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*180 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर अधिकारियों को चेतावनी, निस्तारण संभव न होने वाले प्रकरण स्पेशल क्लोज में उच्चस्तर पर भेजने के निर्देश*


देहरादून:



जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन शिकायतों का निस्तारण सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए तथा लंबित प्रकरणों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से 180 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी के साथ इन शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसामान्य की शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करते हुए शिकायतकर्ता को भी निस्तारण की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन शिकायतों का निस्तारण विभागीय स्तर पर संभव नहीं है, ऐसे प्रकरणों को स्पेशल क्लोज के अंतर्गत आवश्यक विवरण एवं स्पष्ट आख्या सहित उच्चस्तर पर हस्तांतरित किया जाए, ताकि ऐसे मामलों का उचित स्तर पर समाधान किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने अथवा बिना ठोस कारण के अग्रसारित करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।


मुख्यमंत्री घोषणाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से घोषणाओं की वर्तमान प्रगति, लंबित कार्यों तथा आ रही बाधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मा0 मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए भूमि का चयन किया जाना है, संबंधित विभाग ऐसे प्रकरणों में आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर सीधे जिलाधिकारी को प्रस्तुत करें, ताकि भूमि चयन एवं अन्य आवश्यक कार्यवाही में अनावश्यक विलंब न हो।

जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि मा0 मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित विभागी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घोषणाओं से संबंधित कार्यों की नियमित रूप से विभागीय स्तर पर समीक्षा करें तथा प्रगति में आ रही समस्याओं का समय रहते समाधान सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं शासन की प्राथमिकताओं से जुड़ी हैं और इनके प्रभावी क्रियान्वयन से आमजन को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचता है। इसलिए सभी विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए घोषणाओं को धरातल पर उतारना सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मिता परमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी शशिकांत गिरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



*श्रीलंका के 40 अधिकारियों ने किया यूएसडीएमए का भ्रमण*

देहरादून:

Srilanka USDMA


नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (एनसीजीजी) के तत्वावधान में आपदा प्रबंधन विषय पर आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तहत श्रीलंका के 40 सदस्यीय सिविल सेवा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) पहुंचकर राज्य में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों एवं नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से पूर्व चेतावनी व्यवस्था, मौसम आधारित जोखिम प्रबंधन, भूस्खलन न्यूनीकरण, तकनीकी संसाधनों के उपयोग तथा समुदाय की भागीदारी से संचालित आपदा प्रबंधन तंत्र को समझा। इस दौरान उन्होंने उत्तराखण्ड में मानव वन्य जीव संघर्षों को कम करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। 

इस अवसर पर यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) श्री प्रकाश चंद्र ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक एवं प्राकृतिक परिस्थितियां आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में निरंतर तैयारी और जोखिम को पहले से समझने की मांग करती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन को केवल घटना के बाद की प्रतिक्रिया के रूप में नहीं, बल्कि जोखिम की पहचान, न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, प्रशिक्षण, तकनीकी क्षमता और विभागीय समन्वय को एक साथ जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में वैज्ञानिक संस्थानों एवं स्थानीय समुदायों की सहभागिता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी श्री राजकुमार नेगी ने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में सूचना प्राप्ति से लेकर राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन तक विभिन्न स्तरों पर स्पष्ट समन्वय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने राज्य एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों की भूमिका, घटना प्रतिक्रिया प्रणाली (आईआरएस), बहु-स्रोत चेतावनी तंत्र तथा तकनीक आधारित सूचना एवं निर्णय सहायता प्रणालियों के बारे में प्रतिनिधिमंडल को विस्तार से अवगत कराया।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. पूजा राणा ने उत्तराखण्ड में मौसम संबंधी जोखिमों की निगरानी और पूर्व चेतावनी के लिए अपनाई जा रही वैज्ञानिक व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा उपग्रह आधारित निगरानी, डॉप्लर वेदर रडार, स्वचालित मौसम केंद्र, स्वचालित वर्षामापी तथा अन्य आधुनिक उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों का निरंतर विश्लेषण किया जाता है। मौसम संबंधी इस रियल-टाइम सूचना के आधार पर विभिन्न अवधि के पूर्वानुमान एवं प्रभाव आधारित चेतावनियां तैयार की जाती हैं, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते आवश्यक तैयारियां की जा सकें।

