेंट के मामले में आगे की कार्रवाई निरीक्षण के दौरान जारी नोटिस की अनुपालना और खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।


*उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं -  विनय शंकर पांडेय* 

आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। खाद्य पदार्थों में मिलावट, अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन तैयार करने और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण और छापेमारी के माध्यम से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उल्लंघन सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


*अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने कहा—जगह-जगह हो रही जांच*

अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने बताया कि प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी कर रही हैं। खाद्य सामग्री के भंडारण, रसोईघर की स्वच्छता, पेयजल की गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों की सुरक्षित तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जहां भी गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करना चाहिए, ताकि आमजन को सुरक्षित भोजन मिल सके। विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाना है।


*प्रतिष्ठित संस्थान में ऐसी लापरवाही चिंताजनक : सीमा डुंगराकोटी*

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि दून क्लब जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह की गंभीर अनियमितताएं विशेष रूप से चिंताजनक हैं। यहां विशिष्ट एवं अति विशिष्ट व्यक्तियों सहित अनेक गणमान्य अतिथियों का आवागमन रहता है। ऐसे संस्थान में भोजन तैयार करने और परोसने की व्यवस्था का स्वच्छ, सुरक्षित तथा निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है। रसोईघर में सड़ी-गली सामग्री, कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी तथा साफ-सफाई की बदहाल स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन के स्वास्थ्य और उपभोक्ता हितों की रक्षा सर्वोपरि है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।


*सफाई, सौंदर्यीकरण, सड़क सुधार और प्रकाश व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश*


*निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा और शहर के आकर्षक स्वरूप पर विशेष जोर*


*हरिद्वार:

ardh kumbh 2026 haridwar



कुंभ मेला-2027 के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए हरिद्वार में प्रमुख मार्गों, प्रवेश क्षेत्रों और चौराहों को बेहतर स्वरूप देने की दिशा में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मेला प्रशासन द्वारा निर्माण कार्यों की निरंतर निगरानी के साथ ही स्थलीय निरीक्षण कर उनकी प्रगति की समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बैरागी कैंप से शंकराचार्य चौक तक विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर कुंभ की तैयारियों और निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सफाई, सुरक्षा, सड़क सुधार, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण के कार्य प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।


मेलाधिकारी ने बैरागी कैंप के प्रवेश द्वार, आईरिस पुल के आसपास तथा फ्लाईओवर के नीचे के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने पीआईयू के अधिकारियों को इन स्थानों पर जमा मलबा हटाने, साफ-सफाई सुनिश्चित करने और सौंदर्यीकरण के कार्य कराने के निर्देश दिए। साथ ही, सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक स्थानों पर दीवार का निर्माण कराने को कहा, ताकि क्षेत्र को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।


उन्होंने निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थलों के विकास में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के साथ सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाए। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा में काम पूरा कराएं।


मेलाधिकारी ने आईरिस पुल का निरीक्षण करते हुए कहा कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रमुख मार्गों और पुलों के आसपास की व्यवस्थाएं सुचारु और सुरक्षित होनी चाहिए। इसके लिए अधिकारी स्थलीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता दें।


निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने शंकराचार्य चौक क्षेत्र में सौंदर्यीकरण एवं फसाड संबंधी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्र को आकर्षक और सुव्यवस्थित स्वरूप देने के लिए आवश्यक कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने डाम कोठी मार्ग के चौड़ीकरण कार्य की प्रगति का भी जायजा लिया।


मेलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शंकराचार्य चौक और आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध स्थान तथा सड़क की स्थिति के अनुरूप आकर्षक साज-सज्जा की जाए। सड़क किनारे लगे विद्युत एवं अन्य पोलों को यातायात और आवागमन में बाधा बनने से रोकने के लिए सड़क क्षेत्र से बाहर उपयुक्त स्थानों पर स्थापित करने की कार्रवाई की जाए। इस संबंध में उन्होंने हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) और नगर निगम के अधिकारियों को आपसी समन्वय से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।


मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला-2027 के लिए किए जा रहे विकास कार्यों में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के साथ शहर के समग्र स्वरूप को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाए। प्रमुख मार्गों, चौराहों और प्रवेश क्षेत्रों का विकास इस प्रकार किया जाए कि आवागमन सुगम रहे और श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण मिल सके। उन्होंने कार्यों की नियमित निगरानी, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्धारित समयसीमा में निर्माण कार्य पूरे करने पर जोर दिया।


निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त श्री नंदन कुमार, एचआरडीए के सचिव श्री प्रत्यूष सिंह, उद्यान अधिकारी श्री ए.आर. जोशी, पीआईयू के अभियंता श्री सरीन कुमार सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 भारत के राष्ट्रपति को राज्यपालों की निम्नलिखित नियुक्तियां-

गवर्नर जनरल उत्तराखंड ढाल सिंह बिसेन


(i) सिक्किम के राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

(ii) केरल के राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

(iii) श्री ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

(iv) डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

(v) डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

(vi) श्री दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

ऊपर बताई गई नियुक्तियां उस तारीख से लागू होंगी जब वे अपने-अपने पद का कार्यभार संभालेंगे।


  माँ चंद्रघंटा की कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं, दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है तथा विविध प्रकार की दिव्य ध्वनियाँ सुनाई देती हैं। ये क्षण साधक के लिए अत्यंत सावधान रहने के होते हैं।: 

Chandraghanta maa third navratri 








पिण्डजप्रवरारुढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता | प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता ||



माँ का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण से इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। इनके दस हाथ हैं। इनके दसों हाथों में खड्ग आदि शस्त्र तथा बाण आदि अस्त्र विभूषित हैं। इनका वाहन सिंह है। इनकी मुद्रा युद्ध के लिए उद्यत रहने की होती है।
मां चंद्रघंटा की कृपा से साधक के समस्त पाप और बाधाएँ विनष्ट हो जाती हैं। इनकी आराधना सद्यः फलदायी है। माँ भक्तों के कष्ट का निवारण शीघ्र ही कर देती हैं। इनका उपासक सिंह की तरह पराक्रमी और निर्भय हो जाता है। इनके घंटे की ध्वनि सदा अपने भक्तों को प्रेतबाधा से रक्षा करती है। इनका ध्यान करते ही शरणागत की रक्षा के लिए इस घंटे की ध्वनि निनादित हो उठती है।
माँ का स्वरूप अत्यंत सौम्यता एवं शांति से परिपूर्ण रहता है। इनकी आराधना से वीरता-निर्भयता के साथ ही सौम्यता एवं विनम्रता का विकास होकर मुख, नेत्र तथा संपूर्ण काया में कांति-गुण की वृद्धि होती है। स्वर में दिव्य, अलौकिक माधुर्य का समावेश हो जाता है। माँ चंद्रघंटा के भक्त और उपासक जहाँ भी जाते हैं लोग उन्हें देखकर शांति और सुख का अनुभव करते हैं।

माँ के आराधक के शरीर से दिव्य प्रकाशयुक्त परमाणुओं का अदृश्य विकिरण होता रहता है। यह दिव्य क्रिया साधारण चक्षुओं से दिखाई नहीं देती, किन्तु साधक और उसके संपर्क में आने वाले लोग इस बात का अनुभव भली-भाँति करते रहते हैं।



हमें चाहिए कि अपने मन, वचन, कर्म एवं काया को विहित विधि-विधान के अनुसार पूर्णतः परिशुद्ध एवं पवित्र करके माँ चंद्रघंटा के शरणागत होकर उनकी उपासना-आराधना में तत्पर हों। उनकी उपासना से हम समस्त सांसारिक कष्टों से विमुक्त होकर सहज ही परमपद के अधिकारी बन सकते हैं।

हमें निरंतर उनके पवित्र विग्रह को ध्यान में रखते हुए साधना की ओर अग्रसर होने का प्रयत्न करना चाहिए। उनका ध्यान हमारे इहलोक और परलोक दोनों के लिए परम कल्याणकारी और सद्गति देने वाला है।

प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में तृतीय दिन इसका जाप करना चाहिए।



    या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।


 हे माँ! सर्वत्र विराजमान और चंद्रघंटा के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे माँ, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें।




 हरिद्वार कुंभ-2027 की पहचान को मिलेगा नया विस्तार, मुख्यमंत्री ने किया लोगो, वेबसाइट और गीत का लोकार्पण*

*आस्था, संस्कृति और आधुनिक संचार माध्यमों के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचेगा कुंभ का संदेश*

