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 विभिन्न अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को प्रदान किए गए मान्यता प्रमाण पत्र* 

 " *वन नेशन-वन एजुकेशन" की दिशा में उत्तराखण्ड की ऐतिहासिक पहल, अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ* 

 *धामी सरकार का बड़ा फैसला : सभी अल्पसंख्यक समुदायों को समान शैक्षणिक अवसर देने की नई व्यवस्था लागू*

 किताब-कॉपी और कौशल से सशक्त होगा अल्पसंख्यक समाज, शिक्षा को बनाया विकास का आधार : मुख्यमंत्री*

 *आस्था और आधुनिकता के संतुलन के साथ उत्तराखण्ड में शिक्षा व्यवस्था का नया युग शुरू* 

Madarsa Board  closed in uttarakhand


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अल्पसंख्यक विद्यालयों के विद्यार्थियों को एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तकें भी भेंट कीं और कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा की दिशा में यह पहल विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि होने के साथ-साथ ज्ञान, शिक्षा और आध्यात्म की समृद्ध परंपरा वाली भूमि रही है। इस पवित्र धरती ने सदियों से विश्व को ज्ञान और संस्कार का संदेश दिया है। ऐसे में राज्य की जिम्मेदारी है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो।

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार ने समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 1 जुलाई 2026 से उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की है। इसके साथ ही मदरसा बोर्ड को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक संस्था की शुरुआत नहीं, बल्कि राज्य के प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला निर्णय है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बच्चे को समान अवसर मिले और वह आधुनिक शिक्षा, तकनीक एवं कौशल के माध्यम से आगे बढ़ सके।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय ज्ञान, नवाचार और तकनीक का युग है। एआई, मशीन लर्निंग, डिजिटल तकनीक और नए कौशल भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि उत्तराखण्ड का कोई भी बच्चा विकास की इस यात्रा से पीछे न छूटे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना किसी समुदाय की पहचान या परंपराओं को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि सभी वर्गों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। सरकार का प्रयास है कि बच्चे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, कौशल विकास और आधुनिक शिक्षा में दक्ष बनें।

उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने का सबसे प्रभावी साधन है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से युवा न केवल अपने जीवन को बेहतर बनाते हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत सभी अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों को समान अवसर प्रदान किए जाएंगे। पहले की व्यवस्थाओं में जिन वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया, उन्हें भी अब शिक्षा के क्षेत्र में बराबरी का अवसर मिलेगा।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी है। यह नीति केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल, नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और रोजगार से जोड़ने पर बल देती है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट कक्षाओं, कौशल विकास, स्टार्टअप और आधुनिक प्रशिक्षण को बढ़ावा दे रही है ताकि राज्य का युवा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सके।


उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण केवल मान्यता देने वाली संस्था नहीं होगा, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, पारदर्शी व्यवस्था और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का मजबूत माध्यम बनेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन संस्थानों को मान्यता प्रदान की जा रही है, वे केवल प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर रहे, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच और नई व्यवस्था के सहभागी बन रहे हैं। इन संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे ज्ञानवान, संस्कारित, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करें।


उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बावजूद भारतीयता सभी को जोड़ने वाली शक्ति है। राज्य सरकार इसी भावना के साथ सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में यह प्राधिकरण हजारों बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और उत्तराखण्ड को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएगा।

उन्होंने धर्मगुरुओं, शिक्षाविदों, शिक्षण संस्थाओं और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से इस पहल को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी,  श्री प्रदीप बत्रा, विधायक श्री उमेश शर्मा काउ, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के धर्मगुरु, शिक्षाविद एवं शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधक उपस्थित रहे।


 

DM Dehradun coronation hospital



*आईसीयू में एसी बंद, रजिस्टर अधूरे, वार्डों में गंदगी; डीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश*

*लावारिस मरीज के लिए देवदूत बने जिलाधिकारी, तत्काल मिली इमरजेंसी चिकित्सा*


देहरादून :

