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चुनाव ड्यूटी ने बढ़ाई मुश्किलें  बच्चों की पढ़ाई पर संकट, विभाग के 


ऋषिकेश :



 ग्राम पंचायत जोगीवाला माफी स्थित प्राथमिक विद्यालय साहबनगर पिछले छह माह से मात्र एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा है। जनवरी 2026 में एक शिक्षिका के सेवानिवृत्त होने के बाद से विद्यालय में केवल एक ही शिक्षक कार्यरत हैं, जिनके कंधों पर शिक्षण कार्य के साथ-साथ सभी सरकारी अभिलेख, विभागीय कार्य और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी हैं।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब 14 और 15 जुलाई को उप प्रधान चुनाव के लिए इसी एकमात्र शिक्षक की चुनाव ड्यूटी लगा दी गई। ऐसे में विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने वाला कोई शिक्षक उपलब्ध नहीं रहेगा, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होना तय है।

इस संबंध में क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व ग्राम प्रधान शोबन सिंह कैन्तुरा ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पूर्व ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों से विद्यालय में एक अतिरिक्त शिक्षक की तत्काल नियुक्ति की मांग की थी। 

 इसके लिए विद्यालय के शिक्षक के साथ मिलकर निजी स्तर पर एक शिक्षिका भी रखी गई थी । जिन्होंने गत वर्ष तक बच्चों को पढ़ाया। लेकिन वर्तमान में एकमात्र शिक्षक होने के कारण पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। 

उन्होंने  शिक्षा विभाग से मांग की है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए विद्यालय में तत्काल एक अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति की जाए और एकमात्र शिक्षक को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने से बचाया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।


CM Dhami reached malagrAm on harela festival


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में संचालित पेयजल, पर्यटन, सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन एवं पौड़ी गढ़वाल में एन.सी.सी. अकादमी स्थापना के लिये ₹ 38  करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।


मुख्यमंत्री ने नाबार्ड वित्तपोषण के अंतर्गत चमोली एवं अल्मोड़ा जनपदों में सिंचाई विभाग की 5 योजनाओं के लिए ₹12.83 करोड़ सहित सिंचाई विभाग की 7 अन्य योजनाओं के लिए ₹15.06 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के विभिन्न स्थानों पर 50 हैंडपंप तथा 31 सोलर पैनलों की स्थापना के लिये ₹3.98 करोड़ जनपद नैनीताल स्थित पर्यटक आवास गृह, मुक्तेश्वर के उच्चीकरण कार्य के लिए ₹4.96 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही जनपद पौड़ी में एन.सी.सी. अकादमी की स्थापना के लिए संशोधित आगणन ₹50.00 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹1 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


*मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के सिविल एवं पारिवारिक पेंशनरों के लिए महंगाई राहत की दरों में वृद्धि का किया अनुमोदन*


मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के पांचवें एवं छठवें केन्द्रीय वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार लागू वेतन बैंड एवं ग्रेड वेतन में पेंशन प्राप्त कर रहे सिविल एवं पारिवारिक पेंशनरों के लिए महंगाई राहत की दरों में वृद्धि करते हुए 1 जनवरी 2026 से पांचवें वेतनमान के पेंशनरों के लिए महंगाई राहत 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 484 प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान के पेंशनरों के लिए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत प्रतिमाह किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है। 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने, किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को सभी स्वीकृत योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए है।



*कार्यालय जिला सूचना अधिकारी, पौड़ी गढ़वाल*

*हरेला पर्व पर मालाग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री, सघन पौधरोपण कर दिया हरित संरक्षण का संदेश*

पौड़ी:


हरेला पर्व के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर विकासखंड स्थित मालाग्राम पहुंचकर सघन पौधरोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तराखंड का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने 'श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय' का विस्तृत भ्रमण कर वहां संरक्षित दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों, अनुसंधान गतिविधियों तथा आयुर्वेद आधारित नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिसर स्थित ध्यान कुटी का भी निरीक्षण किया।


