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जनपद पिथौरागढ़ में दुःखद घटना, गहरी खाई में गिरे वाहन से दो व्यक्तियों के शव SDRF उत्तराखंड ने किए बरामद*


दिनांक 22 फरवरी 2026 को सांय डीसीआर पिथौरागढ़ से सूचना प्राप्त हुई कि घाट के पास एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिर गया है। 


उक्त सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट पिथौरागढ़ से SDRF टीम, एएसआई महिपाल सिंह के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


घटनास्थल पर पहुंचने पर ज्ञात हुआ कि वाहन संख्या UK06AZ8788 (महिंद्रा एसयूवी 300) लगभग 250 मीटर गहरी खाई में गिरा हुआ है, जिसमें 02 व्यक्ति सवार थे। SDRF टीम द्वारा जिला पुलिस व राजस्व पुलिस के साथ मिलकर त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाते हुए एक महिला व एक पुरुष के शव को खाई से बाहर निकालकर आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला पुलिस के सुपर्द किया गया।

[23/02, 06:45] Vineet Sdrf: *जनपद अल्मोड़ा, ट्रक में फंसे व्यक्ति का SDRF उत्तराखंड द्वारा शव बरामद*


दिनांक 23 फरवरी 2026 को समय 01:31 बजे आपदा नियंत्रण कक्ष, अल्मोड़ा से सूचना प्राप्त हुई कि बिनसर से लगभग 03 किमी आगे ताकुला रोड पर एक ट्रक में एक व्यक्ति फंसा हुआ है।


सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट सरियापानी से SDRF टीम मुख्य आरक्षी नवीन सिंह कुंवर के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर एक व्यक्ति जो ट्रक और बैरीकेड के बीच फंसा हुआ था एवं जिसकी मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी। SDRF टीम द्वारा आवश्यक उपकरणों की सहायता से ट्रक में फंसे व्यक्ति का शव सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया।


*जनपद अल्मोड़ा, ट्रक में फंसे व्यक्ति का SDRF उत्तराखंड द्वारा शव बरामद*


दिनांक 23 फरवरी 2026 को समय 01:31 बजे आपदा नियंत्रण कक्ष, अल्मोड़ा से सूचना प्राप्त हुई कि बिनसर से लगभग 03 किमी आगे ताकुला रोड पर एक ट्रक में एक व्यक्ति फंसा हुआ है।


सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट सरियापानी से SDRF टीम मुख्य आरक्षी नवीन सिंह कुंवर के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर एक व्यक्ति जो ट्रक और बैरीकेड के बीच फंसा हुआ था एवं जिसकी मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी। SDRF टीम द्वारा आवश्यक उपकरणों की सहायता से ट्रक में फंसे व्यक्ति का शव सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया।


मृतक की पहचान भूपेन्द्र सिंह पुत्र चन्द्र मान, उम्र 42 वर्ष, निवासी जिला भिवानी (हरियाणा) के रूप में की गई। शव को आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला पुलिस को सुपुर्द किया गया।


मृतक की पहचान भूपेन्द्र सिंह पुत्र चन्द्र मान, उम्र 42 वर्ष, निवासी जिला भिवानी (हरियाणा) के रूप में की गई। शव को आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला पुलिस को सुपुर्द किया गया।


*टिहरी, तोताघाटी के भूस्खलन की चपेट में आया ट्रक, SDRF टीम द्वारा किया गया ट्रक चालक का शव बरामद*


दिनांक 23 फरवरी 2026 को प्रातः 03:05 बजे सूचना प्राप्त हुई कि तोता घाटी के पास भूस्खलन के कारण एक ट्रक के ऊपर अत्यधिक मात्रा में मलबा एवं पत्थर गिर गए हैं। सूचना में ट्रक के केबिन में एक व्यक्ति के फंसे होने की संभावना जताई गई थी, साथ ही मार्ग भी पूर्णतः अवरुद्ध हो गया था।