उत्तराखण्ड भू-स्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र (यूएलएमएमसी) के जियोलाॅजिस्ट डॉ. रघुवीर नेगी ने राज्य में भूस्खलन के जोखिम को कम करने के लिए अपनाए जा रहे वैज्ञानिक उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, भू-वैज्ञानिक एवं भू-तकनीकी अध्ययन, रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस आधारित विश्लेषण, ड्रोन सर्वेक्षण, ढलानों की निगरानी तथा वर्षा और भूस्खलन के बीच संबंधों के अध्ययन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त उपचारात्मक एवं स्थिरीकरण उपाय तय किए जाते हैं। इनमें जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाना, ढलानों को स्थिर करना तथा आवश्यक इंजीनियरिंग हस्तक्षेप शामिल हैं। अत्यधिक वर्षा और भूस्खलन से प्रभावित होने वाले श्रीलंका के लिए उत्तराखण्ड में अपनाई जा रही ये व्यवस्थाएं विशेष रूप से उपयोगी एवं अध्ययन योग्य रहीं।

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उत्तराखण्ड की आपदा प्रबंधन प्रणाली से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के साथ संवाद किया और राज्य में अपनाए जा रहे तकनीकी एवं संस्थागत उपायों में विशेष रुचि दिखाई। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री दिनेश कुमार पुनेठा, एनसीजीजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ए.पी. सिंह, डॉ. एमके भण्डारी सहित अन्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।


*अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मजबूत होता है आपदा प्रबंधन-सुमन*

देहरादून। सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में निरंतर सीखने, अनुभव साझा करने और नई कार्यप्रणालियों को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के अधिकारियों के साथ संवाद एवं अनुभवों का आदान-प्रदान आपदा जोखिमों से निपटने की तैयारियों को व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करता है। उत्तराखण्ड में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में विकसित संस्थागत व्यवस्थाओं, तकनीकी नवाचारों और जमीनी अनुभवों को साझा करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही प्रभावी प्रणालियों को समझना भी राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को और मजबूत करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के साथ भविष्य की आपदाओं के प्रति अधिक सक्षम, समन्वित और लचीली व्यवस्था विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।


- मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर SIR पर की समीक्षा 

- ⁠मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, ईआरओ फील्ड विजिट में करेंगे क्रॉस वेरिफिकेशन


देहरादून:

Chief election commissioner will review field visit SIR


 मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को सचिवालय में सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दोनों मंडलायुक्तों को आगामी 15 दिन आवंटित जनपदों में कैम्प करने के आदेश दिए हैं। सभी जनपदों के डीईओ एवं ईआरओ को दावे एवं आपत्तियों के चरण में सुपर चैकिंग / फील्ड विजिट अभियान के तहत सत्यापन करने के भी निर्देश दिए हैं।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने आगामी 15 दिन आयुक्त कुमांऊ को नैनीताल, ऊधमसिंह नगर एवं आयुक्त गढ़वाल को देहरादून, हरिद्वार में कैंम्प करने के आदेश जारी किए हैं। इस दौरान दोनों आयुक्त आयोग द्वारा नियत मानकों के अनुरुप फील्ड विजिट के तहत विशेष रुप से ऐसे बूथों को सत्यापन करेंगे जहां नाम जोड़ने हेतु (फार्म 6) और नाम हटाने हेतु (फार्म 7) के सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही जिलाधिकारी रेंडम फील्ड विजट ( बूथों का औचक निरीक्षण) कर सुपर चैकिंग करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन बूथों पर फार्म 6 के आवेदन 4 प्रतिशत से अधिक और फार्म 7 के आवेदन 2 प्रतिशत से अधिक हैं वहां  ईआरओ फॉर्म्स को क्रॉस वेरिफाई करेंगे।


समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनपदों के डीईओ को फार्म 6, फार्म 7 एवं फार्म 8 के तहत प्राप्त आवेदनों को नियमानुसार जांच कर ससमय निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनपदों को निर्देश दिए कि दावे आपत्तियों का निस्तारण तय समय सीमा के अंदर किया जाए।


बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास के अतरिक्त सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।


देहरादून:

aadity rawat,  bhaniyawala,dehradun uttarakhand national champion boating


 डोईवाला विधानसभा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है कि  भानियावाला निवासी श्री संदीप रावत  एवं श्रीमती हिमानी रावत  के सुपुत्र आदित्य रावत ने राष्ट्रीय स्तर की नौकायन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।


