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देहरादून:

*अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की ताबड़तोड़ सीलिंग, प्राधिकरण क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर सीलिंग, नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई*     

ceiling of MDDA


मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए विभिन्न स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई प्राधिकरण के नियमों के उल्लंघन को रोकने और नियोजित विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बिना स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य या प्लॉटिंग पूर्णतः अवैध है और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नफीस पुत्र मोहम्मद जमील द्वारा एलिक नेचर विला, आईकॉन रिसॉर्ट के निकट, ग्राम बागी इठाराना मार्ग, भोगपुर रानीपोखरी, देहरादून में बिना स्वीकृति प्लॉटिंग पर अवैध निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और निर्माण कार्य को नियमों के विरुद्ध पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से सीलिंग की कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता दीपक नौटियाल, स्वाती कोहली तथा संबंधित सुपरवाइजर मौके पर मौजूद रहे।


इसके अतिरिक्त, रायवाला ऋषिकेश क्षेत्र में वुड रिसॉर्ट के सामने प्रीत कुमार द्वारा अवैध रूप से निर्मित दुकानों पर भी प्राधिकरण ने कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि निर्माण कार्य बिना मानचित्र स्वीकृति के किया गया था, जो प्राधिकरण के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। साथ ही दिनेश मंगाई द्वारा गली न0 6 हरिपुर कला ऋषिकेश में किये गए अवैध निर्माण पर कार्यवाही की गई  इस कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल की उपस्थिति में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।


एमडीडीए द्वारा यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है, जिसके तहत प्राधिकरण क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में अवैध निर्माणों की पहचान कर उन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल अवैध निर्माणों को रोकना ही नहीं, बल्कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में सुव्यवस्थित और सुरक्षित विकास को बढ़ावा देना भी है। इसके लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी इस प्रकार की कार्रवाई और तेज की जाएगी तथा अवैध निर्माणों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, जिससे देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुव्यवस्थित और सुरक्षित विकास सुनिश्चित किया जा सके। 


*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति के प्लॉटिंग और निर्माण कार्य से न केवल नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र के नियोजित विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्राधिकरण द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी अवैध निर्माण की जानकारी मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी निर्माण कार्य से पूर्व मानचित्र की स्वीकृति अवश्य लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा या कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।


*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और संदिग्ध निर्माण कार्यों की जांच कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी निर्माण कार्य प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृति प्राप्त कर ही करें, ताकि किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।

 

shri parshuram chowk dehradun

अखिल भारतीय देवभूमि ब्राह्मण जन सेवा समिति द्वारा आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय देहरादून को एक आग्रह पत्र के माध्यम पुलिस विभाग देहरादून के नेहरू कालोनी थाने की नेहरू कालोनी क्षेत्र पुलिस चौकी का नाम चौकी फ़ुवार चौक का नाम संशोधित कर चौकी भगवान परशुराम चौक करने का आग्रह किया गया।




देहरादून नगर निगम के द्वारा नेहरू कालोनी क्षेत्र के एक चौक के पूर्व में प्रचलित नाम फवारा/फ़ुवारा चौक का नगर निगम देहरादून के अधिवेशन दिनांक 30-11-2023 में विधिवत रूप से चौक का नाम भगवान परशुराम चौक स्वीकार किया गया था। 

परन्तु संबंधित पुलिस चौकी का नाम अब तक चौकी फ़ुवारा चौक ही पुलिस विभाग में दर्ज है। जिसको शीघ्र संशोधित कर चौकी भगवान परशुराम चौक करना न्यायोचित है।        




 *12 राज्यों के जनजातीय प्रतिनिधियों की सहभागिता से महोत्सव बना राष्ट्रीय मंच* 

 *थारू लोक गायिका स्व. रिंकू देवी राणा और दर्शन लाल को ‘आदि गौरव सम्मान’* 

 *14272.185 लाख की पेंशन ‘वन क्लिक’ से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित* 

