Halloween party ideas 2015

 देहरादून:  

05 people swept away withvehichle into the rover yamuna


आज दिनांक 31.05.2025 की शाम को पुलिस चौकी डाकपत्थर द्वारा SDRF टीम को सूचना प्राप्त हुई कि कटापत्थर के पास दो वाहन नदी में बह रहे हैं जिसमें संभवतः कुछ व्यक्ति सवार हैं।


सूचना मिलते ही पोस्ट डाकपत्थर से SDRF टीम उप निरीक्षक सुरेश तोमर के नेतृत्व में रेस्क्यू उपकरणों के तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


विकासनगर निवासी पांच युवक एक स्कूटी व एक बाइक के साथ यमुना नदी के किनारे गए थे। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से वे सभी नदी के तेज बहाव में बह गए, साथ ही उनकी स्कूटी व बाइक भी बह गई।


SDRF टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर तत्परता एवं सूझबूझ के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद पांचों युवकों को सकुशल यमुना नदी से बाहर निकाला गया, 


 **सुरक्षित निकाले गए पांच युवक* 

1-अनुज पुत्र श्री अमृतलाल उम्र 20 वर्ष निवासी विकास नगर 

2-आयुष पुत्र श्री सुंदरलाल उम्र 21 वर्ष, निवासी विकास नगर 

3-मन्नू पुत्र श्री अरविंद पाल उम्र 18 वर्ष निवासी बदमा वाला विकास नगर

4-दीपक पुत्र श्री राकेश उम्र 18 वर्ष,निवासी दिनकर बिहार विकास नगर

5- रोहित पुत्र श्री रमेश प्रसाद, उम्र 18 वर्ष निवासी विकास नगर

 लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सुधारों का विराट उत्सव: त्रिवेंद्र 

MP trivendra singh rawat attend Ahilya bai holkar anniversary in vikasnagar


आज विकासनगर, देहरादून में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर जी की 300वीं जयंती के पावन अवसर पर समस्त पाल-गडरिया समाज द्वारा एक भव्य रैली एवं जनसभा का आयोजन किया गया।


 कार्यक्रम में हरिद्वार से सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। अध्यक्षता पूर्व राज्य मंत्री श्री खीम सिंह पाल और मुनेश पाल जी ने की।


इस अवसर को केवल एक समारोह न मानते हुए, इसे भारत की सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सुधारों के उत्सव के रूप में मनाया गया। सांसद हरिद्वार श्री रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संपूर्ण भारतवर्ष में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को स्मरण किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि इतिहास में अनेक राजा-रानियों ने शासन किया, लेकिन देवी अहिल्याबाई एक ऐसी पुण्यश्लोका विभूति रहीं, जिन्हें आज भी राष्ट्र प्रातः स्मरणीय के रूप में पूजता है। उन्होंने कहा कि लोकमाता ने सती प्रथा के उन्मूलन, महिला शिक्षा के प्रोत्साहन, तथा स्त्रियों को संपत्ति में अधिकार दिलाने जैसे साहसिक कार्यों से समाज में व्यापक बदलाव लाया। श्री रावत ने कहा की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित अनेक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों में देवी अहिल्याबाई का स्मरण पीढ़ियों से संस्कार के रूप में होता आया है।उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के जिस मजबूत भवन की नींव अहिल्याबाई होल्कर जी ने रखी, उसे वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने और अधिक मजबूती प्रदान की है — “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र को यथार्थ में बदलते हुए। श्री रावत ने ने सभी से आग्रह किया कि हम सभी देवी अहिल्या बाई होल्कर जी के आदर्शों को आत्मसात करें और समाज में समानता, शिक्षा और सेवा की भावना को आगे बढ़ाएं।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में पाल-गडरिया समाज के लोग उपस्थित रहे|


आपदा मित्र योजना की तर्ज पर प्रारंभ होगी आपदा सखी योजना : मुख्यमंत्री*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को निकट देहरादून स्थित एक होटल में उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्राधिकरण द्वारा आयोजित Monsoon -2025: Preparedness  कार्यशाला में प्रतिभाग किया। 


मुख्यमंत्री ने इस दौरान आपदा मित्र योजना की तर्ज पर “आपदा सखी योजना“ प्रारंभ किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा इस योजना के शुरू होने से महिला स्वयंसेवकों को आपदा से पूर्व चेतावनी, प्राथमिक चिकित्सा, राहत एवं बचाव कार्यों, मनोवैज्ञानिक सहायता आदि के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में सहायक सिद्ध होने के साथ आपदा प्रबंधन में समाज की सक्रिय सहभागिता को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाएगी।


