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सीएम घोषणाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु सचिव एवं विभागाध्यक्ष निश्चित समयार्न्तगत करें समीक्षा-प्रमुख सचिव*



प्रमुख सचिव, वित्त श्री रमेश कुमार सुधांशु की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में चम्पावत विधान सभा क्षेत्र की सीएम घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रमुख सचिव ने मुख्यमंत्री घोषणाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के साथ उनकी प्रभावी निगरानी के लिए विभागाध्यक्षों को प्रत्येक सप्ताह तथा विभागीय सचिवों को 15 दिन में समीक्षा करने के निर्देश दिये। उन्होंने इसके लिये विभागीय स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने तथा पोर्टल को नियमित रूप से अपडेट करने के भी निर्देश दिये हैं।


प्रमुख सचिव ने चम्पावत विधान सभा क्षेत्र की वर्ष 2021 से वर्षवार विभागीय लम्बित घोषणाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि अधिकारी, सीएम घोषणाओं को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर उन्हें पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार जिन घोषणाओं के शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, उनके शीघ्र शासनादेश जारी किये जायें। सभी विभाग आपसी समन्वय से जिन घोषणाओं को समायोजित या विलोप्ति किया जाना है, उनकी कार्यवाही शीघ्र पूर्ण की जाय तथा तत्संबंधित सूचना की प्रति घोषणा सेल को भी उपलब्ध कराई जाए।


बैठक में विधान सभा क्षेत्र चम्पावत के अंतर्गत गोलू देवता, घोडाखाल व चितई को मिलाकर एक विशेष गोल्ज्यू कोरिडोर बनाये जाने की घोषणा के संबंध में अवगत कराया गया कि व्यय वित्त समिति की संस्तुति एवं सीएम के अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। इस पर प्रमख सचिव ने पत्रावली वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिये। अवगत कराया गया कि चम्पावत में जिम कार्बेट ट्रेल बनाने को लेकर पूर्व में नामित कार्यदायी संस्था लोनिवि के स्थान पर उत्तराखण्ड राज्य अवस्थापना विकास निगम ब्रिडकुल को नामित किया गया है। इस पर प्रमुख सचिव ने जल्द शासनादेश जारी करने तथा एक सप्ताह के अन्दर डीपीआर भेजने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि घोषणा के तहत आंशिक रूप से चूका ट्रेक रूट सुदृढीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।


प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी चम्पावत को नगर क्षेत्र चम्पावत में सीवर लाइन के काम का यूयूएसडीए के साथ परीक्षण कर 15 दिन के अन्दर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। प्रमुख सचिव ने जवाहर नवोदय विद्यालय लटौली चम्पावत में क्रीड़ा मैदान विस्तारीकरण हेतु जिलाधिकारी को टी.ए.सी. संस्तृति सहित युवा कल्याण विभाग को उपलब्ध कराने, हनुमान मंदिर मेला स्थल का सौन्दर्यीकरण के संबंध में प्रकरण वन क्षेत्र से बाहर होने संबंधी रिपोर्ट प्रेषित करते हुए घाोषणा को धर्मस्व/पर्यटन विभाग को भेजने हेतु तथा नारियाल गांव में एबीसी सेंटर श्वान बंधियाकरण की स्थापना को लेकर शीघ्र निर्णय लेते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। टनकपुर, बनबसा क्षेत्र में 220/33 केवी विद्युत स्टेशन स्थापना के संबंध में अवगत कराया गया कि इसका शासनादेश और अनुबन्ध हो चुका है तथा कार्य गतिमान है। प्रमुख सचिव ने पारेषण लाइन हेतु 0.9552 हे. वन भूमि को गैरवानिकी में परिवर्तित किये जाने हेतु सैद्धान्तिक स्वीकृति के लिये अपर सचिव वन एवं पर्यावरण को आवश्यक निर्देश दिये।


बैठक में अवगत कराया गया कि गुरू गोरखनाथ धाम में गोरखनाथ मंदिर सड़क का चौड़ीकरण कार्य एवं चम्पावत में रोजवेज स्टेशन में आधुनिक सुसज्जित मल्टी स्टोरी पार्किंग व शॉपिंग कॉम्पलैक्स निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।