इस शानदार उपलब्धि पर  डोईवाला विधायक  श्री बृजभूषण गैरोला  एवं नगर पालिका अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह नेगी ने आदित्य रावत  को उनके आवास कान्हरवाला जाकर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया 


आदित्य की यह सफलता उनकी मेहनत, लगन और प्रतिभा का परिणाम है। निश्चित रूप से उनकी उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी खेलों के प्रति आगे बढ़ने और देश-प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी।

स्वर्णिम सफलता के लिए आदित्य को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।


इस अवसर पर राज्य मंत्री कर्नल रघुवीर भण्डारी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी, सामाजिक कार्यकर्ता राजन गोयल , देवेन्द्र सेमल्टी ,  कै.भगत सिंह राणा,राजेन्द्र बढ़ोनी , प्रेम सिंह पम्मी राज , आदि ने शुभकामनायें दी 


 चमोली :


पंपों से पानी निकालने, मलबा हटाने और टनल में फंसी मशीनों को बाहर निकालने का कार्य युद्धस्तर पर जारी*

*हर चुनौती को पार कर आगे बढ़ रहा रेस्क्यू अभियान, लापता


दो लोगों की तलाश जारी*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद लापता दो लोगों की तलाश के लिए जिला प्रशासन की ओर से रविवार को रेस्क्यू अभियान को और तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं चल रहे खोज एवं बचाव अभियान की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं तथा रेस्क्यू में जुटी सभी टीमों से समन्वय करते हुए उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।


लापता दोनों लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस एवं जिला प्रशासन की टीमें युद्धस्तर पर सघन सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। टनल के भीतर पानी के स्तर को कम करने के लिए पंपों के माध्यम से लगातार पानी बाहर निकाला जा रहा है। पानी की निकासी से टनल के भीतर रेस्क्यू टीमों के आगे बढ़ने और प्रभावित हिस्सों में गहन खोजबीन करने के लिए रास्ता सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है।


रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल के भीतर फंसी मशीनों एवं अन्य भारी अवरोधों को हटाने का कार्य भी प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। आधुनिक उपकरणों एवं उपलब्ध तकनीकी संसाधनों की मदद से फंसी मशीनों को बाहर निकालने का प्रयास तेजी से जारी है, ताकि रेस्क्यू टीमों के लिए टनल के अंदर आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो सके। मलबे और प्रभावित हिस्सों को व्यवस्थित तरीके से हटाते हुए संभावित सभी स्थानों पर बारीकी से खोजबीन की जा रही है।


रेस्क्यू टीमों द्वारा टनल के भीतर प्रत्येक संभावित स्थान को चिन्हित कर सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मलबे के बीच छोटी से छोटी जगह और ऐसे सभी हिस्सों की भी गहन जांच की जा रही है, जहां लापता लोगों के होने की संभावना हो सकती है। अभियान में किसी भी संभावित स्थान को छोड़ा नहीं जा रहा है तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए टीमों द्वारा लगातार आगे बढ़कर खोजबीन की जा रही है।


जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के माध्यम से हादसे के कारणों एवं परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


उन्होंने बताया कि हादसे के बाद टनल से अब तक कुल 20 लोगों को बाहर निकाला गया है। इनमें 12 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालकर जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है, जबकि 8 लोगों की दुखद मृत्यु हुई है। वहीं, टनल में फंसे दो शेष लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है।


*पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड*

policemen honore byCM on independence day

*स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर  माo मुख्यमंत्री उत्तराखंड, श्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा उत्तराखंड पुलिस के  14 पुलिस कार्मिकों को उनकी उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए “मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक” प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।*


इनमें 8 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को सेवा के आधार पर तथा 6 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को विशिष्ट कार्य के लिए  *“मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक”* प्रदान किया जाएगा।


*" मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक" (सेवा के आधार पर)*


1. श्री नीलेश आनंद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, साइबर/एसटीएफ उत्तराखण्ड।

2. श्री रेवाधर मठपाल अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस दूरसंचार, जनपद नैनीताल।

3. श्री भास्कर लाल शाह, पुलिस उपाधीक्षक, सचिवालय/विधानसभा सुरक्षा, उत्तराखण्ड।

4. श्री त्रिवेन्द्र सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद चमोली।

