Halloween party ideas 2015


मानसून सीजन व राज्य के विभिन्न जनपदों में भारी वर्षा एवं प्रतिकूल मौसम की संभावना को लेकर जारी अलर्ट के दृष्टिगत आज दिनाँक 21 जुलाई 2026 को सेनानायक, SDRF उत्तराखंड पुलिस श्री अर्पण यदुवंशी द्वारा SDRF वाहिनी मुख्यालय, जॉलीग्रांट स्थित कंट्रोल रूम से राज्यभर में तैनात समस्त SDRF पोस्ट प्रभारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई।




बैठक के दौरान सेनानायक महोदय ने सभी पोस्ट प्रभारियों से अपने-अपने क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, मौसम की परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों एवं आपदा प्रबंधन तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों पर सतत निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी रेस्क्यू कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु सभी टीमें पूर्ण सतर्कता एवं तत्परता बनाए रखें। साथ ही सभी आवश्यक रेस्क्यू उपकरण, संचार प्रणाली एवं वाहनों को पूर्णतः क्रियाशील स्थिति में रखने के निर्देश भी दिए गए।


बैठक में आगामी 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाली कांवड़ यात्रा की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी ने बताया कि SDRF द्वारा यात्रा के सफल एवं सुरक्षित संचालन हेतु सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। विगत वर्ष कांवड़ मेले के दौरान SDRF ने 95 रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित कर 160 से अधिक श्रद्धालुओं को सकुशल सुरक्षित निकाला था। इसी अनुभव के आधार पर इस वर्ष हरिद्वार, ऋषिकेश एवं नीलकंठ क्षेत्र के संवेदनशील स्थलों पर वाटर रेस्क्यू, डीप डाइविंग एवं सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) टीमें तैनात की जाएंगी। सभी टीमों को मोटरबोट, इन्फ्लेटेबल रेस्क्यू बोट, डीप डाइविंग सेट, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, थ्रो बैग, रेस्क्यू रोप, स्ट्रेचर, प्राथमिक उपचार किट, सर्च लाइट, वायरलेस संचार उपकरण, सैटेलाइट फोन सहित आधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।


माह जुलाई में आयोजित होने वाली नॉर्थ इंडिया इंटर स्टेट जॉइंट मॉक एक्सरसाइज की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उक्त मॉक एक्सरसाइज में उत्तराखंड के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं पंजाब सहित उत्तर भारत के विभिन्न हिमालयी राज्य  प्रतिभाग करेंगे। 


सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी ने बैठक के अंत में सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्देशित किया कि वे मानसून अवधि के दौरान प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ सतत समन्वय बनाए रखें तथा जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी प्रतिबद्धता एवं तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।


बैठक में उप सेनानायक श्री शुभांक रतूड़ी, सहायक सेनानायक श्री सुशील रावत, शिविरपाल श्री प्रमोद रावत, सूबेदार मेजर श्री जयपाल राणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए  सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें: मुख्यमंत्री*

*श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता*

*‘सुरक्षित कांवड़, सुव्यवस्थित कांवड़ और स्वच्छ कांवड़’ के लक्ष्य के साथ कार्य करें अधिकारी*

हरिद्वार:



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक विभाग यह सुनिश्चित करे कि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे तथा सभी व्यवस्थाएं पूरी संवेदनशीलता, समन्वय और सेवा-भाव के साथ संचालित हों। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के स्वागत-सत्कार तथा विभिन्न स्थानों पर भंडारों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग से पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे पिंक टॉयलेट्स स्थापित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था राज्य के सभी प्रमुख स्थलों पर की जाए।


मंगलवार को मेला नियंत्रण भवन सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कांवड़ मेले की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आस्था, प्रशासनिक क्षमता, सेवा-भाव और कार्यकुशलता का भी प्रतीक है। हमारा लक्ष्य ‘सुरक्षित कांवड़, सुव्यवस्थित कांवड़ और स्वच्छ कांवड़’ होना चाहिए। प्रत्येक श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड से सुरक्षित, संतुष्ट और सुखद अनुभव के साथ लौटे, यही राज्य सरकार का ‘विकल्प रहित संकल्प’ है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विभिन्न प्रकार की वैश्विक चुनौतियों के बावजूद तमाम क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उत्तराखण्ड में भी प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। राज्य की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार तीर्थाटन और पर्यटन गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है।


उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक चारधाम यात्रा में 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि 55 हजार से अधिक श्रद्धालु आदि कैलाश की यात्रा कर चुके हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इस बार तीन गुना अधिक तीर्थयात्री उत्तराखण्ड पहुंचेंगे। इस वर्ष कांवड़ यात्रा में भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसलिए सभी व्यवस्थाएं उसी अनुरूप की जाएं, जिसमें धार्मिक परंपराओं एवं गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारियों, धर्माचार्यों एवं संत समाज के सहयोग से कांवड़ मेले का सफल संचालन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि धर्माचार्यों एवं संतों के संदेशों पर आधारित वीडियो संदेश तैयार कर कांवड़ यात्रियों तक पहुंचाए जाएं, ताकि यात्रा अनुशासित एवं मर्यादित ढंग से संपन्न हो सके।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन एवं एआई आधारित निगरानी प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के विरुद्ध तत्काल एवं कठोर कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने अथवा भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। कांवड़ यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों के लिए आवश्यकतानुसार पृथक यातायात व्यवस्था बनाई जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में वीआईपी मूवमेंट के कारण श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रमुख पड़ावों एवं मेला क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहे। प्रमुख घाटों पर वाटर एंबुलेंस तैनात किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जल पुलिस तथा अग्निशमन सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट रखा जाए। भारी वर्षा, जलभराव अथवा अन्य आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए पूर्व तैयारी एवं त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे कांवड़ मार्ग एवं मेला क्षेत्र में पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थलों, प्रकाश व्यवस्था तथा स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नियमित सफाई अभियान चलाया जाए तथा नो-प्लास्टिक अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा समाप्त होने के बाद भी तत्काल सफाई कर क्षेत्र को पूर्व स्थिति में लाया जाए।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि होटलों, ढाबों एवं  प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए। सभी प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस एवं पंजीकरण स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होना चाहिए । किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली घटना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम एवं हेल्पलाइन पूरी तरह सक्रिय रहें। जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रतिदिन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।


मुख्यमंत्री ने हर की पैड़ी, कांगड़ा पुल एवं अन्य प्रमुख घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल पुलिस की पर्याप्त तैनाती, भीड़ नियंत्रण व्यवस्था एवं आपातकालीन निकासी योजना को पूरी तरह तैयार रखने को कहा। उन्होंने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निरंतर जारी रखने तथा अत्यधिक ऊंची कांवड़ एवं निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि वाले डीजे वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल एवं हेल्प डेस्क को सक्रिय रखने पर भी विशेष जोर दिया।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान आगामी महाकुंभ-2027 की तैयारियों में  व्यवधान नहीं आना चाहिए। दोनों व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाते हुए विकास कार्यों एवं तैयारियों को निर्धारित समय पर आगे बढ़ाया जाए, ताकि उत्तराखण्ड एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट व्यवस्थाओं का उदाहरण प्रस्तुत कर सके।


बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा,  राम सिंह कैड़ा, दायित्वधारी विनय रोहिला, सुनील सैनी, डॉ. जयपाल सिंह चौहान, ओम प्रकाश जगदग्नि, श्यामवीर सैनी, देश राज कर्णवाल, दिनेश कौशिक, नितिन गौतम, अजीत चौधरी, शोभाराम प्रजापति, विधायक श्री आदेश चौहान, अध्यक्ष जिला पंचायत किरण चौधरी, मेयर हरिद्वार किरण जैसल, मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, भाजपा के जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ. मधु, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी, गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, व्यापार मंडल हरिद्वार के महामंत्री प्रदीप कालड़ा सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने भी कांवड़ यात्रा को लेकर अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए।


इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप एवं पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ मेले की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी।


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल, पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया एवं एसएसपी सर्वेश पंवार, टिहरी की जिलाधिकारी नीतिका खंडेलवाल ने भी अपने-अपने जिलों में कांवड़ मेला को लेकर की गई तैयारियों की जानकारी दी।


इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. फैनई व आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, सचिव नितेश कुमार झा, पंकज पाण्डे, विनय शंकर पांडे, विनोद कुमार सुमन, धीराज सिंह गर्ब्याल, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक अभिसूचना अभिनव कुमार, आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला योगेंद्र सिंह रावत, मेलाधिकारी कुंभ श्रीमती सोनिका, एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।


देहरादून- 


महायोजना के 11वें दिन सेक्टर-11 की जनसुनवाई में उमड़े नागरिक, विकास से लेकर पर्यावरण तक रखे सुझाव*

*कल 21 जुलाई को सेक्टर-12 के नागरिक रखेंगे अपनी राय, चंद्रबनी रोड वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट में होगी अगली जनसुनवाई*



