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देहरादून:





*मियांवाला स्थित जौहड़ की भूमि का 8.63 करोड़ की लागत से सौंदर्यीकरण, पुराने जलस्रोत को मिला नया जीवन*

*जल-सृष्टि पार्क में जल संरक्षण के साथ आमजन के लिए आधुनिक सुविधाएं*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के विजन को धरातल पर उतारते हुए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मियांवाला स्थित जौहड़ की भूमि का व्यापक सौंदर्यीकरण कर इसे आधुनिक एवं आकर्षक जल-सृष्टि पार्क के रूप में विकसित किया है। करीब 8.63 करोड़ रुपये की लागत से किए गए इस सौंदर्यीकरण कार्य के बाद वर्षों से उपेक्षित पड़े पुराने जलस्रोत और उसके आसपास का क्षेत्र अब आमजन के लिए प्रकृति, स्वास्थ्य, मनोरंजन और सुकून का नया ठिकाना बनकर तैयार है। सिटी फॉरेस्ट के बाद एमडीडीए की यह पहल देहरादून में हरित क्षेत्रों और प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार शहरी विकास को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने पर जोर देते रहे हैं। इसी सोच के अनुरूप मियांवाला के पंचायत घर गन्ना सेंटर के समीप स्थित जौहड़ की भूमि और पुराने तालाब क्षेत्र का कायाकल्प कर इसे आधुनिक पार्क का स्वरूप दिया गया है। परियोजना में जलस्रोत के संरक्षण के साथ आसपास के क्षेत्र का व्यवस्थित सौंदर्यीकरण किया गया है। जल संरक्षण और जलीय जीवों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ नौकायन जैसी गतिविधियों के लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं।


एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने जल-सृष्टि पार्क का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पार्क परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में एमडीडीए ऐसी परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनसे विकास के साथ प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित हो। मियांवाला में जौहड़ की भूमि का सौंदर्यीकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पार्क में उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी शैली में मुख्य प्रवेश द्वार, योग डेक, योग से संबंधित मूर्तिकला, गजीबो, वॉकिंग ट्रैक, गार्डन बेंच, कैंटीन, स्वच्छ शौचालय और सुरक्षा रेलिंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। जलीय फूल, मछलियां, पक्षी और हरियाली पार्क की खूबसूरती बढ़ाते हैं। यह पार्क परिवारों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने के साथ शहर में एक बेहतर सार्वजनिक स्थल के रूप में भी विकसित हुआ है। एमडीडीए की यह परियोजना मुख्यमंत्री धामी के उस विजन को मजबूती देती है, जिसमें शहरों का विकास आधुनिक सुविधाओं के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को ध्यान में रखकर करने पर जोर दिया जा रहा है। मियांवाला का जल-सृष्टि पार्क इसी सोच का उदाहरण है, जहां जौहड़ की भूमि और पुराने जलस्रोत को संरक्षित करते हुए उसे जनसुविधा, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा गया है।


*जीर्ण तालाब से खूबसूरत जल-सृष्टि पार्क तक*

पंचायत घर गन्ना सेंटर के समीप लंबे समय से उपेक्षित पड़े जौहड़ और तालाब क्षेत्र का कायाकल्प कर एमडीडीए ने इसे आकर्षक पार्क का स्वरूप दिया है। 8.63 करोड़ रुपये की लागत से जौहड़ की भूमि पर किए गए सौंदर्यीकरण कार्य के तहत तालाब के संरक्षण के साथ आसपास हरित क्षेत्र और जनसुविधाएं विकसित की गई हैं। नौकायन जैसी गतिविधियों के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं, जबकि जलीय जीवों के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। मियांवाला की यह परियोजना इस बात का उदाहरण है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चला जा सकता है।


*पारंपरिक पहाड़ी शैली में प्रवेश द्वार, योग डेक और वॉकिंग ट्रैक*

जल-सृष्टि पार्क को आधुनिक सुविधाओं के साथ उत्तराखंड की स्थानीय संस्कृति से भी जोड़ा गया है। पार्क का मुख्य प्रवेश द्वार पारंपरिक पहाड़ी शैली में तैयार किया गया है। यहां योग डेक, योग से संबंधित मूर्तिकला, आकर्षक गजीबो, वॉकिंग ट्रैक, गार्डन बेंच, कैंटीन और स्वच्छ शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। तालाब के आसपास सुरक्षा रेलिंग लगाई गई है। हरियाली से भरपूर खुले क्षेत्र पार्क की खूबसूरती बढ़ाते हैं। ऐसे में यह पार्क बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और परिवारों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित हुआ है।


