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*यूएलएमएमसी की ओर से पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन*

देहरादून:



हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते भूस्खलन जोखिम और सुरक्षित विकास की चुनौती को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र द्वारा हिंदू कुश-हिमालय क्षेत्र में आपदा-सक्षम विकास विषय पर आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम 02 फरवरी से 06 फरवरी 2026 तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण एवं वित्तीय प्रशासन अनुसंधान संस्थान, सुद्धोवाला, देहरादून में आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है, जहां भूस्खलन, भारी वर्षा और भूकंपीय गतिविधियों के कारण निरंतर खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन की प्रक्रियाओं और जोखिम को वैज्ञानिक रूप से समझने, सुरक्षित और टिकाऊ अवसंरचना विकसित करने तथा सड़कों, पुलों और जलापूर्ति जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं के लिए दीर्घकालिक और लचीले इंजीनियरिंग समाधान अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न विभागों और संस्थानों की तकनीकी क्षमता को मजबूत करना, जोखिम आकलन की प्रक्रियाओं में सुधार लाना और आपदा के बाद पुनर्बहाली तंत्र को अधिक प्रभावी बनाना है। 

नॉर्वे के भू-तकनीकी अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा हिमालयी परिस्थितियों के अनुरूप ढलान स्थिरता, मृदा सुदृढ़ीकरण, सॉइल नेलिंग, जल निकासी उपायों तथा उपग्रह आधारित तकनीकों के माध्यम से जोखिम मानचित्रण पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर भूस्खलन विशेषज्ञ डॉ. हाकोन हेयर्डल ने कहा कि हिमालय जैसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का स्वरूप लगातार बदलता रहता है, ऐसे में वैज्ञानिक अध्ययन, बेहतर पूर्व चेतावनी प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव साझा करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक साझेदारी के माध्यम से ही हिमालयी क्षेत्रों में सुरक्षित विकास संभव है। बता दें कि डॉ. हकोन हेयर्डल ने दुनिया भर से 32 वर्षों की भूस्खलन विशेषज्ञता और बड़े भूस्खलन जोखिम मानचित्रण और न्यूनीकरण परियोजनाओं का नेतृत्व किया है।

विश्व बैंक के प्रतिनिधि श्री अनुप करण्थ ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तराखण्ड में आपदा जोखिम न्यूनीकरण और आपदा तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद राज्य में आपदा पुनर्बहाली, जोखिम प्रबंधन और संस्थागत क्षमता निर्माण के लिए निरंतर सहयोग किया जा रहा है।  प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों द्वारा हरिद्वार स्थित मनसा देवी भूस्खलन क्षेत्र का क्षेत्रीय भ्रमण किया गया, जहां वास्तविक हिमालयी परिस्थितियों के आधार पर जोखिम विश्लेषण, न्यूनीकरण उपायों और स्थानीय स्तर पर प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणालियों का व्यावहारिक अध्ययन कराया गया। 

कार्यशाला में यूएलएमएमसी के निदेशक डाॅ. शांतनु सरकार, यूएसडीएमए के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, यूएलएमएमसी के प्रमुख सलाहकर डाॅ. मोहित पूनिया आदि उपस्थित रहे। कार्यशाला में नेपाल एवं भूटान के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ ही भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान, उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र, यूप्रिपेयर परियोजना, उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग के अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। 



कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य

हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारणों और जोखिम को बेहतर ढंग से समझना।

रेखीय विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों की क्षमता बढ़ाना।

भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण के लिए मानकीकृत और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना।

विभिन्न संस्थानों के बीच अनुभव साझा करना और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना।

राज्य एवं विभागीय स्तर पर आपदा जोखिम प्रबंधन की क्षमता को मजबूत करना।

लोक निर्माण विभाग सहित रेखीय विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।

सड़कों, पुलों और जलापूर्ति प्रणालियों के लिए सुरक्षित एवं टिकाऊ डिजाइन को प्रोत्साहित करना।

ढलान स्थिरता, मृदा सुदृढ़ीकरण, सॉइल नेलिंग, जल निकासी जैसे उपायों की जानकारी देना।

