मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी मंजूरी — उत्तराखण्ड में गन्ना मूल्य हुआ और बेहतर
गन्ना किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम — गन्ना मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पेराई सत्र 2025–26 के लिए उत्तराखण्ड राज्य की चीनी मिलों द्वारा क्रय किए जाने वाले गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य में वृद्धि को स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार का लक्ष्य किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण को गति देना है और यह सुनिश्चित करना है कि गन्ना किसानों को उनकी उपज का पूर्ण और उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो। इसी उद्देश्य के तहत वर्ष 2024–25 की तुलना में इस वर्ष गन्ना मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
गत पेराई सत्र 2024–25 में अगेती प्रजाति का राज्य परामर्शित मूल्य ₹375 प्रति कुंतल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹365 प्रति कुंतल निर्धारित था। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि नए पेराई सत्र 2025–26 के लिए इन मूल्यों में वृद्धि करते हुए अगेती प्रजाति का मूल्य ₹405 प्रति कुंतल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹395 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने यह भी कहा कि मूल्य निर्धारण की संपूर्ण प्रक्रिया में सहकारी, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की चीनी मिलों, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग, किसान संगठनों तथा संबंधित हितधारकों के साथ विस्तृत विमर्श किया गया। इसके साथ ही केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित एफ.आर.पी., उत्तर प्रदेश में प्रभावी गन्ना मूल्य तथा राज्य की भौगोलिक एवं कृषि परिस्थितियों का समुचित विश्लेषण कर संतुलित निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि *राज्य सरकार प्रत्येक निर्णय में किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। गन्ना किसानों की आय बढ़ाना, उनकी उपज का उचित सम्मान सुनिश्चित करना तथा उन्हें सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान उपलब्ध कराना राज्य सरकार का दायित्व है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर किसी प्रकार की असुविधा न हो और भुगतान बिना देरी के सुनिश्चित किया जाए।*
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेराई सत्र 2025–26 के लिए घोषित यह बढ़ा हुआ मूल्य न केवल गन्ना किसानों को राहत देगा, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा तथा गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहन देने में सहायक सिद्ध होगा।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की देहरादून से हरिद्वार की ओर जा रही बस ने शुक्रवार को छिद्दरवाला क्षेत्र में तीन वाहनों को जोरदार टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, बस ने पहले लालतप्पड़ में एक वाहन को टक्कर मारी, जिसके बाद छिद्दरवाला मैन चौक पर लाल बत्ती पर खड़े दो अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि इससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। वहीं यात्रियों ने किराया वापस मांगना चाहा तो कंडक्टर ने देने से मना कर दिया, जिसके चलते यात्रियों और परिचालक के बीच नोकझोंक हो गई। बाद में यात्रियों को दूसरी बस में बैठाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर थाने पहुंचा दिया है और मामले की जांच कर रही है।
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने आज अवैध निर्माण और गैरकानूनी प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण क्षेत्र में कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग अभियान चलाया। लगातार बढ़ रहे अनधिकृत निर्माणों पर रोक लगाने के उद्देश्य से एमडीडीए की टीम सुबह से ही मैदान में उतरी और बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माणों को चिन्हित कर कार्रवाई की।
