Halloween party ideas 2015


केन्द्रीयकृत मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 का करें व्यापक प्रचार-प्रसारः डीएम 


देहरादून:




जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट देहरादून में एन्कॉर्ड जनपद स्तरीय बैठक आयोजित की गई। 


बैठक का उद्देश्य जनपद में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों की रोकथाम, मांग-आपूर्ति श्रृृंखला को तोड़ना तथा नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना रहा।

नशे के बढ़ते संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई पहल अब सकारात्मक परिणाम देने लगी है। रायवाला स्थित ओल्ड एज होम परिसर में संचालित जनपद के प्रथम राजकीय नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से नशे के गर्त में डूबे व्यक्तियों को उपचार देकर पुनः समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। वर्तमान में यह नशा मुक्ति केंद्र पूर्णतः फुल क्षमता पर संचालित है, जहाँ ड्रग्स एडिक्ट व्यक्तियों का वैज्ञानिक पद्धति से उपचार एवं काउंसलिंग की जा रही है। अब तक इस केंद्र से 7 से अधिक व्यक्तियों को सफलतापूर्वक नशामुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है।

नशे से पीड़ित व्यक्तियों को बेहतर एवं गहन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रशासन द्वारा एम्स ऋषिकेश से एमओयू किया गया है। इसके अंतर्गत एम्स में 7 दिन, 10 बेड इंटेंसिव थेरेपी हेतु आरक्षित किए गए हैं, जिससे गंभीर मामलों में त्वरित एवं प्रभावी उपचार सुनिश्चित हो सके।

नशे के विरुद्ध जनसहभागिता को सशक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एंटी ड्रग्स हेल्पलाइन नंबर  9625777399 भी प्रारंभ किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति नशे से संबंधित सूचना, सहायता अथवा परामर्श प्राप्त कर सकता है। नशा मुक्ति केंद्र से उपचार उपरांत बाहर निकलने वाले व्यक्तियों की निरंतर फॉलो-अप काउंसलिंग की जा रही है, ताकि वे पुनः नशे की गिरफ्त में न आएं और आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर हों।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मानक विपरित संचालित तथा बिना पंजीकरण संचालित नशामुक्ति केन्द्रों पर छापेमारी करते हुए कार्यवाही के निर्देश दिए तथा ऐसे केन्द्रों को पंजीकरण रद्द तथ सीलिंग की कार्यवाही करते हुए शासन को रिपोर्ट प्रेषित करने के भी निर्देश दिए। 

जिलाधिकारी के निर्देशों पर जनपद के सभी स्कूलों एवं कॉलेजों में छात्र-छात्रओं की भागीदारी वाली एंटी ड्रग कमेटियों का गठन किया गया है। ये कमेटियां निरंतर उप जिलाधिकारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी के संपर्क में रहते हुए जागरूकता एवं निगरानी का कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों में निरंतर सैंपलिंग अभियान भी संचालित किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रखने में प्रभावी मदद मिल रही है।

जिलाधिकारी द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया है कि स्कूलों में नियमित काउंसलिंग कार्यक्रम संचालित हों। विशेष रूप से नर्सरी एवं छोटी कक्षाओं के बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ी को नशे से पूर्णतः दूर रखा जा सके। जिला प्रशासन का यह समन्वित प्रयास न केवल नशा मुक्ति की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी मॉडल भी बनता जा रहा है।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिला स्तर पर गठित टीम द्वारा कॉलेजों/यूनिवर्सिटी/उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का नियमित रेंडम ड्रग टेस्टिंग कराया जाए। 

जिलाधिकारी ने डिटेक्शन सेंटर्स का फिजिकल इंस्पेक्शन शीघ्र पूर्ण करने तथा रायवाला ओल्ड एज होम को नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, एंटी-ड्रग हेतु गठित समस्त विभागीय कमेटियों की अद्यतन सूचना उपलब्ध कराने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित समस्त शैक्षणिक संस्थानों (निजी/शासकीय विद्यालय, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय) में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से स्थापित कराने तथा होटल, कैफे, पीजी एवं अतिथि गृहों के समीप लगे सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मेडिकल स्टोर्स पर भी सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने की जानकारी लेने पर बताया गया कि अधिकतम मेडिकल स्टोर पर कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने समस्त मेडिकल स्टोर पर कैमरे लगवाते हुए आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश ड्रग निरीक्षक को दिए।  

