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- श्री कोश्यारी प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और राष्ट्रवादी नेता के रूप में जाने जाते हैं


- 1966 में श्री कोश्यारी ने उत्तराखंड के सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़ में 'सरस्वती शिशु मंदिर' की स्थापना की, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा के अवसरों को मजबूत किया गया


- वर्ष 2008 में श्री कोश्यारी राज्य सभा के लिए चुने गए और 2014 में वह नैनीताल-ऊधम सिंह नगर निर्वाचन क्षेत्र से लोक सभा के लिए चुने गए



25 मई को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण से सम्मानित किया जाएगा।

 

श्री भगत सिंह कोश्यारी, जिन्हें  उत्तराखंड राज्य में 'भगत दा' के नाम से जाना जाता है, एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और समर्पित राष्ट्रवादी नेता हैं, जिन्होंने अपना जीवन जन सेवा और समाज के गरीब और पिछडे वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है। वह आरएसएस के एक निष्‍ठावान स्वयंसेवक हैं और अपनी सादगी, अनुशासन और सीखने के प्रति गहरे प्रेम के लिए जाने जाते हैं।

 

17 जून, 1942  को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के पहाड़ी इलाके के सुदूर गांव पलानधुरा में जन्मे श्री कोश्यारी ने अपनी ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद दृढ़ संकल्प के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त की और 1964 में आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की। उन्होंने 1964-1965 के दौरान राजा का रामपुर (एटा, उत्तर प्रदेश) में व्याख्याता के रूप में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। हालांकि, शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दृष्टि से प्रेरित होकर, उन्होंने 1965 के बाद से स्‍वयं को पूरी तरह से शैक्षणिक और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

 

श्री कोश्यारी  ने सरस्वती शिशु मंदिर, कासगंज (उत्तर प्रदेश) में पढ़ाना शुरू किया, जहां उन्होंने छोटे बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय मूल्य प्रदान करने का काम किया। वर्ष 1966 में, उन्होंने उत्तराखंड के एक सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़ में 'सरस्वती शिशु मंदिर' की स्थापना की, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा के अवसरों को मजबूत किया गया। उन्होंने पिथौरागढ़ में विवेकानंद इंटर कॉलेज की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सरस्वती विहार, नैनीताल से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उन्होंने कई वर्षों तक आरएसएस के विभाग कार्यवाह  के रूप में कार्य  किया और बाद में उत्तरांचल उत्थान परिषद के सचिव बने, जो दशकों तक उत्तराखंड में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के विकास के लिए समर्पित संगठन है। वर्ष 1979 से 1990 तक, वह कुमाऊं विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के सदस्य थे, जिन्होंने शैक्षिक नीति और संस्थागत विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने जागरूकता और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए पिथौरागढ़ से हिंदी साप्ताहिक "पर्वत पीयूष" के प्रकाशन की भी शुरुआत  की। राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान, उन्हें आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम (मीसा) के तहत गिरफ्तार किया गया था, जो सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।

 

वर्ष 1997 में श्री कोश्यारी को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए नामित किया गया था। नवंबर 2000 में उत्तराखंड के गठन के बाद, वह राज्य के पहले मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने और बाद में थोड़े समय के लिए उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी काम किया। वर्ष 2008 में, वह राज्य सभा के लिए चुने गए और 2014 में, वह नैनीताल-ऊधम सिंह नगर निर्वाचन क्षेत्र से लोक सभा के लिए चुने गए। उत्तराखंड में ऊर्जा मंत्री के रूप में, उन्होंने लंबे समय से लंबित टिहरी हाइड्रो परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें टिहरी के ऐतिहासिक शहर और जिला मुख्यालय का स्थानांतरण शामिल था। उन्होंने राज्य सभा और लोक सभा दोनों में याचिका समिति के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया, जहां उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन सहित वन रैंक वन पेंशन, रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दों पर विस्तृत सिफारिशें प्रस्तुत कीं। बाद में उन्हें 5 सितंबर, 2019 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने प्रभावी ढंग से सेवा की और राज्य के लगभग सभी जिलों के साथ-साथ कई ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण किलों का दौरा किया। इसके अलावा, अगस्त 2020 में, उन्हें गोवा के राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) के रूप में भी नियुक्त किया गया था।

 

शिक्षा और राजनीति में उनके योगदान के अलावा, श्री कोश्यारी एक लेखक भी हैं। उन्होंने "उत्तरांचल प्रदेश क्यों" और "उत्तरांचल प्रदेश: संघर्ष एवं समाधान" नामक दो पुस्तकें लिखी और प्रकाशित की, जो उत्तराखंड के विकास के प्रति उनकी संकल्‍पना और प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, नेतृत्व और अटूट सेवा का एक प्रेरक उदाहरण है।

