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देहरादून:




अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी, लोकसभा सांसद तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा 17 और 18 जून को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह पार्टी संगठन को मजबूत करने और नेताओं के साथ समन्वय को लेकर कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगी। ये जानकारी कॉंग्रेस के प्रदेश मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजीव महर्षि ने दी हैI 


राजीव महर्षि ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कुमारी सैलजा 17 जून की सुबह 9 बजे नई दिल्ली से इंडिगो की उड़ान संख्या 6E-5298 से जौलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगी और सुबह 9:50 बजे देहरादून पहुंचेंगी। इसके बाद वह देहरादून पहुंचकर सुबह 11 बजे जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों के साथ संगठनात्मक प्रदर्शन और पार्टी गतिविधियों को लेकर बैठक करेंगी।


दोपहर 2 बजे वह पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों, विभागों और फ्रंटल संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगी। वहीं शाम 4 बजे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ एक-से-एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। रात्रि विश्राम देहरादून में होगा।


18 जून को दोपहर 12 बजे कुमारी सैलजा उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक करेंगी, जिसमें संगठनात्मक मुद्दों और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।


बैठक के बाद वह दोपहर 3 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगी। शाम 4:35 बजे इंडिगो की उड़ान संख्या 6E-6227 से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी और शाम 5:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगी।


कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा, विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय बढ़ाना तथा पार्टी को आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करना है।



डोईवाला:




 पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा से सकुशल लौटने पर अधिवक्ता एवं समाजसेवी मनीष धीमान का स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं एवं शुभचिंतकों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर लोगों ने पुष्पमालाएं पहनाकर एवं जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया।


विदित हो कि विगत 3 जून को कैलाश मानसरो यात्रा में जाने वाले जत्थे में मनीष धीमान शामिल हुए थे जिसमें कैलाश मानसरोवर व पर्वत के दर्शन एवं परिक्रमा के उपरांत मंगलवार को वापस लौटे।


कैलाशी मनीष धीमान ने अपनी कैलाश मानसरोवर यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि भगवान शिव की असीम कृपा एवं आशीर्वाद से उन्हें इस पावन यात्रा को पूर्ण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने यात्रा को आध्यात्मिक ऊर्जा, आत्मिक शांति और श्रद्धा का अद्भुत संगम बताया।


स्वागत समारोह में उपस्थित लोगों ने कैलाश यात्रा की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर भगवान शिव के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।


कार्यक्रम का वातावरण भक्तिमय रहा और उपस्थित लोगों ने “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ भगवान शिव का स्मरण किया। स्थानीय नागरिकों ने मनीष धीमान के उज्ज्वल भविष्य एवं समाज सेवा के कार्यों के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर संजय गुप्ता, ऋषि अग्रवाल, अधिवक्ता मनोहर सिंह सैनी, महेश लोधी, राजीव चौहान, अरुण टम्टा, संदीप जोशी, आशुतोष लोधी, प्रशांत बैरवान, नेत्रपाल रोहिला, व्योम गोयल, राहुल बिष्ट, जयदेव धीमान, निधि लोधी, मधु तड़ियाल, नेहा, शिवानी पंवार, कीर्ति, करिश्मा, अभिषेक लोधी, जतिन साहनी, सुरेश मनवाल, संजय सक्सेना, नेत्रपाल रोहिला, सुभाष शर्मा आदि उपस्थित थे।

पुरुषोत्तम मास में पढ़ने वाली सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में लगभग 78 लाख लोगों ने स्नान किया आस्था के शराब में उमड़ी भीड़ के कारण जगह-जगह घटनाएं दुर्घटनाएं भी होती रही जिनके लिए एसडीआरएफ डट कर खड़ी रही।


 *सोमवती अमावस्या पर एसडीआरएफ द्वारा घाटों पर सुरक्षा ड्यूटी का निर्वहन, विभिन्न स्थानों पर लापता व्यक्तियों की तलाश हेतु सर्च अभियान जारी, बिछड़े बालक को परिजनों से मिलाया*

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आज सोमवती अमावस्या के अवसर पर एसडीआरएफ द्वारा ऋषिकेश क्षेत्र के समस्त प्रमुख घाटों एवं संवेदनशील स्थलों पर विशेष सुरक्षा एवं रेस्क्यू ड्यूटी का सफलतापूर्वक निर्वहन किया गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए एसडीआरएफ, टीआरएफ, जल पुलिस एवं आपदा राहत दल की टीमों को विभिन्न घाटों पर तैनात किया गया, जहां टीमों द्वारा लगातार निगरानी रखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


इसके अतिरिक्त एसडीआरएफ की विभिन्न टीमों द्वारा विगत दिनों गंगा नदी में लापता हुए व्यक्तियों की तलाश हेतु व्यापक सर्च अभियान भी संचालित किया गया।