जिलाधिकारी ने ड्रग टेस्टिंग का विशेष निरंतर अभियान चलाने के पूर्व में दिए गए निर्देश के क्रम में प्रगति पूछी जिस पर क्षेत्राधिकारी पुलिस ने बताया कि शहर में बिना हेलमेट, ओवर-स्पीड, ट्रिपल राइडिंग, सीट बेल्ट का पालन न करने की जांच के दौरान ड्रग टेस्टिंग भी की जा रही है। 

बैठक में केन्द्रीयकृत मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया जिलाधिकारी समाज कल्याण अधिकारी को सार्वजनिक स्थलों तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी समस्त स्कूलों में हेल्पलाईन नम्बर 1933 का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए। डीएम ने मादक पदार्थों की डिमांड एवं सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस विभाग, एनसीबी, औषधि नियंत्रक सहित समस्त प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही गत 10 वर्षों का विश्लेषण कर नेटवर्क आइडेंटिफिकेशन एवं लिंकिजेस का पता लगाते हुए प्रभावी एक्शन के निर्देश दिए गए हैं। जनपद में मादक पदार्थों के बढ़ते प्रचलन एवं दुष्प्रभावों के प्रति आम नागरिकों एवं शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल/कॉलेज) को जागरूक करने हेतु समय-समय पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्कूल विद्यालयों में निरंतर कांउसिंलिंग के साथ ही नर्सरी एवं छोटी कक्षाओ के बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक करना है ताकि नई पीढी को नशे से दूर रखा जा सके। डीएम ने स्पष्ट किया कि नशामुक्त जनपद के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु सभी विभाग समन्वय, संवेदनशीलता एवं सख्ती के साथ कार्य करें, ताकि युवाओं को सुरक्षित भविष्य प्रदान किया जा सके।

बैठक में उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, पुलिस क्षेत्राधिकारी अंकित कंडारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 मनोज कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल,आईटीबीपी से अस्टिेंड कमांडेंट योगेश्वर प्रसाद जोशी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं आसरा ट्रस्ट से आशिष नौटियाल, सुप्रिया सक्सेना आदि उपस्थित रहे तथा उप जिलाधिकारी विकासनगर, ऋषिकेश डोईवाला वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।


 

देहरादून:




        अखिल भारतीय देवभूमि ब्राह्मण जन सेवा समिति के केंद्रीय कार्यालय पर बैठक कर निर्णय हुआ की  आज जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से  भारत के राष्ट्रपति को यूजीसी व प्रयागराज घटना के विरोध में दिया जाने वाले ज्ञापन कार्यक्रम को सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी 2026 एक्ट पर रोक लगाने के कारण स्थगित किया गया । 


परंतु समिति द्वारा मौनी अमावस्या के शुभ दिन व उसके बाद भी प्रयागराज में धर्म गुरु शंकराचार्य के साथ हुए अमर्यादित व्यवहार  के विरोध में राष्ट्रपति भारत व अखिल भारतीय धर्मसंघ वाराणसी को डाक के माध्यम से  ज्ञापन देकर शंकराचार्य प्रकरण में उचित कार्यवाही  करने की मांग की तथा अखिल भारतीय धर्मसंघ से सनातन समाज को वास्तविक स्थिति से अवगत करवा इस प्रकरण के दोषी लोगो पर धर्मसंघ के नियमों के माध्यम से उचित कठोर कारवाही करने का आग्रह किया। तथा यह भी निर्णय हुआ की यदि यूजीसी 2026 के विवादित नियमों को सुप्रीमकोर्ट व भारत सरकार द्वारा पूर्ण रूप से खत्म अथवा संशोधित नही किया गया तो ब्राह्मण समाज जन आंदोलन कर सवर्ण समाज के हितों की रक्षा करने का अपना दायित्व निभाएगा। 

आज की सभा मे समिति के केंद्रीय अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा, सचिव रूचि शर्मा, उत्तराखंड प्रदेश महासचिव डॉ अजय वशिष्ठ,मीडिया प्रभारी अनुराग गौड़, जिला देहरादून अध्यक्ष पंकज शर्मा, महासचिव राजेश शर्मा, महानगर देहरादून अध्यक्ष राजेश पंत, महासचिव देवाशीष गौड़ व वासु वशिष्ठ, एस के शर्मा, विशाल कौशिक  एडवोकेट मुकेश शर्मा,राकेश शर्मा, आशीष शर्मा, रामगोपाल शर्मा,सुमित्रंजन शर्मा, प्रमोद शर्मा तुषार शर्मा,नीरज कौशिक,आदि उपस्थित रहे।