*सिटी फॉरेस्ट के बाद पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और कदम*

एमडीडीए की ओर से विकसित जल-सृष्टि पार्क को सिटी फॉरेस्ट के बाद आमजन के लिए एक और पर्यावरणीय तोहफा माना जा रहा है। सिटी फॉरेस्ट की तर्ज पर यह परियोजना भी देहरादून में हरित क्षेत्रों और प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने की सोच को आगे बढ़ाती है। जौहड़ और पुराने जलस्रोत के पुनर्जीवन से जहां क्षेत्र की सुंदरता बढ़ी है, वहीं जल संरक्षण और स्थानीय पारिस्थितिकी को भी मजबूती मिलेगी। नौकायन जैसी गतिविधियों के जरिए लोगों को जलस्रोतों से जोड़ने और प्रकृति के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया गया है।


*विकास में हरियाली और जल संरक्षण को प्राथमिकता*

एमडीडीए का जोर अब ऐसी परियोजनाओं पर है, जिनमें विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी कायम रहे। पुराने तालाब, जौहड़, जलस्रोत और हरित क्षेत्रों को संरक्षित कर उन्हें जनोपयोगी स्वरूप देने से शहर को बेहतर सार्वजनिक स्थल मिलने के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी संभव होगा। मियांवाला का जल-सृष्टि पार्क इसी सोच का परिणाम है। यह सिर्फ एक पार्क नहीं, बल्कि 8.63 करोड़ रुपये की लागत से जौहड़ की भूमि के सौंदर्यीकरण, पुराने जलस्रोत को बचाने, प्रकृति को संवारने और आमजन को बेहतर सुविधाएं देने की एकीकृत पहल है।


*बंशीधर तिवारी : पुराने जलस्रोतों को बचाना हमारी प्राथमिकता*

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून के विकास में पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मियांवाला का पुराना तालाब और जौहड़ क्षेत्र लंबे समय से उपेक्षित था, जिसे 8.63 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं के साथ जल-सृष्टि पार्क के रूप में विकसित किया गया है। हमारा उद्देश्य केवल सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि जलस्रोत का संरक्षण, जलीय जीवों के लिए अनुकूल वातावरण और आमजन को बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना है। सिटी फॉरेस्ट के बाद यह एमडीडीए की एक और महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल है। आने वाले समय में भी ऐसे प्राकृतिक जलस्रोतों और हरित क्षेत्रों को संरक्षित करने का प्रयास जारी रहेगा।


*मोहन सिंह बर्निया : विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण जरूरी*

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि मियांवाला जल-सृष्टि पार्क विकास और पर्यावरण संरक्षण का बेहतर उदाहरण है। जौहड़ की भूमि और पुराने तालाब क्षेत्र को संरक्षित कर उसका 8.63 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण किया गया है और इसे जनसुविधाओं से जोड़ा गया है। पार्क में हरियाली, योग, वॉकिंग और नौकायन जैसी सुविधाएं लोगों को प्रकृति से जोड़ेंगी। एमडीडीए भविष्य में भी शहर के प्राकृतिक संसाधनों और हरित क्षेत्रों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए जनहित से जुड़ी ऐसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाएगा।

  डोईवाला :



विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बालाजी फार्म, डोईवाला में   मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी   उत्तराखंड सरकार द्वारा उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री पोषण सामग्री योजना, मुख्यमंत्री शिक्षण सामग्री एवं मुख्यमंत्री स्वच्छता सामग्री योजना के कैंप के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।



इस अवसर पर हमारे मेहनतकश श्रमिक भाई-बहनों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सामग्री किट वितरित की गई। सरकार की इन जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य श्रमिक परिवारों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण एवं स्वच्छता के क्षेत्र में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराकर उनके जीवन को और बेहतर बनाना है।


कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी, अपर आयुक्त श्रम विभाग श्री शैलेश सती जी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्री विक्रम सिंह जी, सभासद श्री अमित जी, श्री राज कुमार राज जी, वार्ड सदस्य श्रीमती कुसुम शर्मा जी, बूथ अध्यक्ष श्रीमती पूनम थापा जी, बूथ अध्यक्ष श्री अमर शर्मा जी, श्री नंद किशोर यादव जी सहित बड़ी संख्या में श्रमिक भाई-बहन उपस्थित रहे।