उपग्रह आधारित तकनीकों और भू-स्थानिक आंकड़ों के उपयोग को बढ़ावा देना।

स्थानीय स्तर पर प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणाली और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना।

 सीएम धामी के सख्त निर्देश: कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं

दिल्ली एक्सप्रेसवे के बाद पर्यटन उछाल को लेकर सरकार अलर्ट

 लैंड फ्रॉड पर बनेगा सख्त कानून, दोषियों को नहीं मिलेगी राहत *नशा मुक्ति को जन आंदोलन बनाएगी सरकार

मुख्यमंत्री घोषणाओं का 100% क्रियान्वयन अनिवार्य”


 *अभियोजन व्यवस्था पर सीएम धामी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अभियोजन कमजोर नहीं होना चाहिए। अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराया जाए* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यशैली और जनसेवा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस और प्रशासन का प्रत्येक विभाग आम जनमानस के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ कार्य करे।



आज सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अखिल भारतीय डीजी/आईजी सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्षों की समीक्षा करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटन प्रबंधन, राजस्व, नशा मुक्ति, अभियोजन, कारागार सुधार एवं जनशिकायत निवारण से जुड़े विषयों पर गहन समीक्षा की।



बैठक में मुख्य सचिव सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद राज्य में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। इसे देखते हुए पर्यटकों के लिए होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक प्लान, यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियाँ समयबद्ध रूप से पूरी की जाएँ। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने बताया कि कैंची धाम बाईपास जून माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।


पुलिस व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि  थाना चौकिया सहित धरातल पर वर्क कल्चर में तत्काल सुधार किया जाए। आम आदमी के साथ मानवीयता, संवेदनशीलता और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। निर्दोष नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान करने की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने लैंड फ्रॉड के मामलों पर कठोर कानून बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े अपराधों में संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


अपराध नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक आत्ममंथन भी आवश्यक है। पुलिस और प्रशासन के सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए।


राजस्व व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राजस्व के वैकल्पिक स्रोत बढ़ाए जाएँ, सब्सिडी योजनाओं के आउटकम का मूल्यांकन किया जाए और राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को लेकर स्पष्ट किया कि राज्य में शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। सुरक्षा से संबंधित शिकायतों पर त्वरित और गंभीर संज्ञान लिया जाए। कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।


जनशिकायत निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री घोषणाओं का 100 प्रतिशत क्रियान्वयन जिलों में सुनिश्चित किया जाए। योजनाएँ केवल फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। योजनाओं का नियमित भौतिक सत्यापन हो तथा गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।



मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिए कि आपराधिक मामलों की विवेचना अनावश्यक रूप से लंबित न रखी जाए। रात्रि गश्त को और अधिक सघन किया जाए तथा निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए।

नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन के रूप में संचालित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद से मासिक नशा मुक्ति रिपोर्ट सीधे शासन को भेजी जाए, जिसकी नियमित समीक्षा गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक द्वारा की जाएगी।

अभियोजन व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अभियोजन कमजोर नहीं होना चाहिए। अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराया जाए।

कारागार विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बंदियों के लिए स्किल डेवलपमेंट, पुनर्वास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं मानवाधिकारों के सख्त पालन के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी-नालों एवं सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध निर्माणों के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, लेखपाल, पटवारी की जवाबदेही तय की जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों और ऐसे अतिक्रमण को संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

भूमि विवादों के निस्तारण के लिए तहसील स्तर पर गठित समितियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने 1905 हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा कर जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 6 माह में विशेष अभियान चलाकर प्रत्येक जनपद के गांवों को 100 प्रतिशत योजनाओं से संतृप्त किया जाए।


डिजिटल गवर्नेंस को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे केवल औपचारिकता न समझा जाए, बल्कि पूरी गंभीरता के साथ धरातल पर लागू किया जाए।


चारधाम यात्रा की तैयारियों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने संबंधित जनपदों में संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।


लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए कि सड़कों के डामरीकरण का कार्य 15 फरवरी तक प्रारंभ किया जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में फिल्म “जलमभूमि” के पोस्टर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फिल्म के निर्माता-निर्देशक श्री के राम नेगी एवं पूरी फिल्म टीम को शुभकामनाएँ एवं बधाई दीं।


उल्लेखनीय है कि यह फिल्म 6 फरवरी को  रिलीज होने जा रही है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि “जलमभूमि” जैसी फिल्में समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती हैं और सिनेमा के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को मजबूती मिलती है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, विविध भौगोलिक परिस्थितियों, सांस्कृतिक विरासत और शांत वातावरण के कारण फिल्म निर्माण के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में फिल्म नीति को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत फिल्म निर्माताओं को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से त्वरित अनुमति प्रदान की जा रही है। शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है, जिससे फिल्म निर्माताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा फिल्म शूटिंग पर सब्सिडी, स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं को रोजगार के अवसर, तथा स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के माध्यम से राज्य को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फिल्म मानचित्र पर स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म नीति का उद्देश्य केवल फिल्मों की शूटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिल रही है। उत्तराखंड में वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म और फीचर फिल्मों के निर्माण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 मुख्यमंत्री ने फिल्म की सफलता की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी सिनेमा और रचनात्मक उद्योगों को हरसंभव सहयोग देती रहेगी।कार्यक्रम में विधायक श्री दुर्गेश लाल भी उपस्थित रहे।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” अभियान से प्रदेशभर में प्रभावी सुशासन की मिसाल


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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसुनवाई का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस अभियान के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही है।

दिनांक 02 फरवरी 2026 तक प्रदेश के सभी 13 जनपदों में इस अभियान के अंतर्गत कुल 548 जनसेवा शिविर (कैंप) आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से आमजन की भागीदारी और विश्वास में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है।

 *अब तक की प्रमुख उपलब्धियाँ* 

इस जनोन्मुखी पहल के अंतर्गत अब तक कुल 4,33,581 नागरिकों का पंजीकरण किया गया है, जिनमें से केवल आज ही 5,398 लोगों ने कैंपों में पंजीकरण कराया। यह आंकड़ा प्रदेश की जनता के सरकार पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

जनता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष बल देते हुए अब तक कुल 42,594 शिकायतों का सफल निस्तारण किया जा चुका है। वहीं 28,721 शिकायतें प्रक्रियाधीन हैं, जिन पर संबंधित विभागों द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है।

 *योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर यह सुनिश्चित किया गया कि कैंपों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिले। अब तक—

61,054 नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया |

2,37,950 लोगों को अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लाभ पहुँचाया गया |

यह अभियान विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है, जहाँ पहले सरकारी सेवाओं तक पहुँचना कठिन था।

 *सुशासन की दिशा में मजबूत कदम* 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” अभियान इसी सोच का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसमें संवाद, समाधान और संतुष्टि को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रदेश सरकार द्वारा भविष्य में भी इस अभियान को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक स्वरूप देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे, ताकि उत्तराखंड को सुशासन, सेवा और संवेदनशीलता का आदर्श राज्य बनाया जा सके।


 देहरादूनः 2 फरवरीः



उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी का गठन करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस पंचायत राज संगठन के प्रदेश संयोजक पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के चेयरमैन डॉ0 सुनील पंवार ने उत्तराखंड प्रदेश में राजीव गांधी पंचायत राज संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी को स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें संलग्न सूची के अनुरूप कांग्रेसजनों को पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है (सूची संलग्न है)

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। वरिष्ठ जन सहायता करेंगे। अप्रत्याशित लाभ होगा। यात्रा होगी। व्यावसायिक अथवा निजी काम से सुखद यात्रा हो सकती है। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। दूसरों से न उलझें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

Rashifal today 02 Feb 2026


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

अप्रत्याशित खर्च होंगे। तनाव रहेगा। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम न लें। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें। भूल करने से विरोधी बढ़ेंगे। कार्यक्षेत्र का विकास एवं विस्तार होगा। उपहार मिल सकता है। संतान की चिंता दूर होगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