सूचना प्राप्त होते ही SDRF उत्तराखंड की टीम उप निरीक्षक सावर सिंह नेगी के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई। SDRF टीम द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे ट्रक से एक शव को बाहर निकाला गया।


मृतक की पहचान मुरारी लाल पुत्र श्री दुर्गा लाल, निवासी घुट्टियानी, जनपद चमोली गढ़वाल, उम्र लगभग 55 वर्ष के रूप में हुई है। SDRF टीम द्वारा बरामद शव को आवश्यक  कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।


*टिहरी, तोताघाटी के भूस्खलन की चपेट में आया ट्रक, SDRF टीम द्वारा किया गया ट्रक चालक का शव बरामद*


दिनांक 23 फरवरी 2026 को प्रातः 03:05 बजे सूचना प्राप्त हुई कि तोता घाटी के पास भूस्खलन के कारण एक ट्रक के ऊपर अत्यधिक मात्रा में मलबा एवं पत्थर गिर गए हैं। सूचना में ट्रक के केबिन में एक व्यक्ति के फंसे होने की संभावना जताई गई थी, साथ ही मार्ग भी पूर्णतः अवरुद्ध हो गया था।


सूचना प्राप्त होते ही SDRF उत्तराखंड की टीम उप निरीक्षक सावर सिंह नेगी के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई। SDRF टीम द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे ट्रक से एक शव को बाहर निकाला गया।


मृतक की पहचान मुरारी लाल पुत्र श्री दुर्गा लाल, निवासी घुट्टियानी, जनपद चमोली गढ़वाल, उम्र लगभग 55 वर्ष के रूप में हुई है। SDRF टीम द्वारा बरामद शव को आवश्यक  कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।

 

virat hindu samnelan balawala dehradun CM Dhami




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को बालावाला देहरादून में विराट हिन्दू सम्मेलन में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि यह मात्र एक सम्मेलन नहीं, बल्कि हिंदू समाज की चेतना, एकता और आत्मगौरव का महापर्व भी है। हिंदू समाज आज न केवल जागृत और समर्पित है बल्कि अपने धर्म, संस्कृति एवं राष्ट्र के प्राचीन वैभव को पुनः लौटाने के लिए पूर्ण निष्ठा के साथ संगठित भी हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष में पूरे देश में इस प्रकार के विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनके लिए गर्व का विषय है कि वे विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन से जुड़े हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 100 वर्षों में देश के सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित कर राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन के हृदय में सशक्त रूप से स्थापित करने का कार्य भी किया है। शिक्षा, कृषि, ग्राम विकास, समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण, आदिवासी उत्थान, सेवा कार्य, कला और विज्ञान ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहाँ संघ के स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ भाव से योगदान न दिया हो।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है। यहां भाषा, संस्कृति, जाति और क्षेत्र के आधार पर अनेकों भिन्नताएँ हैं। लेकिन इन सबके बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हमेशा भेदभाव से ऊपर उठकर भारत की एकात्मता को मजबूत किया है और जन-जन में एक भारत - श्रेष्ठ भारत की भावना जगाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में भाषाएं अलग हो सकती है, परंपराएँ भिन्न हो सकती हैं, पूजा- पद्धतियां और जीवन शैली अलग हो सकती है, परंतु मूल सत्य और मानवीय मूल्य एक ही रहते हैं। इसी भावना का व्यापक स्वरूप ही हिंदुत्व है । जो भारत को अपनी मातृभूमि और पितृभूमि मानता है, इसकी संस्कृति, परंपरा, जीवनशैली और मूल्यों का आदर करता है, उसकी पूजा-पद्धति चाहे कोई भी हो, पर उसकी आत्मा हिंदू है। हिंदुत्व हमें सिखाता है कि हम सब एक हैं, हमारी विविधताएँ ही हमारी शक्ति हैं, और हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि के मूल स्वरूप को बनाये रखने लिए निरंतर कार्य कर रही है। सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून के साथ ही ऑपरेशन कालनेमी के माध्यम से सनातन धर्म को बदनाम करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। देश में सबसे पहले यूसीसी लागू कर सभी को समान अधिकार देना हो, मदरसा बोर्ड को खत्म कर सभी संप्रदायों के बच्चों के लिए राज्य में समान शिक्षा व्यवस्था की नींव डालनी हो या फिर राज्य में “हिन्दू स्टडी सेंटर बनाकर सनातन हिंदू संस्कृति के विभिन्न विषयों में शोध करने वाले युवाओं की सहायता करनी हो, हर क्षेत्र में कार्य किये जा रहे हैं। 