      


देहरादून:


*जब जन्मदिन बना उम्मीद का उत्सव, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास के बच्चों के बीच पहुंचे बंशीधर तिवारी*

*जब एक IAS अधिकारी बना अभिभावक, बालिकाओं संग सादगी से मनाया अपना जन्मदिन*

*हर साल वही जगह, वही मुस्कानें-बच्चियों के बीच जन्मदिन मनाने की परंपरा*

DG DIPR celebrated bday with children



देहरादून:


 जब प्रशासनिक पद, प्रोटोकॉल और औपचारिकता की दीवारें टूटती हैं, तब शासन का एक मानवीय चेहरा सामने आता है। ऐसा ही दृश्य एक बार फिर देहरादून के बनियावाला क्षेत्र में देखने को मिला, जहां अपर सचिव मुख्यमंत्री, उपाध्यक्ष मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) एवं महानिदेशक सूचना एवं लोकसम्पर्क विभाग IAS  बंशीधर तिवारी ने अपना जन्मदिन किसी शान-शौकत या भव्य आयोजन के बजाय नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की.


बालिकाओं के साथ सादगी एवं संवेदना के साथ मनाया। यह कोई एक दिन की औपचारिकता नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही एक परंपरा है, जिसे वे हर साल चुपचाप सादगी के साथ निभाते हैं।


इसी क्रम में सहसपुर विधानसभा के विकासखंड बनियावाला क्षेत्र में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास में IAS बंशीधर तिवारी ने अपने परिजनों के साथ इन बच्चों के बीच समय बिताया। बच्चों ने अतिथियों के स्वागत में गीत प्रस्तुत किए, जिनमें जीवन, उम्मीद और संघर्ष की सच्ची झलक दिखाई दी। गीतों के बीच तालियों और मुस्कान से भरा यह माहौल किसी सरकारी कार्यक्रम जैसा नहीं, बल्कि एक परिवारिक उत्सव जैसा प्रतीत हो रहा था। यह छात्रावास उन बालिकाओं का आश्रय है, जिन्होंने जीवन की शुरुआत ही कठिन परिस्थितियों से की है। इनमें कई बालिकाएं निराश्रित हैं, कुछ के पास एकल अभिभावक हैं और कई ऐसी हैं जो भीख मांगने या कूड़ा बीनने जैसे हालातों से निकलकर यहां तक पहुंची हैं। ऐसे बच्चों के बीच किसी वरिष्ठ IAS अधिकारी का बार-बार पहुंचना उनके लिए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह विश्वास दिलाने वाला संदेश है कि समाज और व्यवस्था उन्हें भूली नहीं है। वह हर कदम उनके साथ खड़ी है।


IAS बंशीधर तिवारी ने छात्रावास पहुंचकर न तो कोई औपचारिक भाषण दिया और न ही पद की दूरी बनाए रखी। वे बच्चों के साथ जमीन पर बैठे, उनके साथ केक काटा, उपहार वितरित किए और सहज संवाद किया। उन्होंने बच्चियों से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में बातचीत की। यह संवाद औपचारिक सवाल- जवाब नहीं, बल्कि अपनत्व से भरी बातचीत थी।


इस अवसर पर परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। इसे केवल एक पर्यावरणीय गतिविधि नहीं, बल्कि भविष्य के प्रति एक प्रतीकात्मक संदेश के रूप में देखा गया। उन्होंने कहा कि जैसे एक पौधा समय के साथ बड़ा होकर छाया और फल देता है, वैसे ही यदि इन बालिकाओं को सही शिक्षा, मार्गदर्शन और स्नेह मिले, तो वे समाज को मजबूत दिशा देने वाली बन सकती हैं।


बालिकाओं से अभिभावक के रूप में बात करते हुए बंशीधर तिवारी ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य तय करना बेहद जरूरी है। परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि आत्मविश्वास और ईमानदारी बनी रहे, तो रास्ते खुद बनते चले जाते हैं। उन्होंने बच्चियों को केवल सफल होने तक सीमित न रहने, बल्कि नेतृत्व करने और दूसरों के लिए उदाहरण बनने की प्रेरणा दी। उनका कहना था कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो अपने साथ दूसरों को भी आगे बढ़ाए।