 *जनजातीय संस्कृति, परंपरा और विरासत को मिला भव्य मंच

janjatiy mahotsav CM Dhami


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज परेड ग्राउंड, देहरादून में राज्य जनजातीय शोध संस्थान, उत्तराखंड द्वारा आयोजित उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर देश के 12 राज्यों से आए जनजातीय वर्ग के प्रतिनिधियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और परंपराओं के माध्यम से महोत्सव को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने थारू लोक गायिका स्वर्गीय रिंकू देवी राणा एवं श्री दर्शन लाल को ‘आदि गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया। साथ ही, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 14,272.185 लाख रुपये की पेंशन ‘वन क्लिक’ के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन केवल एक महोत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की जीवंत विरासत, सादगीपूर्ण जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि यह मंच जनजातीय भाई-बहनों की पीढ़ियों से संजोई गई लोक परंपराओं और संस्कृति को व्यापक पहचान दिला रहा है तथा राज्य जनजातीय शोध संस्थान को इस भव्य आयोजन के लिए साधुवाद दिया।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति की समृद्ध विविधता और प्राचीन परंपराओं का सशक्त आधार है। यह समाज प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीते हुए सतत विकास और सहअस्तित्व का मार्ग दिखाता है तथा सीमांत क्षेत्रों में रहते हुए राष्ट्र की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता में महत्वपूर्ण योगदान देता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आवश्यकता है कि जनजातीय परंपराओं, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय उत्पादों को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए।

 मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान और विकास के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन की पहचान है। इसी सोच के तहत ‘एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय’, ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’, ‘वन धन योजना’ और ‘प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन’ जैसी योजनाएं लागू की गई हैं, जिनसे शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर सृजित हुए हैं।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। साथ ही, देशभर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी प्रेरणा ले सके।



उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि संथाल समाज की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं, जो जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी का प्रमाण है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजातीय कल्याण के बजट में तीन गुना वृद्धि की गई है और सीमांत क्षेत्रों के विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी गई है। माणा जैसे दूरस्थ क्षेत्र को ‘देश का प्रथम गांव’ कहकर नई पहचान दी गई है।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी इसी दिशा में कार्य करते हुए जनजातीय समाज के जीवन स्तर को सुधारने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रतिवर्ष जनजातीय महोत्सव और जनजातीय खेल महोत्सव के आयोजन का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित कर उनके समग्र विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, जबकि चकराता और बाजपुर में नए विद्यालय निर्माणाधीन हैं। छात्रवृत्ति, आश्रम पद्धति विद्यालयों और तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को सशक्त किया जा रहा है।


उन्होंने बताया कि जनजातीय युवाओं के लिए आईटीआई संस्थान, प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु निःशुल्क कोचिंग, तथा मासिक छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, चार जनपदों में जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति, बेटियों के विवाह हेतु आर्थिक सहायता, तथा शोध संस्थान के लिए कॉर्पस फंड की स्थापना की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बुक्सा और राजी जनजाति क्षेत्रों में बहुउद्देशीय केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही, पिथौरागढ़ में नए एकलव्य विद्यालय के लिए केंद्र से अनुरोध किया गया है।


उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत 9 लाख से अधिक लाभार्थियों को मार्च माह की पेंशन के रूप में 142 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है, जो सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय युवाओं को यूपीएससी, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु देहरादून में ‘आदि लक्ष्य संस्थान’ स्थापित किया जा रहा है, जिसमें बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण भी किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने जनजातीय समाज को केवल वोटबैंक के रूप में देखा, जबकि वर्तमान सरकार उनके सम्मान और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन प्रेरणादायी है और उनकी शिक्षाओं से प्रेरित होकर राज्य सरकार सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए कार्य कर रही है। सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है तथा समान नागरिक संहिता लागू करते हुए अनुसूचित जनजातियों को इससे बाहर रखा गया है, ताकि उनकी परंपराएं सुरक्षित रह सकें


मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी तथा जनसहभागिता से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प अवश्य पूर्ण होगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, विधायक श्रीमती सविता कपूर, अपर सचिव श्री संजय सिंह टोलिया, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधिमंडल तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


देहरादून;





एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने तथा शतप्रतिशत् होमडिलिविरी सुनिश्चित करवाने के जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की गई है। क्यूआरटी टीम आज क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी।  


जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित  1077, 0135-2626066, 2726066  और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 31  शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 17415 अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 451 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।  एलपीजी का घरेलू 33040 तथा व्यवसायिक का 1405 स्टॉक उपलब्ध है।  घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।    

*देहरादून में घरेलू एलपीजी गैस का संकट खत्म, घर-घर हो रही गैस की होम डिलीवरी*


 *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की  मॉनिटरिंग और जिला प्रशासन का एक्शन की बदौलत गैस की उपलब्धता नियंत्रण*


देहरादून में घरेलू एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति व्यवस्था सामान्य स्थिति में आ गई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों को समय पर सप्लाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।

