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 सीएम के निर्देशानुसार सरकारी विद्यालयों में डिजिटल एजुकेशन की दिशा में जिला प्रशासन के कदम तेज,880 एलईडी टीवी का स्टॉक हुआ तैयार



निजी स्कूलों की भांति अब हर कक्षा में एलईडी स्क्रीन अपने सरकारी विद्या के मंदिर; जिला प्रशासन का दस्ता प्री डिस्पैच निरीक्षण हेतु एसीईआर फैक्टरी पांडूचेरी को हुआ रवाना 


जिले का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्टः सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास हेतु 880 स्मार्ट टीवी होगी वास्तविकता 


बिड डाक्यूमेंट विशिष्टताएं, विश्लेषण; प्री बिड मीटींग पर महीनों मेहनत पश्चात सफल हुुआ प्रोजेक्ट


सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा लिए मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में स्मार्ट टीवी गुणवत्ता सुनश्चित करेगी प्री-डिस्पेच इन्सपैक्शन टीम 


देहरादून दिनांक 21 फरवरी 2026, (सूवि), मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला प्रशासन, देहरादून द्वारा विद्यालयी शिक्षा को आधुनिक, तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जनपद के सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास सुविधा विकसित करने के उद्देश्य से कुल 880 स्मार्ट टीवी क्रय किए गए हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल, इंटरएक्टिव एवं दृश्य-आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे जिले के अपने सरकारी विद्यालय भी निजी विद्वालयों की भांति आधुनिक शिक्षा से जुड़ेगें। जिला प्रशासन द्वारा जिले में पिछले ढेड वर्ष से सरकारी विद्यालयों को प्रोजेक्ट ‘‘उत्कर्ष’’ के तहत सुविधा सम्पन्न बनाया जा रहा है। सभी विद्यालयों को फर्नीचरयुक्त कर दिया है तथा विद्यालयों में खेल अवस्थापना सुविधा, शौचालय, विद्युत, पेयजल, मंकीनेट, लाईब्रेरी आदि समुचित व्यवस्थाएं की गई है। 

जिलाधिकारी सविन बसंल  के निर्देशानुसार क्रय की गई सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्री-डिस्पेच इंस्पेक्शन (पीडीआई) कराया जाएगा। इसके अंतर्गत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी स्वयं कंपनी के विनिर्माण स्थल पर जाकर उपकरणों का भौतिक निरीक्षण करेंगे।

इस क्रम में संबंधित अधिकारीगण कंपनी के प्रतिष्ठान, पांडिचेरी में स्मार्ट टीवी की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों, सुरक्षा प्रावधानों तथा निर्धारित विनिर्देशों के अनुरूपता की विस्तृत जांच करेंगे। निरीक्षण में संतोषजनक पाए जाने के पश्चात ही सामग्री को जनपद में भेजने की अनुमति प्रदान की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यालयों को उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण प्राप्त हों और सार्वजनिक धन का उपयोग पारदर्शी एवं जवाबदेही के साथ किया जाए। जिला प्रशासन के इस प्रयासों से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल सामग्री से सीखने का अवसर मिलेगा, शिक्षण प्रक्रिया अधिक रोचक, प्रभावी एवं सहभागितापूर्ण बनेगी, शिक्षकों को ऑडियो-विजुअल माध्यम से पढ़ाने में सुविधा होगी, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालय भी तकनीकी रूप से सशक्त होंगे, जिला प्रशासन, देहरादून शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। स्मार्ट क्लास परियोजना से जनपद के हजारों विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ प्राप्त होगा तथा भविष्य की डिजिटल शिक्षा प्रणाली के लिए मजबूत आधार तैयार होगा। उपकरणों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्री-डिस्पेच इंस्पेक्शन (पीडीआई) कराया जाएगा। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी कंपनी के विनिर्माण स्थल, पांडिचेरी में जाकर स्मार्ट टीवी की तकनीकी मानकों एवं विनिर्देशों के अनुरूपता की जांच करेंगे। निरीक्षण के उपरांत संतोषजनक पाए जाने पर ही सामग्री जनपद में भेजी जाएगी। इस पहल से सरकारी विद्यालयों में शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, रोचक एवं आधुनिक बनेगी तथा विद्यार्थियों को उन्नत शिक्षण संसाधनों का लाभ मिलेगा।