एसडीआरएफ टीम द्वारा शिवपुरी क्षेत्र में गंगा नदी में डूबे राहुल चौहान, निवासी दिल्ली, की तलाश हेतु संभावित क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया गया। वहीं चन्द्रेश्वर नगर क्षेत्र में गंगा नदी में डूबे दंपति, निवासी दिल्ली, की खोज हेतु भी टीम द्वारा नदी के विभिन्न संभावित स्थानों पर गहन सर्चिंग की गई।


इसके साथ ही फूलचट्टी क्षेत्र में गंगा नदी में लापता हुए शैलेन्द्र महावी, निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश, की तलाश हेतु भी एसडीआरएफ टीम द्वारा व्यापक खोज अभियान संचालित किया गया।


सर्च अभियान के दौरान एसडीआरएफ टीमों ने संबंधित घटनास्थलों से लेकर पशुलोक बैराज तक नदी के किनारों एवं अन्य संभावित स्थानों पर गहन खोजबीन की। सभी लापता व्यक्तियों के परिजन भी सर्च अभियान के दौरान मौके पर उपस्थित रहे तथा एसडीआरएफ टीमों के साथ समन्वय बनाए रखा।


 किसी भी लापता व्यक्ति का पता नहीं चल पाया है। एसडीआरएफ द्वारा सभी मामलों में सर्च अभियान लगातार जारी रखा जाएगा तथा आगामी दिनों में भी संभावित स्थानों पर खोजबीन की जाएगी।


वहीं त्रिवेणी घाट पर सोमवती अमावस्या मेले के दौरान ड्यूटी में तैनात टीआरएफ, जल पुलिस एवं आपदा राहत दल की टीम द्वारा एक बिछड़े हुए बालक को उसके परिजनों से मिलाकर मानवीय संवेदनशीलता एवं तत्परता का परिचय दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार वंश  उम्र लगभग 4 वर्ष, अपनी नानी के साथ आगरा से ऋषिकेश आया हुआ था। मेले में अत्यधिक भीड़ होने के कारण बालक अपने परिजनों से बिछड़ गया था।


ड्यूटी पर तैनात टीम द्वारा बालक को सुरक्षित संरक्षण में लेकर उसके परिजनों की तलाश प्रारंभ की गई। टीम के अथक प्रयासों एवं प्रभावी समन्वय के फलस्वरूप बालक के परिजनों का पता लगाकर उसे सकुशल उनके सुपुर्द किया गया। अपने बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली तथा एसडीआरएफ,  जल पुलिस एवं आपदा राहत दल की टीमों का हृदय से आभार व्यक्त किया।


एसडीआरएफ उत्तराखण्ड सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों से अपील करती है कि नदी किनारे अत्यधिक सावधानी बरतें तथा केवल चिन्हित एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित अथवा असुरक्षित स्थानों पर जाने से बचें तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।


एसडीआरएफ उत्तराखण्ड जनसुरक्षा एवं आपदा राहत कार्यों हेतु सदैव तत्पर एवं प्रतिबद्ध है।




खटीमा स्थित पूर्णागिरि मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वच्छता अभियान चलाते हुए मंदिर परिसर में साफ-सफाई की तथा "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि स्वच्छ और स्वस्थ उत्तराखंड के निर्माण के लिए सभी नागरिक अपने घर, मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लें तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी से ही एक जनआंदोलन का रूप ले सकते हैं।

खटीमा के नगला तराई में आज माता जी के साथ अपने खेत में कृषि कार्यों में सहभागिता की। खेत की जुताई एवं खाद डालते हुए किसानों के अथक परिश्रम, समर्पण और त्याग को निकटता से अनुभव किया। इस दौरान जीवन के वे सरल, संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायी दिन भी स्मृतियों में पुनः जीवंत हो उठे।

*मुख्यमंत्री धामी ने खेत में चलाया टिलर, पारंपरिक कृषि और जैविक खेती को बढ़ावा देने का दिया संदेश*


खटीमा, 15 जून, 2026 (सू०वि०)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने निजी आवास नगला तराई स्थित खेत में स्वयं टिलर चलाकर खेत की जुताई की तथा खेत में गोबर की प्राकृतिक खाद डालकर जैविक एवं पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस दौरान उनकी माता श्रीमती बिशना देवी भी उनके साथ उपस्थित रहीं।