देहरादून को वर्ष 2041 तक एक सुव्यवस्थित, आधुनिक और संतुलित राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहा जनसंवाद अभियान अब निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से देहरादून महायोजना-2041 के तहत सोमवार को अभियान के 11वें दिन सेक्टर-11 की जनसुनवाई राजकीय बालिका पॉलिटेक्निक कॉलेज, सुद्धोवाला में आयोजित की गई। जनसुनवाई में स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न हितधारकों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की और राजधानी के भविष्य को लेकर अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराईं। एमडीडीए अधिकारियों ने लोगों की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि प्रत्येक सुझाव का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कर उसे महायोजना के अंतिम प्रारूप में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी इस बात का संकेत रही कि राजधानी के भविष्य को लेकर नागरिकों में गहरी रुचि और जागरूकता है।



*यातायात, आवास और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर*

सुद्धोवाला में आयोजित जनसुनवाई के दौरान लोगों ने तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण सामने आ रही चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। प्रतिभागियों ने कहा कि आने वाले वर्षों में बढ़ती आबादी को देखते हुए सड़क नेटवर्क के विस्तार, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस प्रावधान किए जाने चाहिए। कई नागरिकों ने पार्किंग संकट, आंतरिक संपर्क मार्गों की स्थिति और नए आवासीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर सुझाव दिए। लोगों का कहना था कि महायोजना केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित न रहे, बल्कि अगले दो दशकों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाए। जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार पर भी विस्तार से चर्चा हुई।


*पर्यावरण संरक्षण को मिले प्राथमिकता*

जनसुनवाई में पर्यावरणीय मुद्दे भी प्रमुखता से उभरे। नागरिकों ने हरित क्षेत्रों, प्राकृतिक जल स्रोतों और खुले सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण के लिए प्रभावी प्रावधान करने की मांग की। कई प्रतिभागियों ने वर्षा जल संचयन, भूजल संरक्षण और जलभराव की समस्या के समाधान को महायोजना का अभिन्न हिस्सा बनाने की बात कही। लोगों का मानना था कि देहरादून की पहचान उसकी हरियाली और प्राकृतिक संपदा से है। इसलिए विकास की दौड़ में पर्यावरणीय संतुलन को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जनसुनवाई में शामिल तकनीकी विशेषज्ञों ने भी विभिन्न सुझावों को रिकॉर्ड किया और उन्हें योजना निर्माण प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही।


*स्थानीय आवश्यकताओं को मिले उचित स्थान*

भू-स्वामियों और संस्थागत प्रतिनिधियों ने भूमि उपयोग प्रस्तावों, विकास नियंत्रण नियमों और क्षेत्र विशेष की जरूरतों के अनुरूप विकास मॉडल तैयार करने पर जोर दिया। लोगों ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही प्रभावी योजना बनाई जा सकती है। एमडीडीए की टीम ने स्पष्ट किया कि सभी प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा, ताकि अंतिम महायोजना अधिक व्यावहारिक और जनहितकारी बन सके।


एमडीडीए ने बताया कि जनसंवाद अभियान आगे भी जारी रहेगा। महायोजना-2041 के अंतर्गत सेक्टर-12 की अगली जनसुनवाई 21 जुलाई को प्रातः 11 बजे वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट, चंद्रबनी रोड में आयोजित की जाएगी, जहां संबंधित क्षेत्र के नागरिक अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।


*जनभागीदारी ही महायोजना की सबसे बड़ी ताकत : बंशीधर तिवारी*

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 केवल एक तकनीकी दस्तावेज नहीं, बल्कि राजधानी के भविष्य की विकास दृष्टि है। उन्होंने कहा कि नागरिकों से प्राप्त सुझाव योजना को जमीनी जरूरतों के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनका कहना था कि जितनी अधिक जनभागीदारी होगी, महायोजना उतनी ही प्रभावी और दूरदर्शी बनेगी।


*हर सुझाव का होगा गंभीर परीक्षण : मोहन सिंह बर्निया*

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का व्यवस्थित अभिलेखीकरण किया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम प्रत्येक बिंदु का तकनीकी और विधिक परीक्षण करेगी, ताकि अंतिम महायोजना विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित कर सके।

 

  अपडेट

मूसलाधार वर्षा के कारण देहरादून - मसूरी मुख्य मार्ग पर पानी वाले बैण्ड के पास मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है।

आमजन की सुरक्षा व जान-माल की हानि के दृष्टिगत प्रशासन द्वारा  देहरादून - मसूरी मार्ग को आवाजाही हेतु प्रतिबंधित किया गया है। मार्ग बंद है।

 मंत्री श्री गणेश जोशी  द्वारा आश्वस्त किया गया है की *21 जुलाई 2026* को सुबह जल्द से जल्द मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जायेगा।

