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 देहरादून :



Cooperative bank profit increased upto250 Cr


उत्तराखंड के 10 जनपदों के जिला सहकारी बैंक  राज्य सहकारी बैंक समेत कुल 11 बैंक 250  करोड रुपए लाभ अर्जित किया है 


 


सहकारिता मंत्री डॉ. रावत ने आज बुधवार को बताया कि, उत्तराखंड राज्य के जिला सहकारी बैंकों ने लाभप्रदता के मामले में उल्लेखनीय प्रगति की है। सहकारी बैंकों  ने इस वित्तीय वर्ष 250 करोड़ रुपये अर्जित किया है।।

वहीं शद्ध लाभ 112.811 से बढ़कर 12328.62 एक सौ तेईस करोड़ 28 लाख हुआ है


 उन्होंने कहा कि, यह प्रभावशाली वित्तीय प्रदर्शन इन वित्तीय संस्थानों को समर्थन देने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई रणनीतियों और पहलों की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

 डॉ रावत ने कहा वर्ष 2017 में उनके द्वारा जब सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी संभाली गई थी तो तब उत्तराखंड के कुछ जनपदों के अधिकतर जिला सहकारी बैंक घाटे में थे आज प्रदेश के सभी जनपदों के बैंक लाभ की स्थिति में है 

वर्तमान में प्रदेश भर में बैंक की 280 शाखाएं लाभ की स्थिति में है,

 सिर्फ 49 बैंक शाखाएं अभी हानि की स्थिति में है इनमें से अधिकतर बैंक शाखाएं कुछ वर्ष पहले ही खुली है ,


2 वर्ष के अंदर यह शाखाएं भी लाभ की स्थिति में आ जाएगी 


डॉ रावत ने बताया कि, जिला सहकारी बैंक राज्य सरकार की नीतियों को लागू करने और ग्रामीणों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन बैंकों के माध्यम से, ग्रामीण आबादी को अपनी आर्थिक स्थिति को बढ़ाने और अपनी आय को दोगुना करने के लिए सशक्त बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि सहकारी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तियों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल रहे हैं, उनकी समग्र समृद्धि और कल्याण में योगदान दे रहे हैं


डॉ. रावत ने विश्वास व्यक्त किया है कि  जिला सहकारी बैंकों का लाभ स्तर निरंतर बढ़ता रहेगा। राज्य में वित्तीय समावेशन और आर्थिक विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता इन सहकारी बैंकों की सफलता से स्पष्ट है। उन्होंने लाभ के लिए पूर्व बैंक बोर्ड, प्रशासक और बैंक अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी की लगन और कड़ी मेहनत का यह प्रमाण है। उनके प्रयासों से न केवल वित्तीय प्रदर्शन में सुधार हुआ है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन के माध्यम से, ये सहकारी बैंक राज्य में सतत आर्थिक विकास और समृद्धि प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 



* कीमत लाख में


जनपद                    सकल लाभ अनुमानित 

देहरादून                   1976.30 

कोटद्वार                    2973. 02 

चमोली                      3003.93 

उत्तरकाशी                  2476.20

हरिद्वार                      795.25

उधम सिंह नगर          2057.72

नैनीताल                   1600.00

टिहरी                       3168.26

पिथौरागढ़                 2165.50

अल्मोड़ा                   1699.01

राज्य सहकारी बैंक    3149.00

         