इस अवसर पर विधायक श्री बृज भूषण गैरोला, पार्षद श्री प्रशांत खरोला, ब्रहम्चारी केशर स्वरूप, श्री ललित बुड़ाकोटी, श्री सुभाष बड़थ्वाल, श्री गोपाल सिंह एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।



- “भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में दिव्यांगजन होंगे निर्णायक शक्ति” — राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह


- चालू वर्ष के बजट में दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरणों की खरीद और फिटिंग के लिए 375 करोड़ का प्रावधान है- राज्य मंत्री श्री बी एल वर्मा

- भारत सरकार ने दिव्यांग उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए 20 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए

- देहरादून में लगे दिव्य कला मेला में 16 राज्यों से 100 से अधिक दिव्यांग कारीगर, कलाकार और उद्यमी कर रहे प्रतिभाग 

- देशभर के दिव्यांग कारीगर हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई, होम डेकोर, वस्त्र, ऑर्गेनिक खाद्य उत्पाद, आभूषण, खिलौने जैसे उत्पाद लेकर पहुंचे दिव्य कला मेला



रविवार को देहरादून के रेंजर्स मैदान में 30वें ‘दिव्य कला मेला’ का भव्य उद्घाटन हुआ। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से नि) श्री गुरमीत सिंह ने कहा- “दिव्य कला मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेरणा और उत्साह का एक सशक्त मंच है, जो भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में दिव्यांगजनों की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करता है।” उन्होंने कहा कि यहां प्रदर्शित रचनात्मकता केवल कला नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की जीवंत अभिव्यक्ति है।


उत्तराखंड के राज्यपाल ने अपने संबोधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी नवाचारों को दिव्यांगजनों के लिए नए अवसरों का सेतु बताते हुए कहा कि तकनीक किसी में भेदभाव नहीं करती। उन्होंने आह्वान किया कि मेले में निर्मित उत्पादों को वैश्विक बाज़ार तक पहुंचाया जाए, ताकि दिव्य प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सके। उनके अनुसार, संकल्प और सामर्थ्य के बल पर दिव्यांगजन किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं।


कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त आधार तैयार किया है। उन्होंने जानकारी दी कि चालू वर्ष के बजट में Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India के माध्यम से सहायक उपकरणों की खरीद और फिटिंग के लिए ₹375 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।


कार्यक्रम में सांसद, टिहरी, माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कहा कि दिव्य कला मेला जैसे आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के प्रेरक माध्यम हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे राष्ट्रीय आयोजन उत्तराखंड जैसे राज्यों को नई पहचान और ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने विशेष रूप से पैरालंपिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती।


कार्यक्रम में विधायक खजान दास ने आयोजन को दिव्यांगजनों के सम्मान और अवसर का सशक्त उदाहरण बताते हुए कहा कि इस प्रकार के मंच समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और आत्मविश्वास को नई ऊंचाई प्रदान करते हैं।


दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निदेशक श्री प्रदीप ए. ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि यह मेला दिव्यांग उद्यमियों को बाजार, वित्त और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का समग्र प्रयास है। उन्होंने बताया कि मेले में सहायक उपकरणों हेतु पंजीकरण, विभिन्न संस्थाओं की जानकारी और रोजगार मेलों के माध्यम से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।