मुख्यमंत्री ने खेत में श्रम करते हुए किसानों के परिश्रम और कृषि परंपराओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि खेती केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा है। आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक और प्राकृतिक खेती को अपनाकर कृषि को अधिक समृद्ध एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि गोबर की खाद जैसी प्राकृतिक पद्धतियां भूमि की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक बनाने और जैविक उत्पादों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान कृषि, ग्रामीण संस्कृति और प्रकृति से जुड़ी हुई है। राज्य सरकार पारंपरिक7i खेती, बागवानी, प्राकृतिक कृषि और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को भी खेती और ग्रामीण विकास से जोड़ना समय की आवश्यकता है।


हमारे अन्नदाता किसान केवल देश की खाद्य सुरक्षा के आधार स्तंभ ही नहीं हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन मूल्यों के सच्चे संवाहक भी हैं। राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान, तपस्या और समर्पण को कोटिशः नमन।




- अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली जनपदों की एसआईआर पर समीक्षा

- मतदाताओं को ऑनलाइन फार्म भरने के लिए प्रेरित करें जनपद: अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी 

- जनपदों को फार्म वितरण के साथ डिजिटलाइजेशन पर जोर देने के निर्देश 


देहरादून:

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 अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे ने सोमवार को सचिवालय में सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की। इस दौरान गणना फार्म वितरण वाले शीर्ष जनपदों की सराहना करते हुए उन जनपदों को दूसरे चरण में फार्म डिजिटाईजेशन का कार्य करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिन जनपदों में फार्म वितरण का कार्य अभी राज्य के औसत से कम है उन विधानसभा क्षेत्रों और मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान के तहत गणना फार्म वितरण और डिजिटाईजेशन करने के कार्य में हेल्पिंग हेंड के रुप में अतरिक्त मोबाइल टीमों की तैनाती करने के निर्देश दिए। प्रदेश में सोमवार शाम 4 बजे तक 88.48 प्रतिशत गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। 


अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में निर्देश दिए कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में ऑनलाइन गणना फार्म भरने का आंकड़ा बहुत कम है इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में ऑनलाइन गणना फार्म भरने हेतु लोगों को प्रेरित किया जाए इसके लिए व्यापक जनजागरुकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शेडो एरिया में मोबाइल टीम और आईटी टीम को भेजा जाए ताकि जो क्षेत्र नेटवर्क विहिन हैं उन बीएलओ को सहायता दी जा सके। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जनपदों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जनपदों में बीएलओ एप्प के नए मॉड्यूल्स का प्रशिक्षण 10 से 12 बीएलओ के छोटे-छोटे समूहों में किया जाए। 


अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के मतदाताओं से अपना नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो गणना फार्म के साथ बीएलओ को उपलब्ध कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि 8 जून से 7 जुलाई के बीच घर-घर भ्रमण के दौरान गणना फार्म के साथ मतदाताओं से कोई भी दस्तावेज नहीं देने होंगे। उन्होंने बताया कि सभी जनपदों में मतदाता टोल फ्री नंबर 1950 पर सहायता के लिए कॉल की जा सकती है इसके अतरिक्त राज्य स्तर पर 1800 3300 1950 पर भी कॉल कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। 

इस अवसर पर उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी और ईआरओ उपस्थित रहे।



 

 *कमांड एंड कंट्रोल सेंटर यात्रियों के समाधान में निभा रहा अहम भूमिका*

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) के गढ़ीकैंट स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह कंट्रोल रूम 24 घंटे पांचो धामों में कैमरे से यात्रियों की निगरानी के साथ उनकी समस्याओं के तुरंत समाधान और यात्रा संचालन की सतत मॉनिटरिंग में अहम किरदार साबित हो रहा है। 


चारधाम यात्रा के लिए अब तक 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करा लिया है, जबकि 36 लाख से अधिक यात्रियों ने पांचो धाम के दर्शन कर लिए हैं। कंट्रोल रूम में 35 से अधिक कार्मिक चार शिफ्टों में कार्य करते हुए यात्रा से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) स्तर पर भी कंट्रोल रूम के चार सदस्य यात्रा की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे है।


यात्रियों की सुविधा के लिए स्थापित कंट्रोल रूम ने अब तक 45 हजार से अधिक शिकायतों एवं पूछताछ का सफल निस्तारण किया जा चुका है। इनमें हेलीकॉप्टर सेवा से संबंधित 4,469, यात्रा पंजीकरण से जुड़ी 31,942, वाहन पंजीकरण की 1,370, बीकेटीसी की पूजा व्यवस्था संबंधी 270, जीएमवीएन टूर से जुड़ी 261 तथा अन्य 785  शिकायतों का त्वरित समाधान शामिल है। केंद्र में मौसम विभाग के द्वारा दी जा रही सटीक जानकारी को यात्रा का रजिस्ट्रेशन करा चुके श्रद्धालुओं को व्हाट्सएप के माध्यम से भी दी जा रही है। वही दूसरी ओर इस बार यात्रा में आधार आधारित पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से फर्जी रजिस्ट्रेशन पर प्रभावी रोक लगी है, जिससे यात्रा प्रबंधन अधिक पारदर्शी और सुचारू हुआ है। 