रुका हुआ धन मिल सकता है। निवेश शुभ रहेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोमांस में सफलता मिलेगी, प्रसन्नता रहेगी। स्वयं के ही प्रयासों से जनप्रियता एवं मान-सम्मान मिलेगा। रुका काम समय पर पूरा होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा, नई योजनाएं बनेंगी।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

वरिष्ठ जन सहायता करेंगे। रुके कार्यों में गति आएगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रोजगार बढ़ेगा। सतर्कता से कार्य करें। संतान के व्यवहार से सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है। व्यापार में नए अनुबंध आज नहीं करें। आर्थिक तंगी रहेगी।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। बाहरी सहायता से काम होंगे। ईश्वर में रुचि बढ़ेगी। कामकाज की अनुकूलता रहेगी। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा। रोमांस में सफलता मिलेगी, आपसी संबंधों को महत्व दें। पूंजी संचय की बात बनेगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

चोट व रोग से बचें। जल्दबाजी से हानि होगी। दूसरों पर विश्वास हानि देगा। कार्य में बाधा होगी। पत्नी से आश्वासन मिलेगा। स्वयं के निर्णय लाभप्रद रहेंगे। मानसिक संतोष, प्रसन्नता रहेगी। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। दूसरों की नकल न करें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। नौकरी ठीक चलेगी। धनलाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। कुछ को कार्यों में विलंब से चिंता होगी। मानसिक उद्विग्नता रहेगी। पारिवारिक जीवन संतोषप्रद रहेगा। सेहत अच्छी रहेगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी। व्यापार में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्य के विस्तार की योजनाएं बनेंगी। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। रोजगार में उन्नति एवं लाभ की संभावना है। लाभदायक समाचार मिलेंगे। प्रेम-संबंधों में सफलता मिलेगी। सामाजिक एवं राजकीय ख्याति में अभिवृद्धि होगी। व्यापार अच्छा चलेगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

पिछले कुछ दिनों से चल रही आवास संबंधी समस्या हल होगी। आलस्य न करें। सोचे काम समय पर नहीं हो पाएंगे। व्यावसायिक चिंता रहेगी। संतान के व्यवहार से कष्ट होगा। शोक समाचार मिल सकता है। काम में मन नहीं लगेगा। विवाद से बचें। मेहनत अधिक होगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

घर में शिशु आगमन से प्रसन्नता रहेगी। सहयोगी मदद नहीं करेंगे। व्ययों में कटौती करने का प्रयास करें। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यापार के कार्य से बाहर जाना पड़ सकता है। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। कार्य पूर्ण होंगे। आय बढ़ेगी। मनोरंजक यात्रा होगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

अपनी कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएं रखें। आर्थिक अनुकूलता रहेगी। रुका धन मिलने से धन संग्रह होगा। राज्यपक्ष से लाभ के योग हैं। नई योजनाओं की शुरुआत होगी। पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। अच्‍छी खबर मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम न लें। लाभ होगा


 


•  बीकेटीसी ज्योर्तिमठ कार्यालय में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती की उपस्थिति में विदाई सम्मान समारोह आयोजित 




ज्योर्तिमठ  1 फरवरी श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ज्योर्तिमठ में कार्यरत कार्यालय सहायक भगवती प्रसाद सती मंदिर सुरक्षाकर्मी उमेश नौटियाल शनिवार को अधिवर्षता आयु पूरी होने के पश्चात सेवानिवृत्त हो गये है।


 बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस अवसर पर बीते शनिवार 31 जनवरी को देर शाम बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती की उपस्थिति में ज्योर्तिमठ कार्यालय में दोनों कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह आयोजित हुआ । कर्मचारियों के सम्मान स्वरूप माल्यार्पण पश्चात स्मृति चिह्न भेंट किया गया इस दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिजन भी उपस्थित रहे।


विदाई समारोह में  बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती सहित सभी अधिकारियों कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समर्पित सेवाओं की प्रशंसा करते हुए उनके दीर्घायु जीवन की कामना की।