देहरादून में आयोजित यह 30वां ‘दिव्य कला मेला’ देशभर में आयोजित मेलों की श्रृंखला का महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब तक 29 स्थानों पर आयोजित मेलों में लगभग 2362 प्रतिभागियों ने भाग लिया है और 23 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्ज किया गया है। सरकार ने दिव्यांग उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए ₹20 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए हैं, जो आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रोजगार मेलों में अब तक लगभग 3131 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 1007 को शॉर्टलिस्ट किया गया और 313 से अधिक को रोजगार प्रस्ताव प्राप्त हुए।


इस नौ दिवसीय दिव्य कला मेले में लगभग 90 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 100 से अधिक दिव्यांग कारीगर, कलाकार और उद्यमी भाग ले रहे हैं। हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई, होम डेकोर, वस्त्र, ऑर्गेनिक खाद्य उत्पाद, आभूषण, खिलौने और उपहार सामग्री सहित विविध उत्पाद यहां उपलब्ध हैं। 26 फरवरी 2026 को विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा, जबकि 1 मार्च 2026 को ‘दिव्य कला शक्ति’ नामक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें दिव्यांग कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।


21 फरवरी से 1 मार्च तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक आयोजित इस मेले में प्रवेश निःशुल्क है। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, खेल गतिविधियां और सहायक उपकरणों के लिए पंजीकरण सुविधाएं इसे एक समावेशी, प्रेरक और सशक्त मंच बनाती हैं—जहां कला के माध्यम से आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई कहानी लिखी जा रही है।

 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में जन प्रतिनिधियों और संस्कृति स्कूल के बच्चों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 131वें एपिसोड को सुना। 


मुख्यमंत्री  ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम जन-जन को प्रेरित करने वाला माध्यम है, जो नवाचारों, सामाजिक एकता तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान को प्रोत्साहित करता है।

CM Dhami man ki baat 131 st episode


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस एपिसोड में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर वैश्विक शिखर सम्मेलन, अंगदान की प्रेरणादायक कहानियां तथा डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी से सावधानी बरतने पर जोर दिया। उन्होंने प्रदेशवासियों से पइन संदेशों को अपनाने तथा AI, स्वास्थ्य जागरूकता एवं डिजिटल सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक श्री खजानदास, श्रीमती सविता कपूर, श्री सुरेश गड़िया, पूर्व विधायक श्री बलवंत सिंह भौंरियाल मौजूद थे।

 

 

DG ITBP and CM Dhami


रविवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक श्री शत्रुजीत कपूर ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्य की सीमाओं की सुरक्षा, सीमांत क्षेत्रों में विकास कार्यों तथा आपदा प्रबंधन में समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा में आईटीबीपी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड जैसे सीमावर्ती राज्य में आईटीबीपी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में तैनात जवान न केवल देश की सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि स्थानीय नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में भी सहभागी बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, स्वास्थ्य, संचार और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास निरंतर जारी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार और आईटीबीपी के बीच बेहतर समन्वय से सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।

डीजी आईटीबीपी श्री शत्रुजीत कपूर ने मुख्यमंत्री को सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं, आधुनिक संसाधनों तथा बल की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा आईटीबीपी को दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी समन्वय बनाए रखने का आश्वासन दिया।



बैठक में आपदा प्रबंधन, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में आईटीबीपी की सक्रिय भूमिका पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय आईटीबीपी ने सदैव तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर प्रदेशवासियों का विश्वास जीता है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि “सुरक्षित सीमा, सशक्त उत्तराखंड” के संकल्प के साथ राज्य सरकार सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कार्य कर रही है, ताकि सीमांत क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास की त्रिस्तरीय व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।



मुख्यमंत्री  श्री पुष्कर सिंह धामी ने भविष्य में राज्य सरकार और आईटीबीपी  के मध्य नियमित संवाद एवं प्रभावी समन्वय की अपेक्षा की।