 

-प्रदेश के मतदाताओं से SIR में BLO से सहयोग करने की अपील*

- *प्री एसआईआर फेज में 89% मैपिंग

Chief electoral officer indoa gyanesh uttarakhand


देहरादून:


 देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने उत्तराखण्ड दौरे के दूसरे दिन रविवार को देहरादून स्थित राज्य अतिथि गृह बीजापुर में एसआईआर की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।  

मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य “एब्सेंट,शिफ्टेड,डेथ, डूप्लीकेट और विदेशी मतदाताओं“ को चिन्हित कर मतदाता सूची का शुद्धिकरण करना है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी मतदाताओं से आगामी एसआईआर में अपना नवीनतम पासपोर्ट फोटो उपलब्ध कराने के साथ ही SIR  मे बीएलओ को सहायोग करने की अपील की है। 


बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को अवगत कराया कि प्रदेश में प्री-SIR फेज में 89 % मैपिंग की गई है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेश में गणना प्रपत्रों के प्रिंटिंग की तैयारी पूर्ण हो चुकी है। डीईओ,डिप्टी डीईओ,ईआरओ/एईआरओ के प्रथम चरण का प्रशिक्षण पूरा कर दिया गया है, बीएलओ और अन्य फ़ील्ड स्टाफ प्रशिक्षण गतिमान है। 


बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को यह भी बताया गया कि प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए व्यापक स्तर पर विभिन्न माध्यमों से मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं ईआरओ को राजनैतिक दलों के साथ प्रत्येक सप्ताह बैठक करने के निर्देश दिए  हैं। 


इस दौरान मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, एडीजी डॉ. वी मुरुगेशन, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, नवनियुक्त जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान, एसएसपी देहरादून श्री प्रमेंद्र डोभाल, सीडीओ देहरादून अभिनव शाह, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रकाश दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह उपस्थित रहे।

  नैनीताल :


जनपद के भ्रमण पर पहुंचे मुख्यमंत्री श्री  पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को हल्द्वानी-काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आम जनता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।


 उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध और संतुष्टिपरक समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए जनता को राहत पहुंचाने के लिए अधिकारी संवेदनशीलता से कार्य करें।

nainital circuit houseCM Dhami



इस दौरान पेयजल आपूर्ति, ग्रामीण सड़कों की स्थिति, विद्युत आपूर्ति एवं सिंचाई से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। मुख्यमंत्री ने पेयजल निगम को ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत आवश्यकतानुसार टैंकरों की व्यवस्था करने तथा खराब नलकूपों एवं  हैंडपंपों, को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को प्राथमिकता पर गड्ढामुक्त करने और विद्युत विभाग को निर्धारित रोस्टर के अनुसार निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

  


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, दायित्वधारी अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या,  जिलाधिकारी , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

[ इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक सरिता आर्या, दायित्वधारी अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या,  ध्रुव रौतेला, भावना मेहरा, दीपक मेहरा, आयोग के सदस्य जेड. ए. वारसी, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

 


 


सचिवालय एथलेटिक्स एंड फिटनेस क्लब के तत्वावधान में रन फॉर हेल्थ दौड़ का आयोजन किया गया।

यह आयोजन सचिवालय एटीएम चौक से प्रारंभ होकर  सचिवालय एटीएम चौक पर ही समाप्त हुआ।

 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री संतोष बड़ौनी अपर सचिव एवं श्री दीपक जोशी अध्यक्ष, सचिवालय संघ उपस्थित रहे।

 सचिवालय परिवार की कार्मिकों के बीच रन फॉर हेल्थ का आयोजन  का उद्देश्य पूरा सचिवालय - दौड़ेगा के नारे के साथ सदस्यों को शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में सचिवालय परिवार की 80 से अधिक महिला तथा पुरुष सदस्यों ने प्रतिभाग किया ।

सभी प्रतिभागियों को प्रथम द्वितीय तिथि पुरस्कार के साथ सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया।

 कार्यक्रम में क्लब के अध्यक्ष ललित चन्द्र जोशी, महासचिव राजेंद्र जोशी, मुख्य सलाहकार जीवन सिंह बिष्ट ,रीता कौल, प्रमिला टम्टा, गोदावरी रावत, भुवन चंद जोशी, दिनेश घींगा ,सुभाष लोहनी,  विद्यादत्त जोशी, भूपेंद्र सिंह, गजपाल सिंह सहित अनेक सदस्यों उपस्थित थे।