*‘कुंभ का पर्व आ गया’ गीत से गूंजेगा कुंभ के आगमन का संदेश

हरिद्वार:



हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंभ के आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत का लोकार्पण किया। इन तीनों माध्यमों के जरिए कुंभ की विशिष्ट पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने, आयोजन से संबंधित सूचनाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने और कुंभ के आगमन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है।


सोमवार को मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंभ-2027 के आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत का लोकार्पण करते हुए कहा कि कुंभ भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा, सनातन संस्कृति और जनआस्था का विराट उत्सव है। हरिद्वार कुंभ का करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व है। राज्य सरकार कुंभ मेला-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है। आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत कुंभ की पहचान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के साथ श्रद्धालुओं और आमजन को इससे जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


*लोगो में समाहित हरिद्वार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत*


हरिद्वार कुंभ-2027 का आधिकारिक लोगो हरिद्वार की धार्मिक पहचान, गंगा के प्रति श्रद्धा और सनातन परंपरा की विशेषताओं को एक साथ दर्शाता है। इसमें मां गंगा, हर की पैड़ी क्षेत्र, धनुष पुल और सूर्योदय की दिव्य छटा को दर्शाया गया है। साथ ही शिव प्रतिमा, साधु-संतों, सनातन परंपरा के प्रतीक त्रिशूल एवं डमरू तथा मां मनसा देवी और मां चंडी देवी की पहाड़ियों को भी स्थान दिया गया है।


लोगो में समाहित ये प्रतीक हरिद्वार की आध्यात्मिक महत्ता और कुंभ की सांस्कृतिक विरासत को अभिव्यक्त करते हैं। इसका उपयोग आयोजन से संबंधित प्रचार सामग्री, प्रकाशनों और डिजिटल मंचों पर किया जा सकेगा। इससे कुंभ की दृश्य पहचान को एकरूपता के साथ प्रस्तुत करने और आयोजन के प्रचार-प्रसार को व्यवस्थित स्वरूप देने में मदद मिलेगी।


कुंभ मेला-2027 का लोगो डिजाइन करने के लिए मेला प्रशासन द्वारा राज्य के युवाओं एवं विद्यार्थियों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं। प्राप्त सैकड़ों प्रविष्टियों में से 13 श्रेष्ठ एवं मौलिक डिजाइनों पर चयन समिति ने विचारकरने के बाद विकास कॉलोनी, जगजीतपुर, हरिद्वार निवासी मधु शर्मा द्वारा प्रस्तुत सर्वश्रेष्ठ डिजाइन का चयन किया। इसी डिजाइन के आधार पर हरिद्वार कुंभ-2027 के आधिकारिक लोगो को अंतिम रूप दिया गया।


*आधिकारिक वेबसाइट से कुंभ संबंधी सूचनाओं तक होगी आसान पहुंच*


कुंभ मेला-2027 की आधिकारिक वेबसाइट  https://haridwarkumbh.uk.gov.in के माध्यम से श्रद्धालुओं, आगंतुकों और आमजन तक कुंभ से संबंधित प्रामाणिक जानकारियां पहुंचाई जा सकेंगी।


डिजिटल मंच पर सूचनाओं की उपलब्धता से आयोजन संबंधी जानकारी को व्यवस्थित ढंग से प्रसारित करने और देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं को भी कुंभ से जोड़ने में मदद मिलेगी। यह माध्यम कुंभ की तैयारियों और आयोजन से जुड़ी जानकारियों तक लोगों की पहुंच सुगम बनाने के साथ हरिद्वार की धार्मिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने में उपयोगी होगा।


*‘कुंभ का पर्व आ गया’ गीत में झलकेगा आस्था और उल्लास*


कुंभ मेला-2027 के आधिकारिक गीत का लोकार्पण समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा। ‘साधु और संतों के मन में हर्ष छा गया, कुंभ का पर्व आ गया’ पंक्तियों से शुरू होने वाला यह गीत कुंभ के आगमन की प्रसन्नता, साधु-संतों के उत्साह और श्रद्धालुओं की आस्था को स्वर देता है।


इस गीत की रचना, गायन और संगीत हरिद्वार निवासी गायक राघव राजा ने किया है। गीत के माध्यम से कुंभ के आगमन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने और आयोजन के प्रति सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने का उद्देश्य है। धार्मिक आयोजनों में गीत-संगीत जनभावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम रहा है। इस दृष्टि से आधिकारिक गीत कुंभ की परंपरा, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