बैठक में सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री युगल किशोर पंत, श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, प्रमुख वन संरक्षक(हॉफ) कपिल लाल, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय, डॉ. आनन्द श्रीवास्तव, श्री गिरधारी सिंह रावत, श्री मनुज गोयल, सुश्री कल्याणी, श्री सुरेश चन्द जोशी, श्री एस.एल. सेमवाल, श्री संतोष बडोनी, अपर निदेशक सूचना श्री आशीष कुमार त्रिपाठी सहित अन्य विभागों के उच्च स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 



डीजी सूचना एवं मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रहें, बल्कि ज्ञान, चरित्र, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने जीवन का आधार बनाकर समग्र सफलता की ओर अग्रसर हों।


वह एसबीएस यूनिवर्सिटी और द टाइम्स ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में देहरादून के नगर निगम टाउन हॉल ऑडिटोरियम में आयोजित ‘टाइम्स अचीवर्स 2026’ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।


उन्होंने कहा कि सफलता कभी एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि निरंतर प्रयास, सीखने की प्रवृत्ति और मजबूत जीवन मूल्यों का परिणाम होती है। उनके अनुसार शैक्षणिक उत्कृष्टता सफलता का केवल एक पहलू है, जबकि सफल करियर, व्यक्तिगत खुशहाली और मजबूत पारिवारिक मूल्य मिलकर जीवन को वास्तविक अर्थों में सफल बनाते हैं।


श्री तिवारी ने विद्यार्थियों को परीक्षा के अंकों और डिग्रियों से आगे बढ़कर ईमानदारी, अनुशासन, धैर्य, संवेदनशीलता और उद्देश्यपूर्ण जीवन जैसे गुण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि करियर में सफलता अवसर देती है, लेकिन वास्तविक संतुष्टि परिवार के मूल्यों का सम्मान करने और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने से मिलती है।


उन्होंने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो पेशेवर उत्कृष्टता के साथ नैतिक नेतृत्व, नवाचार और जिम्मेदार नागरिकता का परिचय दें। उन्होंने विद्यार्थियों से सफलता के साथ विनम्रता और कृतज्ञता बनाए रखने का भी आह्वान किया।


इस अवसर पर श्री बंशीधर तिवारी ने एसबीएस यूनिवर्सिटी और द टाइम्स ऑफ इंडिया की सराहना करते हुए कहा कि ‘टाइम्स अचीवर्स 2026’ जैसे आयोजन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।


समारोह में विभिन्न विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संस्थानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, संस्थान प्रमुखों, अभिभावकों और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या मौजूद रही।


*अपर मेलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश*


हरिद्वार, 27 जुलाई 2026


कुंभ मेला 2027 के सफल आयोजन के लिए हरिद्वार में संचालित विभिन्न अवस्थापना विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए मेला प्रशासन द्वारा लगातार स्थलीय निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती ने सोमवार को विभिन्न निर्माण परियोजनाओं का निरीक्षण कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के साथ ही गुणवत्ता के उच्च मानक बनाए रखने के निर्देश दिए।


अपर मेलाधिकारी ने खड़खड़ी मार्ग स्थित सूखी नदी पर निर्माणाधीन डबल लेन सेतु का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल के एक पिलर के निर्माण के लिए सीवर लाइन शिफ्टिंग के कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुल निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

इसके उपरांत अपर मेलाधिकारी ने पेयजल निगम द्वारा लालजीवाला आईवेल से पावनधाम होते हुए सूखी नदी तक बिछाई जा रही राइजिंग मेन परियोजना का निरीक्षण किया। परियोजना की लगभग 95 प्रतिशत प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने शेष कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। पेयजल निगम के अधिकारियों ने अवगत कराया कि ₹90.31 लाख की लागत वाली इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 1250 मीटर लंबी राइजिंग मेन बिछाई जानी है, जिसमें से 1160 मीटर पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।


अपर मेलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ बिल्केश्वर मंदिर क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार के प्रमुख मंदिरों को ‘पैदल यात्रियों के अनुकूल फुटपाथ’ से जोड़ने की प्रस्तावित योजना के अंतर्गत बिल्केश्वर मंदिर क्षेत्र में लगभग 300 मीटर लंबे फुटपाथ निर्माण को लेकर वन विभाग, पीआईयू एवं मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया गया।

