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 नई दिल्ली, 23 फरवरी 2026


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से शिष्टाचार भेंट कर वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ की तैयारियों तथा नमामि गंगे से संबंधित परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

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मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ 2027 के सफल, सुव्यवस्थित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सतत आयोजन को सुनिश्चित करने हेतु राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) के अंतर्गत ₹408.82 करोड़ की परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जनवरी से अप्रैल 2027 तक आयोजित होने वाले इस महाआयोजन में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है, जिसके दृष्टिगत गंगा की निर्मलता, स्वच्छता एवं अविरलता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।


मुख्यमंत्री ने बाढ़ सुरक्षा कार्यों हेतु ₹253 करोड़ के प्रस्तावों की स्वीकृति, जल जीवन मिशन के अंतर्गत अतिरिक्त राशि जारी करने करने के साथ ही इकबालपुर नहर प्रणाली, कनखल एवं जगजीतपुर नहर की क्षमता विस्तार का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे असिंचित भूमि की सिंचाई के लिए 665 क्यूसेक पानी उपलब्ध हो सकेगा। जिससे हरिद्वार जिले के भगवानपुर और लक्सर क्षेत्र को लाभ मिलेगा। परियोजना से लगभग 13 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का अनुमान है।

साथ ही क्षेत्र में पेयजल समस्या के समाधान भी होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से हरिद्वार कुंभ 2027 को दिव्य, भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा तथा गंगा संरक्षण के लक्ष्य को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में प्रस्तावित कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के लिए भारत सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये की धनराशि जारी किए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और सामाजिक समरसता का विश्वविख्यात महापर्व है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत यह धनराशि कुंभ मेला 2027 को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में प्रधानमंत्री से कुंभ में सहायता हेतु अनुरोध किया था। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार निरंतर उत्तराखंड के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। चारधाम परियोजना, ऑल वेदर रोड, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार सहित विभिन्न विकास कार्यों में केंद्र का सहयोग राज्य के लिए संबल सिद्ध हुआ है। कुंभ मेला 2027 के सफल आयोजन के लिए यह सहयोग राज्य सरकार के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगा।


श्री धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से कुंभ मेला 2027 ऐतिहासिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन के रूप में स्थापित होगा तथा देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्ता पूर्ण कार्य सुनिश्चित करते हुए दिव्य और भव्य कुंभ मेला 2027 आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी कार्यालयों और कार्यस्थलों पर अधिकारी- कर्मचारी और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए मुख्य सचिव को एसओपी बनाने के निर्देश दिए हैं। 


सोमवार को उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर, 21 फरवरी को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई घटना के साथ ही हाल के समय में अन्य स्थानों पर सरकारी अधिकारी- कर्मचारियों के साथ हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए, ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कर्मचारी नेताओं की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सरकार कार्मिकों के मान - सम्मान और सुरक्षा को लेकर हमेशा गंभीर रही है। 


मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को फोन कर, अधिकारी,  कर्मचारियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने डीजीपी को भी निर्देश दिए हैं कि सरकारी कार्यालयों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, साथ ही इस तरह की घटनाओं पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाए, उन्होंने एसएसपी देहरादून को भी शिक्षा निदेशालय में हुई घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। 


इस मौके पर राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह पंवार, उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के अध्यक्ष श्री राम सिंह चौहान, महामंत्री श्री मुकेश बहुगुणा एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

 डोईवाला:


ग्राम पंचायत सिमलास ग्रांट के झडोन्द  गांव  में एक अज्ञात बिना नम्बर की गाड़ो पाई गयी है, जिसके शीशे टूटे हुए है, टायर निकाल लिया गए है। यही नही आस पास लाठियां भी पड़ी है।गाड़ी के साथ तोड़ फोड़ की गई है।

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यह जानकारी समाजसेवी उमेद वोहरा ने दी है, कि एकांत स्थान में अज्ञात गाड़ी का पाया जाना, संदेह उत्पन्न करता है और किसी अनहोनी की आशंका से नही इनकार नही किया जा सकता। यह गाड़ी यहां कौन लाया और क्या घटना हुई है,यह जानकारी होना भी आवश्यक है।