सबसे बड़ी कार्रवाई जस्सोवाल, चकराता रोड क्षेत्र में की गई, जहां रोशन नेगी द्वारा लगभग 22 बिघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी प्लाटिंग व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि अवैध प्लाटिंग, अवैध कॉलोनी विकसित करना और बिना अनुमति संरचनाएँ खड़ी करना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता मनीष नोटियाल, प्रीतम चौहान, सुपरवाइजरों की टीम तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण की ज़िम्मेदारी है कि शहर का नियोजित विकास सुनिश्चित किया जाए। “प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी व्यक्ति को कानून तोड़कर अव्यवस्थित बसावट बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी,” तिवारी ने कहा।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि आज की कार्रवाई प्राधिकरण की शून्य-सहिष्णुता नीति का हिस्सा है। “जो भी लोग बिना स्वीकृति प्लाटिंग कर रहे हैं, नियमों को नजरअंदाज कर निर्माण कर रहे हैं, उन्हें चेतावनी है, ऐसी गतिविधियाँ तुरंत बंद करें, नहीं तो कठोर कार्रवाई होगी,” उन्होंने कहा।एमडीडीए का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
*सीबीआई ने उत्तराखंड ग्रेजुएट लेवल एग्जामिनेशन पेपर लीक मामले में एक असिस्टेंट प्रोफेसर को किया गिरफ्तार*
- आरोपी को मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा
- जांच में सामने आया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर ने कथित तौर पर आरोपी प्राइवेट व्यक्ति को उसकी बहन के ज़रिए मिले प्रश्न पत्र का कुछ हिस्सा हल करने में मदद की थी
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को शहीद श्रीमती हंसा धनाई राजकीय महाविद्यालय, अगरोरा (धार मंडल), टिहरी गढ़वाल की श्रीमती सुमन नाम की एक असिस्टेंट प्रोफेसर को उत्तराखंड ग्रेजुएट लेवल परीक्षा पेपर लीक मामले में दो अन्य आरोपी प्राइवेट व्यक्तियों (भाई और बहन) के साथ साजिश का हिस्सा होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए प्राइवेट व्यक्तियों के नाम मोहम्मद खालिद और उसकी बहन सबीहा हैं।
पूर्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा ट्रांसफर किए जाने पर सीबीआई ने यह मामला अपने हाथ में ले लिया था। सीबीआई ने आरोपी प्राइवेट व्यक्ति और उसकी बहन को पुलिस हिरासत में लिया था और विस्तार में जांच की थी। पुलिस हिरासत में आरोपी और उसकी बहन की पूरी जांच और मोबाइल फोन और दूसरे सबूतों की जांच के बाद, असिस्टेंट प्रोफेसर की भूमिका जाँच के घेरे में आई। इसलिए, असिस्टेंट प्रोफेसर को शुक्रवार 28 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया है और आरोपी को मेडिकल जांच के बाद तय कोर्ट में पेश किया जाएगा।
अब तक की जांच से पता चला है कि असिस्टेंट प्रोफेसर ने परीक्षा के दौरान अपनी बहन के ज़रिए मिले प्रश्न पत्र के कुछ हिस्से को हल करने में आरोपी प्राइवेट व्यक्ति की मदद की थी और उत्तर को परीक्षा में बैठे आरोपी प्राइवेट व्यक्ति को भेजा था। जांच दैनिक स्तर पर जारी है।
*एयरपोर्ट विस्तारीकरण में किसी प्रकार की बाधा अनुमन्य नहीं-डीएम*
*डीएम का सख्त निर्देशः डंपिंग यार्ड में कूडा निस्तारण हेतु नगर पालिका तुरंत खरीदें ट्रामेल व पोकलैंड मशीन, मशीनें क्रय न करने तक पालिका का कोई भी प्रस्ताव नही होगा स्वीकृत।*
*डंपिंग यार्ड टिन शेड से हो कवर, मशीनें और मैनपावर बढ़ाकर तेजी से करे डंप कूडे का निस्तारण*
*विमान, पैसेंजर, आमजन की सुरक्षा हमारा कर्तव्य-डीएम
*एयरपोर्ट विस्तारीकरण में न सिर्फ राज्य की आय का इजाफा, बल्कि स्थानीय लोगों को नौकरी, रोजगार के साथ वर्ल्ड मैप पर दिखेगी की राज्य की संस्कृति और परंपरा*
*एयरपोर्ट विस्तारीकरण प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री की उच्च प्राथमिकता, प्रोजेक्ट में देरी क्षम्य नहीं,
*डोईवाला में डंपिंग यार्ड बदलने की तैयारी, एसडीएम को 07 दिन में नई जगह तय करने के निर्देश*
*नागरिक सुरक्षा सर्वोपरिः जौलीग्रांट एयरफील्ड पर्यावरण प्रबंधन पर डीएम ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक,*
देहरादून ;