 5 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान 


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 45 दिन तक चला अभियान 

681 शिविरों के जरिए हुआ 33 हजार जन समस्याओं का समाधान 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चला ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान 45 दिन की अवधि के बाद शुक्रवार को अभूतपूर्व रिकॉर्ड के साथ सम्पन्न हो गया है। इस अभियान के दौरान 681 शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें पांच लाख से अधिक लोगों ने प्रत्यक्ष तौर पर भागीदारी निभाई, यही नहीं इस दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोगों को जन समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े, बल्कि प्रशासन खुद लोगों के पास पहुंच कर उनकी शिकायतों का निस्तारण करे। मुख्यमंत्री की इसी सोच को केंद्र में रखते हुए दिसंबर माह से सरकार ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरु किया। जिसके तहत शुक्रवार 20 फरवरी तक, लगातार 45 दिन, प्रदेशभर में शिविर आयोजित किए गए। इसी क्रम में शुक्रवार को अभियान सम्पन्न होने तक प्रदेश भर में कुल 681 कैंपों का आयोजन किया गया, जिसमें 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष तौर पर भाग लेकर विभिन्न सेवाओं का लाभ लिया, साथ ही अपनी समस्याएं भी दर्ज कराई। अकेले शुक्रवार को ही इस क्रम में 11 कैम्प आयोजित किए गए, जिसमें 8209 नागरिकों ने प्रतिभाग लिया। 


33 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण 

अभियान के तहत प्रदेश भर में 51053 शिकायती पत्र प्राप्त हुए, जिसमें से 33755 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इन शिविर के जरिए, विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों के लिए 74184 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर त्वरित गति से कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त करीब तीन लाख लोगों ने विभिन्न सेवाओं का भी लाभ लिया। यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। 


लोगों को बिना किसी भागदौड़ के सरकारी सेवाएं मिली, यही सुशासन की पहली सीढ़ी है। इसी क्रम में 45 दिन की अवधि के लिए ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरु किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा है। यह विशेष अभियान भले ही सम्पन्न हो गया हो, लेकिन प्रशासन लगातार जनता के सम्पर्क में बना रहेगा, अधिकारियों का आगे भी लगातार आगे बढ़कर जन शिकायतों का त्वरित समाधान करने को कहा गया है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड


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पौड़ी:


*जनपद मुख्यालय में बजट पूर्व संवाद: संवाद

*जनसहभागिता से तैयार होगा जनता का बजट, रांसी में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में व्यापक मंथन*

*पर्वतीय विकास, रोजगार और आधारभूत संरचना पर केंद्रित रहा बजट पूर्व संवाद*


*पौड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल, जनसहभागिता से आकार लेगा भविष्य का बजट



जनपद पौड़ी गढ़वाल के रांसी स्थित बहुउद्देश्यीय भवन में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंडल मुख्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री का जोर शोर से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए जनप्रतिनिधियों, कृषकों, उद्यमियों, व्यापारियों, महिला समूहों, पर्यटन व्यवसायियों, मत्स्य पालकों, कृषि वैज्ञानिकों, स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों ने सहभागिता करते हुए आगामी बजट के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा जनहितकारी बजट तैयार करना है, जो प्रदेश की जमीनी आवश्यकताओं, क्षेत्रीय विशेषताओं और जनअपेक्षाओं के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण का रोडमैप है, जिसमें प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।