 उप निदेशक पर्यटन एवं नोडल चार धाम यात्रा कंट्रोल अमित लोहनी ने बताया कि आगामी मानसून के मध्य नजर चार धाम यात्रा को सरल सुगम व सुखद बनाने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के कार्यालय में 24 घंटे का कॉल सेंटर रूम स्थापित किया गया है।  उन्होंने बताया कि इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य है कि चार धाम यात्रा में आ रहे श्रद्धालु  अपने पंजीकरण की व्यवस्था के साथ यात्रा मार्ग पर अन्य व्यवस्थाओ के संबंध में जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय तक 45 हज़ार से अधिक कॉल प्राप्त की जा चुकी है। साथ ही उनके सफल निस्तारण भी किया जा चुका है।  उन्होंने बताया कि इस कॉल सेंटर में जो भी शिकायत आ रही है उन्हें हम संबंधित विभागों के साथ भी साझा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग द्वारा दिया जा रहा पूर्वानुमान के अनुसार हम चार धाम यात्रा में पंजीकरण करा चुके यात्रियों को व्हाट्सएप के माध्यम से मौसम का अपडेट भी दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह कॉल सेंटर सभी विभागों के लिए मददगार साबित हो रहा है।


 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सतत प्रयासों का नतीजा है कि उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) कार्यालय में स्थापित कमांड कंट्रोल रूम में यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे की चार धाम यात्रा को सरल, सुगम व सुव्यवस्थित बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

 *मुख्यमंत्री ने पौड़ी में विज्ञान संग्रहालय का किया लोकार्पण*


*कंडोलिया महोत्सव को राजकीय महोत्सव बनाने की घोषणा*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के भ्रमण के दौरान जनपद मुख्यालय स्थित श्रीनगर रोड पर जिला प्रशासन द्वारा विकसित आधुनिक विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण तथा रामलीला मैदान में आयोजित कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद को ₹110.55 करोड़ की लागत वाली 19 विकास योजनाओं की सौगात देते हुए 14 योजनाओं का शिलान्यास एवं 5 योजनाओं का लोकार्पण किया।


मुख्यमंत्री ने श्रीनगर रोड स्थित जिला विज्ञान संग्रहालय का विधिवत लोकार्पण किया तथा संग्रहालय में विकसित की गयी विज्ञान




आधारित गतिविधियों और प्रयोगात्मक शिक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने संग्रहालय का भ्रमण कर विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित इंटरएक्टिव मॉडलों, वैज्ञानिक प्रदर्शनों, एवं आधुनिक उपकरणों का अवलोकन किया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने संग्रहालय में स्थापित वैज्ञानिक प्रदर्शनों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बच्चे उत्साहित नजर आए। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी कई प्रदर्शनियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विज्ञान, अंतरिक्ष, ऊर्जा, पर्यावरण एवं तकनीकी नवाचारों से संबंधित प्रदर्शनों का अवलोकन करते हुए कहा कि ऐसे विज्ञान संग्रहालय बच्चों में जिज्ञासा, अनुसंधान की भावना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला विज्ञान संग्रहालय केवल प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि यह संग्रहालय विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक आधुनिक विज्ञान शिक्षण एवं नवाचार केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यहां बच्चे विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संग्रहालय जनपद के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, जिज्ञासा और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा वैज्ञानिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।


मुख्यमंत्री ने इसके बाद कंडोलिया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान पहुंचकर कंडोलिया पौड़ी महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा कंडोलिया महोत्सव को सरकारी कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित किये जाने की घोषणा की गई।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कंडोलिया महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम है। आज जनपद के विकास में एक नया अध्याय जुड़ा है। इस अवसर पर लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत से 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। चारधाम यात्रा लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है तथा अब तक लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास को पहाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचाना है और इसी सोच के साथ हाउस ऑफ हिमालय, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, मिलेट मिशन, नई पर्यटन एवं फिल्म नीति, स्वरोजगार तथा होमस्टे योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। पिछले चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सनातन संस्कृति, मूल स्वरूप और सामाजिक सौहार्द की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून तथा सख्त भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पौड़ी और श्रीनगर क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी, एनआईटी परिसर, गंगा संस्कृति केंद्र, सिंगटाली पुल, पौड़ी-श्रीनगर मार्ग चौड़ीकरण, झील निर्माण, ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तथा खेल अवस्थापना से जुड़ी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी और रोजगार व पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ाएंगी।


इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, दलीप सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया, एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी एवं अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।

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