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में जौलीग्रांट एयरपोर्ट की एयरफील्ड पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक हुई। बैठक में हवाई अड्डे के 10 किलोमीटर संचालन क्षेत्र में पक्षियों और वन्यजीवों की गतिविधियों को नियंत्रित करने और पर्यावरण से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करते हुए एहतियाती तौर पर सुरक्षा के सभी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण मा. मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में से एक है। एयरपोर्ट विस्तारीकरण में किसी प्रकार की बाधा अनुमन्य नहीं होगी। प्रभावितों को तुरंत मुआवजा वितरण करें। डीएम ने कहा कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण में राज्य की आय में तो इजाफा होगा ही, इसके अलावा स्थानीय लोगों को नौकरी, रोजगार के साथ वर्ल्ड मैप पर राज्य की संस्कृति और परंपरा की झलक भी दिखेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि विमान, पैसेंजर, आमजन की सुरक्षा हमारा कर्तव्य है। डीएम ने डोईवाला नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए कि एयरपोर्ट के निकट केशवपुरी में स्थित डंपिंग यार्ड में मौजूद कूडा निस्तारण में तेजी लाए। टेंडर प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करें। कूडा निस्तारण हेतु ट्रामेल एवं पोकलैंड मशीनें तत्काल खरीदी जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि ट्रामेल व पोकलैंड मशीन पालिका द्वारा जब तक क्रय नहीं की जाती है, तब तक पालिका का कोई भी प्रस्ताव स्वीकृत नहीं किया जाएगा। डंपिग यार्ड को टिन शेड से कवर करें और मैनपावर और मशीनें बढ़ाते हुए तेजी से कूडे का निस्तारण किया जाए। बर्ड हिट की घटनाओं एवं वन्यजीवों की गतिविधियों को नियंत्रित करने हेतु जिलाधिकारी ने हवाई अड्डा परिचालन क्षेत्र में एकत्रित होने वाले कूड़े का भी नियमित निस्तारण करने को कहा। डीएम ने निर्देश दिए कि एयरपोर्ट के आसपास स्थित सभी दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट की भी पड़ताल कराकर नियमानुसार निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट की 10 किमी परिधि में केशवपुरी में स्थित डंपिंग साइट के विस्थापन की आवश्यकता पर जिलाधिकारी ने एसडीएम डोईवाला को डंपिंग यार्ड अन्यत्र शिफ्ट कराने हेतु सप्ताह के भीतर सरकारी भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही मौजूद भूमि जिस पर अभी डंपिंग यार्ड स्थित है, उस भूमि की श्रेणी भी बताए। हवाई अड्डा परिसर के अंदर और बाहर नाली की क्षमता में मौजूदा विसंगति और नाले की सफाई की समस्या पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के माध्यम से जल्द से जल्द काम शुरू करते हुए समस्या का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के आसपास कचरे की डंपिंग, मांस की दुकानें होने, निर्धारित ऊंचाई से अधिक पेड़ या इमारतें होने पर बर्ड स्ट्राइक की संभावनाए अधिक रहती है। उन्होंने एयरपोर्ट की 10 किमी परिधि में स्थित डंपिंग यार्ड विस्थापन की आवश्यकता और परिसर के बाहर और अंदर की निकासी नाली की क्षमता में विसंगति की समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल, विमानपत्तन निदेशक बीसीएच नेगी, उप महाप्रबंधक अमित जिन्दल, उप महाप्रबंधक अनिल कुमार मस्ताना, प्रबंधक शुभम वत्स, डोईवाला नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एलएल शाह, निरीक्षण सचिन सिंह रावत कुलदीप खत्री आदि उपस्थित थे।
*2027 कुंभ के दिव्य और भव्य आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने अखाड़ों के आचार्यों एवं संतों के साथ बैठक की।*
*कुंभ के आयोजन के लिए गंगा किनारे पहली बार बैठक की गई।
संस्कृति के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उठाए गए कदमों की संतजनों ने की सराहना