आज का राशिफल

दिनाँक 24 मई 2026

दिन रविवार

rashifal today 24 मई 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। नए विचार दिमाग में आएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। धनार्जन होगा। पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। काम में मन नहीं लगेगा। दूसरे आपसे अधिक की अपेक्षा करेंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। पुराना रोग उभर सकता है।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी।

कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

घर में अतिथियों का आगमन होगा। प्रसन्नता तथा उत्साह बने रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। आलस्य हावी रहेगा। प्रमाद न करें। विवेक का प्रयोग करें। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

नौकरी में अधिकार वृद्धि हो सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। निवेश मनोनकूल रहेगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण बनेगा। किसी कार्य के प्रति चिंता रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगा। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। विवाद से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति की बातों में न आएं।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। कोई बड़ा काम करने की इच्‍छा जागृत होगी। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। प्रमाद न करें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।



वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

मान-सम्मान मिलेगा। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से लाभ होगा। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। थकान रहेगी। किसी कार्य की चिंता रहेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल लाभ देंगे। किसी बड़े काम की रुकावट दूर होगी।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

कीमती वस्तुएं इधर-उधर हो सकती हैं, संभालकर रखें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। यात्रा में जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

व्यापार व व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। धनहानि की आशंका है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। थकान व कमजोरी रह सकती है।

मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

नौकरी में रुतबा बढ़ेगा। आय के नए साधन प्राप्त हो सकते हैं। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। जीवन सुखमय व्यतीत होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य में राहत मिलेगी। चिंता दूर होगी।

 उत्तराखंड में अफसरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए डीएम देहरादून सविन बंसल को कार्यमुक्त करते हुए  सचिव नियोजन का कार्य दिया गया है जबकि आशीष चौहान को देहरादून जिलाधिकारी कार्यभार दिया गया है।







; लडीएम ने वितरित किए रू0 12.98 लाख के चेक


अंशिका एमएससी, अमृता बीए-बीएड, मदीहा बेग बीसीए, हर्षिता बीएससी ओटीटी, आंचल पुण्डीर बीएससी नर्सिंग एवं तनिष्का बीएससी की उच्च शिक्षा को मिला नया जीवन

बेटियों के हौसले की लौ को ‘नंदा-सुनंदा’ से शिक्षा की चिंगारी में बदल रहा जिला प्रशासन


नंदा-सुनंदा” के 15वें संस्करण में भावुक हुए सभी; बालिकाओं और माताओं की संघर्षगाथा सुन छलक पड़े आंसू


देहरादून,:
last work of sawin bansal as DM dehradun



 दिनांक 23 मई 2026 (सूवि)। जिला प्रशासन देहरादून द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “नंदा-सुनंदा” के 15वें संस्करण में आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में 39 जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित करते हुए रू0 12.98 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बालिकाओं को चेक वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा शिक्षा के प्रति निरंतर समर्पित रहने का संदेश दिया। नंदा-सुनंदा 15वें संस्करण में प्राइमरी की 12, अपर प्राइमरी की 9, सेकेंडरी की 5, सीनियर सेकेंडरी की 7, ग्रेजुएशन की 5 तथा पोस्ट ग्रेजुएशन की 1 बालिका को सहायता प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान भावुक क्षण तब आए जब बालिकाओं एवं उनकी माताओं ने अपनी जीवन संघर्ष की कहानी साझा की। कई बालिकाओं ने बताया कि पिता की मृत्यु, आर्थिक तंगी, पारिवारिक संकट अथवा एकल अभिभावक की परिस्थितियों के कारण उनकी शिक्षा बीच में रुकने की स्थिति में पहुंच गई थी। उनकी पीड़ा सुनकर सभागार में उपस्थित अधिकारी, कर्मचारी एवं अभिभावकों की आंखें नम हो गईं।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक हैं, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति से हर कठिन परिस्थिति का सामना किया जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें प्राप्त अवसरों का पूरा उपयोग कर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि “नंदा-सुनंदा” मा० मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित एक संवेदनशील पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर बालिकाओं की शिक्षा को बाधित होने से बचाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी प्रतिभा आर्थिक अभाव के कारण पीछे न रह जाए। जिलाधिकारी ने इस अभियान से जुड़े समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्राउंड टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने का अभियान है।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि बच्चों को पूरी जिम्मेदारी और लगन से पढ़ाई करनी चाहिए, ताकि आगे चलकर वे स्वयं सक्षम बनें और समाज के अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए भी सहयोग का माध्यम बन सकें। उन्होंने कहा कि सरकार एवं जिला प्रशासन हर हाल में यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव में न रुके।
कार्यक्रम में कई प्रेरणादायक उदाहरण सामने आए।
अंशिका शर्मा, एमएससी द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा ने बताया कि उनकी माता आंगनबाड़ी कार्यकर्ती हैं तथा आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई जारी रखना कठिन हो गया था। मदीहा बेग, बीसीए द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद उनकी माता सिलाई कर परिवार चला रही हैं। तनिष्का मेहर ने कहा कि पिता के निधन के बाद पूरा परिवार मां के सहारे है और आर्थिक संकट के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। हर्षिता, बीएससी ओटीटी की छात्रा ने बताया कि उनकी विधवा माता सिलाई कार्य कर परिवार चला रही हैं और फीस भरना संभव नहीं था। आंचल पुण्डीर, बीएससी नर्सिंग की छात्रा ने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण उनकी शिक्षा रुकने की स्थिति में थी। अमृता शर्मा, बीए-बीएड की छात्रा ने बताया कि वर्ष 2020 में पिता के निधन के बाद उनकी माता आंगनबाड़ी कार्यकर्ती के रूप में परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। सभी 39 बालिकाओं ने जिला प्रशासन द्वारा मिली सहायता का सदुपयोग करते हुए आगे बढ़ने तथा सफल होकर समाज के जरूरतमंद एवं असहाय लोगों की सेवा करने का संकल्प लिया।




