Halloween party ideas 2015


- श्री आलम ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न लेखापरीक्षा कार्यों को सफलतापूर्वक संभाला है


देहरादून : 

Mohd. Parwah Alam become CAG uttarakhand


श्री मोहम्मद परवेज आलम ने 7 अप्रैल 2025 को देहरादून में महालेखाकार (एकाउंट्स एवं एंटाइटलमेंट ) उत्तराखंड के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। श्री आलम भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा सेवा (आईएएंडएएस) के 2008 बैच के अधिकारी हैं और उन्हें अगले आदेश तक महालेखाकार (लेखापरीक्षा) उत्तराखंड के कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।


इस कार्यभार से पहले श्री आलम बिहार, झारखंड और मणिपुर में उप महालेखाकार/वरिष्ठ उप महालेखाकार समेत प्रमुख पदों पर कार्य कर चुके हैं। उन्हें भारतीय वायु सेना, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार आदि समेत विभिन्न क्षेत्रों में लेखापरीक्षा का व्यापक अनुभव है। उत्तराखंड में अपनी नियुक्ति से पहले वे भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक कार्यालय, नई दिल्ली में प्रधान निदेशक (उत्तर पूर्वी क्षेत्र-I) के पद पर कार्यरत थे। श्री आलम के पास सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन, लेखा और लेखा परीक्षा का समृद्ध अनुभव है। उनके अंतरराष्ट्रीय लेखा परीक्षा कार्यों में बांग्लादेश और बहरीन में दूतावास लेखा परीक्षा, हनोई और जकार्ता में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की वित्तीय और अनुपालन लेखा परीक्षा, और लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों और न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के अनुपालन लेखा परीक्षा शामिल हैं। बिहार के मूल निवासी श्री आलम के पास वित्त और मानव संसाधन में स्नातकोत्तर की डिग्री है। उत्तराखंड के महालेखाकार (A&E) के रूप में, वे राज्य सरकार के वित्त और विनियोग खातों के संकलन और तैयारी और राज्य के राजकोष से प्राप्तियों और व्यय की लेखा परीक्षा के लिए जिम्मेदार होंगे।

 पेयजल शिकायतों का रिस्पॉन्स टाइम कम से कम किया जाए*


सीएम श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल आपूर्ति के संबंध में जिलाधिकारियों के साथ वीसी के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। उन्होंने राज्य के हर गांव और शहर में पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल पहुंचाने की योजना में तेजी लाने, न्यूनतम समय में ट्यूबवेल को रिप्लेस करने, फायर हाइड्रेट को सुचारू रखने, कैचमेंट एरिया में वनीकरण और चेक डैम बनाने, सारा के साथ समन्वय बनाकर स्त्रोतों को पुनर्जीवित करने और जल संवर्धन की नीति तैयार करने, दूरस्थ क्षेत्रों में सोलर पंप का प्रयोग कर जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। 


सीएम श्री धामी ने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस साल अत्यधिक गर्मी की संभावना है। इसके लिए समस्त डीएम पेयजल किल्लत वाले स्थानों को चिन्हित कर कार्य योजना तैयार करे, कि किस प्रकार से उन क्षेत्रों में जलापूर्ति की जाएगी। इसके साथ ही स्कूलों, पंचायतों और सोशल मीडिया के माध्यम से जल बचाने का संदेश फैलाया जाए।  उनहोंने कहा कि गर्मियों में फॉरेस्ट फायर की घटनाओं के प्रभाव को कम करने के लिए जंगलों से जाने पेयजल योजनाओं से वाल्व बनाए जाएं जिससे आग को तत्काल बुझाया जा सकें। 

CM instructions for cHardhaam, Nanda Rajjjaat ,


सीएम श्री धामी ने पेयजल के टोल फ्री नंबर को हर हाल में चालू रखने के निर्देश दिए। साथ ही टोल फ्री नंबर में दर्ज शिकायतों का समय से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। पानी का दुरुपयोग न हो इसके लिए सघन चैकिंग अभियान भी चलाया जाए। उन्होंने पानी की  लीकेजों को चिन्हित कर तत्काल मरम्मत तथा मरम्मत के लिए बफर सामाग्री एवं श्रमिकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही मोटर पम्प, विद्युत उपकरण एवं पाईप स्पेयरस, के खराब होने पर उन्हें तुरंत सही किया जाए एवं जल की शुद्धता का भीविशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टेंकरों की निगरानी एवं प्रभावी व्यवस्था हेतु टेंकरों पर जी०पी०एस० इनेबल सिस्टम की व्यवस्था हो एवं प्राइवेट टैंकरो हेतु पानी की दरें भी निर्धारित की जाएं।


सीएम ने कहा कि बरसात के जल को रोककर छोटे डैम और बैराज बनाए जाएंगे। इससे बरसात का पानी बर्बाद होने से बचेगा और गर्मियों के सीजन में जल का  सदुपयोग हो पाएगा। इसके लिए सभी डीएम तीन सप्ताह के भीतर अपने जिलों के स्थलों को चिन्हित कर प्रस्ताव उपलब्ध कराएंगे। इसके साथ ही जिलों में सीरीज ऑफ चेक डैम बनाए जाने की भी योजना है। उन्होंने कहा पहाड़ों में अभी भी कई स्थानों पर घोड़े खच्चरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है,उन स्थलों के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई जाए। 


बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण विकास परिषद श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगोली, आयुक्त श्री विनय शंकर पांडे, सचिव श्री विनोद कुमार सुमन, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री विशाल मिश्रा, श्रीमती अपूर्वा पांडेय सहित कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और सभी जिलों के डीएम वीसी के माध्यम से जुड़े रहे।


मुख्यमंत्री के निर्देश पर सुरक्षित यात्रा की तैयारी में जुटा परिवहन विभाग


देहरादून;


 चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। यात्रा रूटों पर किसी भी प्रकार की असुविधा और दुर्घटनाओं के खतरे को टालने के लिए 13 या इससे अधिक यात्री क्षमता के व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। दूसरे राज्यों के ऐसे वाहनों को 15 दिन के लिए ही ग्रीन कार्ड मिलेगा जबकि उत्तराखंड के वाहनों के लिए पूरी यात्रा अवधि के लिए यह कार्ड मान्य होगा। आज शुक्रवार से ग्रीन कार्ड बनाने का काम शुरू भी कर दिया गया है। अभी 15 वाहनों के आवेदन आ चुके हैं।


ऋषिकेश के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) रावत सिंह कटारिया ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेशानुसार परिवहन विभाग चारधाम यात्रा में सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की तैयारियों में जुटा है। इसी उद्देश्य से ग्रीन कार्ड की व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया गया है। चालक को पर्वतीय मार्गों पर वाहन चलाने में दक्ष होना चाहिए। सभी प्रकार के कमर्शियल (व्यावसायिक) वाहनों को विभाग के तकनीकी अधिकारी के निरीक्षण रिपोर्ट के बाद ही ग्रीन कार्ड जारी किया जा रहा है। चालक के पास वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र, परमिट से संबंधित सभी दस्तावेज होने अनिवार्य हैं।


*दूसरे राज्यों के चालकों के लिए हिल एंडोर्समेंट अनिवार्य*

चार धाम यात्रा पर आने वाले कमर्शियल वाहन चालकों के लिए अब हिल एंडोर्समेंट अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए चालक को आनलाइन आवेदन कर टेस्ट देना होगा। ऑनलाइन टेस्ट फॉर्म मिलने पर उसे संभागीय परिवहन अथवा सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद आवेदक की पर्वतीय रूट पर ड्राइविंग में दक्षता की परीक्षा होगी। जो परीक्षा में पास होगा, उनके लाइसेंस में हिल एंडोर्समेंट कर दिया जाएगा।


*दुर्घटना से बचाव के लिए कुछ अन्य मुख्य बिंदु*


-यात्रा मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों के चलने पर पूरी तरह रोक रहेगी।

-चालक जूते या ट्रेकिंग शूज पहनकर ही वाहन चलाएं।

-वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स अनिवार्य रूप से हो।

-वाहन के पृष्ठ भाग में त्रिकोणीय रेडियम बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा।

-वाहन सुरक्षित स्थान पर ही पार्क करें।

उत्तराखण्ड देश का सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म डेस्टिनेशन बनने की राह पर- सीएम धामी* 

 *अब  OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मो तथा वेब सीरीज को भी अनुदान* 

 *पर्यटन विभाग की मदद से नए शूटिंग स्थलों को चिन्हित किया जा रहा* 

उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म डेस्टिनेशन बनाने के संकल्प को दोहराते हुए सीएम श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार इस विषय में अत्यंत गंभीर है और ठोस रणनीति के साथ कार्य कर रही है | सीएम श्री धामी ने बताया कि हाल ही में हमारी सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मो तथा वेब सीरीज को भी अनुदान देने का प्राविधान किया है | नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम, सोनी लाइव, जी तथा जियो हॉटस्टार पर रिलीज होने वाली फिल्मो और वेब सीरीज को अनुदान देने की व्यवस्था की गई है | 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को  देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में आयोजित गढ़वाली फीचर फ़िल्म "मेरी प्यारी बोई " के प्रीमियम में शामिल हुए |


  फिल्म की सफलता के लिए निर्माता-निर्देशक सहित पूरी टीम को बधाई देते हुए  सीएम श्री  धामी ने  कहा कि राज्य सरकार फिल्म निर्माण से जुड़े हर क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। फिल्म निर्माण से राज्य में प्रत्यक्ष रोजगार की नई गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ही राज्य के पर्यटन को भी नई मजबूती मिल रही है। 



सीएम श्री धामी ने बताया कि पर्यटन विभाग की मदद से नए शूटिंग स्थलों को चिन्हित कर उन्हें शूटिंग के लिए बढ़ावा देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, ताकि फिल्मों के माध्यम से उत्तराखंड के अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को भी बढ़ावा दिया जा सके।