हरिद्वार में होने वाले 2027 के कुंभ के भव्य आयोजन के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हरिद्वार में गंगा किनारे सभी 13 अखाड़ों के आचार्यों एवं संतगणों के साथ बैठक की। कुंभ के भव्य आयोजन के लिए पहली बार गंगा तट पर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 2027 कुंभ स्नान की महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा भी की। उन्होंने 14 जनवरी 2027 को मकर संक्रांति, 06 फरवरी 2027 को मौनी अमावस्या, 11 फरवरी 2027 को वसंत पंचमी, 20 फरवरी 2027 को माघ पूर्णिमा, 06 मार्च 2027 को महाशिवरात्रि (अमृत स्नान), 08 मार्च 2027 को फाल्गुन अमावस्या (अमृत स्नान), 07 अप्रैल 2027 को नव संवत्सर (नव वर्ष), 14 अप्रैल 2027 को मेष संक्रांति (अमृत स्नान), 15 अप्रैल 2027 को श्रीराम नवमी तथा 20 अप्रैल 2027 को चैत्र पूर्णिमा के स्नान की तिथियों की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कुंभ के सफल आयोजन के लिए अखाड़ों के आचार्यों से सुझाव एवं मार्गदर्शन लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ से जुड़े सभी निर्णयों में संतगणों की परम्पराओं, आवश्यकताओं एवं सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि कुंभ के सुव्यवस्थित और भव्य आयोजन के लिए उन्हें संतगणों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि संतों की प्रेरणा, सुझाव और आशीर्वाद के बिना इस महायोजना की पूर्णता की कल्पना भी संभव नहीं है। हमारा प्रयास है कि सभी के अमूल्य सुझावों से कुंभ 2027 की तैयारियों को और अधिक व्यापक, सुव्यवस्थित और संत समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया है। इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार कुंभ 2027 को भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में आयोजित कुंभ कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण केवल अल्प अवधि के लिए आयोजित किया गया था और शाही स्नान भी प्रतीकात्मक रूप से ही संपन्न हुआ था, लेकिन वर्ष 2027 में होने वाला हरिद्वार कुंभ कई दृष्टियों से ऐतिहासिक और विशेष महत्व का होगा। इस बार आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 2010 और 2021 के कुंभ की तुलना में कई गुना अधिक होने की संभावना है। राज्य सरकार ने हरिद्वार कुंभ 2027 को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए अभी से व्यापक स्तर पर तैयारियाँ प्रारंभ कर दी हैं। श्रद्धालुओं और साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राज्य और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस, एनडीआरएफ, पीएसी, स्वास्थ्य विभाग और फायर विभाग सहित सभी संबंधित विभाग सुरक्षा के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए सभी संभव उपाय सुनिश्चित करेंगे। कुंभ के दौरान पूर्व में घटित दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आकस्मिक आपात स्थिति की तैयारी पहले से ही प्रारंभ कर दी गई है। पूर्व में आयोजित कुंभ मेलों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने वाले अधिकारियों का भी पूर्ण सहयोग लिया जाएगा, ताकि हर प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके। कुंभ के दौरान नगर और घाट क्षेत्रों की स्वच्छता के लिए विशेष टीमों का गठन कर कचरा प्रबंधन, जल निकासी और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अखाड़ों के आचार्य एवं संतगणों द्वारा संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की गई। उन्होंने कहा कि भव्य एवं दिव्य कुंभ के आयोजन के लिए संत समाज द्वारा राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ने अखाड़ों के आचार्यों एवं संतगणों के साथ भोजन भी किया।
इस दौरान श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज-श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा, श्री महंत कौशल गिरी महाराज-श्री पंचायती आनंद अखाड़ा,