इस अवसर पर पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट,  प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी संदीप कप्रवाण,अवर अभियंता गिरीश रावत, वरिष्ठ सहायक जगमोहन बर्त्वाल, वरिष्ठ सहायक संतोष तिवारी लेखाकार भूपेंद्र रावत, संदेश मेहता,अजय सती,प्रदीप बिष्ट, अनीता उनियाल, सुनीता सकलानी, रामप्रसाद थपलियाल, विकास सनवाल, आशीष नंबूदरी सहित सभी कर्मचारी तथा स्थानीय लोग मौजूद रहे।

बजट 2026-27 से देश और राज्यों के विकास को मिलेगी नई दिशा : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*

सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को शानदार बजट के लिए बधाई दी

union budget 2026 2027 nirmala sitaraman


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट देश और राज्यों के विकास को नई दिशा देने के साथ ही सभी वर्गों के लिए अवसरों को बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में आर्थिक विकास तेज करने, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और सबका साथ सबका विकास सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विकासोन्मुखी और समावेशी बजट के लिए बधाई देते हुए कहा कि किसानों, महिलाओं, वंचितों, युवाओं, छोटे उद्यमियों और पिछड़े वर्ग पर विशेष ध्यान दिया गया है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, उद्योग और अवसंरचना के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। ये पूरे देश के साथ उत्तराखंड के लिए भी लाभकारी साबित होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे।

बजट में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के लिए पर्यावरण-अनुकूल माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने की योजना है। उत्तराखंड के परिपेक्ष में बजट ने पर्यटन और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया है, जो विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसानों, पशुपालन, उच्च मूल्य कृषि, पर्यटन और एमएसएमई के लिए किए गए बजट प्रावधान राज्य की ग्रामीण और पर्वतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और बायोफार्मा क्षेत्र में किए गए निवेश से राज्य और देश दोनों का दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह बजट सबका साथ, सबका विकास और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार बजट में घोषित योजनाओं और प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए केंद्र सरकार के साथ पूरी तरह सहयोग करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट न केवल देश की आर्थिक ताकत को बढ़ाएगा, बल्कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों को भी समान रूप से विकास के अवसर देगा। 


भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल जी ने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को शानदार, दमदार, आम आदमी की सोच वाला तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाला बताया है।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण रहा, क्योंकि आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार केंद्रीय बजट रविवार के दिन प्रस्तुत किया गया। यह वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी का लगातार नौवां बजट रहा, जिससे वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का यह 15वां बजट है। भाजपा-नीत एनडीए सरकार के कार्यकाल में निरंतर आर्थिक विकास और नियंत्रित महंगाई देखने को मिली है।

डॉ. बंसल ने कहा कि आमजन के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह केंद्रीय बजट तीन संकल्पों से सुसज्जित है। वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया, जिसका कुल आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वर्ष का बजट 50.65 लाख करोड़ रुपये का था।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2021-22 में किए गए अपने वादे को पूरा किया है, जिसके तहत वर्ष 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को GDP के 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया था। वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा GDP का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो बजट अनुमान (BE) के अनुरूप है। वर्ष 2026-27 में यह और घटकर GDP का 4.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। सरकार ने FY27 के लिए कर्ज-GDP अनुपात 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। FY27 में 11.7 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाएगा। 16वें वित्त आयोग की 41 प्रतिशत हिस्सेदारी की सिफारिश को भी स्वीकार किया गया है।

डॉ. बंसल ने कहा कि गरीब कल्याण के संकल्प के साथ तैयार किया गया यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास को हर घर तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता को दोहराता है। यह बजट ऐसे भारत के निर्माण की दिशा में अग्रसर है, जहाँ अवसर सभी की पहुँच में होंगे। पिछड़ों, दलितों और वंचित वर्गों के लिए विशेष योजनाओं का प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि विकास की इस यात्रा में कोई भी पीछे न छूटे। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना और ‘एक जिला, एक उत्पाद’ पहल के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि वित्त मंत्री जी ने बजट में उल्लेख किया है कि भारत में वर्ल्ड क्लास ट्रैकिंग की जब भी चर्चा होगी, उत्तराखंड का नाम शीर्ष पर होगा। मोदी सरकार एवं राज्य सरकार का विजन दुर्गम मार्गों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने का है। यह केवल एडवेंचर टूरिज्म नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ने का एक आध्यात्मिक अनुभव भी है। उन्होंने कहा कि यह बजट और इससे जुड़ी योजनाएँ देश की बहनों को ‘आर्थिक शक्ति’ बनाने के लिए समर्पित हैं।