मुख्यमंत्री ने कहा यह कार्यशाला आपदा प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाली चुनौतियों के बेहतर प्रबंधन के लिए सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि आपदा की दृष्टि से उत्तराखण्ड संवेदनशील राज्य है। हमें बीते वर्षों में आई प्राकृतिक आपदाओं से सबक लेते हुए काम करना है। मुख्यमंत्री ने कहा प्राकृतिक आपदाओं को टाला नहीं जा सकता, लेकिन त्वरित प्रतिक्रिया, सतर्कता और समन्वित राहत एवं बचाव कार्यों से जन-धन की हानि को कम किया जा सकता है। जिसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय के साथ सजगता एवं संवेदनशीलता भी बेहद जरूरी है। 


*आपदा प्रबंधन सभी विभागों का सामूहिक दायित्व है*


मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन सभी विभागों का सामूहिक दायित्व है। जिसमें सभी विभागों के साथ आम जनता की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने कहा आपदा प्रबंधन में जनभागीदारी का होना बेहद आवश्यक है। जब तक समाज जागरूक, प्रशिक्षित और सतर्क नहीं होगा, तब तक किसी भी सरकारी प्रयास का प्रभाव सीमित ही रहेगा। आपदा के दौरान सबसे पहले स्थानीय नागरिक ही मौके पर होते हैं।  इसलिए ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबंधन समितियों, महिला एवं युवा समूहों, स्वयंसेवी संगठनों तथा रेडक्रॉस जैसी संस्थाओं को प्रशिक्षित करना भी आवश्यक है।


*आपदाओं के निपटारे के लिए प्रोएक्टिव और रिएक्टिव दोनों प्रकार की रणनीति अपनाना जरूरी*


मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदाओं के प्रभावी निपटारे के लिए हमें प्रोएक्टिव और रिएक्टिव दोनों प्रकार की रणनीतियों को अपनाना होगा। जैसे 2024 में गौरीकुंड में बादल फटने की घटना के दौरान प्रोएक्टिव अप्रोच अपनाकर  हजारों लोगों की जान बचाने में सफलता प्राप्त की थी। वर्ष 2024 में ही टिहरी जनपद के तोली गांव में हुए भू-स्खलन से पूर्व ही प्रशासन की त्वरित कार्यवाही के कारण 200 से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकी थी। आपदा के समय प्रभावितों के साथ खड़े रहना हमारी प्राथमिकता है। 


*पूर्वानुमान पर गंभीरता से काम करने पर आपदा के प्रभाव को कम किया जा सकता है*


मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वानुमान पर गंभीरता से काम करने पर आपदा के प्रभाव को कम किया जा सकता है। राज्य सरकार आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक उपायों को अपनाने पर जोर दे रही है। राज्य में रैपिड रिस्पॉन्स टीम गठित करने के साथ  ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग और सैटेलाइट मॉनिटरिंग के माध्यम से आपदा के संभावित जोखिम क्षेत्रों की पहचान कर रही है। आपदा के नुकसान को कम करने के लिए राज्य में आपदा प्रबंधन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा सिल्क्यारा रेस्क्यू अभियान के दौरान भी उन्होंने स्वयं टनल में फंसे मजदूरों से संवाद किया था, जिससे उनका हौसला बढ़ाया जा सका था। 


मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य सैन्य बलों से अधिकारियों को निरंतर समन्वय और संवाद स्थापित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा भूस्खलन, बाढ़ और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर, जेसीबी, क्रेन एवं आवश्यक उपकरणों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही संवेदनशील और पुराने पुलों की तकनीकी जांच कर आवश्यकतानुसार बैली ब्रिज एवं वैकल्पिक व्यवस्था हेतु भंडारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नदियों के किनारे बसे क्षेत्रों में जलस्तर की निरंतर मॉनिटरिंग के लिए तकनीकी यंत्रों और मानव संसाधन की तैनाती करने, खाद्यान्न, ईंधन, पेयजल एवं जीवनरक्षक औषधियों की पर्याप्त आपूर्ति सभी जिलों में अभी से सुनिश्चित करने के साथ सभी आवश्यक दिशा निर्देश दिए। 


मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि यह कार्यशाला आगामी मानसून से पहले व्यवस्थाओं को सशक्त और प्रभावी बनाएगी। उत्तराखंड को कई प्रकार की आपदा का सामना करना पड़ता है। इस वर्ष मौसम विभाग ने मानसून के जल्द आने और सामान्य से अधिक होने का अनुमान लगाया है। हमें मानसून से पूर्व पुख्ता इंतजाम करके आपदा के प्रभाव को कम करना है। आपदा के दौरान संसाधनों का बेहतर उपयोग और तकनीकी संसाधनों का प्रयोग आपदा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है, जिसका हमने और बेहतर इस्तेमाल करना है। 


सदस्य, राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण श्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग ने आगामी मानसून में उत्तराखंड के लिए  सामान्य से अधिक बारिश का पूर्वनुमान लगाया है। ऐसे में उत्तराखंड के लिए 15 जून से सितंबर तक आपदा की नजर से महत्वपूर्ण समय है। उत्तराखंड राज्य बाढ़, बादल फटने, भूस्खलन, भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। इनसे बचने के लिए बेहतर पूर्वानुमान, बुनियादी ढांचों, जन जागरूकता, बेहद जरूरी है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार की सराहना करते हुए कहा कि इस वर्ष चार धाम यात्रा बेहद सुचारू रूप से चल रही है। चार धाम यात्रा का प्रबंधन बेहद अच्छा है। उन्होंने भूस्खलन के बचाव के लिए उत्तराखंड को एन.डी.एम.ए ने 140 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। एन.डी.एम.ए द्वारा 190 संवेदनशील झीलों के लिए उत्तराखंड को 40 करोड़ का आवंटन हो चुका है। उन्होंने कहा फॉरेस्ट फायर को लेकर उत्तराखंड की तैयारियां इस वर्ष बेहद अच्छी हैं। उत्तराखंड को फॉरेस्ट फायर के लिए करीब 16 करोड़ की स्कीम को स्वीकृति प्रदान की है। भूकंप के लिए भी उत्तराखंड को आवश्कता अनुसार धनराशि दी जाएगी। एन.डी.एम.ए ने पूरे देश में आने वाली आपदाओं के लिए गाइडलाइन बनाई हैं, जिसे जिले स्तर तक पहुंचाना है। 


उपाध्यक्ष, उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन सलाहकार समिति श्री विनय रोहेला ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से आपदा के दौरान होने वाले नुकसान को कम से कम किया गया है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सिल्क्यारा रेस्क्यू अभियान में हमने सफलता हासिल की है। रूद्रपुर में आई बाढ़ के दौरान भी मुख्यमंत्री जी ग्राउंड जीरो पर थे। उन्होंने बताया घनसाली में आई आपदा के दौरान भी मुख्यमंत्री धामी सीधे आपदा प्रभावितों के बीच में पहुंचे थे, जिससे प्रभावितों का मनोबल बढ़ा था। मुख्यमंत्री जी ने कुशल आपदा प्रबंधन ने राज्य को विकसित प्रदेश बनाने की ओर आगे बढ़ाया है। 


सचिव, आपदा श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि यह कार्यशाला मानसून से पूर्व की तैयारियों को और मजबूत बनाने के लिए की जा रही है। उन्होंने बताया कार्यशाला में मौसम पूर्वानुमान, बाढ़ पूर्वानुमान, ईडब्ल्यूएस की निगरानी और प्रसार , भूस्खलन पूर्व चेतावनी प्रणाली, भूस्कालन जोखिम न्यूनीकरण के लिए भू-जांच की आवश्यकता, संसाधन और परिचालन संबंधी तैयारी, ग्लेशियर निगरानी, मानसून में होने वाली बीमारियों से बचाव, मार्गों पर भूस्खलन एवं बेस्ट प्रैक्टिसेज जैसे विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। जिसका लाभ आने वाले समय में हमारे राज्य को मिलेगा। 


इस दौरान प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगौली, प्रमुख वन संरक्षक श्री धनंजय मोहन एवं  विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और विशेषज्ञ मौजूद थे।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में त्याग, सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति  अहिल्याबाई होल्कर को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने करुणा, सेवा और धर्मनिष्ठा से भारतीय इतिहास में अद्वितीय स्थान प्राप्त किया। उन्होंने शासन को केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा, न्याय और धर्म की पुनर्स्थापना का साधन बनाया। उन्होंने काशी विश्वनाथ से लेकर सोमनाथ, द्वारका से लेकर रामेश्वरम्, अयोध्या और मथुरा के साथ ही हमारी देवभूमि के बद्रीनाथ, केदारनाथ और हरिद्वार में मंदिरों और घाटों का जीर्णोद्वार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कई धर्मशालाओं और रास्तों के निर्माण के साथ ही जनसेवा के अनेक कार्य कराएं।  