उन्होंने इस संवाद में शामिल होकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव देने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि समाज के प्रत्येक वर्ग जैसे पर्यटन व्यवसायियों, व्यापारियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों और उद्यमियों की अपेक्षाएं और आवश्यकताएं बजट में समुचित रूप से परिलक्षित हों। उन्होंने कहा कि इस संवाद के दौरान अनेक व्यावहारिक और दूरदर्शी सुझाव प्राप्त हुए हैं, जो राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के निर्माण का रोडमैप होता है। उन्होंने कहा कि बजट निर्माण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सहभागी और जनोन्मुखी बनाने का संकल्प लिया है। सीमांत क्षेत्रों सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर संवाद कर सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है और व्यापार, उद्योग, पर्यटन, कृषि एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य में होमस्टे, स्वरोजगार और निवेश के नए अवसर सृजित हुए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिला है। सरकार का लक्ष्य किसानों को उद्यमी के रूप में विकसित करना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा राज्य की अर्थव्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट पूर्व संवाद के दौरान प्राप्त सभी सुझावों का गंभीरता से परीक्षण कर उन्हें आगामी बजट और नीतिगत निर्णयों में यथासंभव शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा बजट प्रस्तुत करना है, जो आकार में व्यापक, प्रभाव में ठोस और पूरी तरह जनहित पर केंद्रित हो, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सके।


मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को आत्मनिर्भर एवं अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश ने वित्तीय अनुशासन और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता से तैयार होने वाला यह बजट राज्य की विकास यात्रा को और अधिक गति प्रदान करते हुए समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


संवाद के दौरान ग्रामीण विकास को गति देने के लिए अनुदान में वृद्धि, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था सुदृढ़ करने, सीवर लाइन एवं शौचालय निर्माण, पंचायतों को सशक्त बनाने, बंजर भूमि के उत्पादक उपयोग तथा ग्राम स्तर पर सोलर प्लांट संचालन जैसे सुझाव प्राप्त हुए। शहरी क्षेत्रों के लिए नगर निकायों के संसाधन बढ़ाने, सोलर सिटी की अवधारणा को बढ़ावा देने, पार्किंग व सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा शहरी आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण पर बल दिया गया।


कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में पर्वतीय कृषि को प्रोत्साहन, बागवानी एवं उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु प्रभावी उपाय, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन, कोल्ड स्टोरेज एवं क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा देने के सुझाव सामने आए। कृषकों के तकनीकी प्रशिक्षण, जिला स्तर पर प्रसंस्करण केंद्रों की स्थापना तथा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ विकसित करने पर भी जोर दिया गया।


उद्योग एवं एमएसएमई क्षेत्र में पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योग स्थापना हेतु पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज अनुदान, मशीनरी पर विशेष छूट, सेवा क्षेत्र आधारित उद्योगों को बढ़ावा तथा स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन की मांग रखी गई। आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से सीधे जोड़ने, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें और पलायन रुके, इस पर भी सुझाव दिए गए।


महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने तथा स्थानीय सेवाओं में महिलाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई। गौशालाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने, जैविक खाद उत्पादन को प्रोत्साहन देने तथा मत्स्य पालन के लिए आधुनिक तकनीकों एवं बायोफ्लॉक टैंकों को बढ़ावा देने के सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।


पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे के लिए रियायती ऋण सुविधा, हैली सेवा का विस्तार, वैकल्पिक मार्गों का निर्माण, छोटे पर्यटन स्थलों का विकास, संस्कृत ग्रामों एवं सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटक ग्राम के रूप में विकसित करने, नेचर एवं एग्री-टूरिज्म को बढ़ावा देने तथा स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए ठोस नीति बनाने की आवश्यकता बताई गई।


ऊर्जा क्षेत्र में ऊर्जा नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने, कृषि एवं उद्योग आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहन देने हेतु कर एवं शुल्क में राहत तथा ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के सुझाव भी प्राप्त हुए।


बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि जनसहभागिता के आधार पर तैयार होने वाला बजट ही प्रदेश के समग्र विकास की नींव बनेगा। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्यटन, कृषि, लघु उद्योग एवं आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आगामी बजट जनअपेक्षाओं के अनुरूप होगा और पौड़ी सहित पूरे प्रदेश के संतुलित विकास को नई दिशा देगा।


वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने सभी होमस्टे संचालकों, एमएसएमई उद्यमियों, लखपति दीदियों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस संवाद का उद्देश्य आगामी बजट को जनभावनाओं, स्थानीय आवश्यकताओं और विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप दिशा देना है, ताकि वित्तीय संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन करते हुए अधिकतम जनकल्याण सुनिश्चित किया जा सके। राज्य में आधारभूत संरचना, पर्यटन, कनेक्टिविटी, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर सकारात्मक प्रगति हो रही है, जिससे विकास की नई संभावनाएं साकार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने विकास की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक रुपया पारदर्शिता के साथ सही व्यक्ति तक पहुंचे और उसका अधिकतम जनहित में उपयोग हो। बजट पूर्व संवाद इसी सहभागी सोच का महत्वपूर्ण माध्यम है। आप सभी से अपेक्षा है कि अपने संक्षिप्त, व्यवहारिक एवं दूरदर्शी सुझाव प्रस्तुत कर आगामी बजट को और अधिक जनोन्मुखी, प्रभावी एवं विकासोन्मुख बनाने में सक्रिय योगदान दें।


जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सभी जनप्रतिनिधियों, हितधारकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के संवाद से जनता की सहभागिता और विश्वास और अधिक सुदृढ़ होता है। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझाव प्रदेश के संतुलित, समावेशी एवं सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार सिद्ध होंगे।


बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कृषि, उद्योग, व्यापार, पंचायत, शहरी विकास आदि से जुड़े 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। जिला पंचायत पौड़ी की अध्यक्षा रचना बुटोला, मेयर नगर निगम श्रीनगर आरती भंडारी, ऋषिकेश शंभू पासवान, कोटद्वार शैलेन्द्र रावत, रुड़की अनीता देवी अग्रवाल, नगर पालिकाध्यक्ष पौड़ी हिमानी नेगी, आयुक्त गढ़वाल/सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे, पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, संयुक्त सचिव सुरेन्द्र सिंह रावत, आयुक्त ग्राम विकास अनुराधा पाल, अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव, डॉ. सौरभ गहरवार, अभिषेक रोहिला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, अपर ज़िलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल किशोर रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कृषक, उद्यमी, जनप्रतिनिधि तथा हितधारक मौजूद रहे। 

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लालतप्पड़ -



 दून–हरिद्वार हाईवे पर लालतप्पड़ औद्योगिक क्षेत्र इन दिनों नियमों की नहीं, बल्कि लापरवाही की मिसाल बना हुआ है। सड़क किनारे अवैध पार्किंग का ऐसा नजारा है मानो हाईवे नहीं, किसी निजी कंपनी का पार्किंग यार्ड हो।

फुटपाथ गायब, आधा हाईवे कब्जे में

लालतप्पड़ चौक से लेकर फनवैली के पास तक सैकड़ों ट्रक और मालवाहक वाहन आड़े-तिरछे खड़े हैं। फुटपाथ तो पहले ही गायब हो चुके हैं, अब आधा हाईवे भी पार्किंग के हवाले है। राहगीर जान जोखिम में डालकर सड़क के बीच से निकलने को मजबूर हैं।

कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों के वाहन हों या माल ढुलाई करने वाले ट्रांसपोर्टरों के ट्रक सबका ठिकाना हाईवे ही है। लोडिंग अनलोडिंग के दौरान जाम लगना आम बात हो गई है। सवाल यह है कि जब कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं तो पार्किंग की जिम्मेदारी सड़क पर क्यों डाली जा रही है?

पूर्व में इसी लापरवाही के चलते दुर्घटना हो चुकी है। लेकिन पुलिस, परिवहन विभाग और हाईवे प्राधिकरण की सक्रियता कागजों तक सीमित नजर आती है। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

जिम्मेदारी किसकी?

जब हाईवे खुलेआम ‘ओपन पार्किंग जोन’ में बदल जाए, जब हर दिन जाम और दुर्घटना का खतरा मंडराए, तब यह कहना गलत नहीं होगा कि सिस्टम ने आंखें मूंद ली हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो किसी दिन बड़ा हादसा होना तय है और तब जिम्मेदारी तय करने की कवायद शुरू होगी। सवाल वही है क्या कार्रवाई हादसे के बाद ही होगी?