मुख्यमंत्री ने भ्रमण के दौरान उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता, हिमालयी औषधीय वनस्पतियों और पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष फोकस किया। उन्होंने कहा कि राज्य की यह प्राकृतिक धरोहर पूरे विश्व के लिए अमूल्य है तथा इसका संरक्षण और वैज्ञानिक शोध वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में किए जा रहे प्रयास पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने के साथ-साथ औषधीय पौधों के संवर्धन, आयुर्वेद आधारित अनुसंधान, हर्बल पर्यटन तथा स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेंगे।


मालाग्राम स्थित 'श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय' देश का अपनी तरह का एक अनूठा हर्बल पार्क है, जहां देश के विभिन्न राज्यों एवं हिमालयी क्षेत्रों से लाई गई दुर्लभ जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों का वैज्ञानिक ढंग से संरक्षण एवं संवर्धन किया जा रहा है। यह परिसर पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक शोध के समन्वय का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।



कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल, उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

देहरादून ;

name verification and changing in voter list


जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने अवगत कराया कि फोटोयुक्त विधानसभा निर्वाचक नामावली के 01 जुलाई, 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर पुनरीक्षण कार्य के अंतर्गत निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशन 14 जुलाई, 2026 को किया गया है। इसके पश्चात 14 जुलाई से 13 अगस्त, 2026 तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन एवं अन्य आवश्यक सुधार के लिए दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए पात्र नागरिक संबंधित मतदाता पंजीकरण अधिकारी, सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी एवं बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त नागरिक निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in⁠ अथवा Voter Helpline App के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अपने नाम की पुष्टि मतदाता सूची में अवश्य कर लें। यदि किसी मतदाता का नाम छूट गया है, नाम, पता अथवा अन्य विवरण में संशोधन आवश्यक है तो निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन करें।

उन्होंने बताया कि नए मतदाता बनने के लिए प्रपत्र-6 में आवेदन किया जा सकता है।

मृतक, स्थानांतरित अथवा अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने के लिए प्रपत्र-7 भरा जा सकता है।

मतदाता सूची में किसी प्रविष्टि के संशोधन हेतु प्रपत्र-8 में आवेदन किया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्वाचक नामावली को अधिक शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने में सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सशक्त लोकतंत्र के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना आवश्यक है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विशेष अभियान के दौरान पात्र नागरिकों, युवाओं एवं नए मतदाताओं के नाम निर्वाचक नामावली में शामिल कराने हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।


जिलाधिकारी/ जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने नागरिकों से मतदाता सूची में नाम की पुष्टि करने की अपील की

भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड के निर्देशों के क्रम में जनपद देहरादून में फोटोयुक्त विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मतदाता सूची से संबंधित कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।



 सीएम धामी बोले - देहरादून साइंस सिटी बनेगी विज्ञान और नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र**

science city ddun CM DHAmi


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) में साइंस सिटी परियोजना के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ही विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति (STIP) परिसंवाद कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया। 


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देहरादून साइंस सिटी का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में ये साइंस सिटी केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान का अग्रणी केंद्र बनकर उभरेगी। उन्होंने कहा कि इस साइंस सिटी में हमारे युवाओं को अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जो उनके सपनों और विचारों को नई उड़ान देने का कार्य करेंगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 'विज्ञान सेतु' परिकल्पना के अंतर्गत सामुदायिक विज्ञान रेडियो 'विज्ञान वाणी' (88.8 मेगाहर्ट्ज), 'विज्ञान दृश्यम' तथा 'विज्ञान धारा' का लोकार्पण करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रयोगशालाओं के जटिल ज्ञान को उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। 


*तकनीकी में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर*

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय प्रदेश में हरेला सप्ताह मनाया जा रहा है। हरेला केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारे दायित्व का "प्रतीक पर्व" भी है। उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरणीय संकट की चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में हरेला पर्व पूरी दुनिया को ये संदेश देता है कि विकास और प्रकृति साथ-साथ चल सकते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज पूरी दुनिया एक अभूतपूर्व तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रही है। अब रोबोट्स कारखानों से लेकर अस्पतालों तक में काम कर रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानी क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। वहीं, डेटा साइंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और बायो-टेक्नोलॉजी जैसी उभरती हुई प्रौद्योगिकियां आज दुनिया की दिशा और दशा तय कर रही हैं। ऐसे समय में, हमें इस बदलाव को न केवल स्वीकार करना है, बल्कि इसका नेतृत्व भी करना है। 