मुख्यमंत्री ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने भारत में धर्मस्थलों का पुनर्निर्माण कर भारत की सांस्कृतिक आत्मा को पुनर्जीवित करने का कार्य किया। उन्होंने संपूर्ण भारत की सनातन संस्कृति को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। उन्होंने उस कालखंड में नारी सशक्तिकरण की ऐसी अनुपम मिसाल प्रस्तुत की, जिसकी कल्पना कर पाना भी उस समय कठिन था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। वर्षों तक उपेक्षित रहे हमारे गौरवशाली इतिहास, महान राष्ट्रनायकों के योगदान और सांस्कृतिक विरासत को आज न केवल पुनर्स्थापित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय चेतना का आधार भी बनाया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारी सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में गर्व से लहरा रही है। भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, बद्रीनाथ के मास्टर प्लान और केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कार्य तेजी से हो रहे हैं। अहिल्याबाई होल्कर को आदर्श मानकर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी अनेक कार्य किए जा रहे हैं।  महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना लखपति दीदी जैसी योजनाओं द्वारा महिला सशक्तीकरण के लिए कार्य किये जा रहे हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के कार्य किये जा रहे हैं। हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ स्थल के पुनरुद्धार की दिशा में भी प्रयास किये जा रहे हैं। हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ ही शारदा कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही ‘मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना‘, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना और पोषण अभियान जैसी विभिन्न योजनाएं प्रारंभ की गई हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक सख्त भू-कानून भी लाया गया है, जिससे राज्य के मूल स्वरूप के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। प्रदेश में देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून भी लागू किया है, जिसके परिणाम स्वरुप उत्तराखंड में पिछले 3 वर्ष में लगभग 23 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां प्रदान की गई है। 


इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री विनोद तावड़े, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेन्द्र भट्ट, महामंत्री संगठन श्री अजेय कुमार, भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत भारद्वाज, जनप्रतिनिधिगण और पार्टी पदाधिकारी उपस्थित थे।

 जौनपुर:




 आज भारतीय जनता पार्टी सदर विधानसभा द्वारा पूर्वांचल विश्विद्यालय के महंत अवैद्यनाथ, संगोष्ठी भवन में लोकमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई हॉल्कर त्रिशताब्दी स्मृति अभियान तहत आयोजित संगोष्ठी का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। 

   संगोष्ठी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता श्री मनीष शुक्ला जी व खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री ( स्वतन्त्र प्रभार ) गिरीश चन्द्र यादव  रहे और विशिष्ट अतिथि के नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा मौर्या  व करंजाकला ब्लॉक की श्रीमती पूनम यादव रही।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह  ने किया।

कार्यक्रम की शुरुआत मंचाशीन अतिथियों द्वारा लोकमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर जी प्रतिमा पर पुष्पांजली व दीप प्रज्वलित करके के किया गया। 

        

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला  ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन संघर्षमय रहा है , अहिल्याबाई का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंडी गाँव में हुआ था, उनका विवाह 10-12 वर्ष की आयु में मल्हार राव होलकर के पुत्र खंडेराव से हुआ था. बाद में, खंडेराव की मृत्यु हो गई और अहिल्याबाई विधवा हो गईं, अहिल्याबाई ने 1767 से 1795 तक मालवा क्षेत्र में होलकर राजवंश का शासन किया , उन्होंने एक कुशल प्रशासक के रूप में काम किया और अपने क्षेत्र में न्याय और शांति स्थापित की , अहिल्याबाई ने कई मंदिरों, घाटों, कुओं और तालाबों का निर्माण करवाया, विशेष रूप से गंगा नदी के तटों पर निर्माण कराया।

      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री स्वतन्त्र प्रभार गिरीश चन्द्र यादव ने कहा कि अहिल्याबाई ने सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया, उन्होंने समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद की, जिससे उन्हें एक महान परोपकारी शासिका के रूप में जाना जाता है, उन्होंने हिंदू मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों का संरक्षण किया, जिससे उन्हें एक धार्मिक शासिका के रूप में जाना जाता है ।