 


एंटी-रैगिंग जागरूकता अभियान व 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत यातायात जागरूकता एवं विधिक साक्षरता कार्यक्रम


हरिद्वार  : 




पतंजलि भारतीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, हरिद्वार के आयुर्वेद भवन (फेज–I) में  एंटी-रैगिंग जागरूकता अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक चेतना, अनुशासन तथा उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था। इसी क्रम में 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह (16 जनवरी से 14 फरवरी 2026) के अंतर्गत यातायात जागरूकता एवं विधिक साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय जागरूकता समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार, यातायात पुलिस, हरिद्वार एम परिवहन विभाग हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरन जीत कौर ने निःशुल्क विधिक सहायता, नागरिक अधिकारों तथा विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध सेवाओं की जानकारी प्रदान की तथा आवश्यकता पड़ने पर विधिक सहायता प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों एवं नागरिकों को प्रेरित किया।

टी.एस.आई. मोहित सिंह राठौड़ एवं परिवहन कर अधिकारी रविन्द्र पाल सैनी ने यातायात नियमों के व्यवहारिक पक्षों, दण्ड प्रावधानों तथा सुरक्षित वाहन-चालन के आवश्यक उपायों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की अनिवार्यता, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग का महत्व, नशे की अवस्था में वाहन न चलाने के दुष्परिणाम एवं दण्डनीयता, ओवरस्पीडिंग/लापरवाह ड्राइविंग से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों के उल्लंघन पर लागू विधिक प्रावधान आदि सड़क सुरक्षा एवं विधिक जागरूकता से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।


कार्यक्रम में हाईकोर्ट के अधिवक्ता ललित मिगलानी ने एंटी-रैगिंग के संदर्भ में विद्यार्थियों को अवगत कराया कि  की अपराध एम मौजमस्ती में एक छोटा सा फर्क होता हैं जब कोई मौजमस्ती किसी के अधिकारों का हनन करती है तो वो अपराध बन जाती है। मिगलानी ने बच्चों को बताया कि किसी भी प्रकार का उत्पीड़न, मानसिक/शारीरिक दबाव अथवा अनुचित व्यवहार विधि-विरुद्ध एवं दण्डनीय है। उन्होंने रैगिंग-मुक्त, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने हेतु विद्यार्थियों को सजग एवं जिम्मेदार रहने का संदेश दिया। साथ ही, यातायात पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु सामूहिक सहभागिता और नागरिक उत्तरदायित्व पर विशेष बल दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा रैगिंग-मुक्त परिसर बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।

संस्थान की ओर से कार्यक्रम में डॉ. अनिल कुमार (प्राचार्य) एवं डॉ. गिरीश के. जे. (उप-प्राचार्य) के साथ-साथ डॉ. एस. सी. जोशी (चेयरमैन, एंटी-रैगिंग सेल), डॉ. नरेन्द्र कुमार तथा डॉ. मनोज कुमार भाटी (संयोजक) सहित शिक्षकगण, चिकित्सकगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।




जनपद पिथौरागढ़ में दुःखद घटना, गहरी खाई में गिरे वाहन से दो व्यक्तियों के शव SDRF उत्तराखंड ने किए बरामद*


दिनांक 22 फरवरी 2026 को सांय डीसीआर पिथौरागढ़ से सूचना प्राप्त हुई कि घाट के पास एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिर गया है। 


उक्त सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट पिथौरागढ़ से SDRF टीम, एएसआई महिपाल सिंह के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


घटनास्थल पर पहुंचने पर ज्ञात हुआ कि वाहन संख्या UK06AZ8788 (महिंद्रा एसयूवी 300) लगभग 250 मीटर गहरी खाई में गिरा हुआ है, जिसमें 02 व्यक्ति सवार थे। SDRF टीम द्वारा जिला पुलिस व राजस्व पुलिस के साथ मिलकर त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाते हुए एक महिला व एक पुरुष के शव को खाई से बाहर निकालकर आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला पुलिस के सुपर्द किया गया।