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार की रात ठीक 8ः00 बजे जिला कोरोनेशन अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुए इस निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में लापरवाही, गंदगी और घोर अनियमितताओं की परतें खुलती चली गईं, जिस पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ब्डव्) और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (ब्डै) की एक संयुक्त समिति गठित कर तत्काल रिपोर्ट तलब की है।


*आईसीयू में उमस, रजिस्टर खाली और पीआरओ पर गिरी गाज*

जिलाधिकारी जब सबसे पहले आईसीयू  वार्ड में पहुंचे, तो वहां की स्थिति बेहद चौंकाने वाली थी। जीवन रक्षक माने जाने वाले आईसीयू में मानक के विपरीत एयर कंडीशन बंद पड़ा था, जिससे मरीज उमस और सफोकेशन (घूटन) से बेहाल थे। हैरान करने वाली बात यह रही कि अस्पताल के पीआरओ (च्त्व्) को कई बार कहने के बाद भी एसी चालू नहीं कराया गया, जिस पर डीएम ने पीआरओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश देते हुए सीएमएस से जवाब मांगा है। इसके अलावा, आईसीयू के स्टॉक रजिस्टर में 29 जून से दवाओं का कोई विवरण नहीं था और सिस्टर इंचार्ज आकस्मिक अवकाश पर पाई गईं। कार्मिकों के उपस्थिति रजिस्टर में भी भारी खामियां मिलीं।


*गंभीर मरीज को अनावश्यक रेफर करने पर जताई नाराजगी*

अस्पताल के बाल रोग कक्ष, पुरुष, महिला और सर्जरी वार्डों का हाल भी बदतर मिला। पुरुष वार्ड में लीवर की बीमारी से पीड़ित एक ऐसे मरीज को रेफर करने की तैयारी थी, जो अस्पताल में ही रिकवर हो सकता था। इस अनावश्यक रेफरल पर डीएम ने सख्त आपत्ति जताई। यही नहीं, मरीज को ओढ़ने के लिए फटी हुई कंबल दी गई थी, जिस पर अस्पताल मैटर्न से स्पष्टीकरण मांगते हुए सभी फटे कंबलों को तत्काल कंडम (नष्ट) करने का आदेश दिया गया।


अस्पताल की लिफ्ट में चारों तरफ पान की पीक और गंदगी पसरी थी, जबकि सुरक्षा के लिहाज से लिफ्ट में सीसीटीवी कैमरा तक नहीं लगा था। महिला शौचालय में पुरुष यूरिनल लगा देख जिलाधिकारी ने व्यवस्था पर भारी नाराजगी व्यक्त की।


*लावारिस मरीज के लिए देवदूत बने जिलाधिकारी*

सर्जरी वार्ड में जिलाधिकारी एक लावारिस मरीज के लिए साक्षात देवदूत बनकर पहुंचे। उस वक्त मरीज की हालत बेहद नाजुक थी और उसका शुगर लेवल 40ः से भी कम हो चुका था, लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। मरीज के पास गंदगी का अंबार था और बासी खाने की प्लेटें छूटी हुई थीं। जिलाधिकारी की सक्रियता के चलते मरीज को तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रशासनिक अमले के पहुंचने की भनक लगते ही डीएम के आने से महज पांच मिनट पहले वार्ड में आनन-फानन में पोछा लगाया जा रहा था।


जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सीएमओ और सीएमएस को संयुक्त रूप से अस्पताल की इन सभी परिलक्षित कमियों और व्यवस्थागत खामियों को तत्काल दूर करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं, ताकि आम जनता को बेहतर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।


इस दौरान जिलाधिकारी ने वार्ड में मरीजों से बात करते हुए उनका हाल जाना और अस्पताल से मिल रही सुविधाओं का फीडबैक भी लिया। निरीक्षण के दौरान आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी मनीष शर्मा सहित अस्पताल के अन्य चिकित्सा अधिकारी मौजूद थे।

 

 

*02 जुलाई को सहसपुर से होगा विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-GRAM G) का शुभारंभ*

*ग्राम्य विकास मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होगा प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम, स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीणों की रहेगी व्यापक सहभागिता*