5. श्री मनीष जस्वाल, पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड।

6. श्री गिरीबर सिंह रावत, निरीक्षक, नागरिक पुलिस, पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड।

7. श्री मोहम्मद यासीन, निरीक्षक, नागरिक पुलिस, पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड।

8. श्री दिनेश चन्द्र, गुल्मनायक, 40वीं वाहिनी पीएसी।


*विशिष्ट कार्य हेतु “मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक”*


1. स्वर्गीय श्री मनोज मनराल, निरीक्षक, अभिसूचना, एलआईयू देहरादून (मरणोपरान्त)।

2. स्वर्गीय श्री विनोद कुमार, उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, जनपद टिहरी गढ़वाल (मरणोपरान्त)।

3. श्री सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक, उत्तराखण्ड।

4. श्री नवनीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद हरिद्वार।

5. श्री शान्तनु पराशर, अपर पुलिस अधीक्षक, साइबर क्राइम पुलिस थाना, देहरादून।

6. श्री मनोज असवाल, पुलिस उपाधीक्षक, अभिसूचना, ।


*इस अवसर पर "माo मुख्यमंत्री उत्तराखंड" ने पदक हेतु चयनित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पुलिस कार्मिकों द्वारा कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण एवं उत्कृष्ट सेवाभाव के साथ किए जा रहे कार्यों का सम्मान है तथा इससे समस्त पुलिस बल को अपने दायित्वों का और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ निर्वहन करने की प्रेरणा मिलेगी।*


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देहरादून:

MDDA flag hoisting


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र की एकता, विकास और जनभागीदारी के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और वीर जवानों के बलिदान से मिली आजादी को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के माध्यम से सार्थक करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के समग्र, संतुलित और सतत विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री के आह्वान और स्वतंत्रता दिवस की भावना के अनुरूप मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण में भी 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह एवं देशभक्ति के साथ मनाया गया। प्राधिकरण कार्यालय परिसर में एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को सलामी दी और देश की एकता, अखंडता एवं विकास के प्रति अपने दायित्वों का संकल्प दोहराया।


कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों को नमन किया और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया। स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को दोहराने का भी दिन है। एमडीडीए परिवार ने प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कार्यों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।


*विकास कार्यों में जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता*

इस अवसर पर एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आजादी का पर्व हमें स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों के त्याग एवं बलिदान का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि एमडीडीए का उद्देश्य सुनियोजित एवं संतुलित विकास के साथ आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्राधिकरण द्वारा देहरादून-मसूरी क्षेत्र में नियोजित विकास, अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूरी पारदर्शिता, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से प्रदेश के विकास को नई गति दी जा सकती है और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यही राष्ट्र के प्रति सच्ची सेवा होगी।


*कर्तव्यों के प्रति समर्पण का संकल्प*

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ जनहित में कार्य करते हुए देहरादून-मसूरी क्षेत्र के नियोजित विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।




चमोली:



मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की  टनल में 13 अगस्त को हुई दुर्घटना के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। रेस्क्यू अभियान के दौरान एक और लापता श्रमिक का शव बरामद किया गया है, जबकि टनल में लापता दो अन्य श्रमिकों की तलाश लगातार जारी है।


SDRF की टीम निरीक्षक करण सिंह के नेतृत्व में टनल के भीतर लगातार सघन सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चला रही है। अभियान के दौरान SDRF टीम द्वारा NDRF, जिला पुलिस, प्रशासन एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए तकनीकी संसाधनों एवं आवश्यक उपकरणों की सहायता से टनल के संभावित स्थानों पर विस्तृत सर्चिंग की जा रही है।


टनल के भीतर मौजूद पानी की निकासी का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। इसके लिए सक्शन पंप सहित अन्य आवश्यक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि रेस्क्यू टीमों की आवाजाही सुगम हो सके और संभावित स्थानों तक पहुंचकर लापता श्रमिकों की तलाश की जा सके।


SDRF की टीमें अन्य रेस्क्यू एजेंसियों के साथ आपसी समन्वय से टनल के भीतर संभावित सभी स्थानों पर गहन सर्च अभियान चला रही हैं। लापता दोनों श्रमिकों की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए SDRF रेस्क्यू टीम द्वारा पूरी तत्परता के साथ अभियान जारी रखा गया है और श्रमिकों तक पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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