गोदाम से सीधे उपभोक्ताओं को गैस देने पर रोक लगाते हुए होम डिलीवरी व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है। इसकी निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने क्विक रिस्पांस टीम भी तैनात की है, जो क्षेत्रवार एजेंसियों का निरीक्षण कर रही है।


प्रशासन की इस सख्ती के बाद गैस एजेंसियों ने सप्लाई चेन को मजबूत करते हुए उपभोक्ताओं के घर तक घरेलू सिलेंडर की नियमित होम डिलीवरी शुरू कर दी है। अब शहर में गैस की उपलब्धता सामान्य हो चुकी है।

स्थानीय उपभोक्ता भी गैस की आसान उपलब्धता और त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिला प्रशासन की सराहना कर रहे हैं।

घरेलू गैस उपभोक्ता कुलदीप रावत ने बताया कि  नियमित तौर पर गैस एजेंटीयों द्वारा घर-घर गैस की होम डिलीवरी हो रही है। उन्होंने बताया की सप्लाई धीरे-धीरे हर जगह पहुंच रही है जिससे कि हमें भी गैस को लेने में आसानी हो रही है। साथी उन्होंने आम जनमानस से अपील की की लोग  आप कहां पर ध्यान ना दे गैस को लेकर पानी की स्थिति ना बनाएं।


जिला पूर्ति अधिकारी देहरादून के के अग्रवाल ने बताया कि जिला प्रशासन चार चरण में गैस की उपलब्धता के लिए तेज गति से कार्य कर रहा है। उपभोक्ताओं द्वारा गैस की बुकिंग को आसान किया जा रहा है। साथ ही जिले की 70 एजेंसियों पर  जिलाधिकारी द्वारा 30 लोगों की टीम द्वारा समय-समय कैसे गोदाम का निरीक्षण कर रही है।  उन्होंने बताया कि जिला हमारे द्वारातीनों तेल कंपनियों के अधिकारियों से निरंतर रूप से समन्वय बरकरार है इसकी बदौलत गैस की उपयोगिता निश्चित की जारी है। साथ ही घरेलू गैस के दुरुपयोग पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है।


आज का राशिफल

दिनाँक 25 मार्च,2026

दिन बुधवार

rashifal today 25 march 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

पुराना रोग उभर सकता है। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोधी सक्रिय रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। मित्रों की सहायता कर पाएंगे। आय में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट से लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। घर-परिवार में सुख-शांति रहेगी। जल्दबाजी न करें।

वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

व्यवसाय में ध्यान देना पड़ेगा। व्यर्थ समय न गंवाएं। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। जल्दबाजी से हानि संभव है। थकान रहेगी। कुसंगति से बचें। निवेश शुभ रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि हो सकती है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। फालतू खर्च होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी। शत्रुभय रहेगा।

कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति निर्मित होगी। प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। व्यापार में लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। शत्रु पस्त होंगे। विवाद में न पड़ें। अपेक्षाकृत कार्य समय पर होंगे। प्रसन्नता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यस्तता रहेगी। प्रमाद न करें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। स्थायी संपत्ति से बड़ा लाभ हो सकता है। समय पर कर्ज चुका पाएंगे। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न तथा संतुष्ट रहेंगे। निवेश शुभ फल देगा। घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी, ध्यान रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। समय की अनुकूलता का लाभ मिलेगा। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। अपने काम पर ध्यान दें। लाभ होगा।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

दूर से बुरी खबर मिल सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। बेवजह तनाव रहेगा। किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। फालतू बातों पर ध्यान न दें। मेहनत अधिक व लाभ कम होगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। शत्रुओं की पराजय होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चिंता बनी रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। निवेश लाभदायक रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यस्तता रहेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। बड़ा काम करने का मन बनेगा। झंझटों से दूर रहें। कानूनी अड़चन का सामना करना पड़ सकता है। फालतू खर्च होगा। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। जोखिम बिलकुल न लें।



मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति संभव है। यात्रा लाभदायक रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। कारोबारी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। आशंका-कुशंका रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। लापरवाही न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

फालतू खर्च पर नियंत्रण रखें। बजट बिगड़ेगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। शारीरिक कष्ट से बाधा उत्पन्न होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। अपरिचित व्यक्तियों पर अंधविश्वास न करें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय होगी। संतुष्टि नहीं होगी।



मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

यात्रा लाभदायक रहेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है, प्रयास करें। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। शेयर मार्केट से बड़ा लाभ हो सकता है। संचित कोष में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। कारोबारी सौदे बड़े हो सकते हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य प्रभावित होगा, सावधानी रखें।

    

 

MAA KALRATRI 2025 sep 29

 

कालरात्रि माँ  काल बनकर आती है, दुष्ट और राक्षसी प्रवृत्तियों वालों के लिए।

 अपने भक्तों की सदैव रक्षा करने वाली माँ का रूप अत्यंत मनमोहक है जबकि हम उनको पूर्ण श्रृंगार में ध्यान करें ।

नवरात्रि के सातवें दिन देवी दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा- आराधना की जाती है। माता के इस स्वरूप की पूजा करने से सभी तरह के पापो से मुक्ति मिलने के साथ व्यक्ति के शत्रुओं का नाश भी हो जाता है। नवरात्रि के सातवें दिन मां का स्मरण करने मात्र से ही नकारात्मक शक्तियों का नाश हो जाता है।


 नवरात्रि के सप्तमी तिथि के अवसर आइए जानते हैं माता के स्वरूप की कैसे पूजा करने से किस प्रकार के फल की प्राप्ति होती है। माता के इस स्वरूप में घने अंधकार के समान काला रंग होने के कारण इन्हें कालरात्रि कहा गया। मां कालरात्रि काल और दुखों का अंत करने वाली हैं। मां कालरात्रि के तीन नेत्र है ।

माँ के चिरपरिचित दिखाये जने वाले रूप में पूजन ना कर उनको, सम्पूर्ण रूप में ध्यायें। आपको मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।

आखिरकार गंगोत्री धाम में प्रवेश हेतु पंचगव्य को अनिवार्य कर दिया गया है जिससे सनातनियों में खुशी की लहर है

पंचगव्य पान कर देवालयों धामों के दर्शन अनिवार्य*

सत्यवाणी/संवाददाता

gangotri dhaam yatra 2026 , panchgavya, bhagwa force


टिहरी-चारधाम यात्रा को लेकर जहाँ शासन प्रशासन चुस्त दुरुस्त है, वहीँ गंगोत्री मँदिर समिति के सचिव चारधाम महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल नें गंगोत्री धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगानें की बात कही है, उन्होनें मंदिर् समिति से इस नियम को जारी करनें पर विशेष जोर दिया, हालांकि मंदिर् समिति के सचिव सुरेश सेमवाल नें पंचगव्य लेकर गंगा दर्शन और मन्दिर में प्रवेश करनें की सशर्त छूट देंनें की ढील भी दी है। 


गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव और चारधाम महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल नें बताया कि गैर सनातनियों को अगर गंगोत्री मंदिर में दर्शन करना है तो उन्हें पंचगव्य का पान करना होगा, पंचगव्य में गोमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी शामिल होते हैं, इसे लेने के बाद ही गैर सनातनी श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे, इस फैसले से मंदिर में दर्शन के नियमों में जहां एक ओर नया बदलाव आया है, तो वहीं दूसरी और यह मामला विवादों और चर्चाओं का विषय भी बन गया है। 


उत्तराखंड के चारधामों में ही नहीं बल्कि उत्तराखंड में देवभूमि के सभी देवालयों मंदिरों में प्रवेश होंनें से पहले पंचगव्य सेवन की मांग काफी समय से चली आ रही थी, भगवा फोर्स के बैनर् पर पाँच साल पूर्व इक्कट्ठा हुए विभिन्न संगठनों के प्रमुखों नें यात्रा के प्रथम द्वार ऋषिकेश से ही यह मांग उठाई थी, धीरे-धीरे इस महत्वपूर्ण विषय पर बुद्धिजीवियों विचार किया उसी का नतीजा है कि देवालयों से धामों तक पंचगव्य श्रद्धालुओं के लिए जरूरी हो गया। 


पंचगव्य को लेकर वर्षों से उठाई जा रही मांग पर त्रयम्बक सेमवाल, यशपाल विद्रोही, अनिल चन्द, सोनपाल‌ राणा, ओम प्रकाश केदारखंडी, सतेंद्र चौहान, अंकित खंखरियाल, अर्जुन गर्वाण जैसे अनेक धर्म रक्षकों और विभिन्न संगठनों नें अपनी सुलगाई चिंगारी पर खुशी व्यक्त की, निश्चित रूप से इस तरह के फैसले से देवालयों से धामों तक की शुद्धता बनी रहेगी, और देवताओं की शक्ति बनी रहेगी।

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