[23/02, 06:45] Vineet Sdrf: *जनपद अल्मोड़ा, ट्रक में फंसे व्यक्ति का SDRF उत्तराखंड द्वारा शव बरामद*


दिनांक 23 फरवरी 2026 को समय 01:31 बजे आपदा नियंत्रण कक्ष, अल्मोड़ा से सूचना प्राप्त हुई कि बिनसर से लगभग 03 किमी आगे ताकुला रोड पर एक ट्रक में एक व्यक्ति फंसा हुआ है।


सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट सरियापानी से SDRF टीम मुख्य आरक्षी नवीन सिंह कुंवर के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर एक व्यक्ति जो ट्रक और बैरीकेड के बीच फंसा हुआ था एवं जिसकी मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी। SDRF टीम द्वारा आवश्यक उपकरणों की सहायता से ट्रक में फंसे व्यक्ति का शव सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया।


*जनपद अल्मोड़ा, ट्रक में फंसे व्यक्ति का SDRF उत्तराखंड द्वारा शव बरामद*


दिनांक 23 फरवरी 2026 को समय 01:31 बजे आपदा नियंत्रण कक्ष, अल्मोड़ा से सूचना प्राप्त हुई कि बिनसर से लगभग 03 किमी आगे ताकुला रोड पर एक ट्रक में एक व्यक्ति फंसा हुआ है।


सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट सरियापानी से SDRF टीम मुख्य आरक्षी नवीन सिंह कुंवर के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर एक व्यक्ति जो ट्रक और बैरीकेड के बीच फंसा हुआ था एवं जिसकी मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी। SDRF टीम द्वारा आवश्यक उपकरणों की सहायता से ट्रक में फंसे व्यक्ति का शव सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया।


मृतक की पहचान भूपेन्द्र सिंह पुत्र चन्द्र मान, उम्र 42 वर्ष, निवासी जिला भिवानी (हरियाणा) के रूप में की गई। शव को आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला पुलिस को सुपुर्द किया गया।


मृतक की पहचान भूपेन्द्र सिंह पुत्र चन्द्र मान, उम्र 42 वर्ष, निवासी जिला भिवानी (हरियाणा) के रूप में की गई। शव को आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला पुलिस को सुपुर्द किया गया।


*टिहरी, तोताघाटी के भूस्खलन की चपेट में आया ट्रक, SDRF टीम द्वारा किया गया ट्रक चालक का शव बरामद*


दिनांक 23 फरवरी 2026 को प्रातः 03:05 बजे सूचना प्राप्त हुई कि तोता घाटी के पास भूस्खलन के कारण एक ट्रक के ऊपर अत्यधिक मात्रा में मलबा एवं पत्थर गिर गए हैं। सूचना में ट्रक के केबिन में एक व्यक्ति के फंसे होने की संभावना जताई गई थी, साथ ही मार्ग भी पूर्णतः अवरुद्ध हो गया था।


सूचना प्राप्त होते ही SDRF उत्तराखंड की टीम उप निरीक्षक सावर सिंह नेगी के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई। SDRF टीम द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे ट्रक से एक शव को बाहर निकाला गया।


मृतक की पहचान मुरारी लाल पुत्र श्री दुर्गा लाल, निवासी घुट्टियानी, जनपद चमोली गढ़वाल, उम्र लगभग 55 वर्ष के रूप में हुई है। SDRF टीम द्वारा बरामद शव को आवश्यक  कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।


*टिहरी, तोताघाटी के भूस्खलन की चपेट में आया ट्रक, SDRF टीम द्वारा किया गया ट्रक चालक का शव बरामद*


दिनांक 23 फरवरी 2026 को प्रातः 03:05 बजे सूचना प्राप्त हुई कि तोता घाटी के पास भूस्खलन के कारण एक ट्रक के ऊपर अत्यधिक मात्रा में मलबा एवं पत्थर गिर गए हैं। सूचना में ट्रक के केबिन में एक व्यक्ति के फंसे होने की संभावना जताई गई थी, साथ ही मार्ग भी पूर्णतः अवरुद्ध हो गया था।