*देहरादून, 




मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य रोजगार गारंटी प्रकोष्ठ, उत्तराखण्ड शासन एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-GRAM G) का शुभारंभ 01 जुलाई 2026 से किया जा रहा है। इसी क्रम में 02 जुलाई 2026 को प्रातः 11:00 बजे विकासखण्ड परिसर, सहसपुर में प्रदेश स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में  मंत्री, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखण्ड सरकार की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन तथा स्वयं सहायता समूहों को और अधिक सशक्त बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मा0 केंद्रीय ग्राम्य  विकास मंत्री द्वारा VB-GRAM G के पंजीकृत श्रमिकों से संवाद स्थापित किया जाएगा तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित गतिविधियों एवं आजीविका मॉडल का प्रदर्शन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों, ग्रामीणों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सहभागिता रहेगी।

मुख्य विकास अधिकारी  ने जनपद के विकासखण्ड अधिकारी कालसी, विकासनगर एवं सहसपुर को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने विकासखण्डों से अधिकाधिक संख्या में स्वयं सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने तथा कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए समुचित समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-GRAM G) ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, स्वयं सहायता समूहों को सशक्त आधार मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सतत एवं समावेशी विकास को नई गति प्राप्त होगी।


*ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अनधिकृत डंपिंग व मानकविहीन प्लांटों पर होगी कड़ी कार्रवाई-डीएम*


देहरादून :


जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को नगर निगम, नगर पालिकाओं, जिला पंचायत, छावनी परिषद तथा सभी उप जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त देहरादून के लक्ष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मा० उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिये एक प्रकोष्ठ का गठन किया जाए। नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, छावनी परिषद् द्वारा समस्त निर्वाचित प्रतिनिधियों, पार्षदों, वार्ड मेम्बरों को उपलब्ध करायी जाए। प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सदस्य नामित करें, जो मौका मुआयना कर डम्प साइट व अन्य कूड़ा प्रबन्धन कार्याे के चित्र व प्रमाण सहित आख्या प्रस्तुत करें। एसडब्ल्यूएम का परिहन स्थानीय निकाय से अनाधिकृत वाहनों से न हो, जिससे अनाधिकृत डम्प साईट न बनें।

जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित अनधिकृत कचरा डंपिंग स्थलों तथा बल्क वेस्ट जनरेटरों का चिन्हांकन कर विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को वैज्ञानिक एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करना सभी संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने बायो-रिमेडिएशन प्लांटों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी कार्यप्रणाली का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो प्लांट निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

उन्होंने ऋषिकेश, विकासनगर, देहरादून सहित जनपद की सभी सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग साइटों का निरीक्षण करने तथा नगर निगमों द्वारा किए जा रहे लीगेसी वेस्ट के निस्तारण कार्यों की दो दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निगमों एवं छावनी परिषद क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का फोटोग्राफ सहित विस्तृत प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके।


बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, नगर आयुक्त ऋषिकेश विजयनाथ शुक्ला, विभिन्न नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी उप जिलाधिकारी एवं छावनी परिषद के अधिकारी उपस्थित रहे।


         

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सुवाखोली और किंगरेट पिक्चर पैलेस मार्ग पर प्रवर्तन कार्रवाई, नियमों के उल्लंघन पर प्राधिकरण की सख्ती बरकरार*


 मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ अपना अभियान और तेज करते हुए बुधवार को मसूरी क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने स्वीकृत मानचित्र के विपरीत तथा बिना वैधानिक अनुमति किए जा रहे निर्माणों को सील कर स्पष्ट संदेश दिया कि विकास प्राधिकरण की अनुमति के बिना या स्वीकृत मानचित्र से हटकर किए जाने वाले निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।


एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने सबसे पहले चम्बा-टिहरी मोटर मार्ग स्थित सुवाखोली क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां विनोद बिष्ट द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य कराया जा रहा था। निरीक्षण में अनियमितताएं पाए जाने के बाद प्राधिकरण ने भवन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। संबंधित निर्माण में भवन उपविधियों का उल्लंघन किया गया था, जिसके चलते नियमानुसार कार्रवाई की गई। इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने मसूरी के किंगरेट पिक्चर पैलेस मार्ग पर पहुंचकर सुसमा जैसवाल द्वारा कराए जा रहे अवैध निर्माण का निरीक्षण किया। जांच में निर्माण कार्य नियमानुसार न पाए जाने पर संबंधित भवन को भी सील कर दिया गया। दोनों कार्रवाइयों के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।