जिला प्रशासन का यह प्रोजेक्ट अब तक 175 बालिकाओं की शिक्षा को नया जीवन दे चुका है। अब तक कुल रू0 57 लाख की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत प्राइमरी की 41, अपर प्राइमरी की 31, सेकेंडरी की 24, सीनियर सेकेंडरी की 31, ग्रेजुएशन की 34, पोस्ट ग्रेजुएशन की 6, पीएचडी की 2, एएनएम की 1, सिविल इंजीनियरिंग की 1, एमबीबीएस की 1, होटल मैनेजमेंट की 1 तथा स्किल डेवलपमेंट की 2 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की जा चुकी है।


*दुर्घटना में दोनों हाथ गंवा चुके मनीष को जिला प्रशासन रायफल क्लब फंड से रू0 50 हजार की आर्थिक सहायता*

*जरूरतमंद परिवार के जीवन में आशा की नई किरण लाया जिला प्रशासन*

*मनीष के बेटे की शिक्षा का भार उठाएगा जिला प्रशासन; अपनी जान की परवाह किए बिना हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ रहे चार बच्चों की बचाई थी जान*

*देहरादून, :



मानवीय संवेदनाओं और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर सार्थक रूप देते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है। ब्रह्मपुरी निवासी दिव्यांग मनीष शर्मा, जिन्होंने 1 वर्ष पूर्व अपनी जान की परवाह किए बिना हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ रहे चार बच्चों की जान बचाई थी, आज स्वयं कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन को मजबूर हैं।

दुर्घटना के दौरान गंभीर रूप से झुलसने के कारण मनीष के दोनों हाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। चिकित्सकीय उपचार के दौरान डॉक्टरों को उनके दोनों हाथ काटने पड़े, जिसके बाद वे स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए। परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और आजीविका चलाना अत्यंत कठिन हो गया। पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ मनीष ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई और सहायता की गुहार लगाई।

मनीष द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया कि उन्होंने समाजहित में चार बच्चों की जान बचाने का साहसिक कार्य किया, किंतु हादसे के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। दोनों हाथ खो देने के कारण वे कोई रोजगार नहीं कर पा रहे हैं और परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है।

प्रकरण को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल सहायता के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की ओर से मनीष शर्मा को राइफल क्लब फंड से रू0 50,000 की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई, ताकि वे स्वरोजगार प्रारंभ कर आत्मनिर्भर बन सकें।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मनीष के परिवार को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाए, जिससे परिवार को स्थायी राहत मिल सके। साथ ही मनीष के बेटे की शिक्षा का संपूर्ण दायित्व जिला प्रशासन द्वारा वहन किए जाने का आश्वासन भी दिया गया, ताकि आर्थिक अभाव बच्चों के भविष्य में बाधा न बने।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि समाज के लिए साहस और मानवता का उदाहरण प्रस्तुत करने वाले व्यक्तियों को सम्मान और सहयोग मिलना आवश्यक है। प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति स्वयं को अकेला महसूस न करे तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सहायता समयबद्ध रूप से पहुंचे।

जिला प्रशासन द्वारा की गई इस संवेदनशील पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन न केवल समस्याओं को सुन रहा है, बल्कि पीड़ित परिवारों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का कार्य भी कर रहा है। मनीष शर्मा और उनका परिवार जिला प्रशासन के सहयोग से भावुक नजर आया तथा जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया।



इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, संबंधित क्षेत्रों की सीडीपीओ, अन्य अधिकारी, कार्मिक, बालिकाएं एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।


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