सीएम श्री धामी ने  कहा कि उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग के लिए हर संभव मदद दी जाएगी. राज्य सरकार ने नई फिल्म नीति-2024 लागू की है, जिससे यहां फिल्म बनाना और भी आसान हो गया है. फ़िल्म निर्माताओं को फिल्मों की शूटिंग के उत्तराखण्ड  भा रहा है | सिंगल विंडो सिस्टम के तहत शूटिंग की अनुमति दी जा रही है, जिससे प्रक्रिया तेज और सरल हो गई है. इसके अलावा, हिंदी और संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल भाषाओं की फिल्मों को उत्तराखंड में व्यय राशि का 30 फीसदी खर्च या अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है. बड़ी बजट (50 करोड़ रुपये से अधिक) और विदेशी फिल्मों पर भी राज्य में हुए खर्च का 30 फीसदी या अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक का अनुदान मिलता है. यह योजना न केवल फिल्मों को प्रोत्साहित कर रही है बल्कि राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है|   राज्य की क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों के लिए राज्य में व्यय की गई राशि का अधिकतम 2 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।  सीएम श्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में शूटिंग के लिए कई खूबसूरत डेस्टिनेशन हैं. सरकार का मकसद है कि फिल्म इंडस्ट्री को बेहतर सुविधाएं देकर राज्य को फिल्म निर्माण का हब बनाया जाए |



सीएम श्री धामी ने कहा कि राज्य में फिल्मांकन के लिए बहुत अच्छा माहौल है। फ़िल्म निर्माताओं को फिल्मों की शूटिंग के लिए जनता के साथ-साथ सरकारी विभागों से भी पूरा सहयोग मिला।  उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग के लिए कई मनमोहक डेस्टिनेशन हैं। पहाड़ों में भरपूर प्राकृतिक सुंदरता वाले कई स्थान हैं। राज्य का हर डेस्टिनेशन फिल्मांकन के लिए उपयुक्त है। आदि कैलाश, चकराता और माणा जैसे कई आकर्षक स्थान उत्तराखंड में हैं।



उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को देखकर देश भर से फिल्म निर्माता फिल्म शूटिंग के लिए राज्य में आ रहे हैं।

यहां फिल्मांकन की संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार लगातार इस दिशा में आगे बढ़ रही है। अभी तक 200 से अधिक फिल्मों की शूटिंग  उत्तराखंड में हो चुकी है |  नई फिल्म नीति राज्य में फिल्मों को बढ़ावा दे रही है। बॉलीवुड के साथ-साथ स्थानीय बोलियों पर आधारित फिल्मों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।



इस अवसर पर मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल एवं फ़िल्म की पूरी टीम सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।


लोक उत्सव के रूप में मनाई जाएगी नंदा राजजात यात्रा : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*


*2026 में होनी है नंदा राजजात यात्रा*


*यात्रा में बेहतर भीड़ प्रबंधन, पर्यावरण की दृष्टि से प्रबंधन, सिंगल यूज्ड प्लास्टिक पर प्रतिबंध के लिए एसओपी बनाई जाए*


2026 में प्रस्तावित नंदा राजजात यात्रा को लोक उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। स्थानीय लोगों की यात्रा में अधिकतम सहभागिता हो और सरकार सहयोगी की भूमिका में रहे। नन्दा देवी राजजात यात्रा से संबंधित अभिलेखों को संरक्षित किया जाएगा। यात्रा के अभिलेखों को लिखने एवं उनका संरक्षण गढ़वाल एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय की मदद से किया जाएगा। यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में नन्दा राजजात यात्रा की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में दिए। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा उत्तराखंड की धरोहर है। उन्होंने अधिकारियों को नन्दा देवी राजजात यात्रा का देश विदेश में व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। भारतीय दूतावासों के माध्यम से भी संपूर्ण विश्व में नन्दा देवी राजजात यात्रा को पहुंचाया जाएगा, साथ ही उन्हें इस यात्रा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। इस यात्रा के माध्यम से विदेशों से भी उत्तराखंड को जोड़ते हुए इसे ऐतिहासिक रूप देना है। उन्होंने कहा कि राजजात यात्रा में उत्तराखंड की संस्कृति, परम्परा, वेशभूषा, वाद्य यंत्रों की छाप दिखनी चाहिए। इसके लिए संस्कृति विभाग को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग लोक कलाकारों के लिए इस प्रकार की व्यवस्था बनाए जिससे उनको लगातार भुगतान हो। 


मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को यात्रा से जुड़े हितधारकों के साथ बैठक कर उनके सुझाव को भी कार्ययोजना में शामिल करने की बात कही। जिससे बेहतर तरीके से यात्रा का संचालन हो। उन्होंने कहा कि यात्रा का मार्ग उच्च हिमालयी क्षेत्र और संवेदनशील है। यात्रा में बेहतर भीड़ प्रबंधन, पर्यावरण की दृष्टि से आपदा प्रबंधन, सिंगल यूज्ड प्लास्टिक पर प्रतिबंध के लिए एसओपी बनाई जाए। यात्रा मार्ग के साथ ही वैकल्पिक मार्गो का चिन्हीकरण और सुधार, आबादी वाले गांव में छोटी छोटी पार्किंग, पेयजल, शौचालय, इको टेंट कॉलोनी, गाड़- गदेरो का सौंदर्यीकरण, विद्युत आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यात्रा मार्ग में बेहतर नेटवर्क की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यात्रा मार्ग में अस्थाई और स्थाई कार्यों को चिन्हित करते हुए स्थाई संरचनाओं की एक माह के भीतर शासकीय स्वीकृति प्रदान कराते हुए कार्य शुरू कराने के भी निर्देश दिए। आपदा विभाग को भू स्खलन वाले क्षेत्रों के चिन्हीकरण के साथ ही आवश्यतानुसार मार्ग में पर्याप्त मात्रा में जेसीबी, पोकलैंड के साथ ही ऑपरेटर तैनात रखने के भी निर्देश दिए। 