 *वर्तमान में मसूरी आने-जाने के लिए* 

- किमाड़ी - मसूरी मार्ग का प्रयोग किया जा रहा है

- चंबा - मसूरी मार्ग का प्रयोग किया जा रहा है 

- विकासनगर - कैम्पटी - मसूरी मार्ग का प्रयोग किया जा रहा है 




 जम्मू-कश्मीर की बेहद दुर्गम,छिपी हुई घाटी,पाडर वैली में द हंस फाउंडेशन द्वारा दृष्टि आई केयर मिशन एवं जनरल हेल्थ कैंप का आयोजन,125 गाँवों तक पहुँची निःशुल्क स्वास्थ्य एवं नेत्र चिकित्सा सेवाएं 

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‘द हंस फाउंडेशन’ के तत्वावधान जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले की बेहद दुर्गम, सुंदर और छिपी हुई घाटी,पाडर घाटी में 7 से 16 जुलाई-2026 तक दृष्टि आई केयर मिशन एवं जनरल हेल्थ कैंप–2026 का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से पाडर घाटी के 125 गाँवों के ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य एवं नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गई। 

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले की दुर्गम और छिपी हुई घाटी पाडर वैली में द हंस फाउंडेशन के माध्यम से प्रथम चरण में गांधारी वैली में टुन,आलिया,खजरोनी,बटवास,सोहल,चाग्ग,मुथल और छिटू गांव में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए। जिनमें बड़ी संख्या में पहुंचकर यहां के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इसी के साथ 16 जुलाई को किश्तवाड़ जिले की दुर्गम एवं दूरस्थ पाडर घाटी के 125 सीमांत एवं वंचित गाँवों में आयोजित यह 10 दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य एवं नेत्र चिकित्सा अभियान सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

द हंस फाउंडेशन के प्रेरणास्रोत माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी के भागीरथी आशीर्वाद से पाडर वैली में 16 जुलाई 2026 तक आयोजित हुए इन स्वास्थ्य शिविरों में हजारों ग्रामीण को निःशुल्क स्वास्थ्य की सेवाएं प्रदान की गई। इस व्यापक स्वास्थ्य अभियान के माध्यम से उन क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाई गईं,जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता अत्यंत सीमित है। इस अभियान के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने गाँव-गाँव पहुँचकर लोगों को समग्र स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कीं।

इन विशेष चिकित्सा शिविरों के माध्यम से पाडर वैली के ग्रामीणों को पहली बार कई तरह की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गई। जिनमें आँखों की जाँच,स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह,लैब टेस्ट,डायग्नोस्टिक सेवाएँ,दवाइयों का वितरण और मोतियाबिंद की सर्जरी प्रमुख  रही।


'द हंस फाउंडेशन द्वारा दृष्टि आई केयर मिशन एवं जनरल हेल्थ कैंप–2026' में प्रदान की गई मुख्य सेवाए

द हंस फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित दृष्टि आई केयर मिशन एवं जनरल हेल्थ कैंप में 1,528 लोगों की विस्तृत नेत्र जाँच की गई। जिनमें 106 मोतियाबिंद रोगियों की पहचान हुई। इनमें से 78 मरीजों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सफल मोतियाबिंद शल्य चिकित्सा सम्पन्न की गई।

इसी के साथ 726 लोगों को दृष्टि दोषानुसार चश्मों का वितरण किया गया।  2,082 लोगों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श दिया गया। साथ ही 1,045 का आवश्यक पैथोलॉजिकल एवं डायग्नोस्टिक परीक्षण किया गया और 66 ईसीजी (ECG) परीक्षण किए गए। इसी के साथ सभी मरीजों को आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। 

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले की पाडर घाटी प्राकृतिक सौंदर्य,झरनों और फूलों के लिए प्रसिद्ध है। दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण,इस क्षेत्र का जीवन आज भी बाहरी दुनिया से काफी अलग-थलग और प्राकृतिक रूप से प्राचीन है। इस क्षेत्र में दृष्टि आई केयर मिशन एवं जनरल हेल्थ कैंप–2026 इस संकल्प का सशक्त उदाहरण है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचें और भौगोलिक विषमताएँ किसी भी नागरिक के बेहतर स्वास्थ्य के अधिकार में बाधा न बनें।

पाडर वैली में द हंस फाउंडेशन द्वारा दी गई इन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शासन-प्रशासन और ग्रामीणों ने संस्था और यहां सेवा प्रदान कर रहे हैं डॉक्टरों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।


चकराता में 21 से 23 जुलाई तक आयोजित होगा ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ पर एकीकृत संचार एवं आउटरीच कार्यक्रम



- केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून द्वारा चित्र प्रदर्शनी, जन-जागरूकता अभियान, प्रतियोगिताएँ, निःशुल्क चिकित्सा शिविर एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन।

- केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं ग्रामीण विकास संबंधी पहलों की दी जाएगी विस्तृत जानकारी।

- स्थानीय लोक कलाकार जौनसार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से कराएंगे परिचय।


देहरादून;


 भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून द्वारा 21 से 23 जुलाई, 2026 तक चिल्ड्रन्स पार्क, चकराता में "विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)" विषय पर तीन दिवसीय एकीकृत संचार एवं आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, ग्रामीण विकास एवं आजीविका संबंधी पहलों के प्रति आमजन को जागरूक करना तथा विकसित भारत के संकल्प में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना है।


केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून के कार्यक्रम अधिकारी अनिल दत्त शर्मा ने सोमवार को चकराता में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि कार्यक्रम के दौरान आकर्षक चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) तथा केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रदर्शनी में विकसित भारत की विकास यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों तथा नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।


कार्यक्रम के अंतर्गत 'नशा मुक्त भारत अभियान' पर विशेष जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। युवाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाएगा तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। साथ ही, केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित सूचनात्मक स्टॉल लगाए जाएंगे, जहाँ विशेषज्ञों द्वारा योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर आमजन के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया जाएगा।


कार्यक्रम में जौनसार क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की झलक भी देखने को मिलेगी। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोकगीत एवं लोकनृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत से आगंतुकों का परिचय कराएँगी।


कार्यक्रम अधिकारी अनिल दत्त शर्मा ने क्षेत्र के नागरिकों, विद्यार्थियों एवं युवाओं से अपील की है कि वे 21 से 23 जुलाई, 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से सायं 4:00 बजे के बीच चिल्ड्रन्स पार्क, चकराता में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करें तथा केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकसित भारत के संकल्प से जुड़ें।





मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न जनपदों में हेलीपैड निर्माण, विस्तार एवं अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही सड़क संपर्क, आपदा प्रबंधन, पुलिस आधुनिकीकरण तथा न्यायिक एवं कारागार अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए कुल ₹ 51 करोड की धनराशि स्वीकृत की है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, हवाई संपर्क, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, आपदा राहत एवं बचाव कार्यों को गति मिलेगी, पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं अधिक प्रभावी होंगी तथा प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद बागेश्वर के बेड़ा-मझेड़ा (करीमपुर) हैलीपैड निर्माण हेतु ₹ 8.91 करोड, जनपद उत्तरकाशी के विकासखण्ड मोरी के ग्राम सुनकुण्डी (जखोल) में हैलीपैड निर्माण हेतु ₹ 1.08 करोड़ तथा विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के अन्तर्गत डौन परेवा में हैलीपैड निर्माण कार्य किये जाने के अन्तर्गत 02 कि०मी० पहुंच मार्ग व हैलीपैड साईट डेवलपमेंट हेतु प्रथम चरण में ₹ 8.30 लाख के साथ ही सहस्त्रधारा हैलीपोर्ट, देहरादून पी०टी०बी० में विद्युतीकरण एवं सिविल कार्यों के निष्पादन हेतु अवशेष धनराशि ₹ 50 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद चम्पावत के विधानसभा चम्पावत मंच तामली मोटर मार्ग से मुख्य तोक कारी मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण किये जाने हेतु ₹ 2.64 करोड़, जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा के विकासखण्ड हवालबाग में लोधिया से चौगू (4.500 से 9.500 तक 5 किमी०) मोटर मार्ग का पुर्ननिर्माण एवं सुधारीकरण हेतु ₹ 3.84 करोड तथा जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के अंतर्गत न्यू कैंट मोटर मार्ग  पर सालावाला पुल से विजय कालोनी पुल तक मार्ग को दो लेन से 10.50 मी० चौड़ाई में परिवर्तित किये जाने हेतु ₹ 16.87 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पौड़ी गढ़वाल में एसडीआरएफ पोस्ट-नैनीडांडा ग्राम उठिडागांव के निर्माण कार्य हेतु प्रथम किश्त में ₹ 1.62 करोड़,  जिला कारागार, टिहरी में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग हॉल (वी०सी०क्यूबिकल्स एवं आवश्यक उपकरण सहित) निर्माण हेतु ₹ 2.14 करोड की  स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 85.72 लाख के साथ ही पुलिस मुख्यालय के मशीन उपकरण, संयन्त्र एवं साज-सज्जा हेतु ₹ 25.00 करोड़ के सापेक्ष ₹ 15.00 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

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