एमडीडीए अधिकारियों ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी बिना स्वीकृति निर्माण या स्वीकृत मानचित्र के विपरीत कार्य होने की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल निरीक्षण कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। अभियान का उद्देश्य केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि मसूरी जैसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्र में सुनियोजित, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल विकास को बढ़ावा देना भी है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 

सीलिंग अभियान के दौरान सहायक अभियंता अजय मलिक, अवर अभियंता अनुराग नौटियाल, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने नियमानुसार पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई संपन्न कराई। प्राधिकरण ने कहा कि प्रवर्तन दल नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर रहा है और अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।


*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले: कानून से ऊपर कोई नहीं, अवैध निर्माणों पर होगी लगातार कार्रवाई*


मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित एवं सुरक्षित विकास सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना स्वीकृति या स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जाने वाले निर्माण न केवल भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि भविष्य में जनसुरक्षा और शहरी व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी भवन स्वामी निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण कराएं। एमडीडीए का प्रवर्तन अभियान आगे भी पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और सख्ती के साथ जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


*सचिव मोहन सिंह बर्निया ने की नियमों के पालन की अपील*


प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रहा है और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच की जाती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें तथा स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण कराएं। नियमों का पालन करने से अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकता है और क्षेत्र का सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित होगा।

 

Rashifal

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

आय में निश्चितता रहेगी। नौकरी में कार्यभार बढ़ेगा। सहकर्मी साथ नहीं देंगे। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। फालतू खर्च होगा। किसी के व्यवहार से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

नौकरी में मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। शेयर मार्केट में जल्दबाजी न करें। व्यापार लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। लेन-देन में सावधानी रखें। चोट व रोग से कष्ट संभव है। प्रमाद न करें। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। यात्रा मनोरंजक रहेगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। ऐश्वर्य व आरामदायक साधनों पर व्यय होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। जल्दबाजी से बचें। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन की योजना बनेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

आत्मशांति रहेगी। यात्रा संभव है। व्यापार ठीक चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। दूसरों की जवाबदारी न लें। थकान रह सकती है। तीर्थदर्शन की योजना फलीभूत होगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। किसी बड़ी समस्या से मुक्ति मिल सकती है। कानूनी अड़चन से सामना हो सकता है।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

व्यापार ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। मित्रों के साथ समय अच्‍छा व्यतीत होगा। चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि हो सकती है। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। किसी अपरिचित व्यक्ति पर अतिविश्वास न करें। किसी भी प्रकार के विवाद में न पड़ें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

पारिवारिक सदस्यों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नौकरी में मातहतों से अनबन हो सकती है। किसी व्यक्ति विशेष का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। शारीरिक कष्ट संभव है। जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। धन प्राप्ति सुगम होगी।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग मिलेगा। भाग्य अनुकूल है। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। शत्रुओं का पराभव होगा। किसी व्यक्ति की बातों में न आएं। प्रसन्नता रहेगी। स्थायी संपत्ति के कार्य मनोनुकूल लाभ देंगे। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही प्राप्त होगा।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। पार्टी व पिकनिक का आयोजन हो सकता है। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

लेन-देन में जल्दबाजी न करें, सावधानी रखें। दौड़धूप से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। आय बनी रहेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। जोखिम न लें। विवाद को बढ़ावा न दें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुरी खबर मिल सकती है, धैर्य बनाए रखना होगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। लेन-देन में सावधानी रखें। अपरिचितों पर अंधविश्वास न करें। कारोबार ठीक चलेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य अनुकूल है। समय का लाभ लें। मित्रों का सहयोग करने का मौका प्राप्त होगा। मेहनत का फल मिलेगा।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

किसी बड़े काम को करने की योजना बनेगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। घर-परिवार में कोई मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्‍छा समय बीतेगा।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