श्रमिकों का सम्मान और उनके परिवारों का कल्याण हमारी प्राथमिकता है।

आइए, मिलकर ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाएँ और समाज के प्रत्येक वर्ग तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाएँ।



देहरादून:


जानकारी के अनुसार कॉलोनी निवासी श्रीमती गायली देवी, पत्नी स्व. श्री बिशन सिंह नेगी उम्र 84 वर्ष अपने घर में फिसल कर गिर गईं। गिरने से उनके पैर की हड्डी टूट गई। परिजनों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस को कॉल किया। 


लेकिन कॉलोनी के रास्तों में कमर तक पानी भरा होने के कारण एम्बुलेंस घर तक नहीं पहुंच सकी। मजबूरन मोहल्ले के लोगों ने पानी में उतरकर वृद्ध महिला को सहारा देकर काफी दूर खड़ी एम्बुलेंस तक पहुंचाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनी में नाली न होने से हर बरसात में यही स्थिति बनती है। पूर्व प्रधान द्वारा 2024-25 में शासन को नाली निर्माण का प्रस्ताव भी दिया गया था, लेकिन आज तक कोई कार्य नहीं हुआ।


ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से मांग की है कि राजधानी के पास बसी इस कॉलोनी में तत्काल पक्की नाली का निर्माण कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

पुर्व में विधायक डोईवाला भी इसी स्थान का निरीक्षण कर आश्वासन दे चुके है, यही नही सौड़ा सरौली के ग्रामीणों ने  बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान कंचन राणा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से स्थायी समाधान की मांग की थी।

जन समाधान दिवस के तहत दिए पत्र में प्रधान ने बताया कि वर्षा ऋतु में सेमलवाला खाले से आने वाले पानी के कारण आसरा कॉलोनी, भूर्णा मंदिर कॉलोनी, शिव विहार और धर्मा स्कूल के आसपास जलभराव हो जाता है। इससे घरों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों को नुकसान पहुंचने के साथ आवागमन बाधित होता है। किसानों की धान की फQसल भी प्रभावित होती है । ग्रामीणों ने जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सौड़ा सरोली पुल से सीरवालगढ़ पुल तक पक्की नहर बनाने का सुझाव दिया है। साथ ही
देहरादून-रायपुर-थानों-जौलीग्रांट मार्ग पर इलेक्ट्रक बसें चलाने की अपील
सिंचाई विभाग की पुरानी नहरों और गुलों की मरम्मत व चौड़ीकरण कराने तथा जल प्रवाह में बाधक अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में जन-धन की बड़ी क्षति हो सकती है ।
वहीं, ग्राम प्रधान कंचन राणा ने देहरादून से रायपुर थानों होते हुए जौलीग्रांट एयरपोर्ट और हिमालयन अस्पताल तक इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने की मांग भी की ।
उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं होने से स्थानीय लोगों, मरीजों और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को परेशानी होती है। उन्होंने जिलाधिकारी से दोनों समस्याओं पर शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध किया था।


हाईस्कूल का कुल परीक्षाफल 92 से बढ़कर हुआ 96 फसदी*

 

*इण्टरमीडिएट में 85 से 91 फीसदी हुई उत्तीण छात्रों की संख्या*


रामनगर/देहरादून, 19 अगस्त 2026

उत्तराखंड विद्याल


यी शिक्षा परिषद् ने हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परिषदीय परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2026 का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिये है। परीक्षाफल सुधार परीक्षा-2026 के तहत हाईस्कूल का कुल परीक्षा परिणाम 83.13 फीसदी रहा जबकि इण्टरमीडिएट में परीक्षा परिणाम 73.35 फीसदी रहा। इसके साथ ही अब बोर्ड परीक्षा के कुल परीक्षा परिणामों के आंकड़ों में भी वृद्धि हुई है।


उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सभापति व निदेशक माध्यमिक शिक्षा वी.पी. सिमल्टी ने बताया कि बोर्ड ने हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परिषदीय परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2026 (प्रथम) एवं परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2025 (तृतीय) का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2026 (प्रथम) के तहत हाईस्कूल का कुल परीक्षाफल 83.13 फीसदी रहा। जिसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 82.61 प्रतिशत तथा बालिकाओं का 84.34 प्रतिशत रहा। इसी प्रकार इण्टरमीडिएट में कुल परीक्षाफल 73.35 फसदी रहा। जिसमें बालकों का उत्तीण प्रतिशत 71.20 प्रतिशत तथा बालिकाओं का 76.07 प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि परीक्षाफल सुधार परीक्षा के उपरांत बोर्ड परीक्षा के कुल परीक्षा परिणामों के आंकड़ों में भी वृद्धि हुई है। जिसके तहत हाईस्कूल का कुल परीक्षाफल 92.10 फीसदी से बढ़कर 96.07 फीसदी हो गया है, जिसमें 93.94 फीसदी बालक व 98.14 फीसदी बालिकाएं हैं। इसी प्रकार इण्टरमीडिएट में भी उत्तीर्ण प्रतिशत में जबरदस्त उछाल आया है। पहले जहां 85.11 फीसदी छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुई अब इनकी संख्या बढ़कर 91.80 फीसदी हो गई है। जिसमें 89.26 फीसदी बालक और 94.16 फीसदी बालिकाएं शामिल हैं। 


परिसद के सभापति वी.पी. सिमल्टी ने बताया कि बोर्ड ने परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2025 (तृतीय) के परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिये हैं। जिसमें हाईस्कूल का कुल परीक्षा परिणाम 66.67 फीसदी रहा। जिसमें बालकों का परीक्षाफल 71.88 फीसदी तथा बालिकाओं का 57.89 फीसदी रहा। इसी प्रकार इण्टरमीडिएट का कुल परीक्षा परिणाम 58.70 फीसदी रहा। जिसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 61.54 तथा बालिकाओं का 55.00 फीसदी रहा।


*बयान-*

परीक्षाफल सुधार परीक्षा उन छात्र-छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो मुख्य बोर्ड परीक्षा में किसी विषय में अनुत्तीर्ण रह गये हों या फिर अपने अंकों में सुधार करना चाहते हों। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपनी मेहनत के बल पर बेहतर परिणाम प्राप्त करने का एक और अवसर मिलता है। परीक्षाफल सुधार परीक्षा में उत्तीर्ण सभी छात्र-छात्राओं एंव उनके अभिभावकों को बधाई व शुभकामनाएं। - *डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।*

 



 डोईवाला:


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  दिनांक 19.08.2026 को समय करीब 10.40 बजे कोतवाली डोईवाला पर सूचना प्राप्त हुयी कि मणिमाई मन्दिर के पास दो वाहनों का  आपस मे टकराने से सडक दुर्घटना हुयी है, जिसमे कुछ लोग चोटिल हुये है।  

इस सूचना पर प्रभारी निरीक्षक डोईवाला व चौकी प्रभारी हर्रावाला मय आवश्यक पुलिस बल के मौके पर पहुंचे  तो देखा कि मढ़ी माई मंदिर से लगभग ढाई सौ मीटर देहरादून की तरफ देहरादून से डोईवाला को आने वाले सड़क मार्ग पर एक इको वैन नंबर HR 12 ए 8730 आगे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त एयरबैग खुले हुए सड़क के बाएं तरफ खड़ी है तथा दूसरा वाहन यूटिलिटी, बिना नंबर सड़क से लगभग 25 -30 मी घिसट कर सड़क के दाहिने तरफ डिवाइडर से लगा है, इको वैन के पास दो व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़े हुए मिले जिनको 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल कोरोनेशन भेजा गया, इससे पूर्व इको वैन में घायल 03 व्यक्तियों को सामुदायिक चिकित्सा केंद्र डोईवाला तथा दो व्यक्तियों को कैलाश अस्पताल भेजा गया था, जिसमें से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला में एक व्यक्ति नरेश पुत्र महावीर निवासी टिकट वाली गली रेलवे रोड रोहतक हरियाणा को चिकित्सक द्वारा मृत घोषित किया गया, 01 घायल व्यक्ति को  हायर सेंटर रेफर किया गया जो जौलीग्रांट हॉस्पिटल में उपचाराधीन है अन्य तीसरे घायल व्यक्ति दीपेंद्र सिंह पुत्र रामबरन सिंह निवासी रेलवे रोड रोहतक हरियाणा उम्र 35 वर्ष जिनकी स्थिति सामान्य है को उसके परिजन अरिहंत हॉस्पिटल ले गए हैं। कैलाश अस्पताल में एक घायल व्यक्ति विनोद पुत्र रमेश निवासी आर्य नगर रोहतक हरियाणा उम्र 40 वर्ष की दौरान उपचार मृत्यु हो गई है एक अन्य घायल व्यक्ति लाला पुत्र राम भरोसे उम्र 35 वर्ष निवासी काठ मंडी टेकनगर रोहतक हरियाणा उपचाराधीन है।