इस योजना के अंतर्गत हरिद्वार शहर में लगभग साढ़े चार किलोमीटर से अधिक लंबाई के पैदल यात्री अनुकूल फुटपाथ विकसित किए जाएंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹784.05 लाख है। योजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुगम और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।


अपर मेलाधिकारी ने अटल बिहारी वाजपेयी अतिथि गृह के अनुरक्षण एवं पुनरोद्धार कार्यों का भी निरीक्षण किया और कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सभी निर्माण एवं पुनरोद्धार कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से थर्ड पार्टी निरीक्षण कराए जाने के निर्देश दिए।


निरीक्षण के दौरान तकनीकी सेल के अभियंता श्री अतुल शांडिल्य सहित पीआईयू, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, पेयजल निगम एवं ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

पूर्व निर्धारित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की पूरक/परीक्षाफल सुधार परीक्षाएं होंगी यथावत*

 *जनपद के सभी विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद

पौड़ी :

संदीप सिंह रावत 



DM swati bhadoriya, heavy rain holiday 28 july


भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा 28 जुलाई को जनपद पौड़ी गढ़वाल में भारी वर्षा एवं आकाशीय बिजली की संभावना के मद्देनजर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी सरकारी, अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है। हालांकि पूर्व निर्धारित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की पूरक/परीक्षाफल सुधार परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यथावत आयोजित की जाएंगी।


जिलाधिकारी ने कहा कि मंगलवार, 28 जुलाई, 2026 को कक्षा 1 से 12 तक संचालित जनपद के सभी शैक्षणिक संस्थानों एवं समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा। उन्होंने बताया कि संभावित भारी वर्षा, आकाशीय बिजली तथा नदी-नालों एवं गदेरों में तेज जलप्रवाह की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


उन्होंने जनपदवासियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों एवं गदेरों के समीप न जाएं तथा मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

 *विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला : मुख्यमंत्री*





*पायनियर समाचार पत्र समूह एवं यूकॉस्ट के तत्वावधान में आई.आर.डी.टी. सभागार में आयोजित "Mainstreaming Science, Technology and Innovation for a Prosperous Uttarakhand" कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किया प्रतिभाग*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला हैं। राज्य सरकार  उत्तराखंड को अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकी विकास का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान को प्रयोगशालाओं और पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय आमजन के जीवन से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।


मुख्यमंत्री ने सोमवार को पायनियर समाचार पत्र समूह एवं उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के तत्वावधान में आई.आर.डी.टी. सभागार में आयोजित "Mainstreaming Science, Technology and Innovation for a Prosperous Uttarakhand" कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।



मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विश्व की प्रगति प्राकृतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार की क्षमता से निर्धारित हो रही है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसी आधुनिक तकनीकें स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में परिवर्तनकारी भूमिका निभा रही हैं। इन क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का युवा प्रतिभा, नवाचार और परिश्रम में किसी से कम नहीं है।आवश्यकता उन्हें आधुनिक संसाधन, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और उपयुक्त अवसर उपलब्ध कराने की है। सरकार, शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत एवं वैज्ञानिक संस्थानों के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में नवाचार आधारित विकास को नई गति दी जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प की आधारशिला विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, नेशनल क्वांटम मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन जैसे अभियान भारत को वैश्विक तकनीकी शक्ति बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की है, जिसका उद्देश्य अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर बनाना है। उन्होंने कहा कि देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, जो उत्तराखंड को विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर के स्कूली विद्यार्थियों का नियमित रूप से साइंस सिटी भ्रमण कराया जाए, ताकि उनमें विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि बच्चों को आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जोड़ना भविष्य के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और नवाचारकर्ताओं की नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, जीआईएस आधारित डैशबोर्ड, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट इन्फॉर्मेशन सेंटर तथा स्टेम लैब्स जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, प्री-इन्क्यूबेशन लैब्स तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में वैश्विक स्तर के अवसर उपलब्ध हो सकें।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि देवभूमि उत्तराखंड को वीरभूमि और खेलभूमि के साथ-साथ विज्ञान और नवाचार की भूमि के रूप में भी वैश्विक पहचान मिले। उन्होंने सभी वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत एवं नीति-निर्माताओं का आह्वान किया कि वे विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उत्तराखंड को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।