*उत्तराखंड की बेस्ट प्रैक्टिस को मिल रही सराहना*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज देश के कई राज्य उत्तराखंड को कई क्षेत्रों में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में देख रहे हैं। सिलल्यारा टनल में फंसे श्रमिकों का सुरक्षित निकालने का अभियान इसमें शामिल है। जिसे ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में पेश किया गया। इसीलिए सरकार ने अब से हर वर्ष 28 नवंबर को आपदा प्रबंधन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में अद्भुत प्रतिभा और मेधा है। इसलिए अब हमें प्रदेश में ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है जहाँ हमारी इस युवा प्रतिभा को सही दिशा मिले ताकि वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। 


*विकसित भारत का आधार- विज्ञान, अनुसंधान*

 

मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश के सामने "विकसित भारत 2047" का जो 'अमृत संकल्प' रखा है, उसकी सबसे मजबूत आधारशिला विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान ही है। इसीलिए प्रधानमंत्री जी ने 'जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान' के नारे में 'जय अनुसंधान' जोड़कर देश के वैज्ञानिकों और युवाओं को एक नया मंत्र दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और नेशनल क्वांटम मिशन जैसे बड़े अभियानों के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से भारत में अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। वहीं, सेमीकंडक्टर मिशन के माध्यम से भारत अब इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर होने की राह पर है। 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को विज्ञान, तकनीक और आधुनिक अनुसंधान का एक वैश्विक हब बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसी दिशा में राज्य की पहली 'विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति' लागू हो चुकी है। इस नीति का उद्देश्य एक ऐसा आत्मनिर्भर इकोसिस्टम विकसित करना है जहाँ हमारा युवा केवल रोजगार खोजने वाला न रहे, बल्कि अपने इनोवेटिव आइडियाज के दम पर 'जॉब क्रिएटर' बने। ये नीति विज्ञान को केवल प्रयोगशालाओं की सीमाओं तक नहीं रखेगी, बल्कि उसे आम जनजीवन से जोड़ते हुए जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगी। 


*चुनौतियों का स्थानीय समाधान तलाशने का प्रयास*

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां हमारे सामने कई कठिन चुनौतियां खड़ी करती हैं। लेकिन हमारा हिमालय ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और हमारी जैव-विविधता, अमूल्य औषधीय वनस्पतियां, बारहमासी जल स्रोत, जैविक कृषि और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हमारी असली पूंजी हैं। इसलिए यदि हम अपनी स्थानीय समस्याओं के स्थानीय और वैज्ञानिक समाधान विकसित कर लें, तो उत्तराखंड पूरे देश के लिए विकास का एक आदर्श मॉडल बन सकता है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने नई  पॉलिसी तैयार की है। साथ ही सरकार प्रदेश में तकनीक, डिजिटल गवर्नेंस, शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने वाला एक मजबूत इकोसिस्टम भी विकसित कर रही है। इसी तरह वैज्ञानिक अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देते हुए उत्तराखंड को 'साइंस बेस्ड नॉलेज इकॉनॉमी' के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। 


*स्टार्टअप सेंटर विकसित करने की घोषणा*

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट सूचना केंद्र, स्टेम लैब्स और जीआईएस आधारित आधुनिक तकनीकी प्रणालियों का भी विस्तार कर रही है। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर तथा प्री-इन्क्यूबेशन लैब जैसी भविष्य की तकनीकों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने यूकॉस्ट परिसर में स्टार्टअप सेंटर विकसित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। मुख्यमत्री ने इस अवसर पर पौधारोपण भी किया।


इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री प्रदीप बत्रा, सहसपुर विधायक श्री सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव श्री नितेश झा, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द सिंह, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक  सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित हुए।: 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप  कार्यालय में साहित्यकार एवं इंडो-जर्मन सांस्कृतिक संबंधों के क्षेत्र में सक्रिय डॉ. योजना साह जैन ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने अपनी साहित्यिक कृतियां 'इमली का चटकारा' (कहानी-संग्रह), 'बनारस मीट्स बर्लिन' (उपन्यास) तथा 'कागज पे फुदकती गिलहरियां' (कविता-संग्रह) मुख्यमंत्री को भेंट की।