घायल व्यक्ति विपेंद्र सिंह पुत्र रामबरन सिंह निवासी रेलवे रोड रोहतक हरियाणा से पूछताछ की गई तो बताया कि हम लोग इको वैन में कल कल दिनांक 18 8 26 को रोहतक रेलवे रोड से रात के लगभग 9:30 बजे हरिद्वार घूमने के लिए आए थे और रात के लगभग दो ढाई बजे हरिद्वार पहुंचे वहां पर आराम करने के बाद आज सुबह टपकेश्वर मंदिर देहरादून आए थे और दर्शन करने के पश्चात हरिद्वार होकर रोहतक के लिए वापस जा रहे थे तो जंगल में मंदिर के पास हमारे ड्राइवर सोमपाल को नींद आने लगी जिस पर उसे एक दो लोगों ने टोका भी लेकिन वह संभल नहीं पाया और वाहन सड़क किनारे खड़ी यूटिलिटी गाड़ी के पीछे से टकरा गई थी।

उपरोक्त घटनाक्रम में कोरोनेशन अस्पताल मे भेजे गये 02 घायल मृत अवस्था मे दाखिल किये गए हैं। अभी तक उक्त घटना मे 04 घायलों की मृत्यु होना प्रकाश मे आया है 03 घायल व्यक्ति उपचाराधीन है। उक्त दुर्घटना में मृतक तीन लोगों की तथा दो घायलों की पहचान हुई है कोरोनेशन अस्पताल में दाखिल एक मृतक तथा जॉली ग्रांट हॉस्पिटल में उपचाराधीन  एक घायल की पहचान होनी शेष है।। शेष 01 मृतक तथा 01घायल की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। उपरोक्त घटना के संबंध में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।।


*विवरण मृतक व घायल*

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1- नरेश पुत्र महावीर निवासी टिकट वाली गली रेलवे रोड रोहतक हरियाणा - उम्र 42 वर्ष *(मृतक)* CHC डोईवाला 


2- विनोद पुत्र रमेश निवासी आर्य नगर रोहतक हरियाणा उम्र 40 वर्ष- *(मृतक)* कैलाश अस्पताल 


3-सोमपाल पुत्र लालाराम निवासी मकान नंबर 1615 वार्ड नंबर 5 pech Kapoor chand रोहतक हरियाणा *(मृतक)* कोरोनेशन अस्पताल


4- विपेंद्र सिंह पुत्र रामबरन सिंह निवासी रेलवे रोड हरियाणा मोबाइल नंबर 8607231450 उम्र 35 वर्ष *(घायल)* अरिहंत हॉस्पिटल


5- लाला पुत्र राम भरोसे उम्र 35 वर्ष निवासिक काठमंडी टेक नगर रोहतक हरियाणा *(घायल)* कैलाश हॉस्पिटल

 

देहरादून:



*ऋषिकेश में कार्रवाई, प्राधिकरण ने दोहराया, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई*

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से अवैध निर्माण एवं अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशों के क्रम में एमडीडीए की टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। सरला अग्रवाल, निवासी मनीराम मार्ग, गली नंबर-10, ऋषिकेश, जनपद देहरादून द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किया जा रहा था। प्रकरण का संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की गई और निर्माण स्थल को सील कर दिया गया। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। बिना अनुमति निर्माण अथवा अनधिकृत प्लाटिंग पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं।


*नियमों का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई -  बंशीधर तिवारी* 

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी व्यक्ति को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऋषिकेश में बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माण को सील किया गया है। प्राधिकरण की टीमें नियमित रूप से क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं। आमजन से भी अपील है कि निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराएं और प्राधिकरण के नियमों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


*बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना नियमों का उल्लंघन - मोहन सिंह बर्निया* 

प्राधिकरण क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और प्लाटिंग के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। आमजन स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण कार्य करें।

 दिनांक 19.08.2026 को  पत्थर बोल्डर गिरने से धारचूला  तवाघाट  (एनएच बीआरओ )   मोटर  मार्ग में  स्थित  कूलागाड पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। 



 बीआरओ द्वारा अवगत कराया गया है कि आज सायं तक डायवर्जन का कार्य कर लिया जायेगा।

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