इस अवसर पर विधायक श्री मुन्ना सिंह चौहान, पद्मश्री डॉ.बी.के. संजय, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, पंतनगर यूनिवर्सिटी से प्रो. जे. पी. जयसवाल, यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक डॉ. डी. पी उनियाल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।


*प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जन जन का सपना हो रहा साकार*

CM pay tribute to martyred-jawan-, listwn man ki baat


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गाँधी पार्क, देहरादून में पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों के परिजनों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के 136वें संस्करण को सुना। 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम, देश के नागरिकों के जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला कार्यक्रम बन चुका है। यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों को प्रेरित करने के साथ ही देश के विकास और जनभागीदारी से जुड़े विषयों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बना है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में डीआरडीओ की उपलब्धियों, रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता, रक्षा उत्पादों के निर्यात, जल संरक्षण, हस्तशिल्पों के संवर्धन तथा वोकल फॉर लोकल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संदेश आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत करने वाला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत रक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और आर्थिक विकास के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। आज भारत हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सीमांत क्षेत्रों का विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जन जन का सपना साकार हो रहा है। 

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, राज्य सभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री मुन्ना सिंह चौहान, दायित्वधारी श्री सुभाष बड़थ्वाल, सचिव श्री युगल किशोर पंत, मेजर जनरल सम्मी सभरवाल (से.नि.) एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


*मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी*

*परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों के लिए अनुग्रह राशि डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ की जाएगी - मुख्यमंत्री*

*कारगिल के अमर शहीदों का त्याग, शौर्य और राष्ट्रभक्ति सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे : मुख्यमंत्री*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गांधी पार्क, देहरादून स्थित शहीद स्मारक पर कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कारगिल शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए उनके अद्वितीय त्याग, शौर्य और राष्ट्रसेवा को नमन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों के लिए अनुग्रह राशि डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ की जाएगी । 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 18 हजार फीट से अधिक  ऊंचाई पर अत्यंत विषम परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने अद्वितीय वीरता, अटूट मनोबल और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया तथा विश्व के समक्ष भारत की सैन्य शक्ति और दृढ़ संकल्प का परिचय कराया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में देश के 527 वीर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड के 75 वीर सपूत भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है। प्रदेश की गौरवशाली सैन्य परंपरा, वीरता पदक विजेताओं की समृद्ध विरासत तथा यहां के युवाओं का राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत की सुरक्षा नीति अधिक सशक्त, निर्णायक और आत्मविश्वास से परिपूर्ण हुई है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई, सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक आधारभूत संरचना का तीव्र विकास तथा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए गए प्रयास नए भारत की शक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि वन रैंक-वन पेंशन, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक तथा सैनिक कल्याण से जुड़े अनेक ऐतिहासिक निर्णयों से देश के सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों का सम्मान बढ़ा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा शहीद परिवारों के कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। इसके साथ ही सभी वीरता पुरस्कार विजेताओं को दी जाने वाली एकमुश्त एवं वार्षिक सहायता राशि में भी ऐतिहासिक वृद्धि की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानी परिवारों के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजन, आवेदन की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करना, शहीद परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु सहायता,   वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए राज्य परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा तथा सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को संपत्ति क्रय पर स्टाम्प शुल्क में छूट जैसी अनेक जनकल्याणकारी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। पूर्व सैनिकों की शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के जिला अदालतों में भूमि धोखाधड़ी के जो मामले पेंडिंग हैं, उनके शीघ्र निस्तारण के प्रयास किये जाएंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून के गुनियाल गांव में राज्य के 'पांचवें धाम' के रूप में सैन्य धाम का निर्माण अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक शहीद के घर से लाई गई पवित्र मिट्टी से निर्मित यह सैन्य धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, त्याग और बलिदान का प्रेरणा-स्थल बनेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी ठोस कदम उठा रही है। सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए देश का पहला 'अग्निवीर रोजगार सेल' गठित किया जा रहा है। साथ ही उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग तथा अन्य राज्य सेवाओं में उन्हें प्राथमिकता देने, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार, होमस्टे योजना तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि कारगिल के अमर शहीदों के त्याग, शौर्य और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर विकसित भारत तथा विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।


सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने विषम परिस्थितियों में अद्वितीय पराक्रम का परिचय देते हुए राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा की। उन्होंने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं शहीद परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने वीरता पुरस्कार विजेताओं की सम्मान राशि में वृद्धि की है तथा अब तक 28 शहीदों के आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजित किया जा चुका है।


इस अवसर पर  राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री मुन्ना सिंह चौहान,  दायित्वधारी श्री सुभाष बड़थ्वाल, सचिव  सैनिक कल्याण श्री युगल किशोर पंत, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल (से.नि), जिला अधिकारी डॉ .आशीष चौहान, एसएसपी श्री प्रमेंद्र डोभाल, , पूर्व सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक एवं शहीदों के परिजन उपस्थित थे।

*मुख्यमंत्री ने मुख्य सेवक सदन में लेखकों एवं साहित्यकारों से किया  संवाद*


*उत्तराखंड के विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन में साहित्यकारों की भूमिका पर हुई  चर्चा*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन,  देहरादून में प्रदेशभर से आए वरिष्ठ लेखकों एवं साहित्यकारों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर साहित्यकारों ने मुख्यमंत्री को अपनी-अपनी स्वरचित पुस्तकें भेंट कीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक लेखक से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनके साहित्यिक योगदान और वर्तमान लेखन पर विस्तार से चर्चा की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्यकार समाज का दर्पण होने के साथ-साथ उसे सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं। उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा सामाजिक चेतना के संवर्धन में साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सशक्त साहित्यिक वातावरण तैयार करने तथा साहित्यकारों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड महर्षि वेदव्यास सहित अनेक ऋषि-मुनियों की तपोभूमि एवं कर्मभूमि रही है। इस पावन भूमि ने ऐसे साहित्यकार दिए हैं, जिन्होंने भारतीय साहित्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में अध्ययन और लेखन की संस्कृति विकसित करने के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड भाषा संस्थान के माध्यम से प्रदेश के पुराने, बिखरे एवं अप्रकाशित साहित्य के संग्रह, संरक्षण और प्रकाशन का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से दो साहित्य ग्राम स्थापित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। साहित्यकारों के सम्मान एवं प्रोत्साहन के लिए वर्ष 2022 में 'उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान' तथा वर्ष 2025 में 'दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान' प्रारम्भ किए गए हैं।


*रुद्रप्रयाग के '1000 पुस्तक दान अभियान' को मुख्यमंत्री का सहयोग*


 हरेला पर्व के अवसर पर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन द्वारा संचालित '1000 पुस्तक दान अभियान' को मुख्यमंत्री ने  अपना सहयोग प्रदान किया। उन्होंने 'लेखकों से संवाद' कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लेखकों की 50 पुस्तकें स्वयं खरीदकर रुद्रप्रयाग के सार्वजनिक पुस्तकालय को उपलब्ध कराने की घोषणा की।


गौरतलब है कि रुद्रप्रयाग में "एक पुस्तक, एक वृक्ष, एक उज्ज्वल भविष्य" थीम पर सार्वजनिक पुस्तकालय के लिए पुस्तक संग्रह अभियान संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तकें समाज में ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक सोच का आधार होती हैं। उनका यह योगदान पुस्तक दान की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं में अध्ययन की आदत को भी प्रोत्साहित करेगा।