श्री रविन्द्र पूरी महाराज श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा, श्री महंत हरिगिरी महाराज-श्री पंचदशनाम जूना भैरव अखाड़ा, डॉ. साधनानन्द जी महाराज-श्री पंचअग्नि अखाड़ा, श्री महंत सत्यगिरि महाराज-श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा, श्री महंत सत्यम गिरी महाराज-श्री पंचायती अटल अखाड़ा, श्री महंत मुरली दास महाराज-श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा, श्री महंत वैष्णव दास महाराज-श्री पंच दिगम्बर अनी अखाड़ा, श्री महंत राजेन्द्र दास जी महाराज-श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा, श्री महंत दुर्गादास महाराज-श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा, श्री महंत भगतराम दास महाराज-श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा, श्री महंत जसविंदर महाराज-श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा, सांसद राज्यसभा श्रीमती कल्पना सैनी, विधायक हरिद्वार श्री मदन कौशिक, विधायक रानीपुर श्री आदेश चौहान, विधायक रुड़की श्री प्रदीप बत्रा, महापौर नगर निगम हरिद्वार श्रीमती किरन जैसल, महापौर नगर निगम रुड़की श्रीमती अनीता देवी अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा/पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, आयुक्त गढ़वाल मंडल श्री विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका, जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रमेंद्र सिंह डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी श्री ललित नारायण मिश्रा मौजूद थे।
एकता की विविधता के रंग में रंगा देहरादून, ध्वजारोहण और वंदे मातरम् के सामूहिक गान से एबीवीपी अधिवेशन की शुरुआत।
उत्तराखण्ड के लोकनृत्यों से एबीवीपी अधिवेशन में पहुंचे प्रतिनिधियों का स्वागत।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन के पहले दिन देशभर के विभिन्न हिस्सों से देवभूमि, उत्तराखण्ड पहुंचे विद्यार्थियों से शहर का परेड ग्राउंड विविधता के रंग में रंग चुका है। आज सुबह अभाविप के ध्यवरोहण के पश्चात एकसाथ सभी प्रतिनिधियों ने सामूहिक वंदे मातरम गायन किया। अपने प्रांत के स्थानीय परिधानों में प्रतिनिधियों की उपस्थिति देखते ही बन रही है। उत्तराखण्ड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों नगाड़े, ढोल, मंजीरा आदि द्वारा विद्यार्थी प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया।
*अभाविप राष्ट्रीय अधिवेशन प्रांगण में लगी भव्य 'रानी अब्बक्का प्रदर्शनी' का किया गया उद्घाटन*
*उत्तराखण्ड की उदात्त एवं उन्नत संस्कृति की दिखेगी प्रदर्शनी में झलक; महापुरुषों, स्वातंत्र्यवीर सपूतों के साथ समसामयिक विषयों का भी होगा भव्य प्रदर्शन*
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के देहरादून में बसाए गए 'भगवान बिरसा मुंडा नगर' के प्रमुख आकर्षण केंद्र "रानी अब्बक्का प्रदर्शनी" का उद्घाटन आज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पतंजलि योग ट्रस्ट के महासचिव आचार्य बालकृष्ण एवं प्रदर्शनी उद्घाटनकर्ता उत्तराखण्ड के शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत द्वारा किया गया, जिसका थीम "देवभूमि से राष्ट्रभूमि तक - उत्तराखण्ड के 25 वर्षों की यात्रा एवं विजन 2047 के संदर्भ में राष्ट्रीय पुनर्जागरण" है। इस भव्य प्रदर्शनी में अभाविप के विचार-वृक्ष, संगठन के राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय अभियान, छात्रसंघ चुनावों में संगठन की भूमिका, स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, सांस्कृतिक पुनर्जागरण की विभूतियां जैसे विषयों को प्रमुखता से प्रदर्शनी हेतु रखा गया है। इस दौरान देशभर से आए अभाविप कार्यकर्ता, अतिथि, स्कूली विद्यार्थी एवं उत्तराखण्ड के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस प्रदर्शनी में रानी अबक्का को भारतीय अस्मिता, स्त्री-शौर्य और राष्ट्र-निष्ठा के सर्वोच्च प्रतीकों में से एक के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसके माध्यम से युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का लक्ष्य रखा गया है।इसके साथ ही प्रदर्शनी में उत्तराखंड के वीर योद्धाओं तीलू रौतेली, माधव सिंह भंडारी और अन्य स्थानीय नायकों की गाथाओं को भी विशिष्ट स्थान दिया गया है। राज्य की आध्यात्मिक विरासत, पर्वतीय जीवनशैली, आभूषणों, कृषि उपकरणों और पहाड़ी वास्तुकला की झलकियाँ आगंतुकों को स्थानीय संस्कृति से जोड़ती हैं। उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों, मंदिरों, पौराणिक स्थानों, त्यौहारों और लोकनृत्यों के साथ-साथ नंदा राजजात यात्रा, जागर परंपरा और विभिन्न स्थानीय देवताओं की सांस्कृतिक उपस्थिति का आकर्षक प्रदर्शन भी किया गया है।
