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*02 जुलाई को सहसपुर से होगा विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-GRAM G) का शुभारंभ*

*ग्राम्य विकास मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होगा प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम, स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीणों की रहेगी व्यापक सहभागिता*


*देहरादून, 




मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य रोजगार गारंटी प्रकोष्ठ, उत्तराखण्ड शासन एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-GRAM G) का शुभारंभ 01 जुलाई 2026 से किया जा रहा है। इसी क्रम में 02 जुलाई 2026 को प्रातः 11:00 बजे विकासखण्ड परिसर, सहसपुर में प्रदेश स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में  मंत्री, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखण्ड सरकार की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन तथा स्वयं सहायता समूहों को और अधिक सशक्त बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मा0 केंद्रीय ग्राम्य  विकास मंत्री द्वारा VB-GRAM G के पंजीकृत श्रमिकों से संवाद स्थापित किया जाएगा तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित गतिविधियों एवं आजीविका मॉडल का प्रदर्शन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों, ग्रामीणों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सहभागिता रहेगी।

मुख्य विकास अधिकारी  ने जनपद के विकासखण्ड अधिकारी कालसी, विकासनगर एवं सहसपुर को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने विकासखण्डों से अधिकाधिक संख्या में स्वयं सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने तथा कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए समुचित समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-GRAM G) ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, स्वयं सहायता समूहों को सशक्त आधार मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सतत एवं समावेशी विकास को नई गति प्राप्त होगी।


*ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अनधिकृत डंपिंग व मानकविहीन प्लांटों पर होगी कड़ी कार्रवाई-डीएम*


देहरादून :


जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को नगर निगम, नगर पालिकाओं, जिला पंचायत, छावनी परिषद तथा सभी उप जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त देहरादून के लक्ष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मा० उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिये एक प्रकोष्ठ का गठन किया जाए। नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, छावनी परिषद् द्वारा समस्त निर्वाचित प्रतिनिधियों, पार्षदों, वार्ड मेम्बरों को उपलब्ध करायी जाए। प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सदस्य नामित करें, जो मौका मुआयना कर डम्प साइट व अन्य कूड़ा प्रबन्धन कार्याे के चित्र व प्रमाण सहित आख्या प्रस्तुत करें। एसडब्ल्यूएम का परिहन स्थानीय निकाय से अनाधिकृत वाहनों से न हो, जिससे अनाधिकृत डम्प साईट न बनें।

जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित अनधिकृत कचरा डंपिंग स्थलों तथा बल्क वेस्ट जनरेटरों का चिन्हांकन कर विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को वैज्ञानिक एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करना सभी संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने बायो-रिमेडिएशन प्लांटों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी कार्यप्रणाली का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो प्लांट निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

उन्होंने ऋषिकेश, विकासनगर, देहरादून सहित जनपद की सभी सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग साइटों का निरीक्षण करने तथा नगर निगमों द्वारा किए जा रहे लीगेसी वेस्ट के निस्तारण कार्यों की दो दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निगमों एवं छावनी परिषद क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का फोटोग्राफ सहित विस्तृत प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके।


बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, नगर आयुक्त ऋषिकेश विजयनाथ शुक्ला, विभिन्न नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी उप जिलाधिकारी एवं छावनी परिषद के अधिकारी उपस्थित रहे।


         

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