मुख्यमंत्री ने डॉ. योजना साह जैन को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साहित्य समाज, संस्कृति और मानवीय मूल्यों को सशक्त अभिव्यक्ति प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने भारत और जर्मनी के मध्य सांस्कृतिक एवं बौद्धिक संवाद को प्रोत्साहित करने में डॉ. जैन के योगदान की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनकी रचनाएं भारतीय संस्कृति, लोकजीवन और संवेदनाओं को वैश्विक पटल पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के साथ दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक होंगी।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की ₹ 17 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं के तहत नलकूप निर्माण, सीवरेज लाईन बिछाये जाने तथा आपदा प्रभावितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराये जाने के साथ ही मन्दिर सौन्दर्यीकरण व खेल सुविधाओं के विकास हेतु ₹ 17 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद नैनीताल की हल्द्वानी शाखा के अंतर्गत विभिन्न नलकूपों पर स्थापित पुराने एवं 15 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पम्प सेटों के स्थान पर ऊर्जा दक्ष पम्प सेटों की आपूर्ति हेतु ₹ 3.01 करोड़ की योजना स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र रायपुर के अंतर्गत रामगढ़ (वाणी विहार) क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाने हेतु ₹ 3.11 करोड़ की योजना स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चमोली की नगर पालिका परिषद ज्योतिर्मठ में वर्ष 2023 के भू-धंसाव से प्रभावित क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तावित स्लोप स्टेबलाइजेशन कार्यों से प्रभावित भूमि के अधिग्रहण हेतु राज्य आकस्मिकता निधि से ₹10 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्राकृतिक एवं दैवीय आपदा के दृष्टिगत जनपद देहरादून की तहसील सदर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम मझाड़ा एवं कालीगाड के 14 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर किराये के भवन में आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रति परिवार ₹ 4,000 की दर से मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹ 3.36 लाख की स्वीकृति प्रदान की गयी है। 


मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के अंतर्गत ग्राम मिलम में नन्दा देवी मंदिर के सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु ₹ 90.16 लाख, के साथ ही जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र रायपुर के अंतर्गत उत्तरांचल प्रेस क्लब को खेल सामग्री क्रय किए जाने हेतु ₹ 5 लाख की आर्थिक सहायता का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

 

उत्तराखंड को आधारभूत अवसंरचना एवं पूंजीगत विकास कार्यों को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की है।






 भारत सरकार के वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग द्वारा "वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना (Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment-2026-27)" के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य को ₹451.63 करोड़ (₹45,163 लाख) की प्रथम किस्त विशेष सहायता (ऋण) के रूप में स्वीकृत की गई है।



भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा जारी स्वीकृति आदेश के अनुसार यह राशि योजना के भाग-1 (अनटाइड) के अंतर्गत राज्य में स्वीकृत पूंजीगत परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु उपलब्ध कराई गई है। 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को पूंजीगत निवेश के लिए ₹451.63 करोड़ की विशेष सहायता ऋण की प्रथम किस्त स्वीकृत किए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार निरंतर उत्तराखंड के विकास में सहयोगी की भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय सहायता से राज्य की आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं को नई गति मिलेगी तथा सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन एवं अन्य विकास कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस राशि का उपयोग भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ जनहितकारी पूंजीगत परियोजनाओं पर सुनिश्चित करेगी, जिससे उत्तराखंड के समग्र एवं सतत विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी।


 *700 श्रद्धालु छह दिवसीय विशेष तीर्थ यात्रा में हुए शामिल* 

 *सोमनाथ भारत के अटूट विश्वास, स्वाभिमान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक : मुख्यमंत्री* 

 *देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से हो रहा कार्य* 

 *केदारखंड-मानसखंड, हरिद्वार-ऋषिकेश एवं शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं पर सरकार का विशेष फोकस* 