इस अवसर पर मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह,पूर्व मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री अनिल रतूड़ी, सचिव श्री रणवीर सिंह चौहान, जिलाधिकारी नैनीताल श्री ललित मोहन रयाल, साहित्यकार प्रो .सुधा रानी पांडे, श्री आलोक लाल, श्री बुद्धिनाथ मिश्रा, श्री प्रेम कुमार साहिल, श्री शिव मोहन सिंह, श्री राम मोहन सिंह, सुश्री नेहा नेगी, श्री कुलभूषण केन, श्री अनमोल जैन, श्रीमती रूपा सोनी, श्री अमर खरबंदा, श्री शीशपाल गुसाईं, श्री रमाकांत, श्री दिवेश जोशी, श्रीमती प्रभा पंत, श्रीमती रूबी गुप्ता, श्री रणधीर कुमार अरोड़ा सहित अनेक  साहित्यकार एवं गणमान्य उपस्थित रहे।


देहरादून 26 जुलाईः

CM pay tribute to Hira singg bisht congress leader


कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं उत्तराखण्ड सरकार के पूर्व मंत्री श्री हीरा सिंह बिष्ट के आकस्मिक निधन पर आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय देहरादून में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में एक शोकसभा का आयोजन किया गया। शोकसभा में कांग्रेसजनों ने अपने नेता स्व0 हीरा सिंह बिष्ट को पुष्पांजलि अर्पित करते हुऐ श्रद्धांजलि अर्पित की।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। 

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की कामना की है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को डी.एल रोड, देहरादून स्थित पूर्व कैबिनेट मंत्री  स्व. हीरा सिंह बिष्ट के निजी आवास पहुँचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने कहा कि श्री हीरा सिंह बिष्ट कांग्रेस पार्टी के एक अनुभवी वरिष्ठ नेता थे जिनके निधन से कांग्रेस पार्टी को अपूर्णीय क्षति हुई है। उनके असमय चले जाना हम सबके लिए असीमित दुःख का विषय है।

स्व0 हीरा सिंह बिष्ट ने उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखण्ड तक के अपने लम्बे राजनैतिक सफर में दोनों प्रदेशों के विकास की बात हमेशा सदन में रखी तथा उत्तराखण्ड सरकार में मंत्री रहते हुए नये आयाम स्थापित किये। उनका असमय आकस्मिक निधन प्रदेश एवं क्षेत्र के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के लिए भी अपूर्णीय क्षति है। श्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन से राजनीति में जो स्थान रिक्त हुआ है उसकी पूर्ति कभी नहीं की जा सकती है। छात्र राजनीति से लेकर उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड तक का उनका लम्बा राजनैतिक सफर रहा है जिसमें उन्होंने कई उतार-चढाव देखे हैं। स्व0 हीरा सिंह बिष्ट के रूप में कांग्रेसजनों ने अपना एक मार्ग दर्शक खो दिया है। उनके कुशल एवं अनुभवी नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया जिसके लिए वे सदैव याद किये जायेंगे।  

कांग्रेसजनों ने दो मिनट का मौन रखकर स्व0 हीरा सिंह बिष्ट की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों एवं शुभचिंतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इससे पूर्व प्रदेश  कांग्रेस    अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने श्री हीरा ंिसह बिष्ट के आवास पर पहुंच कर उन्हें पुष्प चक्र एवं  कांग्रेस   पार्टी का ध्वज चढ़ाया तथा सभी कांग्रेसजनों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री संगठन राजेन्द्र भंडारी, मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, महामंत्री विजय सारस्वत, राजेन्द्र शाह, सुरेन्द्र रांगड़, नवीन जोशी, अश्विनी बहुगुणा, प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रवक्ता सुजाता पॉल, डॉ0 प्रतिमा सिंह, मंजू त्रिपाठी, राजीव कुमार, आशीष नौटियाल, उपेन्द्र थापली, यशपाल चौहान, कविन्द्र इष्टवाल, पिया थापा, अखिलेश उनियाल, अमरदेव गोनियाल, पूनम कंडारी, विरेन्द्र पंवार, चन्द्रकला नेगी, पुष्पा पंवार, कमल सिंह रावत, प्रीतम आर्य, प्रशांत खंडूरी, रितेश जोशी, लाखीराम बिजलवाण, करतार नेगी, विकास नेगी टिचकुले, मदन कोहली, शरीफ बेग, हुकम सिंह कठैत, निधि नेगी, नितिन बिष्ट, अजय रावत, आदि कंाग्रेस कार्यकर्ता थे.

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