कारोबार में वृद्धि होगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। समय अनुकूल है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। परिवार के साथ समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। जल्दबाजी न करें। यात्रा मनोरंजक रहेगी। कोई बड़ा काम होने से प्रसन्नता रहेगी।



  *SEOC, DEOC और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश*


देहरादून:

weather alert uttarakhand 01 and 02 jully


भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), देहरादून द्वारा जारी नवीनतम मौसम पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के विभिन्न जनपदों में 01 एवं 02 जुलाई, 2026 को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र (SEOC) ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक सतर्कता एवं एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार 01 जुलाई को देहरादून एवं बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा (ऑरेंज अलर्ट) की संभावना है। इसके अतिरिक्त टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत, ऊधमसिंह नगर एवं पिथौरागढ़ जनपदों में भारी वर्षा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में गर्जन, आकाशीय बिजली, तेज वर्षा तथा 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।

इसी प्रकार 02 जुलाई को देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी, नैनीताल एवं बागेश्वर जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा (ऑरेंज अलर्ट) जारी किया गया है। वहीं हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपदों में भारी वर्षा तथा पर्वतीय क्षेत्रों में गर्जन, आकाशीय बिजली एवं तेज हवाओं की संभावना व्यक्त की गई है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी की जाए, राहत एवं बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखा जाए तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में संबंधित विभाग तत्काल मार्ग खोलने की कार्रवाई करें। सभी विभागीय अधिकारी, आपदा प्रबंधन से जुड़े नोडल अधिकारी एवं आईआरएस प्रणाली के अधिकारी सक्रिय रहें तथा अपने मोबाइल एवं संचार माध्यम निरंतर चालू रखें।

इसके अतिरिक्त पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों पर मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक प्रतिबंध लगाने, विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, नगर क्षेत्रों में नालियों एवं कल्वर्टों की सफाई कराने, आवश्यक खाद्य सामग्री एवं चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध रखने तथा जिला सूचना अधिकारियों के माध्यम से मौसम संबंधी चेतावनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन अथवा आपदा नियंत्रण कक्ष से तत्काल संपर्क करें।

 

*उत्तराखंड फिल्म नीति के तहत FTII से पासआउट युवाओं को मिली छात्रवृत्ति* 




उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 के लाभ, उत्तराखंड के युवाओं को प्रत्यक्ष तौर पर मिलने शुरु हो गए हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद ने "फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान, पूणे ( FTII) से पासआउट तीन युवाओं की छात्रवृत्ति का भुगतान कर दिया है। 

उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 के तहत "फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान, पूणे, सत्यजीत-रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, कोलकाता या अन्य ख्यातिप्राप्त संस्थानों में प्रवेश लेने वाले उत्तराखंड राज्य के स्थाई निवासी छात्र-छात्राओं को मैरिट के आधार पर पाठ्यक्रम पूर्ण होने तथा प्रमाण पत्र प्राप्त करने के उपरांत छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने का प्राविधान है। इसके तहत पाठ्यक्रम पर हुए व्यय के अनुसार एसटी,एससी, ओबीसी को 75 प्रतिशत एवं सामान्य अभ्यर्थियों को 50 प्रतिशत की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि इसी नीति के क्रम में ग्राम पोस्ट उखीमठ, रुद्रप्रयाग निवासी प्रवीण सेमवाल को एक वर्षीय स्नातकोत्तर सर्टिफिकेट कोर्स के लिए कुल 65,682 रुपए की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया है। इसी तरह ग्राम, हरनी (मुंदोली) चमोली निवासी कविता को दो वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा कोर्स के लिए कुल 1,27,619 रुपए और तल्लीताल, नैनीताल निवासी देवेश भट्ट को तीन वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा के लिए कुल 1,38,990 रुपए की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया है। उक्त तीनों ने  भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान पुणे से पढ़ाई पूरी की है। 


*उत्तराखंड के युवा रचनात्मक प्रतिभा की धनी हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हों। उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। फिल्म जगत में शिक्षा प्राप्त करने वाले राज्य के युवाओं को छात्रवृत्ति प्रदान कर सरकार उनके सपनों को नई उड़ान देने का कार्य कर रही है।*