 *यात्रियों से उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और 'अतिथि देवो भवः' की भावना के प्रतिनिधि बनने का आह्वान* 


harrawala ddun to somnath train ,CM Dhami inaugurated



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रेलवे स्टेशन हर्रावाला, देहरादून से 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के उपलक्ष्य में वेरावल (सोमनाथ) के लिए विशेष रेल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए इसे केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम बताया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि छह दिवसीय इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न वर्गों से लगभग 700 श्रद्धालु सहभागी बन रहे हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी माताएं-बहनें, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी, संत समाज तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने इस पहल के लिए संस्कृति विभाग की सराहना करते हुए सभी यात्रियों की मंगलमय, सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की कामना भगवान सोमनाथ और बाबा केदार से की।




मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा भारत की हजारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा, गौरवशाली विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट आस्था, अदम्य विश्वास और पुनरुत्थान का प्रतीक है। अनेक आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद सोमनाथ ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि भारत हर चुनौती के बाद और अधिक शक्ति एवं संकल्प के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' राष्ट्रबोध और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव कराने वाला विशेष अवसर है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में अभूतपूर्व सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दौर चल रहा है। अयोध्या से सोमनाथ, केदारनाथ से काशी विश्वनाथ, महाकाल से बद्रीनाथ धाम तक मंदिरों का व्यापक पुनरुद्धार और विकास भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की जीवनरेखा हैं। लंबे समय तक जिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की उपेक्षा हुई, आज उन्हें पुनः सम्मान और गौरव प्राप्त हो रहा है, जो बदलते भारत की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार पर कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में 'सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज' की स्थापना भी की गई है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है, जो केवल भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान नहीं बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और पवित्रता की रक्षा का प्रयास है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान न्याय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधारात्मक कदम उठाते हुए 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा मदरसा बोर्ड के स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की गई है, ताकि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बन सके।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां आधुनिक विकास और सनातन संस्कृति दोनों समान रूप से आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य साकार होगा।



मुख्यमंत्री ने यात्रा पर जा रहे सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे जहां भी जाएं, देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और 'अतिथि देवो भवः' की भावना का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि सभी यात्री इस यात्रा के माध्यम से केवल सोमनाथ के दर्शन करने नहीं जा रहे हैं, बल्कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक चेतना, समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के भी प्रतिनिधि हैं। उन्होंने सभी से अपने आचरण, व्यवहार और विचारों से राज्य की सकारात्मक पहचान को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।



इस अवसर पर विधायक श्री बृज भूषण गैरोला, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


ऋषिकेश/डोईवाला।

protest-against30000 plant


परवादून जिला कांग्रेस कमेटी ने विभिन्न सामाजिक एवं पर्यावरण संरक्षण संगठनों के साथ मिलकर सात मोड़, ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर 3000 से अधिक पेड़ों के प्रस्तावित कटान के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए वृक्षों के अंधाधुंध कटान पर रोक लगाने की मांग की।


परवादून जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि विकास के नाम पर हजारों हरे-भरे वृक्षों की बलि देना उत्तराखंड की प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर्यावरण संरक्षण के इस जनहित के मुद्दे पर जनता के साथ मजबूती से खड़ी है और वृक्षों को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।


जिला महासचिव राहुल सैनी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसके जंगल और पर्यावरण से है। यदि विकास योजनाओं में पर्यावरण संरक्षण की अनदेखी की गई तो इसका दुष्प्रभाव आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा। सरकार को पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।


डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी ने कहा कि स्थानीय जनता की भावनाओं को दरकिनार कर पेड़ों का अंधाधुंध कटान स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया, तो जनसहभागिता के साथ आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।


इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए वृक्षों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।


इस दौरान परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, जिला महासचिव राहुल सैनी, डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी, जिला महासचिव शार्दूल नेगी, स्वतंत्र बिष्ट, मनीष यादव, आशिक अली, रोहित नेगी, राजन थापा, सोहेब अली, हर्षित उनियाल, साहिल अली, विवेक सैनी, अमन बहुगुणा, राहुल बहुगुणा, सूरज भट्ट, शुभम काम्बोज, अनुज कन्नौजिया एवं अर्चित सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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