बैठक में पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने बताया कि 2026 में भाद्र पक्ष की नंदाष्टमी से यात्रा शुरू होगी। लगभग 20 दिन की 280 किलोमीटर की यात्रा होती है । यह मां नंदा की मायके से ससुराल की यात्रा है, जो  नौटी के पास स्थित कासुवा से होमकुंड तक की है। 



बैठक में विधायक श्री अनिल नौटियाल , विधायक श्री भूपाल राम टम्टा, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण विकास परिषद श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांश, सचिव श्री नितेश झा, श्रीमती राधिका झा, श्री शैलेश बगोली, श्री पंकज पांडेय, श्री सचिन कुर्वे, आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पांडे, श्री विनोद कुमार सुमन सहित अन्य सचिवगण मौजूद रहे।

 

 गणतंत्र दिवस, 2026 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्‍कार-2026 के लिए ऑनलाइन नामांकन/सिफारिशें 15 मार्च 2025 से शुरू हो गई हैं। पद्म पुरस्‍कारों के नामांकन की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2025 है। पद्म पुरस्‍कारों के लिए नामांकन/सिफारिशें राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार पोर्टल https://awards.gov.in पर ऑनलाइन प्राप्‍त की जाएंगी।


Padma awards 2025  enrollment date


पद्म पुरस्‍कार, अर्थात पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री देश के सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मानों में शामिल हैं। वर्ष 1954 में स्‍थापित, इन पुरस्‍कारों की घोषणा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इन पुरस्‍कारों के अंतर्गत ‘उत्‍कृष्‍ट कार्य’ के लिए सम्‍मानित किया जाता है। पद्म पुरस्‍कार कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान एवं इंजीनियरी, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग आदि जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्‍ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा के लिए प्रदान किए जाते हैं। जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। चिकित्‍सकों और वैज्ञानिकों को छोड़कर अन्‍य सरकारी सेवक, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी सेवक भी शामिल है, पद्म पुरस्‍कारों के पात्र नहीं हैं।

सरकार पद्म पुरस्‍कारों को पीपल्स पद्म बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अत:, सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे नामांकन/सिफारिशें करें। नागरिक स्‍वयं को भी नामित कर सकते हैं। महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, दिव्यांग व्यक्तियों और समाज के लिए निस्वार्थ सेवा कर रहे लोगों में से ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने के ठोस प्रयास किए जा सकते हैं जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां वास्तव में पहचाने जाने योग्य हैं।

नामांकन/सिफारिशों में पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप में निर्दिष्ट सभी प्रासंगिक विवरण शामिल होने चाहिए, जिसमें वर्णनात्मक रूप में एक उद्धरण (citation) (अधिकतम 800 शब्द) शामिल होना चाहिए, जिसमें अनुशंसित व्यक्ति की संबंधित क्षेत्र/अनुशासन में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया हो।

इस संबंध में विस्‍तृत विवरण गृह मंत्रालय की वेबसाइट (https://mha.gov.in) पर ‘पुरस्‍कार और पदक’ शीर्षक के अंतर्गत और पद्म पुरस्‍कार पोर्टल (https://padmaawards.gov.in) पर उपलब्‍ध हैं। इन पुरस्‍कारों से संबंधित संविधि (statutes) और नियम वेबसाइट पर https://padmaawards.gov.in/AboutAwards.aspx लिंक पर उपलब्‍ध हैं।

साभार पीआईबी

 सचिवालय में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक कर रहे हैं ।

CM review Nanda Rakhata Yatra


 बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, विधायक श्री अनिल नौटियाल , श्री भूपाल राम टमटा भी उपस्थित हैं।


सरकार ने प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया- सीएम धामी*



 *राज्य सरकार पर वर्ष 2026 में नंदा देवी यात्रा तथा 2027 में कुम्भ के भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन की बड़ी जिम्मेदारी* - *मुख्यमंत्री* 


 *उत्तराखण्ड में लिए जा रहे निर्णय देश के लिए आदर्श बन रहे* 


 *सख्त नकल विरोधी कानून आने के बाद पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के लगभग 22 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली* 

 *प्रधानमंत्री  के प्रोत्साहन से राज्य में आदि कैलाश एवं शीतकालीन यात्रा को नई गति मिली* 


 *उत्तराखंड में पलायन की पीड़ा नहीं,  प्रवासियों की गौरवपूर्ण वापसी* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार ने प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है।  सरकार की ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ रहे हैं, इसके साथ ही 'हाउस ऑफ हिमालयाज' ब्रांड के माध्यम से हमारे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिल रही हैं। सीएम श्री धामी ने कहा कि ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी पहलों  से राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित  मुख्य सेवक सदन में आयोजित ओहो हिल यात्रा के चौथे संस्करण   "रजत से स्वर्ण की ओर’’  के समापन कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए छात्र-छात्राओं को सम्बोधित कर रहे थे | 



समस्त राज्यवासियों का आह्वाहन करते हुए सीएम श्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष मनाने के साथ ही अपने प्रदेश को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ योगदान दे, तो उत्तराखंड को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती।