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड* 

--राज्य के सड़क नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक किया प्रतिभाग*


*उत्तराखण्ड की सड़क अवसंरचना को रूपये 7 हजार करोड़ की मिली सहमति*


*राज्य के सड़क विकास से सीमांत क्षेत्रों और पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में उत्तराखण्ड राज्य से संबंधित सड़क एवं अवसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक एवं रणनीतिक महत्ता, तीर्थाटन, पर्यटन तथा आपदा प्रबंधन की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए राज्य में सुदृढ़ एवं आधुनिक सड़क नेटवर्क के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य के लंबित प्रस्तावों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय का अनुरोध किया।


केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 हेतु राज्य सरकार को  लगभग रूपये 750 करोड़ लागत की परियोजनाओं की स्वीकृति पर  सहमति प्रदान की गई। इसके साथ ही NHO के अंतर्गत 05 प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग रूपये 2966 करोड़ है। इनमें श्रीनगर बाईपास का PMC, पुरकाजी–लक्सर–हरिद्वार मार्ग की चार-लेनिंग, लोहाघाट एवं पिथौरागढ़ बाईपास की alignment , मझोला से खटीमा के आबादी भाग में  चार-लेन विस्तार तथा रामनगर–रानीखेत (मोहन) मार्ग का सुदृढ़ीकरण प्रमुख रूप से शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 तक की रूपये 530.11 करोड़ की लंबित प्रतिपूर्ति राशि शीघ्र अवमुक्त किए जाने तथा का भी अनुरोध किया।


मुख्यमंत्री ने आगामी अर्धकुंभ मेला 2027 के दृष्टिगत हरिद्वार बाईपास परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे यातायात दबाव में कमी आएगी तथा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कोटद्वार बाईपास परियोजना के कार्यों में भी तेजी लाने का अनुरोध किया, जिससे क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था सुगम हो सके तथा स्थानीय जनता को जाम की समस्या से राहत मिले।दोनों ही प्रस्तावों को सहमति प्रदान की गई।


मुख्यमंत्री ने National Highways पर Spur के माध्यम से अन्य मार्गों के संयोजन हेतु कुछ परियोजनाओं के लिए लगभग रूपये 3000 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री द्वारा सकारात्मक सहमति व्यक्त की गई। इसके अतिरिक्त अल्मोड़ा सिकुड़ा बैंड से एनएच-309 तक टनल सहित मोटर मार्ग निर्माण हेतु लगभग रूपये 300 करोड़ की परियोजना पर चर्चा और सैद्धान्तिक सहमति की गई।


राज्य में आपदा प्रबन्धन में सफल और कुशल कार्यों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड लैंडस्लाइड मिटिगेशन मैनेजमेंट सेंटर (ULMMC) के माध्यम से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में उपचारात्मक कार्यों हेतु डीपीआर तैयार किए जाने हेतु MoU करने का अनुरोध किया जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी एवं वैज्ञानिक समाधान सुनिश्चित हो सके। मंत्रालय द्वारा इसे स्वीकृत किया गया है ।


मुख्यमंत्री ने सीमा सड़क संगठन (BRO) से संबंधित लंबित मामलों, विशेषकर ऋषिकेश–गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के हिना–तेखला–नेताला–गरमपानी खंड की डीपीआर तथा जोशीमठ बाईपास मार्ग के संशोधित प्रस्तावों ( COS) को शीघ्र स्वीकृति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्यंत कम दरों पर प्राप्त निविदाओं के मामलों में अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की वर्तमान व्यवस्था में आवश्यक संशोधन किया जाए, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं स्लोप ट्रीटमेंट कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्र सरकार के सहयोग से इन सभी परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन से उत्तराखण्ड में सड़क संपर्क एवं आधारभूत संरचना को नई मजबूती मिलेगी। इससे सीमांत क्षेत्रों का विकास, पर्यटन को बढ़ावा, आपदा प्रबंधन क्षमता में वृद्धि तथा राज्य की आर्थिक प्रगति को गति प्राप्त होगी।

बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सचिव सड़क परिवहन श्री बृजेश कुमार संत, स्थानिक आयुक्त श्री अजय मिश्रा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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