आज का राशिफ़ल

दिनाँक 21 फरवरी,2026

दिन शुक्रवार

rashifal today, 20 feb 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

कोर्ट-कचहरी में अनुकूलता रहेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। झंझटों में न पड़ें। उधार दिया धन मिलने से राहत हो सकती है। जीवनसाथी का सहयोग उलझे मामले सुलझाने में सहायक हो सकेगा। वाहन सावधानी से चलाएँ।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

चोट, चोरी व विवाद से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कुसंगति से हानि होगी। अपने काम से काम रखें। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। आवास संबंधी समस्या हल होगी। आलस्य न करें। सोचे काम समय पर नहीं हो पाएँगे।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

राजकीय बाधा दूर होकर लाभ होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। क्रोध पर नियंत्रण रखें। लाभ होगा। रुके हुए काम समय पर पूरे होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। परिवार की समस्याओं का समाधान हो सकेगा। व्यापार में नई योजनाएँ बनेंगी। व्यापार अच्छा चलेगा।

कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

भूमि व भवन संबंधी कार्य लाभ देंगे। रोजगार मिलेगा। शत्रु भय रहेगा। निवेश व नौकरी लाभ देंगे। व्यापार अच्छा चलेगा। कार्य के विस्तार की योजनाएँ बनेंगी। रोजगार में उन्नति एवं लाभ की संभावना है। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। लाभदायक समाचार मिलेंगे।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। विवाद न करें। सामाजिक एवं राजकीय ख्याति में अभिवृद्धि होगी। आर्थिक अनुकूलता रहेगी। रुका धन मिलने से धन संग्रह होगा। राज्यपक्ष से लाभ के योग हैं।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। शोक समाचार मिल सकता है। थकान महसूस होगी। व्यावसायिक चिंता रहेगी। संतान के व्यवहार से कष्ट होगा। सहयोगी मदद नहीं करेंगे। व्ययों में कटौती करने का प्रयास करें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें।

राशि फलादेश

तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

रोमांस में समय बीतेगा। मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यापार के कार्य से बाहर जाना पड़ सकता है। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएँ रखें। धनार्जन होगा।

वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

अतिथियों का आवागमन रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। स्वाभिमान बना रहेगा। नई योजनाओं की शुरुआत होगी। संतान की प्रगति संभव है। भूमि व संपत्ति संबंधी कार्य होंगे। पूर्व कर्म फलीभूत होंगे। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। व्यापार में इच्छित लाभ होगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

बेरोजगारी दूर होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। जोखिम न लें। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। सत्कार्य में रुचि बढ़ेगी। प्रियजनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक चिंताएँ दूर होंगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्ययवृद्धि होगी। तनाव रहेगा। अपरिचितों पर विश्वास न करें। प्रयास में आलस्य व विलंब नहीं करना चाहिए। रुके हुए काम समय पर होने की संभावना है। विरोधी परास्त होंगे। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। धैर्य एवं संयम बना रहेगा।

कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

दिन प्रेमभरा गुजरेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रुका हुआ धन मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। प्रियजनों से पूरी मदद मिलेगी। धन प्राप्ति के योग हैं। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएँगे। संतान के कार्यों में उन्नति के योग हैं।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। स्वास्थ्य के प्रति सावधानी रखें। कार्यक्षमता एवं कार्यकुशलता बढ़ेगी। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण व उत्साह रखें। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ होगा

 

पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड द्वारा पूर्व में *प्रदेश के समस्त जनपदों को माननीय न्यायाधीशों, माननीय न्यायालयों एवं न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराते हुए चिन्हित कमियों के त्वरित निराकरण हेतु निर्देश जारी किए गए थे।*

security of courts in  uttarakhand


इसी क्रम में *न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ एवं अभेद्य बनाने हेतु अतिरिक्त निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।* 


*जारी प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं—*

▪️ अपने-अपने जनपदों में स्थित समस्त न्यायालय परिसरों में पर्याप्त संख्या में पुलिस/पीएसी बल को मय आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ नियुक्त किया जाये।