सीएम श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हमारी  सरकार द्वारा प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे  क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का तेजी से कार्य किया जा रहा है।  साथ ही ‘लोकल फॉर वोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ के माध्यम से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के प्रोत्साहन से राज्य में आदि कैलाश एवं शीत कालीन यात्रा को नई गति मिली है |  राज्य सरकार पर वर्ष 2026 में नंदा देवी यात्रा तथा 2027 में कुम्भ के भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन की बड़ी जिम्मेदारी है| 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि विभिन्न चुनौतियों के बावजूद विगत 3 वर्षों में हमारे प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनकी गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है। उत्तराखण्ड में लिए जा रहे निर्णय देश के लिए आदर्श बन रहे हैं | 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि यह बड़े गर्व का विषय है कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।साथ ही, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। अभी हाल ही में, हमारे यहां आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 100 से अधिक मेडल लाकर देशभर में 7वा स्थान प्राप्त कर इतिहास रचने में सफलता प्राप्त की है। 


 सीएम श्री धामी ने कहा कि हमने उत्तराखंड में सबसे पहले समान नागरिक सहिंता लागू करके, देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया है। हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया, प्रदेश में पहली बार लैंड जिहाद , लव जिहाद और थूक जेहाद  के खिलाफ कार्रवाई की गई, वहीं रसूखदार भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध भी कठोर कदम उठाने से हम पीछे नहीं हटे।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा है कि सख्त नकल विरोधी कानून के परिणामस्वरूप पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के लगभग 22 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है।


सीएम ने कहा कि आज रोजगार के परिदृश्य तेज़ी से बदल रहे हैं। तकनीकी नवाचार और वैश्विक परिवर्तन के कारण रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और पुराने खत्म हो रहे हैं। 


राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, साथ ही स्टार्टअप की सहायता हेतु 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की भी व्यवस्था की गई है | हमारा उद्देश्य है कि हमारे युवा केवल नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बनें | 


उत्तराखंड में पलायन की पीड़ा नहीं, बल्कि प्रवासियों की गौरवपूर्ण वापसी हो, जहाँ हमारे गांव आत्मनिर्भर हों और तकनीकी संसाधनों और आधुनिक सुविधाओं से युक्त हो।  'विकास भी, विरासत भी' के मूलमंत्र के साथ हमारी सांस्कृतिक पहचान और भी समृद्ध बने ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उस पर गर्व करें। हमारी सरकार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है| 

महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, डायरेक्टर एसओए  श्री रवि भटनागर प्रदेशभर से आए छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षक उपस्थित थे |

 

आज का राशिफल

*दिनांक:- 11/04/2025, शुक्रवार*

चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष, 

चैत्र: 

Rashifal today 11 april,2025



*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 *श्री नृसिंह दलोत्सव 


*शिव दमनोत्सव चतुर्दशी 


*शिव पूजन विशेष 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


श्वानपुच्छमिच व्यर्थ जीवितं विद्यया विना ।

न गुह्यगोपने शक्तं न च दंशनिवारणे ।।

।। चा o नी o।।

 

 एक अनपढ़ आदमी की जिंदगी किसी कुत्ते की पूछ की तरह बेकार है. उससे ना उसकी इज्जत ही ढकती है और ना ही कीड़े मक्खियों को भागने के काम आती है.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -:दैवासुरसम्पद्विभागयोग :- अo-16


तानहं द्विषतः क्रूरान्संसारेषु नराधमान्‌।,

क्षिपाम्यजस्रमशुभानासुरीष्वेव योनिषु॥,


उन द्वेष करने वाले पापाचारी और क्रूरकर्मी नराधमों को मैं संसार में बार-बार आसुरी योनियों में ही डालता हूँ॥,19॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

किसी प्रभावशाली व्यक्ति से सहयोग प्राप्त होगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थदर्शन हो सकते हैं। विवेक का प्रयोग करें, लाभ होगा। मित्रों के साथ अच्‍छा समय बीतेगा। विरोध होगा। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। जल्दबाजी से हानि होगी। आलस्य हावी रहेगा।


🐂वृष

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। कार्य करते समय लापरवाही न करें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। विवाद से बचें। काम में मन नहीं लगेगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। विवेक का प्रयोग करें। आय बनी रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा।


👫मिथुन

घर-परिवार की चिंता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। घर-परिवार में प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी।


🦀कर्क

लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से क्रोध रहेगा। भूमि व भवन संबंधी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। बड़ा काम करने का मन बनेगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी।


🐅सिंह

रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन की प्राप्ति संभव है। पारिवारिक सदस्यों तथा मित्रों के साथ आनंदायक समय व्यतीत होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


🙍‍♀️कन्या

बुरी सूचना मिल सकती है। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। आय में कमी रहेगी। नकारात्मकता बढ़ेगी। विवाद से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें। अनावश्यक परेशानी खड़ी हो सकती है। दूसरों की बातों में न आएं। धैर्य रखें, समय सुधरेगा।


⚖️तुला

सामाजिक कार्यों में मन लगेगा। दूसरों की सहायता कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। मनोरंजक यात्रा हो सकती है। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। झंझटों में न पड़ें। ईर्ष्यालु सक्रिय रहेंगे।


🦂वृश्चिक

उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। कोई नया बड़ा काम करने की योजना बनेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। भ्रम की स्थिति बन सकती है। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा।