इस दौरान मौजूद लोगों ने कहा कि आज के दौर में, जब जन्मदिन अक्सर दिखावे और खर्चीले आयोजनों तक सीमित हो गए हैं, ऐसे में एक वरिष्ठ IAS अधिकारी का हर साल अपना जन्मदिन अनाथ बच्चों के साथ मनाना समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है। यह पहल न केवल बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाती है, बल्कि प्रशासन की संवेदनशील सोच को भी दर्शाती है। यह आयोजन किसी मंच, बैनर या प्रचार का हिस्सा नहीं था, बल्कि उन बच्चों के साथ बिताए गए कुछ घंटे थे, जो उनके जीवन में लंबे समय तक यादगार रहेंगे। यह उदाहरण साबित करता है कि सच्चा प्रशासन वही है, जो फाइलों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझे और सच्चा उत्सव वही, जिसमें अपनी खुशी बांटकर किसी और के जीवन में उम्मीद की रोशनी जलाई जाए।

 *Wings India 2026 

हैदराबाद, 29 जनवरी



अंतरराष्ट्रीय विमानन सम्मेलन एवं प्रदर्शनी Wings India 2026 में उत्तराखंड को “Best State for Promotion of Aviation Ecosystem” के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नागरिक उड्डयन क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रभावी प्रयासों, नीति समर्थन और विमानन पारिस्थितिकी तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रदान किया गया।


यह पुरस्कार बेगमपेट एयरपोर्ट, हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा द्वारा प्रदान किया गया।


इस अवसर पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के सचिव श्री सचिन कुर्वे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री संजय सिंह टोलिया तथा हेड ऑफ ऑपरेशंस कैप्टन अमित शर्मा उपस्थित रहे।


उल्लेखनीय है कि Wings India 2026 देश का प्रमुख विमानन मंच है, जिसमें देश-विदेश के नीति निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, निवेशक और विमानन क्षेत्र से जुड़े हितधारक भाग लेते हैं। इस मंच पर उत्तराखंड को मिला यह सम्मान राज्य के लिए गौरव का विषय है और भविष्य में निवेश व विकास के नए अवसर खोलेगा।


*“यह पुरस्कार उत्तराखंड की समग्र विमानन नीति, बेहतर प्रशासनिक समन्वय और प्रदेश में हवाई संपर्क को मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई सेवाओं से जोड़ना हमारी प्राथमिकता रही है, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है बल्कि आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से ली सेवाओं के विस्तार, उड़ान योजना के सफल क्रियान्वयन और आधुनिक विमानन अवसंरचना के विकास से उत्तराखंड तेजी से एक उभरते विमानन हब के रूप में स्थापित हो रहा है।*


*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*


*देहरादून शहर की प्रमुख  जगह पर लगेगी ऑटोमेटेड बॉटल क्रैशर मशीन*


*मनसा फैसिलिटी एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से सीधे रिसाइकिल रॉ मैटेरियल खरीदेगा नगर निगम*  


 *दून मेयर और नगर आयुक्त ने किया ऑटोमेटेड बॉटल क्रैशर मशीन का उद्घाटन*

प्लास्टिक बॉटल क्रश मशीन ऋषिकेश मेयर सौरभ थपलियाल


 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को  जमीनी स्तर पर मजबूती देने के लिए देहरादून नगर निगम द्वारा ऑटोमेटिक प्लास्टिक बॉटल क्रैशर मशीन की शुरुआत की गई है। 

बृहस्पतिवार को नगर निगम परिसर के बाहर मेयर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामि बंसल द्वारा शहर की पहली ऑटोमेटेड प्लास्टिक बोतल क्रैशर मशीन का उद्घाटन किया गया। 

नगर निगम देहरादून द्वारा ऑटोमेटेड बॉटल क्रशर मशीन शहर के प्रमुख जगह पर लगाई जाएगी जिसमें प्रमुख पर्यटक स्थल, रेलवे, बस स्टेशन, शैक्षणिक संस्थान, पार्क, सरकारी भवन  और शहर के मुख्य चौराहे शामिल है।  जिसका मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक के बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण और प्लास्टिक वेस्ट से बने उपयोगी सामान जैसे टेबल, चेयर, फ्लावर पॉट और घर की सजावटी शोपीस वस्तुओं  को बनाने पर जोर रहेगा।