    पूर्व विधायक सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होलकर, मालवा साम्राज्य की होलकर रानी थीं। उन्हें भारत की सबसे दूरदर्शी महिला शासकों में से एक माना जाता है। 18वीं शताब्दी में, मालवा की महारानी के रूप में, धर्म का संदेश फैलाने में और औद्योगीकरण के प्रचार-प्रसार में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा था।

 कार्यक्रम संयोजक निवर्तमान मण्डल अध्यक्ष राजकेसर पाल  ने कार्यक्रम में आए हुए सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

   कार्यक्रम का संचालन निवर्तमान मंडल अध्यक्ष धर्मेन्द्र मिश्रा ने किया।

      कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, श्याममोहन अग्रवाल, आशीष गुप्ता, डा रामसूरत मौर्या, सारिका सोनी, उपेन्द्र मिश्रा, अजय यादव, प्रशांत सिंह दीपक, डॉ कमलेश निषाद, अमित श्रीवास्तव, विकास शर्मा, अजय सिंह, प्रमुख प्रतिनिधि सुनील यादव मम्मन, श्यामबाबू यादव, मिडिया प्रभारी मनीष श्रीवास्तव, जितेंद्र सिंह, शरद सिंह, मदन सोनी, नंदलाल यादव, संतोष मौर्य, बसन्त प्रजापति , कृष्णकुमार जायसवाल, ब्रह्मेश शुक्ला, सचिन पांडेय व संजय पाठक आदि लोग उपस्थित रहे।

 

*बकरीद के नाम पर हिंसा, क्रूरता व अवैध गतिविधियों पर लगे विराम: डॉ सुरेंद्र जैन*

नई दिल्ली:

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 विश्व हिंदू परिषद ने बकरीद के नाम पर होने वाली हिंसा, क्रूरता व अवैध गतिविधियों पर विराम लगाने की मांग करते हुए कथित पर्यावरण प्रेमियों के साथ उसके पूरे ईको सिस्टम की इस मामले में चुप्पी पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संगठन के केंद्रीय संयुक्त महा मंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने मजहबी आधार पर लाखों पशुओं की निर्मम तरीके से तड़फा तड़फ़ा कर नृशंस हत्या को जस्टिफाई करने वालों से भी आज पूछा कि आखिर कौनसी कुरान में बकरीद पर बकरे की बलि का हवाला दिया गया है। यदि यह सिर्फ प्रतीकात्मक है तो इसके अन्य सात्विक व मानवीय विकल्प भी तो हैं, जिन्हें कुछ मुस्लिम लोगों के समूहों ने अपनाना प्रारंभ भी कर दिया है। इसके लिए आखिर लाखों निरीह जानवरों की जान क्यों ली जाती है और सात्विक समाज के मन मस्तिष्क को खराब क्यों किया जाता है।

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री विनोद बंसल द्वारा जारी एक प्रेस वक्तव्य में उन्होंने आज कहा कि दिल्ली से लेकर मुंबई तक संपूर्ण देश में बकरीद की बर्बर परंपराओं को लेकर एक बेचैनी महसूस की जा रही है। संपूर्ण देश में दो करोड़ से अधिक मासूम प्राणियों के कत्ल होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इस अमानवीय प्रथा को लेकर पूरा देश गुस्से में है। 

इस दिन का दृश्यांकन करते हुए उन्होंने कहा कि हर बकरीद पर जहां-तहां खून बिखरा होता है, कई सड़कें खून से सनी होती है, कई जगह के सीवर खून और मांस बहाने की वजह से जाम हो जाते हैं, कई जगह नदियों में इतना खून बहता है कि उनका रंग ही बदल जाता है। शाकाहारी और संवेदनशील समाज त्राहि त्राहि करने लग जाता है। 

डॉ जैन ने कहा कि दिवाली, होली आदि हिंदू त्योहारों पर तथाकथित पर्यावरण प्रेमी पत्रकार, बुद्धिजीवी हिंदुओं को सांकेतिक रूप में या इको फ्रेंडली होली दिवाली मनाने का आह्वान करते हैं। कुछ जगह न्यायपालिका का एक वर्ग भी स्वत: संज्ञान लेकर उपदेशात्मक आदेश भी देता देखा गया है। किंतु, एक ही दिन में करोड़ों मासूम बकरों की क्रूर हत्या पर ये सभी कथित  पर्यावरण विद् चुप्पी क्यों साध लेते हैं? इसके कारण पूरे देश का शाकाहारी और संवेदनशील समाज गुस्से में है। 

