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पुरुषोत्तम मास में पढ़ने वाली सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में लगभग 78 लाख लोगों ने स्नान किया आस्था के शराब में उमड़ी भीड़ के कारण जगह-जगह घटनाएं दुर्घटनाएं भी होती रही जिनके लिए एसडीआरएफ डट कर खड़ी रही।


 *सोमवती अमावस्या पर एसडीआरएफ द्वारा घाटों पर सुरक्षा ड्यूटी का निर्वहन, विभिन्न स्थानों पर लापता व्यक्तियों की तलाश हेतु सर्च अभियान जारी, बिछड़े बालक को परिजनों से मिलाया*

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आज सोमवती अमावस्या के अवसर पर एसडीआरएफ द्वारा ऋषिकेश क्षेत्र के समस्त प्रमुख घाटों एवं संवेदनशील स्थलों पर विशेष सुरक्षा एवं रेस्क्यू ड्यूटी का सफलतापूर्वक निर्वहन किया गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए एसडीआरएफ, टीआरएफ, जल पुलिस एवं आपदा राहत दल की टीमों को विभिन्न घाटों पर तैनात किया गया, जहां टीमों द्वारा लगातार निगरानी रखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


इसके अतिरिक्त एसडीआरएफ की विभिन्न टीमों द्वारा विगत दिनों गंगा नदी में लापता हुए व्यक्तियों की तलाश हेतु व्यापक सर्च अभियान भी संचालित किया गया।


एसडीआरएफ टीम द्वारा शिवपुरी क्षेत्र में गंगा नदी में डूबे राहुल चौहान, निवासी दिल्ली, की तलाश हेतु संभावित क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया गया। वहीं चन्द्रेश्वर नगर क्षेत्र में गंगा नदी में डूबे दंपति, निवासी दिल्ली, की खोज हेतु भी टीम द्वारा नदी के विभिन्न संभावित स्थानों पर गहन सर्चिंग की गई।


इसके साथ ही फूलचट्टी क्षेत्र में गंगा नदी में लापता हुए शैलेन्द्र महावी, निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश, की तलाश हेतु भी एसडीआरएफ टीम द्वारा व्यापक खोज अभियान संचालित किया गया।


सर्च अभियान के दौरान एसडीआरएफ टीमों ने संबंधित घटनास्थलों से लेकर पशुलोक बैराज तक नदी के किनारों एवं अन्य संभावित स्थानों पर गहन खोजबीन की। सभी लापता व्यक्तियों के परिजन भी सर्च अभियान के दौरान मौके पर उपस्थित रहे तथा एसडीआरएफ टीमों के साथ समन्वय बनाए रखा।


 किसी भी लापता व्यक्ति का पता नहीं चल पाया है। एसडीआरएफ द्वारा सभी मामलों में सर्च अभियान लगातार जारी रखा जाएगा तथा आगामी दिनों में भी संभावित स्थानों पर खोजबीन की जाएगी।


वहीं त्रिवेणी घाट पर सोमवती अमावस्या मेले के दौरान ड्यूटी में तैनात टीआरएफ, जल पुलिस एवं आपदा राहत दल की टीम द्वारा एक बिछड़े हुए बालक को उसके परिजनों से मिलाकर मानवीय संवेदनशीलता एवं तत्परता का परिचय दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार वंश  उम्र लगभग 4 वर्ष, अपनी नानी के साथ आगरा से ऋषिकेश आया हुआ था। मेले में अत्यधिक भीड़ होने के कारण बालक अपने परिजनों से बिछड़ गया था।


ड्यूटी पर तैनात टीम द्वारा बालक को सुरक्षित संरक्षण में लेकर उसके परिजनों की तलाश प्रारंभ की गई। टीम के अथक प्रयासों एवं प्रभावी समन्वय के फलस्वरूप बालक के परिजनों का पता लगाकर उसे सकुशल उनके सुपुर्द किया गया। अपने बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली तथा एसडीआरएफ,  जल पुलिस एवं आपदा राहत दल की टीमों का हृदय से आभार व्यक्त किया।


एसडीआरएफ उत्तराखण्ड सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों से अपील करती है कि नदी किनारे अत्यधिक सावधानी बरतें तथा केवल चिन्हित एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित अथवा असुरक्षित स्थानों पर जाने से बचें तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।


एसडीआरएफ उत्तराखण्ड जनसुरक्षा एवं आपदा राहत कार्यों हेतु सदैव तत्पर एवं प्रतिबद्ध है।

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