इस भव्य प्रदर्शनी में आदिगुरु शंकराचार्य, गौरा देवी, स्वामी रामतीर्थ, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली, माधो सिंह भंडारी, गोविंद बल्लभ पंत और उत्तराखंड की लोक परंपराओं पर आधारित विशिष्ट मंडप भी स्थापित किए गए हैं। समग्रतः, यह रानी अबक्का प्रदर्शनी न केवल अभाविप के विचार, कार्य, इतिहास और संगठनात्मक विस्तार का जीवंत प्रस्तुतीकरण है, बल्कि रानी अबक्का जैसी अपराजेय नायिका के योगदान को राष्ट्रीय विमर्श में पुनःस्थापित करते हुए, भारतीय परंपरा, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक विविधता के संगम का एक अद्वितीय प्रतिरूप भी है।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि पतंजलि योग ट्रस्ट के महासचिव आचार्य बालकृष्ण जी ने कहा कि," ज्ञान-शील-एकता का प्रतीक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन उत्तराखण्ड में पहली बार हो रहा है। इस बात की प्रसन्नता जितनी है, उससे अधिक आनंद आप सभी की उत्साहपूर्ण उपस्थिति से हो रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जैसे संगठन से आपका जुड़ना आपके लिए पुण्य और गौरव का विषय है। अपने आचरण और जीवन-मूल्यों से अभाविप के कार्यकर्ता दूसरों के जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं। प्रदर्शनी के माध्यम से हमने देखा कि रानी अब्बक्का जी की यह भव्य प्रदर्शनी उनके तेज और शौर्य को उजागर करती है। साथ ही, उत्तराखण्ड की विशिष्ट परंपरा को विद्यार्थियों द्वारा जिस सुंदरता से प्रस्तुत किया गया है, वह अत्यंत सराहनीय है। ‘राष्ट्र प्रथम’ हम सभी का मूल मंत्र है और हम सब उसी प्राचीन गुरुकुल परंपरा के वाहक हैं। सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जागरण के लिए जो प्रयास चल रहे हैं उनसे हम सभी को अवश्य जुड़ना चाहिए।"
रानी अब्बक्का प्रदर्शनी के उद्घाटनकर्ता तथा उत्तराखण्ड सरकार के शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि, "जब मैं विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता था तब मन में यह इच्छा रहती थी कि राष्ट्रीय अधिवेशन हमारे उत्तराखण्ड में भी आयोजित हो। यह पहली बार हो रहा है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उत्तराखण्ड में अपना राष्ट्रीय अधिवेशन करने जा रही है। इसके लिए मैं उत्तराखण्ड की जनता की ओर से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं का इस पावन धरा पर हार्दिक स्वागत करता हूँ। बड़े गर्व के साथ कहना चाहता हूँ कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता वर्ष के 365 दिन निरंतर कार्य करते हैं। यह भी अत्यंत गर्व का विषय है कि इसी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं में से वर्तमान समय में देश के विभिन्न राज्यों में 8 शिक्षा मंत्री कार्यरत हैं। मैं सभी से आग्रह करता हूँ कि अभाविप द्वारा लगाई गई इस भव्य प्रदर्शनी को अवश्य देखें और ऐसे संगठन से अवश्य जुड़ें।"
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री आदित्य तकियार ने उद्घाटन समारोह में सभी का स्वागत करते हुए कहा कि," देवभूमि उत्तराखण्ड की इस पावन धरा पर कल से अभाविप का राष्ट्रीय अधिवेशन प्रारम्भ होने जा रहा है। भारत भूमि सदैव वीरों की भूमि रही है और इसी वीरता का अद्भुत उदाहरण हमें महारानी अब्बक्का के जीवन में मिलता है। राष्ट्रीय अधिवेशन हेतु बसाए गए ‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ परिसर में स्थापित प्रदर्शनी को वीरांगना रानी अब्बक्का के नाम पर समर्पित किया गया है। इस प्रदर्शनी में उत्तराखण्ड की उदात्त संस्कृति, स्वातंत्र्यवीर सपूतों, महापुरुषों तथा विविध समसामयिक विषयों की प्रेरक झलक देखने को मिलेगी।"
इस दौरान मंच पर मुख्य अतिथि आचार्य बालकृष्ण, प्रदर्शनी उद्घाटनकर्ता डॉ धन सिंह रावत, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. आशुतोष मंडावी, राष्ट्रीय मंत्री आदित्य तकियार, राज्य केंद्रीय विश्वविद्यालय कार्य संयोजक श्री अमन पंत एवं उत्तराखण्ड प्रांत की उपाध्यक्ष प्रगति भरतवाल जी उपस्थित रही।