उन्होंने पूछा कि हिंदुओं को होली, दिवाली पर उपदेश देने वाले भला अभी तक इको फ्रेंडली बकरीद या अहिंसक सांकेतिक बकरीद का आह्वान क्यों नहीं कर पा रहे हैं? ऐसा लगता है कि ये सभी लोग हिंदू विरोधी इको सिस्टम का हिस्सा हैं ! पर्यावरण की रक्षा केवल इनका एक बहाना है, इनका असली उद्देश्य तो सिर्फ हिंदुओं को अपमानित करना ही है।

डॉ जैन ने चुनौती भरे लहजे में कहा कि बकरों की हत्या को कुछ लोग अपना कानूनी व धार्मिक अधिकार बताते हैं। मैं उनको चुनौती देता हूं कि वह बताएं कि कुरान के किस हिस्से में मासूम बकरों की कुर्बानी देने का आदेश  दिया गया है। धार्मिक अधिकार के नाम पर मानवता को कैसे आतंकित किया जा सकता है? 

उन्होंने यह भी कहा कि यह भारत के कानूनी और संवैधानिक प्रावधानों का भी उल्लंघन है। कुछ कट्टरपंथी संविधान की अनुच्छेद 25 के अंतर्गत मिले अधिकारों की बात तो करते हैं लेकिन वे भूल जाते हैं कि यही प्रावधान  सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य की रक्षा की बात भी करता है। बकरीद की परंपरा से इन तीनों का उल्लंघन किया जाता है। संविधान का अनुच्छेद 48 पशुओं के संरक्षण और पालन की बात करता है। गुजरात, मुम्बई, उत्तराखंड आदि कई उच्च न्यायालयों ने स्पष्ट रूप से सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी को वर्जित भी किया है। इसलिए यह कहना कि यह उनका कानूनी और धार्मिक अधिकार है, यह पूर्ण रूप से गलत है। 

ईद आजकल कुर्बानी के नाम पर क्रूर हिंसा का खुला प्रदर्शन और वहां के सभ्य समाज को आतंकित करने का एक माध्यम सा भी बन गई है। बाकी सब धर्म की परंपराओं में मानवीय जीवन मूल्यों को ध्यान में रखकर सुधार किए गए हैं। सभी सभ्य समाज कुर्बानी जैसी बर्बर परंपरा को छोड़ रहे हैं। जिस तरह की चुनौतियां कुछ मुस्लिम नेताओं द्वारा दी जा रही है ऐसा लगता है कि वे संवेदनशील समाजों को आतंकित करना चाहते हैं। हिंदू समाज इन गीदड़ भभकियों से डरेगा नहीं और किसी भी सार्वजनिक स्थल पर मासूम जीवों की अवैध रूप से क्रूर हत्या नहीं होने देगा। हिंदू समाज अपनी भावनाओं व संविधान के प्रावधानों की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहा है। वह उम्मीद करता है कि मुस्लिम नेता और तथाकथित पर्यावरण प्रेमी भी सभ्य समाजों की भावनाओं का सम्मान करेंगे और सांकेतिक एवं अहिंसक ईद मनाने का आह्वान कर इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।


विनोद बंसल 

राष्ट्रीय प्रवक्ता 

विश्व हिंदू परिषद

 *श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का जसपुर, काशीपुर , रामनगर से भाजपा संभाग‌ कार्यालय हल्द्वानी तक भब्य स्वागत* ।


• *जसपुर, रामनगर, हल्द्वानी में पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ कार्यकर्ताओं ने किया नागरिक अभिनंदन* ।


• *हल्द्वानी में मुख्य बाजार से संभाग कार्यालय तक खुली जीप में निकला जुलूस। छोलिया नृत्य की भी प्रस्तुति 29 मई देर शाम तक चला स्वागत समारोह।* 



जसपुर/ रामनगर/ काशीपुर/हल्द्वानी: 



श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का जसपुर, काशीपुर रामनगर, हल्द्वानी में बृहस्पतिवार 29 मई को भब्य स्वागत एवं नागरिक अभिनंदन हुआ। 