  इस ऑटोमेटेड बॉटल क्रैशर मशीन का संचालन मनसा फैसिलिटी एंड  सर्विस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जो की प्लास्टिक की बॉटलो को रिसाइकल करेगा, जिससे नगर निगम देहरादून द्वारा रिसाइकल रॉ मैटेरियल को उनसे सीधे खरीदा जाएगा। जिसके माध्यम से नगर निगम उपयोगी वस्तु बनाकर शहर के मुख्य चौक चौराहा पर उपयोग के तौर पर इस्तेमाल करेगा।  नगर निगम देहरादून की इस अभिनव पहल से न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि आमजन को भी प्लास्टिक के सही निस्तारण के लिए प्रेरणा मिलेगी।


 देहरादून नगर निगम आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि इस मशीन के द्वारा सिंगल यूज़ वेस्ट प्लास्टिक को रिसाइकिल कर उपयोगी चीजे बनाने में मददगार साबित होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जगह चिन्हित कर ली गई है, इस मशीन का फीडबैक देखते हुए यहां मशीन इन सभी चिन्हित  जगह पर लगाई जाएगी।  उन्होंने बताया कि यहां मशीन पीपीपी मोड के माध्यम से संचालित की जा रही है।


मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा इस मशीन की पहल से प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड को बढ़ावा मिलेगा। ऑटोमेटिक प्लास्टिक बॉटल क्रैशर मशीन के सहयोग से नगर निगम सिंगल यूज़ प्लास्टिक से शहर को मुक्त कराएगा।


 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिंगल यूज़ प्लास्टिक और प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को धरातल पर उतार रहा है, जो कि देहरादून स्वच्छ व अनुकूल उत्तराखंड के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

 

शिवपुरी :





यूजीसी के नए नियमों को देश हित में निरस्त किए जाने बाबत राष्ट्रपति महोदय के नाम अखंड ब्राह्मण सेवा समिति ने एडीएम दिनेश चन्द्र शुक्ला को ज्ञापन सोपा। जैसा कि ज्ञात है दिनांक 13 जनवरी को यूसीजी द्वारा जो गजट प्रस्तुत कर, नए नियमों की घोषणा की गई है, वह भारतीय संविधान के बिल्कुल विपरीत है। और इसके प्रभाव से आपसी वैमनस्यता को अत्यधिक बढ़ावा मिलेगा। साथ ही सामाजिक समरसता के साथ जबरदस्त अन्याय होगा। पिछले दिनों JNU में ब्राह्मणों सहित सवर्णो को देश छोड़ने के नारे लिखे गए। वैसे भी हिंदुस्तान में प्रतिभा से अधिक अन्य मानको का बोल बाला है। हर जगह जाति को आधार माना जा रहा है। आरक्षित वर्ग का कितना भी बड़ा अधिकारी, मंत्री,आर्थिक रुप से सबल, व्यापारी, कारोबारी क्यों न हो, उसे दबा कुचला ही माना जाता है।SC,ST ACTका कितना दुरुपयोग हो रहा है। यह सबके सामने आ चुका है। लगभग 90 प्रतिशत SC, ST ACT फर्जी पाए गए। जिनका प्रयोग सिर्फ दूसरे व्यक्ति को तंग करने के लिए किया गया था।। आज के समय में कोई भी व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति का जातिगत दुर्भावना के आधार पर अपमान नहीं करता है। फिर ऐसे में UGC के नियमों के चलते सवर्णों के प्रति कितना न्याय हो पाएगा। क्या ऐसी स्थिति में सवर्ण छात्र भारत का भविष्य बन सकेंगे? जिनकी गर्दन पर तलवार लटकी हो, वह क्या जीने की कामना कर सकता है? क्या ऐसी स्थिति में देश में ग्रह युद्ध की संभावना से इंकार किया जा सकता है। अतः महोदय से विनम्र आग्रह है कि तत्काल प्रभाव से UGC के इन नियमो  को देश हित में प्रतिबंधित करने की कृपा करें। यही विनय है।   

