Halloween party ideas 2015

 *देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर पिछले कुछ दिनों से अनेक नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त की जा रही चिंताओं और सुझावों का मैंने गंभीरता से संज्ञान लिया है।*

postponed forest cutting rishikesh highway, CM Dhami


यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की एक महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों एवं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्यवाही की जा रही थी। परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास तथा छोटे वन्यजीवों के आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट जैसी व्यवस्थाओं का भी प्रावधान किया गया है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष एवं सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु की घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलेगी, जो अक्सर इस रास्ते में देखा जाता है।


विकास हमारे लिए आवश्यक है, लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। इसी उद्देश्य से प्रमुख सचिव एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों से पुनः विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए।


माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हुए आगे की कार्यवाही की जाएगी। *साथ ही, जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति एवं विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक इस परियोजना के अंतर्गत आने वाले पेड़ों का कटान स्थगित रखा जाएगा।*


मेरे लिए उत्तराखण्ड की प्रकृति, जनभावनाएँ और प्रदेश का विकास—तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। हमारी सरकार संवाद, सहमति और व्यापक जनहित के आधार पर ही आगे बढ़ेगी।


https://x.com/i/status/2078410850000670825


उत्तराखंड के कुमायूं क्षेत्र के रामनगर को पौड़ी क्षेत्र के देहरादून के बीच कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस के संचलन को स्वीकृति प्रदान की है। 




क्षेत्रीय जनता की रामनगर से देहरादून के मध्य अंतर नगरीय एक्सप्रेस ट्रेन चलाये जाने की मांग तथा माननीय सांसद श्री अनिल बलूनी जी के विशेष प्रयास को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय द्वारा 15310/15309 रामनगर-देहरादून-रामनगर एक्सप्रेस के संचलन को मंजूरी प्रदान की गयी।

 

15310/15309 रामनगर-देहरादून-रामनगर एक्सप्रेस बुधवार एवं शुक्रवार को रामनगर से 05.50 बजे प्रस्थान कर 12.40 बजे देहरादून पहुंचेगी तथा उसी दिन देहरादून से 15.55 बजे प्रस्थान कर 23.30 बजे रामनगर पहुंचेगी। यह एक्सप्रेस ट्रेन अपनी यात्रा मार्ग में काशीपुर, रोशनपुर, पीपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद एवं हरिद्वार स्टेशनों पर रुकेगी। रामनगर-देहरादून के मध्य यह पहली एक्सप्रेस ट्रेन है। इस ट्रेन के चलने से क्षेत्रीय जनता की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हुयी। 


इस ट्रेन के चलने से उत्तराखंड नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून तथा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, बिजनौर जिलों के छात्रों, किसानों, व्यावसायियों सहित समाज के सभी वर्गों को लाभ होगा। क्षेत्र के लोगों को प्रदेश की राजधानी देहरादून एवं तीर्थ नगरी हरिद्वार जाकर वहां अपने कार्य कर उसी दिन वापस आने की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। 


इस गाड़ी के चलने से ‘जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान’ जाने वाले वन्यजीव प्रेमियों एवं रामनगर के निकट कोसी नदी के बीच एक विशाल चट्टान पर स्थित गिरजा देवी मंदिर और सीतामढ़ी/सीतावनी जैसे पौराणिक स्थलों के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। इसके अतिरिक्त हरिद्वार/देहरादून पहुँच कर बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री आदि तीर्थ स्थलों  को जाने में सहूलियत होगी।


इस गाड़ी में वातानुकूलित द्वितीय, वातानुकूलित तृतीय, वातानुकूलित चेयर कार, शयनयान, द्वितीय श्रेणी चेयर कार तथा सामान्य द्वितीय श्रेणी के कोच लगाये जायेंगे।

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश — आपदा प्रबंधन में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी।* 


 *बिजली, पेयजल, सड़क और संचार सेवाएं तत्काल बहाल हों, हर जिले में 24×7 अलर्ट मोड पर रहें सभी जिलाधिकारी एवं एजेंसियां।*

 *डेंगू रोकथाम पर युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश, जलभराव और गंदगी पर तत्काल कार्रवाई के आदेश।* 

 *चारधाम यात्रा, मानसून और आपदा प्रबंधन की व्यापक समीक्षा, संवेदनशील क्षेत्रों में हेली सेवा और राहत संसाधन पूरी तरह तैनात रखने के निर्देश।* 


' *जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' का तीसरा चरण 15 सितंबर से नए स्वरूप में होगा शुरू, अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर।* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में राज्य के सभी जनपदों से अतिवृष्टि, मानसून की स्थिति, चारधाम यात्रा, डेंगू की रोकथाम तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता अथवा उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल बैठकों तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें तथा प्रत्येक स्थिति पर सतत निगरानी बनाए रखें।



मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान प्रत्येक अधिकारी को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड में रहना होगा। किसी भी प्रकार की आपदा अथवा आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में एक क्षण की भी देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में होने वाली प्रत्येक महत्वपूर्ण घटना की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री कार्यालय एवं राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।



मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से जिलेवार सड़कों की स्थिति, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, चारधाम यात्रा मार्गों, यात्रियों की संख्या तथा विभिन्न धामों में व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य की आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों से जुड़ी है। इसलिए यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा, सुगम आवाजाही, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल, स्वच्छता तथा यातायात प्रबंधन में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।



समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने अवगत कराया कि इस वर्ष अब तक 44.65 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का राज्य में आगमन उत्तराखण्ड के प्रति लोगों की आस्था का प्रमाण है। सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित, व्यवस्थित और संतोषजनक यात्रा का अनुभव लेकर लौटे।



मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर भूस्खलन अथवा मार्ग अवरुद्ध होने की संभावना अधिक रहती है, वहां पहले से पर्याप्त संख्या में जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, आवश्यक उपकरण तथा तकनीकी दल तैनात किए जाएं ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल किया जा सके। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में जीपीएस एवं आधुनिक संचार प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।



मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें। किसी भी विभाग द्वारा यह नहीं कहा जाना चाहिए कि सूचना समय पर नहीं मिली या संसाधन उपलब्ध नहीं थे। प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी तय करते हुए समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी भी स्थान पर भारी वर्षा अथवा भूस्खलन के कारण बिजली, पेयजल अथवा संचार सेवाएं बाधित होती हैं तो उनकी बहाली सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर की जाए। आमजन को मूलभूत सुविधाओं से लंबे समय तक वंचित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि आवश्यक होने पर अतिरिक्त टीमें भेजी जाएं और वैकल्पिक व्यवस्थाएं तत्काल लागू की जाएं।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयों, ईंधन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण पहले से सुनिश्चित किया जाए ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।



उन्होंने गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों की विशेष निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता के अनुसार समय रहते सुरक्षित स्थानों अथवा चिकित्सा सुविधाओं से युक्त स्थानों पर पहुंचाया जाए। जहां आवश्यकता हो वहां हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध कराई जाए। किसी भी परिस्थिति में चिकित्सा सहायता के अभाव में जनहानि नहीं होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में आपातकालीन परिस्थितियों के लिए हेली सेवा उपलब्ध रखने का निर्णय लिया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।


डेंगू की रोकथाम की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों को युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले सभी स्थानों की तत्काल पहचान कर वहां पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए तथा नियमित फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए।



मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल सरकारी विभागों के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे। डेंगू के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाते हुए स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, युवा मंडलों, महिला समूहों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए। प्रत्येक नागरिक को यह समझाया जाए कि अपने घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें।


उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू जांच किट, पर्याप्त दवाइयां, रक्त की उपलब्धता, बेड तथा चिकित्सा कर्मियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मरीजों को उपचार में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आपदा प्रबंधन केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देना चाहिए। अधिकारी जनता के बीच जाएं, समस्याओं का समाधान करें और प्रत्येक स्थिति की व्यक्तिगत निगरानी करें। जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है और उस विश्वास को बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में गत वर्ष आई आपदाओं से संबंधित जिन कार्यों को पूरा किया जाना था, उनमें से कोई भी कार्य लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद पुनर्निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी भविष्य में बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पिछले वर्ष स्वीकृत सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण हों तथा उनकी अद्यतन प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से शासन एवं मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।


मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा नगर में संचालित मास्टर प्लान के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के सभी जनपदों में 15 अक्टूबर तक पूर्ण होने वाले सभी विकास कार्यों की विस्तृत सूची एवं उनकी वर्तमान प्रगति तत्काल मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिन कार्यों में बाधाएं हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर उनका समाधान किया जाए।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य सरकार द्वारा की गई सभी मुख्यमंत्री घोषणाओं की नियमित समीक्षा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घोषणा समयबद्ध ढंग से धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। जनता के बीच की गई घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुंचे। जिन विभागों में कार्यों की गति धीमी है, वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं और व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करें।


बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्यभर में संचालित "जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार" अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम ने सरकार और जनता के बीच संवाद को और अधिक मजबूत किया है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस अभियान का तीसरा चरण आगामी 15 सितंबर से नए स्वरूप और अधिक प्रभावी तरीके से प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए अभी से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल शिविर लगाना नहीं है, बल्कि सरकार को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, उसकी समस्याओं का मौके पर समाधान हो तथा प्रमाण पत्र, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, राजस्व संबंधी सेवाएं और अन्य सुविधाएं सरलता से उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि यही सुशासन की वास्तविक पहचान है।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों को केवल औपचारिकता न बनाया जाए। प्रत्येक शिविर का परिणाम धरातल पर दिखाई देना चाहिए। आमजन को यह महसूस होना चाहिए कि सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता के प्रति उत्तरदायी बनना ही सुशासन की पहली शर्त है। प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करे। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।


बैठक में मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान सभी पुलों का सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन पुलों की स्थिति कमजोर है, वहां तत्काल आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर यातायात को नियंत्रित किया जाए। किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


उन्होंने नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी शहरों, कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालों की विशेष सफाई अभियान चलाया जाए ताकि जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। जहां भी जल निकासी बाधित है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान जलभराव से होने वाली समस्याओं को हर हाल में रोका जाए।


मुख्यमंत्री ने दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में वैकल्पिक संचार व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर प्राकृतिक आपदा के कारण मोबाइल अथवा अन्य संचार सेवाएं बाधित होती हैं तो तत्काल वैकल्पिक संचार माध्यम उपलब्ध कराए जाएं ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए।


उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में एम्बुलेंस सेवाएं, जीवनरक्षक दवाइयां, चिकित्सकीय उपकरण तथा आपातकालीन संसाधन पूरी तरह तैयार रहें। स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें।


 *मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सरकार द्वारा विभिन्न जन सेवाओं के लिए चलाए जा रहे दूरभाष नंबरो पर संपर्क कर व्यवस्थाओं की जांच करते  हैं और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी समय समीक्षा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रत्येक परिस्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए है और आमजन की सुरक्षा एवं सुविधाओं  के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।* 



बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हरेला पर्व का उल्लेख करते हुए अधिकारियों से कहा कि "एक पेड़ मां के नाम" अभियान को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए। सभी अधिकारी स्वयं पौधारोपण करें तथा समाज को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व है और इसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें बल्कि नियमित रूप से ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि जनता को यह भरोसा होना चाहिए कि प्रशासन हर कठिन परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है।


उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत बनाया जाए। किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में सभी एजेंसियां एक टीम के रूप में कार्य करें ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सके और जनधन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल आपदा आने के बाद राहत कार्य करना नहीं है, बल्कि आपदा से पूर्व प्रभावी तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया और समयबद्ध पुनर्वास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रत्येक विभाग को हर समय सतर्क रहना होगा। किसी भी चुनौती का सामना केवल बेहतर समन्वय, त्वरित निर्णय और जिम्मेदार कार्यशैली से ही किया जा सकता है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मानसून की स्थिति पर राज्य सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में नियमित रूप से फील्ड भ्रमण करें तथा संवेदनशील क्षेत्रों का स्वयं निरीक्षण करें। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए "गोल्डन ऑवर" का विशेष ध्यान रखा जाए और प्रभावित क्षेत्रों तक प्रशासन की पहुंच तत्काल सुनिश्चित हो।



मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान केवल फाइलों के माध्यम से नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है और शासन की प्राथमिकता भी। उन्होंने दोहराया कि जनता की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा कोई भी विषय लंबित नहीं रहना चाहिए।




मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक जिले के कार्यों की नियमित समीक्षा करेगी। जिन अधिकारियों द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जाएगा, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, वहीं अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित के मामलों में किसी भी स्तर पर शिथिलता, उदासीनता अथवा लापरवाही को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा |


मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, ग्राम प्रधानों, महिला मंगल दलों, युवक मंगल दलों तथा सामाजिक संगठनों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करें, ताकि आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि समाज की सहभागिता से ही आपदा प्रबंधन को अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक समय पर सहायता पहुंचाना है। इसके लिए सभी विभागों को उत्तरदायित्व, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन का प्रत्येक अधिकारी स्वयं को जनता के प्रति जवाबदेह समझे और अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा से निर्वहन करे।



बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक एवं श्री सतपाल महाराज, आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्री विनय कुमार रोहिल्ला, मुख्य सचिव श्री विनोद कुमार सुमन, सचिव श्री विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून श्री आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी, श्री विनीत कुमार सहित विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वर्चुअल माध्यम से राज्य के सभी जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, आपदा प्रबंधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, पेयजल, नगर निकायों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी  मुख्यमंत्री आवास में राज्य के सभी जनपदो से अति वृष्टि, डैंगू से रोकथाम सहित मानसून की स्थिति की जानकारी लेते हुए आपदा प्रबन्धन की समीक्षा कर रहे है | 