जसपुर से हल्द्वानी तक स्थान - स्थान में बीकेटीसी अध्यक्ष के स्वागत हेतु भाजपा कार्यकर्ताओं तथा आम लोगों का  देर शाम तक जमावड़ा लगा रहा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बीकेटीसी अध्यक्ष के हल्द्वानी पहुंचने पर अभूतपूर्व स्वागत किया मुख्य बाजार से भाजपा संभाग कार्यालय तक  बीकेटीसी अध्यक्ष ने खुली जीप में शहर के शीर्ष भाजपा नेताओं के साथ लोगों का अभिवादन स्वीकार किया तथा धन्यवाद ज्ञापित किया।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों ढोल दमाऊं तथा छोलिया नृत्य की प्रस्तुति के साथ बीकेटीसी अध्यक्ष का स्वागत किया देर शाम तक भाजपा संभाग कार्यालय में स्वागत समारोह चलता रहा।


जसपुर, काशीपुर रामनगर, तथा भाजपा संभाग कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित स्वागत समारोह में कार्यकर्ताओं तथा पार्टी पदाधिकारियों ने हेमंत द्विवेदी को बीकेटीसी का अध्यक्ष बनाये जाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट का आभार जताया।


इस अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष  हेमंत द्विवेदी ने उनके स्वागत अभिनन्दन के लिए पार्टी पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं, आम लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कहा कि कार्यकर्ताओं के आशीर्वाद से उन्हें बीकेटीसी अध्यक्ष के रूप में  देवभूमि उत्तराखंड के सेवा की जिम्मेदारी मिली है कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन के अनुरूप आपदा के बाद श्री केदारनाथ धाम का भब्य निर्माण हुआ है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन तथा पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के प्रयासों से उत्तराखंड के चारधाम सहित सभी मंदिरों तीर्थों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है तीर्थयात्रियों को सुविधाएं मुहैया हुई है तथा नये पर्यटन तथा तीर्थाटन सर्किट बने है।


 कहा कि अभी तक चारधाम हेतु 36 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके है तथा 11 लाख तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीविशाल तथा श्री केदारनाथ धाम में दर्शन किये है उन्होंने सभी को श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ धाम आने का भी आमंत्रण दिया।


इस अवसर पर भाजपा संभाग कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में वरिष्ठ नेतागण सहित भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, भाजपा नेता प्रमोद तोलिया, जिलापंचायत प्रशासक बेला तोलिया, दायित्व धारी दिनेश आर्या, पूर्व दायित्व धारी अनिल कपूर डब्बू,आनंद दरम्वाल, साकेत अग्रवाल, राजेंद्र बिष्ट,सुरेश भट्ट,रंजन‌ बर्गली, विदेश गुप्ता, संदीप सनवाल सहित  सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।

जसपुर में स्वागत करनेवालों में जिलाध्यक्ष मनोज पाल,मंडल अध्यक्ष मनप्रीत सिंह लाडी,पूर्व मंडल अध्यक्ष गौतम गिरी, काशीपुर से रविपाल,पूर्व प्रदेश मंत्री सीमा चौहान,मंजू यादव, डा. एमपी सिंह, नगर अध्यक्ष राजकुमार चौहान, हाजी रशीद, आरिफ नौशाद, गौरव  प्रजापति मंडल अध्यक्ष कर्पूरा रावत, अर्जुन सिंह, विनीत चौहान,रेखा सक्सैना, भरत मेघावाला मंडल से जसवीर सैनी,ईश्वर गुप्ता वासु शर्मा,भीम सिंह तथा रामनगर में‌ मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र खाती, बलदेव रावत, प्रदेश मंत्री राकेश नैनवाल, अशोक गुप्ता,दीप्ति रावत, भावना भट्ट घनश्याम शर्मा, आदि शामिल रहे। क़ृषि उत्पादन मंडी समिति काशीपुर, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस रामनगर, सहित  महुबाडाबरा मंडल जसपुर,कुंडा, कुंडेश्वरी,कालाढूंगी, मुखानी  आदि स्थानों में बीकेटीसी अध्यक्ष का भब्य स्वागत हुआ।

बीकेटीसी अध्यक्ष के भ्रमण के दौरान पीआरओ अजय सहित जिला प्रशासन के प्रोटोकॉल अधिकारी सहित बीकेटीसी कर्मचारी भी मौजूद रहे।

 

आज़ का राशिफल

*दिनांक:- 31/05/2025, शनिवार*

पंचमी, शुक्ल पक्ष, 

ज्येष्ठ

rashifal today 31 may 2025


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 *नाव मनोरथ द्वारकाधीश जी 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


येषां न विद्या न तपो न दानं

न चापि शीलं न गुणो न धर्मः ।

ते मृत्युलोके भुवि भारभूता

मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति ।।

।। चा o नी o।।


  जिनके पास यह कुछ नहीं है...