▪️ मा० न्यायलयों के प्रवेश एवं निकासी द्वारों पर सम्बन्धित अधिकारियों से वार्ता कर पहचान पत्र के माध्यम से प्रवेश/निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये, ताकि कोई अनाधिकृत व्यक्ति मा० न्यायालय परिसरों में प्रवेश न कर सके।


▪️ मा० न्यायालय परिसरों में बैरियर लगाकर एक्सेस कन्ट्रोल की व्यवस्था तथा प्रवेश द्वारों पर मा० न्यायालयों में आने वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाये, जिस हेतु स्थानीय अभिसूचना इकाई व अन्य पुलिस बल को नियुक्त किया जाये।


▪️ मा० न्यायाधीशों एवं मा० न्यायालयों की सुरक्षा ड्यूटी में पूर्व से नियुक्त सुरक्षा कर्मियों को वर्तमान परिदृश्य में सुरक्षा संवेदनशीलता के प्रति सतर्क कर दिया जाये।


▪️ आतंकवादी घटनाओं, बम हमलों आदि के दृष्टिगत अपने-अपने जनपदों में Quick Response Team व यथासम्भव ATS की टीमों का भी न्यायालय परिसरों में नियुक्त किया जाये।


▪️ मा० न्यायालयों की कार्यवाही प्रारम्भ होने से पूर्व प्रातः काल में बम डिस्पोजल दस्ते एवं डॉग स्क्वाड से ए०एस० चैक की कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये।


▪️ मा० न्यायालय परिसर में लगे सी0सी0टी0वी0 कैमरों से मॉनिटरिंग की जाये।


▪️ मा० न्यायालय परिसरों में नियमित पैट्रोलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।


▪️ ड्यूटी में नियुक्त कार्मिकों की नियमित रुप से चैकिंग सुनिश्चित की जाये।


▪️ उपरोक्त धमकियों के दृष्टिगत समय-समय पर मा० न्यायालय परिसरों में मॉक ड्रील और आपातकालीन निकास योजना बनायी जाये।



लालतप्पड :


 लालतप्पड़ औद्योगिक क्षेत्र में स्थित यूरेका फोबर्स लिमिटेड एक बार फिर श्रमिक शोषण के आरोपों को लेकर विवादों में घिर गई है। कंपनी के खिलाफ श्रमिकों द्वारा शुरू किया गया धरना बृहस्पतिवार को नौवें दिन भी लगातार जारी रहा।

धरने पर बैठे श्रमिकों का कहना है कि नौ दिन बीत जाने के बावजूद कंपनी प्रबंधन और श्रम विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। प्रशासन की उदासीनता के चलते यह आंदोलन अब धीरे-धीरे जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।

इस दौरान कांग्रेस नेता मोहित उनियाल धरना स्थल पर पहुंचे और श्रमिकों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस श्रमिकों की इस लड़ाई को हर स्तर पर लड़ेगी। वहीं डोईवाला के सभासद संदीप नेगी ने प्रशासन और श्रम विभाग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विभाग पूरी तरह मौन बैठा है और यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

धरने को भाजपा युवा मोर्चा के भारत मनचन्दा ने भी समर्थन दिया। श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने 16 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को हटाकर अपनी मानसिकता स्पष्ट कर दी है। कुशल श्रमिकों से काम तो लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें अकुशल श्रेणी का वेतन दिया जा रहा है।

श्रमिकों ने यह भी आरोप लगाया कि श्रम विभाग गूंगा-बहरा बना हुआ है, क्योंकि पांच महीने पहले की गई शिकायत पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इतना ही नहीं, जब मीडिया ने कंपनी प्रबंधन से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया तो प्रबंधन द्वारा पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगा है।

धरने में श्रमिक नेता पवन सिंह नेगी, ऋषि रावत, विमल सिंह, नरेश असवाल, सतीश, अमित, मोहित नेगी, पवन कुमार, मुकेश नौटियाल, निखिल लिंगवाल, संदीप सिंह, श्याम सिंह, अनिल, प्रकाश थापा सहित अनेक श्रमिक उपस्थित रहे।

अब सवाल यह है कि श्रमिकों की आवाज कब तक अनसुनी रहेगी और प्रशासन कब जागेगा।

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