🏹धनु

यात्रा मनोरंजक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। किसी बड़ी समस्या का हल मिलेगा। व्यावसायिक साझेदार पूर्ण सहयोग करेंगे। कोई नया उपक्रम प्रारंभ करने का मन बनेगा। सेहत का ध्यान रखें। वरिष्ठजनों की सलाह काम आएगी। नए मित्र बनेंगे। आय बनी रहेगी। हर कार्य बेहतर होगा।


🐊मकर 

अनावश्यक जोखिम न लें। किसी भी व्यक्ति के उकसावे में न आएं। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग उभर सकता है। सेहत को प्रा‍थमिकता दें। लेन-देन में जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय नहीं है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार मनोनुकूल चलेगा।


🍯कुंभ

मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। बिगड़े काम बनेंगे। प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। व्यस्तता के चलते स्वास्‍थ्य बिगड़ सकता है, ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रमाद न करें।


🐟मीन

घर-परिवार के साथ आराम तथा मनोरंजन के साथ समय व्यतीत होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोध होगा। काम करते समय लापरवाही न करें। चोट लग सकती है। थकान तथा कमजोरी महसूस होगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

 श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति 


श्री बदरीनाथ धाम एवं केदारनाथ धाम के पूजाओं की आन लाइन बुकिंग शुरू।

Online puja booking in shri badrinath kedarnath dhaam


देहरादून: 10 अप्रैल। आगामी यात्राकाल हेतु श्री बदरीनाथ धाम एवं श्री केदारनाथ धाम में होनेवाली पूजाओं की आन लाईन बुकिंग  आज से मंदिर समिति की आधिकारिक वेबसाइट www. badrinath- kedarnath. gov. in पर शुरू हो गयी है। श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति( बीकेटीसी) मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने यह जानकारी दी है।


बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी ने  बताया कि इस यात्रा वर्ष श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई तथा श्री केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को खुल रहे है। तीर्थयात्री मंदिर समिति की वेबसाइट से श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ धाम में होनेवाली प्रातःकालीन, सांयकालीन, तथा लंबी अवधि की पूजाओं की बुकिंग 30 जून की अवधि तक  के लिए बुक कर सकते है।पूजाओं हेतु शुल्क पूर्व की भांति रखा गया है। उसमें कोई भी बढ़ोतरी नही की गयी है।


बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने अवगत कराया है कि श्री बदरीनाथ धाम की पूजाओं में अभिषेक, महाभिषेक पूजा, वेदपाठ, गीता पाठ, विष्णुसहस्त्रनाम पूजा,चांदी आरती, स्वर्ण आरती, गीत गोविंद पाठ शयन आरती शामिल है।


इसी तरह भगवान केदारनाथ जी की पूआओं में रुद्राभिषेक पूजा,लघु रूद्राभिषेक महामृत्युंजय पाठ,षोडशोपचार पूजा, शायं कालीन आरती आदि शामिल है। बदरीनाथ तथा केदारनाथ धाम की आनलाइन पूजाओं के निर्धारित रेट मंदिर समिति की वेबसाइट पर देखे जा सकते है। 


आज  बृहस्पतिवार को मंदिर समिति द्वारा पूजाओं की बुकिंग शुरू करते श्रद्धालुओं ने वेबसाइट पर संपर्क शुरू कर दिया है। वेबसाइट पर अभी तक 93 पूजाएं आनलाइन बुक हुई है।

श्री बदरीनाथ हेतु कुल 32महाभिषेक तथा अभिषेक पूजा तथा केदारनाथ हेतु 61 षोडशोपचार पूजा बुक हुई है।

इंटरनेट कार्डिनेटर दीपेन्द्र रावत के अनुसार बदरीनाथ धाम हेतु तीस फीसदी तथा केदारनाथ हेतु बीस फीसदी पूजाये आनलाइन बुक हो रही है।

 हरिद्वार:

समय का सदुपयोग करें, बीता समय वापस नहीं आता-मुख्यमंत्री श्री धामी।

CM participated in saraswati shishu mandir Haridwar bhel progY



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, हरिद्वार में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग कर नवनिर्मित भवन व स्मार्ट रूम का लोकापर्ण किया।

 उन्होंने प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की। 


मुख्यमंत्री ने नए भवन व स्मार्ट रूम के लोकापर्ण  पर सभी छात्र छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात देश जब अपने पैरो पर खड़ा हो रहा था, उस समय राष्ट्र निर्माण की भावना को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के आनुषंगिक संगठन के रूप में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान ने सरस्वती शिशु मंदिर के रूप में जो पौधा रोपित किया था, आज विशाल वट वृक्ष बनकर खड़ा हो गया है और देश के कोने-कोने में हमारे नौनिहालों को शिक्षित कर देश को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। 


