आखिरकार गंगोत्री धाम में प्रवेश हेतु पंचगव्य को अनिवार्य कर दिया गया है जिससे सनातनियों में खुशी की लहर है
पंचगव्य पान कर देवालयों धामों के दर्शन अनिवार्य*
सत्यवाणी/संवाददाता
टिहरी-चारधाम यात्रा को लेकर जहाँ शासन प्रशासन चुस्त दुरुस्त है, वहीँ गंगोत्री मँदिर समिति के सचिव चारधाम महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल नें गंगोत्री धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगानें की बात कही है, उन्होनें मंदिर् समिति से इस नियम को जारी करनें पर विशेष जोर दिया, हालांकि मंदिर् समिति के सचिव सुरेश सेमवाल नें पंचगव्य लेकर गंगा दर्शन और मन्दिर में प्रवेश करनें की सशर्त छूट देंनें की ढील भी दी है।
गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव और चारधाम महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल नें बताया कि गैर सनातनियों को अगर गंगोत्री मंदिर में दर्शन करना है तो उन्हें पंचगव्य का पान करना होगा, पंचगव्य में गोमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी शामिल होते हैं, इसे लेने के बाद ही गैर सनातनी श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे, इस फैसले से मंदिर में दर्शन के नियमों में जहां एक ओर नया बदलाव आया है, तो वहीं दूसरी और यह मामला विवादों और चर्चाओं का विषय भी बन गया है।
उत्तराखंड के चारधामों में ही नहीं बल्कि उत्तराखंड में देवभूमि के सभी देवालयों मंदिरों में प्रवेश होंनें से पहले पंचगव्य सेवन की मांग काफी समय से चली आ रही थी, भगवा फोर्स के बैनर् पर पाँच साल पूर्व इक्कट्ठा हुए विभिन्न संगठनों के प्रमुखों नें यात्रा के प्रथम द्वार ऋषिकेश से ही यह मांग उठाई थी, धीरे-धीरे इस महत्वपूर्ण विषय पर बुद्धिजीवियों विचार किया उसी का नतीजा है कि देवालयों से धामों तक पंचगव्य श्रद्धालुओं के लिए जरूरी हो गया।
पंचगव्य को लेकर वर्षों से उठाई जा रही मांग पर त्रयम्बक सेमवाल, यशपाल विद्रोही, अनिल चन्द, सोनपाल राणा, ओम प्रकाश केदारखंडी, सतेंद्र चौहान, अंकित खंखरियाल, अर्जुन गर्वाण जैसे अनेक धर्म रक्षकों और विभिन्न संगठनों नें अपनी सुलगाई चिंगारी पर खुशी व्यक्त की, निश्चित रूप से इस तरह के फैसले से देवालयों से धामों तक की शुद्धता बनी रहेगी, और देवताओं की शक्ति बनी रहेगी।
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