*परंपरा की गरिमा के साथ आधुनिक संचार माध्यमों का समन्वय*


हरिद्वार कुंभ-2027 उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। आधिकारिक लोगो आयोजन को विशिष्ट दृश्य पहचान प्रदान करेगा, वेबसाइट सूचना के डिजिटल प्रसार का माध्यम बनेगी और गीत कुंभ के आगमन से जुड़ी भावनाओं को अभिव्यक्त करेगा। तीनों माध्यमों के समन्वित उपयोग से कुंभ की धार्मिक महत्ता, सांस्कृतिक वैभव और परंपराओं को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकेगा।


परंपरागत आध्यात्मिक गरिमा के साथ आधुनिक संचार माध्यमों का उपयोग कुंभ के संदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में सहायक होगा। इन माध्यमों से हरिद्वार की धार्मिक पहचान और कुंभ की विशिष्टता को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के सामने प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी।


*लोकार्पण समारोह में कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित*


कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, श्री धन सिंह रावत, श्री सुबोध उनियाल, श्री सौरभ बहुगुणा, श्री खजान दास, श्री भरत सिंह चौधरी, श्री मदन कौशिक, श्री प्रदीप बत्रा एवं श्री राम सिंह कैड़ा सहित मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका, जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित, एसएसपी श्री नवनीत भुल्लर, महानिदेशक सूचना श्री वंशीधर तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती, अपर जिलाधिकारी श्री जितेन्द्र कुमार तथा उप मेलाधिकारी श्री आकाश जोशी एवं श्री मनजीत सिंह सहित मेला एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 भारतीय जनता पार्टी, संगठनात्मक जिला ऋषिकेश, उत्तराखंड की ओर से जिला अध्यक्ष राजेंद्र तड़ियाल जी द्वारा जिला योजना समिति हेतु डोईवाला नगर पालिका क्षेत्र के अठुरवाला से सभासद प्रदीप नेगी को प्रत्याशी घोषित किया गया ।



जिला अध्यक्ष भाजपा राजेंद्र तड़ियाल का कहना है कि हमें विश्वास है कि वह संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए जनहित के विषयों को प्रमुखता देंगे तथा क्षेत्र के विकास और जनसेवा के कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।


आपके उज्ज्वल भविष्य एवं सफल कार्यकाल के लिए अनंत मंगलकामनाएँ।


**ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला, पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री**


CM dhami  gram pradhan union


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती योगिता केंतुरा रावत के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से ग्रामीण विकास, ग्राम पंचायतों की भूमिका तथा प्रदेश में संचालित विकास योजनाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण और मजबूत इकाइयों में से एक हैं। गांवों के समग्र विकास, स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं के समाधान तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में ग्राम प्रधानों एवं पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्राम प्रधान ग्रामीण क्षेत्रों में जनता और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। गांवों में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो।



मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की वास्तविक शक्ति उसके गांवों, स्थानीय परंपराओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निहित है। गांवों को सशक्त बनाकर ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को साकार किया जा सकता है। इस दिशा में पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता, जनभागीदारी और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों का क्रियान्वयन अत्यंत महत्वपूर्ण है।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनहित से जुड़े विषयों पर पंचायत प्रतिनिधियों के सुझावों और अनुभवों को महत्व देती है। ग्राम पंचायतों को विकास की योजनाओं में प्रभावी भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।



मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश प्रधान संगठन और ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर ग्रामीण विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।



इस अवसर पर प्रदेश प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती योगिता केंतुरा रावत, श्री पंकज पोखरियाल (प्रदेश प्रभारी), श्री ठाकुर कृपाल सिंह (जिलाध्यक्ष, उत्तरकाशी), श्री शुभम मल (संगठन महामंत्री), श्री सुधीर रतूड़ी (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), श्री सुरेंद्र सिंह चौहान (प्रदेश महामंत्री), श्री जसपाल सिंह जस्सी (कुमाऊं मंडल अध्यक्ष), श्री शौर्य लखेड़ा (प्रभारी, कुमाऊं मंडल), श्री नयन कुमार (प्रदेश प्रवक्ता), श्री सुभाष खत्री (ग्राम प्रधान, लासी) एवं श्री संजय राणा (प्रदेश सचिव) उपस्थित रहे।

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