मुख्यमंत्री ने कहा विद्या भारती द्वारा देश में 12 हजार से अधिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। जिनमें लगभग 35 लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी विद्या भारती द्वारा 50 से भी अधिक महाविद्यालय एवं एक विश्वविद्यालय का संचालन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा देने के साथ ही उनमें राष्ट्रसेवा, नैतिकता, संस्कृति संरक्षण, प्राकृतिक संरक्षण और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को विकसित किया जा रहा है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में वर्तमान में विद्या भारती का एक बड़ा नेटवर्क है। माणा से लेकर सीमांत क्षेत्र धारचूला तक भी शिशु मंदिर और विद्या मंदिर मौजूद हैं। वर्तमान में विद्या भारती द्वारा 500 से अधिक विद्यालय प्रदेश के अंदर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें एक लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज इस विद्यालय मे 04 स्मार्ट क्लासेज का लोकापर्ण होना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि विद्या भारती के स्कूल किसी भी आधुनिक स्कूल से पीछे नहीं हैं, उनमें भी सभी प्रकार की सुविधाए दी जा रही हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में निरतंर सुधार कर रही है। शिक्षा के महत्व को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रदेश में सर्वप्रथम नई शिक्षा नीति लागू की। राज्य में पीएमश्री योजना के अंतर्गत 141 पीएमश्री विद्यालय बनाये गये हैं। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय का निर्माण भी किया जा रहा है। प्रदेश के 13 जनपदों के 500 विद्यालयों में वर्चुल्स क्लासरूम की व्यवस्था भी की गई है। क्वालिटी एजुकेशन सुनिश्चित करने के लिए सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों को अनिवार्य किया गया है। विद्यार्थियों को, विज्ञान को बेहतर तरीके से समझाने के लिए राज्य में लैब ऑन व्हील्स अर्थात मोबाइल साइंस लैब की शुरुआत भी की है। राज्य में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तक और कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पाठ्य पुस्तकों के साथ ही जूता और बैग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 20 मॉडल कॉलेज एवं 09 महाविद्यालय की स्थापना करने के साथ ही महिला छात्रावास एवं आईटी लैब सहित परीक्षा भवनों का निर्माण भी किया जा रहा है। स्कूलों के लिए अध्यापकों एवं महाविद्यालयों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर आदि की नियुक्ति भी हो रही है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में करोड़ों रुपए की लागत से स्टेडियम में खेल सुविधाओं का निर्माण करवाया गया है एवं 8 वर्ष की उम्र से ही प्रतिभावान खिलाड़ियों को छात्रवृति दी जा रही है।प्रदेश के आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज के खिलाड़ियों को निशुल्क प्रशिक्षण शिक्षा आवास भोजन व किट आदि भी प्रदान की जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्तर की किसी भी प्रतियोगिता में मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की ऐतिहासिक शुरुआत भी की है। इन सभी प्रयासों का परिणाम है कि हाल ही आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 100 से अधिक मेडल लाकर इतिहास रचा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहनती और प्रतिभावान बच्चों के सपनों पर कोई नकल माफिया हावी नहीं हो सकेगा। राज्य सरकार ने उत्तराखंड में देश का सबसे बड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा पहले के समय में आयोजित होनी वाली परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक होते थे। जिससे प्रदेश के युवाओं का मनोबल टूट रहा था। लेकिन जब से नकल विरोधी कानून प्रदेश में लागू किया है तब से एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। जिसका परिणाम यह है कि 3 वर्षों में लगभग 22 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरी पाने में सफलता प्राप्त की है।मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि सभी मन लगाकर पढ़ाई करें और आगे बढ़े। उन्होंने कहा यह विद्यालय इसी प्रकार भविष्य में भी आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा प्रदान करेगा एवं  विद्यार्थियों में सामाजिक और नैतिक मूल्यों का विकास करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।


इस अवसर पर प्रांत प्रचारक आर.एस.एस उत्तराखंड डॉ शैलेन्द्र, विधायक श्री आदेश चौहान,  प्रधानाचार्य श्री लोकेंद्र अथवाल, प्रबंधक श्री अजय शर्मा आदि ने भी संबोधन में अपने विचार 

*पुराने कुओं के जीर्णोंधार के लिए चलेगा विशेष अभियान – मुख्यमंत्री* 


*सत्यापन के बाद व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा सफाई और रख रखाव का अभियान* 


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दशकों पुराने कुओं का जीर्णोंधार करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए कुओं का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाएगा, साथ ही रख रखाव के जरिए इन्हें फिर से पुनर्जीवित किया जाएगा। 

कुएं प्राचीन काल से गांवों से लेकर शहरों में तक मीठे और साफ पानी के स्रोत रहे हैं, कुंए धार्मिंक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण होते हैं, कई जगह कुंए एतिहासिक घटनाओं के भी गवाह हैं। लेकिन समय के साथ जलापूर्ति की व्यवस्था बदलने से कुंओं का उपयोग घटता चला गया, वर्तमान में कई जगह कुएं अतिक्रमण या उपेक्षा के शिकार हो चुके हैं। लेकिन अब प्रदेश सरकार एक बार फिर कुओं का रख -रखाव करने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बरसात से पहले कुओं की व्यापक सफाई करते हुए, इन्हें पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में भी विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए कुओं की साफ सफाई करते हुए, पुनर्जीवित किया जाएगा। 


*सारा के तहत जलस्रोतों को बचाने का प्रयास*

प्रदेश सरकार गेम चेंजर योजना के तहत स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (सारा) के जरिए, जल स्रोतों के संरक्षण का प्रयास कर रही है। जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत कुल 6350 क्रिटिकल – सूखे जल स्रोतों को चिन्हित करते हुए, पेयजल और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण 929 स्रोतों का उपचार किया जा चुका है। साथ ही मैदानी क्षेत्रों में भूजल रिचार्ज के लिए 297 रिचार्ज शॉफ्ट निर्मित किए जा चुके हैं। गत वर्ष विभिन्न जल संचय और संग्रहण संरचनाओं के निर्माण से 3.21 मिलियन घन मीटर वर्षा जल रिचार्ज किया गया।