डॉ. बंसल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालते हुए मोदी सरकार द्वारा Content Creator Labs का प्रस्ताव ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम लागू होगा। देश के प्रत्येक जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। खेलो इंडिया मिशन प्रारंभ करने, देश में तीन नए आयुर्वेद एम्स खोलने, मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु पाँच क्षेत्रीय हब स्थापित करने, बैंकिंग सेक्टर के लिए एक हाई-लेवल कमेटी गठित करने, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने, रेयर-अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में सहयोग, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करने, भारत को ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने तथा रोजगार सृजन हेतु अनेक कदम उठाने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान इस बजट में किए गए हैं। साथ ही मौद्रिक स्थिरता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट ऐसे समय में प्रस्तुत किया गया है जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है। भू-राजनीतिक तनाव, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव, प्रमुख केंद्रीय बैंकों की असमान मौद्रिक नीतियाँ और बढ़ता व्यापार विखंडन भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ से वित्तीय बाजारों में अस्थिरता देखी गई है। इसके बावजूद, आदरणीय प्रधान सेवक श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगतिपथ पर अग्रसर है। यह नया भारत है, जो अपनी चुनौतियों का समाधान स्वयं करना जानता है।

डॉ. नरेश बंसल ने विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाले इस विकासोन्मुख बजट के लिए आदरणीय वित्त मंत्री जी, प्रधानमंत्री जी तथा केंद्रीय मंत्रिमंडल का आभार व्यक्त किया।

द्वारा

निजी सचिव

डॉ. नरेश बंसल जी

माननीय भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं

राज्यसभा सांसद 

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे को गुरु रविदास महाराज के नाम समर्पित करना सामाजिक समरसता की दिशा में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी* 




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे का नाम संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर समर्पित किया जाना, उनके महान विचारों, सामाजिक चेतना और मानवता के प्रति समर्पण को सच्ची श्रद्धांजलि है। संत रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर लिया गया यह निर्णय न केवल अत्यंत सराहनीय है, बल्कि सामाजिक समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समानता, करुणा, सेवा और मानव मात्र के सम्मान का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने भेदभाव, ऊँच-नीच और असमानता के विरुद्ध आवाज़ उठाकर एक समतामूलक समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की, जो आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक है।


श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में महापुरुषों और संतों के विचारों को सम्मान देने की परंपरा निरंतर सशक्त हो रही है। आदमपुर हवाई अड्डे को संत गुरु रविदास महाराज जी के नाम से जोड़ना, उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने और नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है।


मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि संत रविदास जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज समरसता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।



 


परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने आम बजट पर अपना बयान जारी करते हुए कहा की आम बजट पूरी तरह से दिशाहीन और जनविरोधी है। वित्त मंत्री का भाषण केवल आंकड़ों की बाजीगरी बनकर रह गया है, जिसमें हमारे जिले के युवाओं, किसानों और मध्यम वर्ग के लिए कुछ भी ठोस नहीं है।

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शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन बजट में निजी क्षेत्र और सरकारी भर्तियों के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया गया। सरकार ने युवाओं को एक बार फिर 'पकौड़ा अर्थव्यवस्था' के भरोसे छोड़ दिया है । 

खेती की लागत दोगुनी हो गई है, खाद-बीज के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन इस बजट में न तो MSP की कानूनी गारंटी का जिक्र है और न ही किसानों की आय बढ़ाने का कोई प्रावधान। 

पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों से त्रस्त जनता को उम्मीद थी कि टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को सरकार ने फिर से ठेंगा दिखा दिया है।

 यह बजट स्पष्ट करता है कि मोदी सरकार केवल अपने चुनिंदा पूंजीपति मित्रों की तिजोरियां भरने में लगी है, जबकि गरीब और पिछड़ा वर्ग बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरस रहा है।

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