सूचना प्राप्त होते ही SDRF उत्तराखंड की टीम उप निरीक्षक सावर सिंह नेगी के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई। SDRF टीम द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे ट्रक से एक शव को बाहर निकाला गया।


मृतक की पहचान मुरारी लाल पुत्र श्री दुर्गा लाल, निवासी घुट्टियानी, जनपद चमोली गढ़वाल, उम्र लगभग 55 वर्ष के रूप में हुई है। SDRF टीम द्वारा बरामद शव को आवश्यक  कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।

 

virat hindu samnelan balawala dehradun CM Dhami




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को बालावाला देहरादून में विराट हिन्दू सम्मेलन में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि यह मात्र एक सम्मेलन नहीं, बल्कि हिंदू समाज की चेतना, एकता और आत्मगौरव का महापर्व भी है। हिंदू समाज आज न केवल जागृत और समर्पित है बल्कि अपने धर्म, संस्कृति एवं राष्ट्र के प्राचीन वैभव को पुनः लौटाने के लिए पूर्ण निष्ठा के साथ संगठित भी हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष में पूरे देश में इस प्रकार के विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनके लिए गर्व का विषय है कि वे विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन से जुड़े हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 100 वर्षों में देश के सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित कर राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन के हृदय में सशक्त रूप से स्थापित करने का कार्य भी किया है। शिक्षा, कृषि, ग्राम विकास, समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण, आदिवासी उत्थान, सेवा कार्य, कला और विज्ञान ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहाँ संघ के स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ भाव से योगदान न दिया हो।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है। यहां भाषा, संस्कृति, जाति और क्षेत्र के आधार पर अनेकों भिन्नताएँ हैं। लेकिन इन सबके बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हमेशा भेदभाव से ऊपर उठकर भारत की एकात्मता को मजबूत किया है और जन-जन में एक भारत - श्रेष्ठ भारत की भावना जगाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में भाषाएं अलग हो सकती है, परंपराएँ भिन्न हो सकती हैं, पूजा- पद्धतियां और जीवन शैली अलग हो सकती है, परंतु मूल सत्य और मानवीय मूल्य एक ही रहते हैं। इसी भावना का व्यापक स्वरूप ही हिंदुत्व है । जो भारत को अपनी मातृभूमि और पितृभूमि मानता है, इसकी संस्कृति, परंपरा, जीवनशैली और मूल्यों का आदर करता है, उसकी पूजा-पद्धति चाहे कोई भी हो, पर उसकी आत्मा हिंदू है। हिंदुत्व हमें सिखाता है कि हम सब एक हैं, हमारी विविधताएँ ही हमारी शक्ति हैं, और हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि के मूल स्वरूप को बनाये रखने लिए निरंतर कार्य कर रही है। सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून के साथ ही ऑपरेशन कालनेमी के माध्यम से सनातन धर्म को बदनाम करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। देश में सबसे पहले यूसीसी लागू कर सभी को समान अधिकार देना हो, मदरसा बोर्ड को खत्म कर सभी संप्रदायों के बच्चों के लिए राज्य में समान शिक्षा व्यवस्था की नींव डालनी हो या फिर राज्य में “हिन्दू स्टडी सेंटर बनाकर सनातन हिंदू संस्कृति के विभिन्न विषयों में शोध करने वाले युवाओं की सहायता करनी हो, हर क्षेत्र में कार्य किये जा रहे हैं। 


इस अवसर पर विधायक श्री बृज भूषण गैरोला, पार्षद श्री प्रशांत खरोला, ब्रहम्चारी केशर स्वरूप, श्री ललित बुड़ाकोटी, श्री सुभाष बड़थ्वाल, श्री गोपाल सिंह एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।



- “भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में दिव्यांगजन होंगे निर्णायक शक्ति” — राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह


- चालू वर्ष के बजट में दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरणों की खरीद और फिटिंग के लिए 375 करोड़ का प्रावधान है- राज्य मंत्री श्री बी एल वर्मा

- भारत सरकार ने दिव्यांग उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए 20 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए

- देहरादून में लगे दिव्य कला मेला में 16 राज्यों से 100 से अधिक दिव्यांग कारीगर, कलाकार और उद्यमी कर रहे प्रतिभाग 

- देशभर के दिव्यांग कारीगर हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई, होम डेकोर, वस्त्र, ऑर्गेनिक खाद्य उत्पाद, आभूषण, खिलौने जैसे उत्पाद लेकर पहुंचे दिव्य कला मेला



रविवार को देहरादून के रेंजर्स मैदान में 30वें ‘दिव्य कला मेला’ का भव्य उद्घाटन हुआ। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से नि) श्री गुरमीत सिंह ने कहा- “दिव्य कला मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेरणा और उत्साह का एक सशक्त मंच है, जो भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में दिव्यांगजनों की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करता है।” उन्होंने कहा कि यहां प्रदर्शित रचनात्मकता केवल कला नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की जीवंत अभिव्यक्ति है।


उत्तराखंड के राज्यपाल ने अपने संबोधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी नवाचारों को दिव्यांगजनों के लिए नए अवसरों का सेतु बताते हुए कहा कि तकनीक किसी में भेदभाव नहीं करती। उन्होंने आह्वान किया कि मेले में निर्मित उत्पादों को वैश्विक बाज़ार तक पहुंचाया जाए, ताकि दिव्य प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सके। उनके अनुसार, संकल्प और सामर्थ्य के बल पर दिव्यांगजन किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं।


कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त आधार तैयार किया है। उन्होंने जानकारी दी कि चालू वर्ष के बजट में Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India के माध्यम से सहायक उपकरणों की खरीद और फिटिंग के लिए ₹375 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।


कार्यक्रम में सांसद, टिहरी, माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कहा कि दिव्य कला मेला जैसे आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के प्रेरक माध्यम हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे राष्ट्रीय आयोजन उत्तराखंड जैसे राज्यों को नई पहचान और ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने विशेष रूप से पैरालंपिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती।


कार्यक्रम में विधायक खजान दास ने आयोजन को दिव्यांगजनों के सम्मान और अवसर का सशक्त उदाहरण बताते हुए कहा कि इस प्रकार के मंच समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और आत्मविश्वास को नई ऊंचाई प्रदान करते हैं।


दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निदेशक श्री प्रदीप ए. ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि यह मेला दिव्यांग उद्यमियों को बाजार, वित्त और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का समग्र प्रयास है। उन्होंने बताया कि मेले में सहायक उपकरणों हेतु पंजीकरण, विभिन्न संस्थाओं की जानकारी और रोजगार मेलों के माध्यम से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।


देहरादून में आयोजित यह 30वां ‘दिव्य कला मेला’ देशभर में आयोजित मेलों की श्रृंखला का महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब तक 29 स्थानों पर आयोजित मेलों में लगभग 2362 प्रतिभागियों ने भाग लिया है और 23 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्ज किया गया है। सरकार ने दिव्यांग उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए ₹20 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए हैं, जो आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रोजगार मेलों में अब तक लगभग 3131 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 1007 को शॉर्टलिस्ट किया गया और 313 से अधिक को रोजगार प्रस्ताव प्राप्त हुए।


इस नौ दिवसीय दिव्य कला मेले में लगभग 90 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 100 से अधिक दिव्यांग कारीगर, कलाकार और उद्यमी भाग ले रहे हैं। हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई, होम डेकोर, वस्त्र, ऑर्गेनिक खाद्य उत्पाद, आभूषण, खिलौने और उपहार सामग्री सहित विविध उत्पाद यहां उपलब्ध हैं। 26 फरवरी 2026 को विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा, जबकि 1 मार्च 2026 को ‘दिव्य कला शक्ति’ नामक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें दिव्यांग कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।


21 फरवरी से 1 मार्च तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक आयोजित इस मेले में प्रवेश निःशुल्क है। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, खेल गतिविधियां और सहायक उपकरणों के लिए पंजीकरण सुविधाएं इसे एक समावेशी, प्रेरक और सशक्त मंच बनाती हैं—जहां कला के माध्यम से आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई कहानी लिखी जा रही है।

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