*प्रधानमंत्री ने व्यक्त किया आग्रह*

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नौ नवंबर को उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर दिए अपने भाषण में राज्यवासियों से अपने नौलों, धारों को संरक्षित करते हुए, पानी की स्वच्छता के अभियानों को गति देने का आग्रह व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि उत्तराखंड में अपने नौलों धारों को पूजने की परंपरा रही है,प्रदेश सरकार इसी क्रम में कुओं को भी संरक्षित करने का अभियान शुरू करने जा रही है। 


*कुंए हमारी सभ्यता के अहम अंग रहे हैं। शहरों से लेकर गांवों तक कई प्राचीन कुंए हैं। हमारा प्रयास है कि इन्हें फिर प्रयोग में लाया जाए, इससे जल संरक्षण के प्रयासों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्वच्छ जल के प्राकृतिक स्रोत भी संरक्षित हो सकेंगे।* 

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*

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*सरकार ने प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया- सीएम धामी* 

 *राज्य सरकार पर वर्ष 2026 में नंदा देवी यात्रा तथा 2027 में कुम्भ के भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन की बड़ी जिम्मेदारी* - *मुख्यमंत्री* 

 *उत्तराखण्ड में लिए जा रहे निर्णय देश के लिए आदर्श बन रहे* 

 *सख्त नकल विरोधी कानून आने के बाद पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के लगभग 22 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली* 



 *प्रधानमंत्री जी के प्रोत्साहन से राज्य में आदि कैलाश एवं शीतकालीन यात्रा को नई गति मिली* 



 *उत्तराखंड में पलायन की पीड़ा नहीं,  प्रवासियों की गौरवपूर्ण वापसी* 




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार ने प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है।  सरकार की ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ रहे हैं, इसके साथ ही 'हाउस ऑफ हिमालयाज' ब्रांड के माध्यम से हमारे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिल रही हैं। सीएम श्री धामी ने कहा कि ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी पहलों  से राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित  मुख्य सेवक सदन में आयोजित ओहो हिल यात्रा के चौथे संस्करण   "रजत से स्वर्ण की ओर’’  के समापन कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए छात्र-छात्राओं को सम्बोधित कर रहे थे | 

समस्त राज्यवासियों का आह्वाहन करते हुए सीएम श्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष मनाने के साथ ही अपने प्रदेश को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ योगदान दे, तो उत्तराखंड को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती।



सीएम श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हमारी  सरकार द्वारा प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे  क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का तेजी से कार्य किया जा रहा है।  साथ ही ‘लोकल फॉर वोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ के माध्यम से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के प्रोत्साहन से राज्य में आदि कैलाश एवं शीत कालीन यात्रा को नई गति मिली है |  राज्य सरकार पर वर्ष 2026 में नंदा देवी यात्रा तथा 2027 में कुम्भ के भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन की बड़ी जिम्मेदारी है| 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि विभिन्न चुनौतियों के बावजूद विगत 3 वर्षों में हमारे प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनकी गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है। उत्तराखण्ड में लिए जा रहे निर्णय देश के लिए आदर्श बन रहे हैं | 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि यह बड़े गर्व का विषय है कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।साथ ही, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। अभी हाल ही में, हमारे यहां आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 100 से अधिक मेडल लाकर देशभर में 7वा स्थान प्राप्त कर इतिहास रचने में सफलता प्राप्त की है। 



 सीएम श्री धामी ने कहा कि हमने उत्तराखंड में सबसे पहले समान नागरिक सहिंता लागू करके, देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया है। हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया, प्रदेश में पहली बार लैंड जिहाद , लव जिहाद और थूक जेहाद  के खिलाफ कार्रवाई की गई, वहीं रसूखदार भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध भी कठोर कदम उठाने से हम पीछे नहीं हटे।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा है कि सख्त नकल विरोधी कानून के परिणामस्वरूप पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के लगभग 22 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है।


सीएम ने कहा कि आज रोजगार के परिदृश्य तेज़ी से बदल रहे हैं। तकनीकी नवाचार और वैश्विक परिवर्तन के कारण रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और पुराने खत्म हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, साथ ही स्टार्टअप की सहायता हेतु 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की भी व्यवस्था की गई है | हमारा उद्देश्य है कि हमारे युवा केवल नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बनें | उत्तराखंड में पलायन की पीड़ा नहीं, बल्कि प्रवासियों की गौरवपूर्ण वापसी हो, जहाँ हमारे गांव आत्मनिर्भर हों और तकनीकी संसाधनों और आधुनिक सुविधाओं से युक्त हो।  'विकास भी, विरासत भी' के मूलमंत्र के साथ हमारी सांस्कृतिक पहचान और भी समृद्ध बने ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उस पर गर्व करें। हमारी सरकार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है| 



ओहो रेडियो टीम की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ओहो रेडियो प्रत्येक वर्ष "हिल यात्रा" के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, विशेष रूप से स्कूली विद्यार्थियों को ज्ञान और संवाद की श्रृंखला से जोड़कर राष्ट्र और राज्य के भविष्य निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने हेतु प्रेरित कर रहा है।


महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, डायरेक्टर एसओए  श्री रवि भटनागर प्रदेशभर से आए छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षक उपस्थित थे |

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