बैठक मे आपदा प्रबन्धन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्री विनय कुमार रोहिल्ला, समन्धित विभागो के सचिव, वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी, आपदा प्रबन्धन विभाग के अधिकारी उपस्थित हैं |


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी  मुख्यमंत्री आवास में राज्य के सभी जनपदो से अति वृष्टि, डैंगू से रोकथाम सहित मानसून की स्थिति की जानकारी लेते हुए आपदा प्रबन्धन की समीक्षा की है | 




 देहरादून:

देहरादून जनपद में 17 जुलाई को भारी वर्षा के चलते एवं 18 जुलाई को भारी वर्षा होने की संभावना की दृष्टिगत जिलाधिकारी देहरादून द्वारा जनपद देहरादून के समस्त कक्षा 1 से 11 12 तक संचालित स्कूलों में आंगनबाड़ी में घोषित किया गया है।

holiday on 18 july,2026



*देहरादून:

loudspeaker removed from religious places dehradun


*सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत अनुपालन हेतु एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर दून पुलिस ने चलाया अभियान*

*बिना अनुमति एवं निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित लाउडस्पीकरों पर की गई कार्रवाई।*

*निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि में बजने वाले लाउडस्पीकर धार्मिक स्थलों से गये हटवाये*

 *भविष्य में नियमों के उल्लंघन पर संबंधित व्यक्तियों/संस्थानो के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की दी चेतावनी*



माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण एवं सार्वजनिक शांति व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर दून पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया।


अभियान के दौरान जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड की टीम के साथ धार्मिक स्थलों पर लगाए गए ध्वनि विस्तारक यंत्रों का निरीक्षण किया गया तथा निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में संचालित होने वाले  लाउडस्पीकरों को 43 धार्मिक स्थलों से हटवाया गया तथा भविष्य में बिना सक्षम अनुमति एवं निर्धारित ध्वनि मानको का पालन किए बिना लाउडस्पीकर संचालित न करने के निर्देश दिए गए। 


इस दौरान संबंधित व्यक्तियों को ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियमों, माननीय न्यायालय के आदेशों तथा शासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने हेतु जागरूक किया गया। साथ ही स्पष्ट किया गया कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिनियमों एवं नियमों के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जाएगी।

 ऋषिकेश: 

shrimadbhagwat katha, shri  durga mandir, IDPL Rishikesh


आइडीपीएल ऋषिकेश, दुर्गा मंदिर मालवीय नगर ऋषिकेश में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य कलश यात्रा के साथ 14 जुलाई को शुभारंभ हुआ।

आज कथा के दूसरे दिन वृन्दावन से पधारे कथावाचक श्री राम उपाध्याय ने  श्रीमद्भागवत कथा की महिमा का वर्णन करते हुए अमृतमयी श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण के महात्म्य को बताया।

श्रीमद्भागवत कथा सुनना ही सबसे बड़ा सत्कर्म है। इसीलिये नारद जी ने भक्ति ज्ञान वैराग्य के लिये श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया, ज8से सनत कुमार जी ने सुनाया।

श्रीमद्भागवत जी पापियों का भी कल्याण करती है.इस अवसर पर1








देहरादून:



राजधानी देहरादून में ’’छात्रों की गूंज’’ कार्यक्रम के भव्यय आयोजन हेतु कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेश स्तर पर तैयारियां पूरी की जा रही हैं तथा कार्यक्रम स्थल पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, राष्ट्रीय सचिव एवं प्रदेश सहप्रभारी सुरेन्द्र शर्मा एवं मनोज यादव, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डाॅ0 हरक सिंह सहित सभी वरिष्ठ नेतागणों ने स्वयं मोर्चा संभाला हुआ है।

उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस के  मीडिया चेयरमैंन  राजीव महर्षि ने बताया कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागणों की देखरेख में देहरादून के बन्नू ग्राउंड में कार्यक्रम के भव्य आयोजन हेतु तैयारियां लगभग पूरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि छात्रों की गूंज कार्यक्रम के प्रति कंाग्रेसजनों में भारी उत्साह देखने को मिला है विषेशकर युवा वर्ग श्री राहुल गांधी जी के विचारों को सुनने के लिए उत्साहित है।

कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि दिनांक 17 जुलाई, 2026 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी देहरादून में छात्र-छात्राओं से खुले मंच पर संवाद करेंगे तथा उसी मंच से युवा नौजवान एवं छात्र हितों की लड़ाई लड़ने का आह्रवान करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकारों की नाकामी का सबसे अधिक खामियाजा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे देश के युवा एवं बेरोजगार नौजवान वर्ग को भुगतना पड़ रहा है। वर्षों पढ़ाई और मेहनत करने के बावजूद उन्हें इसका प्रतिफल नहीं मिल पा रहा है तथा युवा आत्म हत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की इस पीड़ा को राहुल गांधी जी ने समझा है तथा उनकी लड़ाई लड़ने का बीडा उठाया है।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा सरकारों के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में जो भी प्रतियोगी परीक्षायें हुई हैं उन सभी में युवा नौजवानों के साथ छलावा किया गया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक के बाद एक प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होते जा रहे हैं तथा नीट परीक्षा के बाद तैयारी में अपने कई साल बरबाद कर चुके छात्र आत्म हत्या कर रहे हैं उससे यह भी साबित हो गया है कि भाजपा सरकार को देश के भविष्य कहे जाने वाले युवा वर्ग के हितों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने देश के नौजवानों की पीडा को समझा है इसी के तहत उन्होंने देशभर के युवाओं से सीधा संवाद करने के उद्देश्य से ’’छात्रों की गूंज’’ कार्यक्रम करने का निर्णय लिया है तथा कोटा के बाद अब देहरादून में 17 जुलाई को इसका आगाज करने जा रहे हैं।

मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने कहा कि भाजपा सरकार की अडंगेबाजी के बावजूद पार्टी स्तर पर ’’छात्रों की गूंज’’ कार्यक्रम को भव्य रूप से आयोजित करने हेतु तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। उन्होने कहा कि ’’छात्रों की गूंज’’ कार्यक्रम मे प्रदेश के कोने-कोने से छात्र, युवा एवं कांग्रेस कार्यकर्ता प्रतिभाग करने पहुंचेंगे तथा राज्य की भाजपा सरकार की विदाई की तारीख तय करेंगे।



 


उत्तरकाशी:


पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने जनपद के बाड़ागड्डी क्षेत्र के कुरोली, किशनपुर एवं अलेथ गांवों में आयोजित पारम्परिक फूलोई मेले में प्रतिभाग कर क्षेत्र के आराध्य देवताओं की पावन डोलियों के दर्शन एवं देव आशीर्वाद प्राप्त किया। 

इस अवसर पर उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों को फूलोई मेले की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की।


इससे पूर्व उन्होंने धनारी क्षेत्र के फोल्ड गांव में आयोजित ध्याणी मिलन समारोह तथा सिरोर गांव के पारम्परिक मेले में भी सहभागिता कर ग्रामीणों से आत्मीय भेंट की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।


इस दौरान श्री सजवाण ने क्षेत्र के आराध्य भगवान श्री हरि महाराज, भगवान नागराजा देवता, माँ खण्डद्वारी, हूण देवता एवं भगवान श्री छत्र घंडियाल देवता के पावन सानिध्य में आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में श्रद्धापूर्वक सहभागिता करते हुए देव आशीर्वाद ग्रहण किया।


पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने कहा कि फूलोई मेला उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था, प्रकृति के प्रति श्रद्धा और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। ऐसे पारम्परिक मेले हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ समाज को आपसी भाईचारे और एकता के सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि मेले में ग्रामीणों के साथ आत्मीय संवाद, पारम्परिक रासो नृत्य और लोक संस्कृति की मनमोहक झलक ने पूरे वातावरण को श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा से ओत-प्रोत कर दिया।


उन्होंने कहा कि हमारी लोक परम्पराएं और सांस्कृतिक धरोहर ही हमारी वास्तविक पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी गौरवशाली संस्कृति, परम्पराओं और संस्कारों से प्रेरणा प्राप्त करती रहें।


इस दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से विभिन्न जनसरोकारों पर भी चर्चा हुई। क्षेत्रवासियों ने श्री सजवाण के जनहितैषी कार्यों, सहज एवं मृदुभाषी व्यक्तित्व तथा विकासोन्मुख सोच की सराहना करते हुए उनके प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया। ग्रामीणों ने क्षेत्र के समग्र विकास और जनभावनाओं के अनुरूप नेतृत्व की आवश्यकता पर बल देते हुए श्री सजवाण के प्रति व्यापक समर्थन और सकारात्मक जनभावना को भी व्यक्त किया।


अंत में श्री सजवाण ने समस्त आराध्य देवताओं से क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि देवताओं की असीम कृपा पूरे क्षेत्र पर सदैव बनी रहे तथा हमारी सांस्कृतिक परम्पराएं इसी प्रकार पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनी रहें।

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