  इस अवसर पर प्रदेश संरक्षक पंडित मोहन किशोर व्यास, प्रदेश उपाध्यक्ष कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा,   संभागीय सचिव पंडित बालमुकुंद पुरोहित, समाजसेवी सलाहकार कैलाश नारायण मुद्गल, वरिष्ठ समाजसेवी अमर सिंह रावत, समाजसेवी बच्चन लाल गुप्ता, योग शिक्षक वरिष्ठ समाजसेवी हरि बल्लभ शर्मा, आचार्य पंकज शर्मा, महासचिव पंडित दिनेश चन्द्र शर्मा , सचिव पंडित संजय शर्मा, सचिव एडवोकेट संतोष शुक्ला, एडवोकेट वरुण शर्मा, सचिव रामसेवक गौड़,युवा उपाध्यक्ष राजा दीक्षित, संगठन मंत्री सुनील शुक्ला, पंडित अरुण दीक्षित,पंडित दीपक शर्मा, पंडित समर्थ शर्मा उपस्थित थे।

आज का राशिफल

दिनाँक  29 जनवरी 2026

दिन गुरुवार


rashifal today  29 jan 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। सम्मान व कीर्ति में वृद्धि होगी। व्यापार में नए प्रस्तावों से लाभ मिलने के योग हैं। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। यात्रा व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। कानूनी मामलों में लापरवाही न करें।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक जिम्मेदारी का पूर्ण ध्यान रखें। रचनात्मक कार्यों का प्रतिफल प्राप्त होगा। व्यापार में उन्नति होगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। कानूनी विवादों का निपटारा होगा।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

मकान व जमीन संबंधी कार्य बनेंगे। संतान पर अनावश्यक रोक न लगाएँ। धन लाभ होने की भी संभावना है। बुरी खबर मिल सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दौड़धूप अधिक होगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। सामाजिक कार्यों में सीमित रहें।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश, यात्रा व नौकरी लाभ देंगे। अपने प्रयासों से उन्नति पथ प्रशस्त करेंगे। इच्छित काम पूर्ण हो सकेंगे। मेहनत का फल मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। स्वास्थ्य की समस्या सुलझेगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी।



सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

प्रसन्नता रहेगी। स्वाभिमान रहेगा। अतिथियों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। आय-व्यय में असंतुलन की स्थिति बन सकती है। प्रमाद न करें। बुद्धि चातुर्य से कठिन कार्य भी आसानी से बनेंगे। वैवाहिक अड़चनें समाप्त होंगी। विरोधी परास्त होंगे।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भौतिक विकास के कार्यों को बल मिलेगा। फालतू खर्च होगा। भागीदारी के प्रस्ताव आएँगे। दिनचर्या नियमित रहेगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। रिश्तेदारों से भेंट हो सकेगी। दूसरों की आलोचना, निंदा से दूर रहें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

नई योजनाओं का सूत्रपात होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। व्यावसायिक समस्याओं का हल आपके माध्यम से हो सकेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दूसरों पर अतिविश्वास न करें। दूसरों से व्यर्थ में न उलझें।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। पुरानी लेनदारी वसूल होगी। यात्रा सफल रहेगी। व्यवहार-कुशलता से समस्या का समाधान संभव है। व्यापारिक निर्णय लेने में देरी नहीं करना चाहिए। लाभ होगा।

धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

प्रसन्नता रहेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। अधूरे पड़े कार्य पूरे होंगे। जीवनसाथी से संबंधों में मधुरता आएगी। प्रयास व सहयोग से अनुकूलता आएगी। योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। पिता से मतभेद हो सकते हैं।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। नए प्रस्ताव प्राप्त होंगे। सुखद यात्रा के योग हैं। रचनात्मक काम होंगे। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। आलस्य को त्यागें। अपने कार्यों को समय पर करने से सफलता प्राप्त हो सकती है।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यापार लाभप्रद रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। विवाद समाप्त होने से शांति एवं सुख बढ़ेगा। व्यापार अच्छा चलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। सोच-समझकर व्यय करें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रेम-प्रसंग में सफलता मिलेगी। कानूनी बाधा दूर होगी। प्रसन्नता रहेगी। परोपकारी स्वभाव होने से दूसरों की मदद कर पाएँगे। काम के प्रति लापरवाही न करें। प्रयत्न एवं दूरदर्शिता से सहयोग व समर्थन मिलेगा। लाभ होगा।

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.