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

परिवार की चिंता रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। थकान रहेगी। पिता का स्वास्थ्य संतोष देगा। अहंकार के भाव मन में न आने दें। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ होगा। आर्थिक स्थिति संतोषप्रद रहेगी।

Rashifal today


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

धनागम होगा। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। रोजगार मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। नौकरी में ऐच्छिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति के योग हैं। स्वाध्याय के महत्व को समझें। संतान को अपने कार्यों में सफलता मिल सकेगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। कार्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में विभिन्न बाधाओं से मन अशांत रहेगा। स्वार्थ एवं भोग की प्रवृत्ति के कारण अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त नहीं कर पाएँगे।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

आज मल्टीटास्किंग से बचें, एक काम पर फोकस करें। शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। विवाद न करें। दु:खद समाचार मिल सकता है। लाभ के अवसर हाथ से निकलेंगे। शत्रु से सतर्क रहें। काम के प्रति लापरवाही न करें, किसी बात पर मतभेद की संभावना है।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। सुख के साधन जुटेंगे। शत्रु परास्त होंगे। सुखवृद्धि एवं पारिवारिक उन्नति होगी। आर्थिक योजनाओं में धन का निवेश हो सकता है। पड़ोसियों से किसी बात पर मतभेद की संभावना है।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। मान बढ़ेगा। धनार्जन होगा। थकान रहेगी। रचनात्मक कार्य में मन लगेगा। अपना व्यवहार संयमित रखकर काम करें। मित्रों की मदद से समस्या का समाधान हो सकेगा। समय का सदुपयोग होगा।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

बेरोजगारी दूर होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। कामकाज की जिज्ञासा बढ़ेगी। राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यों में सफलता की संभावना है। व्यापार में मनोनुकूल लाभ होने के योग हैं।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

फालतू खर्च होगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें। पुराना रोग उभर सकता है। कुसंगति से हानि होगी। अनसोचे कार्य होंगे। दांपत्य जीवन में मनमुटाव हो सकता है। पारिवारिक समस्याएँ सूझबूझ से निपटाएँ। कार्य में सहयोग मिलेगा। सामाजिक मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

पुराना रोग उभर सकता है। बेचैनी रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। व्यापारिक गोपनीयता भंग न करें। पूंजी निवेश लाभकारी रहेगा। व्यापार की चिंता रहेगी। आपसी विचार-विमर्श लाभप्रद रहेगा। आशानुरूप स्थिति बनेगी।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

नए अनुबंध हो सकते हैं। व्यवसाय ठीक चलेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक तनाव से मन परेशान रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। लाभ में कमी आ सकती है। उचित मार्गदर्शन लेना जरूरी होगा। प्रमाद न करें।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कानूनी अड़चन दूर होगी। धनार्जन होगा। प्रसन्नता रहेगी। यश, प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं। मनोरंजन के अवसर उपलब्ध होंगे। अनसोचे कामों में हाथ नहीं डालें। कामकाज की जिज्ञासा बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। जोखिम न लें। झंझटों में न पड़ें। आय में कमी होगी। व्यापार में लाभ होने के योग हैं। धार्मिक कामों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी से विवाद हो सकता है। अपनी स्थिति, योग्यता के अनुरूप कार्य करें।


 *मुख्यमंत्री ने की कुंभ मेला तैयारियों की समीक्षा*

*दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक होगा कुंभ मेला : मुख्यमंत्री*

*श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- जिसके लिए होंगे सभी जरूरी प्रबंध*


हरिद्वार;

CM review kumbh mela prep





मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हरिद्वार में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में अगले वर्ष आयोजित होने वाला कुंभ मेला दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक होगा। मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधा, सुगमता और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस महाआयोजन की व्यवस्थाओं में कोई भी कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कुंभ मेले से संबंधित कार्य निर्धारित समय पर पूर्ण करने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें और लिए गए निर्णयों का अविलंब अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।