विद्या.

तप.

ज्ञान.

अच्छा स्वभाव.

गुण.

दया भाव.

...वो धरती पर मनुष्य के रूप में घुमने वाले पशु है. धरती पर उनका भार है.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -: मोक्षसंन्यासयोग:- अo-18


सर्वभूतेषु येनैकं भावमव्ययमीक्षते ।,

अविभक्तं विभक्तेषु तज्ज्ञानं विद्धि सात्त्विकम् ॥,


 जिस ज्ञान से मनुष्य पृथक-पृथक सब भूतों में एक अविनाशी परमात्मभाव को विभागरहित समभाव से स्थित देखता है, उस ज्ञान को तू सात्त्विक जान॥,20॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐂वृष

प्रयास सफल रहेंगे। प्रशंसा प्राप्त होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। लाभ होगा। व्यवसाय अच्छा चलेगा। कार्य क्षेत्र में नई योजनाओं से लाभ होगा। लगन, मेहनत का उचित फल मिल सकेगा। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। विवाद सुलझेंगे।


👫मिथुन

रोजगार मिलेगा। संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। सोचे कामों में मनचाही सफलता मिलेगी। व्यापारिक निर्णय समय पर लेना होंगे। पुरानी बीमारी उभर सकती है। चोट व रोग से बाधा संभव है। बेचैनी रहेगी। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी।


🦀कर्क

शारीरिक कष्‍ट से बाधा संभव है। भागदौड़ रहेगी। घर-परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। कार्यकुशलता सहयोग से लाभान्वित होंगे। काम में मन लगेगा। स्वयं का सोच अनुकूल रहेगा। रिश्तेदारों से संबंधों की मर्यादा बनाए रखें।


🐅सिंह

पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। धैर्य रखें। अस्वस्थता बनी रहेगी। खुद के प्रयत्नों से ही जनप्रियता एवं सम्मान मिलेगा। रोजगार के क्षेत्र में संभावनाएँ बढ़ेंगी। स्थायी संपत्ति संबंधी खटपट हो सकती है।


🙍‍♀️कन्या

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग को सफलता मिलेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। नए कार्यों, योजनाओं की चर्चा होगी। लाभदायी समाचार आएँगे। समाज में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। साहस, पराक्रम बढ़ेगा। विश्वासप्रद माहौल रहेगा।


⚖️तुला

विवाद से क्लेश होगा। शारीरिक कष्ट संभव है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। आपसी मतभेद, मनमुटाव बढ़ेगा। किसी से मदद की उम्मीद नहीं रहेगी। आर्थिक समस्या बनी रहेगी। व्यसनाधीनता से बचें। व्यापार, रोजगार मध्यम रहेगा।


🦂वृश्चिक

फालतू खर्च होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। नवीन मुलाकातों से लाभ होगा। आमदनी बढ़ेगी। रुका धन मिलने से निवेश में वृद्धि होने के योग हैं। उदर संबंधी विकार हो सकते हैं।


🏹धनु

नई योजना बनेगी। नए अनुबंध होंगे। किसी मामले में कटु अनुभव मिल सकते हैं। सरकारी, कानूनी विवाद सुलझेंगे। जोखिम, लोभ, लालच से बचें। नया काम, व्यवसाय आदि की बात बनेगी। घर-बाहर तनाव रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। जल्दबाजी न करें।


🐊मकर

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। कानूनी बाधा दूर होकर लाभ होगा। पूँजी निवेश बढ़ेगा। पहले किए गए कार्यों का लाभदायी फल आज मिल सकेगा। संतान के कामों से खुशी होगी। व्यापार-व्यवसाय में तरक्की होगी।


🍯कुंभ

रोजगार मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। विवाद न करें। नौकरी करने वालों को ऐच्छिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।


🐟मीन

चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। परिवार की स्थिति अच्छी रहेगी। रचनात्मक काम करेंगे। कर्मचारियों पर निगाह रखें। परिवार की समस्या का उचित समाधान होगा।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

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