मेला नियंत्रण भवन, हरिद्वार में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई तथा वर्तमान में चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने मेले से संबंधित सभी कार्य आगामी अक्टूबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले के लिए सभी प्रमुख स्थायी कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा अस्थायी कार्यों के प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर उन्हें भी समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। जोन एवं सेक्टर स्तर पर की जाने वाली तैयारियों को तय लक्ष्यों और समयसीमा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न करने के निर्देश दिए गए। निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग हेतु थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराने के निर्देश दिए गए।


मुख्यमंत्री ने मेले के दौरान परिवहन एवं पार्किंग की प्रभावी एवं पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन तथा स्नान की समुचित व्यवस्था की जाए। संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए स्नान, आवागमन एवं ठहराव के लिए विस्तृत योजना तैयार की जाए। महिला एवं वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए जाने के भी निर्देश दिए गए।


कुंभ क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य में स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग भी लिया जाए। स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि बीमार श्रद्धालुओं को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए बोट एवं बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले के सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए साधु-संतों, अखाड़ों, जनप्रतिनिधियों तथा धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग लिया जाए और उनके सुझावों को ध्यान में रखकर कार्य किए जाएं।


उन्होंने कुंभ मेले में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती पर जोर दिया। साथ ही साइबर सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था तथा रेस्क्यू कार्यों के लिए दक्ष कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।


स्थायी कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कुंभ क्षेत्र में निर्मित सभी पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उनकी मरम्मत समय पर पूर्ण की जाए। गंगा नदी के घाटों के अनुरक्षण हेतु यदि गंग नहर के क्लोजर की आवश्यकता हो तो उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जाए। घाटों के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा रेलिंग तथा फिसलन-रोधी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण की जाएं। कुंभ प्रारंभ होने से पूर्व सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत कर लिया जाए।


कुंभ क्षेत्र में भूमि प्रबंधन एवं आवंटन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी मॉनिटरिंग मेलाधिकारी स्वयं करें तथा क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त रखा जाए।


बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल तथा पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी प्रतिभाग करते हुए उपयोगी सुझाव दिए। इस अवसर पर मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बैठक में मेले से संबंधित स्वीकृत कार्यों की प्रगति की जानकारी दी तथा प्रस्तावित कार्यों एवं व्यवस्थाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया। बैठक में सचिव, शहरी विकास विभाग श्री नितेश कुमार झा; सचिव, लोक निर्माण विभाग श्री पंकज कुमार पाण्डे; आयुक्त, गढ़वाल मंडल श्री विनय शंकर पाण्डेय; सचिव, पेयजल श्री रणवीर सिंह चौहान; सचिव, सिंचाई श्री युगल किशोर पंत; सचिव, पर्यटन श्री धीराज गर्ब्याल; अपर पुलिस महानिदेशक श्री ए.पी. अंशुमान; तथा उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल की डीआरएम श्रीमती विनीता श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मेले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।


बैठक में मेयर हरिद्वार श्रीमती किरन जैसल, मेयर रुड़की श्रीमती अनीता अग्रवाल, मेयर ऋषिकेश श्री शंभू पासवान; विधायक रानीपुर श्री आदेश चौहान, विधायक रुड़की श्री प्रदीप बत्रा, विधायक हरिद्वार ग्रामीण श्रीमती अनुपमा रावत, विधायक ज्वालापुर श्री रवि बहादुर; दायित्वधारी श्री अजीत चौधरी, श्री जयपाल सिंह चौहान, श्री देशराज कर्णवाल, श्री शोभाराम प्रजापति; पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद; जिलाध्यक्ष भाजपा हरिद्वार श्री आशुतोष शर्मा, जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ. मधु; पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप; सचिव श्री सी. रविशंकर, श्री आनंद स्वरूप; जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित; वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत सिंह भुल्लर; मुख्य विकास अधिकारी श्री ललित नारायण मिश्रा; अपर जिलाधिकारी श्री पी.आर. चौहान; अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

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