  कुल सकल लाभ   25064.19






सचिव सहकारिता/प्रशासक राज्य सहकारी बैंक

 श्री दिलीप जावलकर ने बताया

 प्रदेश में जिला सहकारी बैंक, एक राज्य सहकारी बैंक  ग्रामीण क्षेत्रों में प्रगति और विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये बैंक न केवल ग्रामीणों को वित्तीय सेवाएँ प्रदान करते हैं, बल्कि उनकी आजीविका और समग्र कल्याण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएँ और पहल भी प्रदान करते हैं। उत्तराखंड में इन सहकारी बैंकों की सफलता सकल लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि और ग्रामीणों की आय में दोगुनी वृद्धि में स्पष्ट है। उत्तराखंड में जिला सहकारी बैंकों की सफलता के पीछे  माननीय  सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत हैं। उनके नेतृत्व में, इन बैंकों ने ग्रामीणों को उनके आर्थिक प्रयासों में सहायता करने के लिए विभिन्न अभिनव कार्यक्रम और पहल लागू की हैं वर्तमान में माननीय सहकारिता मंत्री जी की पहल पर राज्य सहकारी बैंक में प्रोफेशनल मैनेजिंग डायरेक्टर की नियुक्ति की गई है जिससे अब उत्तराखंड के कोऑपरेटिव बैंकों की दशा और दिशा में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा

इन पहलों के माध्यम से, बैंकों ने न केवल अपने लाभ मार्जिन में वृद्धि की है, बल्कि ग्रामीणों की आय के स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार किया है। दीन दयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना 0% ब्याज ,  सस्ती ऋण सुविधाएँ, बचत विकल्प और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम प्रदान करके, जिला सहकारी बैंकों ने ग्रामीणों को अपने व्यवसाय शुरू करने और उनका विस्तार करने, कृषि में निवेश करने और अपने समग्र वित्तीय कल्याण में सुधार करने के लिए सशक्त बनाया है। इसके परिणामस्वरूप, आय के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

 


केंद्र सरकार ने स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल एक्सपेंडिचर के तहत मंजूर किया बजट 


देहरादून में मल्टीलेबल कार पार्किंग, आढ़त बजार निर्माण सहित कई परियोजनाओं के लिए बजट मंजूर



केंद्र सरकार ने देहरादून और नैनीताल में विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल एक्सपेंडिचर के तहत 164.67 करोड़ मंजूर किए हैं।

केंद्र सरकार की ओर से जिन विकास कार्यों के लिए बजट मंजूर किया गया है। उसमें मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के अधीन रामजीवाला (मियांवाला) में तालाब और पार्क निर्माण के लिए 828.27 लाख रुपए, डिफेंस कॉलोनी में गौरा देवी पार्क निर्माण के लिए 672.57 लाख रुपए, तहसील चौक पर मल्टीलेबल कार पार्किंग और ऑफिस स्पेश बिल्डिंग के लिए 13441.85 लाख रुपए, ऋषिकेश में मल्टीलेबल कार पार्किंग के लिए 12560.70 लाख रुपए, कारगी चौक के पास आढ़त बाजार निर्माण के लिए 12150.38 लाख रुपए, रायपुर के पास मालदेवता रोड पर जलस्रोत सौंदर्यीकरण के लिए 404.85 लाख रुपए, गढ़ी कैंट में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 1215.36 लाख रुपए शामिल है। इसी तरह जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण नैनीताल के अधीन शेर का डांडा में ड्रैनेज और सड़क निर्माण के लिए 1241.59 लाख रुपए और नैनीताल शहर के अंदर सड़क और ड्रैनेज कार्य के लिए 621.10 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।  


बड़ी परियोजनाओं के लिए लगातार केंद्र सरकार का सहयोग मिल रहा है। देहरादून और नैनीताल के लिए प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों के लिए बजट मंजूर करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ओर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी का विशेष आभार।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड 

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 देहरादून:


राज्य के श्रमिकों का हित सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। जिन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए उत्तराखण्ड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन किया गया है, उनको पूरा करने  के लिए स्पष्ट योजना के तहत कार्य किये जाएं।



 योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए उनको एक छत के नीचे लाया जाए, जिससे सभी पात्रों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। श्रमिकों को प्रदान की जा रही योजनाओं का उन्हें समुचित लाभ मिले। राज्य के श्रमिकों को पहले प्राथमिकता में रखा जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि एक प्रकार की योजना को क्लब कर पात्र को अधिकतम लाभान्वित किया जाए, जिससे योजना प्रभावी रहे और नियमित मॉनिटरिंग भी हो सके।  राज्य के संसाधनों का बेहतर उपयोग हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया जाय । श्रमिकों के बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने  और उनको मिलने वाली सुविधाओं से लाभान्वित करने पर भी जोर दिया जाए। श्रमिकों के कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों द्वारा स्पष्ट और सरल भाषा में आम लोगों को जानकारी दी जाय। बैठकों में प्रस्तुत किए जाने वाले  पीपीटी में तीन चीजों का स्पष्ट उल्लेख किया जाए कि अब तक क्या किया है? कोई कार्य नहीं हुआ, तो किस वजह से नहीं हुआ और आगे की क्या योजना है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के सदस्यों ने जो भी सुझाव दिये हैं, उन्हें भविष्य की योजनाओं में शामिल किया जाए। 


बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखंड राज्य से लगभग 30 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं।  इनमें 17 लाख महिला और 13 लाख पुरुष कामगार है। अभी तक 20 लाख श्रमिकों का सत्यापन हो चुका है।  20 लाख सत्यापित कामगारों में 2.5 लाख निर्माण श्रमिक, 17.50 लाख अन्य विभिन्न श्रेणियों के कामगार है। श्रम विभाग द्वारा ई श्रम पोर्टल के 15 पंजीकृत कामगारों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से लाभान्वित किया गया है। जिसमें रुपए 02 लाख दुर्घटना बीमा के रूप में दिया जाता है। पीएम श्रम योगी मानधन योजना में 39 हजार 567 पंजीकृत कामगार है जिसमें 20 हजार 509 महिला और 19 हजार 58 पुरुष कामगार है। 


बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु, प्रमुख सचिव न्याय श्री प्रदीप पंत, सचिव श्री नीतेश झा, श्री सचिन कुर्वे, डा पंकज कुमार पांडेय, श्री बृजेश कुमार संत, श्री वी. षणमुगम, श्री सी रविशंकर, आयुक्त श्रम सुश्री दीप्ति सिंह ,बोर्ड के सदस्य और सबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

: फिट उत्तराखण्ड अभियान के लिए 15 दिन के अन्दर पूरा एक्शन प्लान बनाया जाय। 


खेल, स्वास्थ्य, आयुष, खाद्य, शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मिलकर एक्शन प्लान तैयार करें। राज्य और जिला स्तर पर इसके लिए प्रतिमाह वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाए। ‘ईट राइट बी फिट’ के तहत चीनी, नमक और तेल को थोड़ा कम करने का संदेश आम जन तक पहुंचाया जाए। फिट उत्तराखण्ड अभियान को स्कूल, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के अलावा ग्राम स्तर तक व्यापक स्तर पर किया जाए। स्कूल और महाविद्यालयों में नियमित स्वास्थ्य कैंप लगाये जाएं। ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने फिट इंडिया मूवमेंट के तहत फिट उत्तराखण्ड की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ शरीर के लिए स्वस्थ मस्तिष्क का होना जरूरी है, इसलिए मानसिक रूप से स्वास्थ्य रहने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। राज्य के रजतोत्सव कलेण्डर में फिट उत्तराखण्ड अभियान को भी शामिल किया जाए। खानपान की आदतों, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और शारीरिक गतिविधियों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। ग्राम स्तर तक फिट उत्तराखण्ड अभियान को ले जाने के लिए युवा और महिला मंगल दलों को शामिल किया जाए एवं खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाए। 


खेल विभाग की लीगेसी प्लान की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बने खेल इन्फ्रास्टक्चर का खेलों के लिए नियमित उपयोग किया जाए। राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली आगामी खेल प्रतियोगिताओं के लिए राज्य से प्रतिभावान खिलाड़ी तैयार किये जाएं। स्थानीय युवाओं में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए सतत् स्पोर्ट्स ईको सिस्टम विकसित किया जाय। 


बैठक में जानकारी दी गई  कि राज्य के युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण के लिए विश्वस्तरीय और उच्च गुणवत्ता के प्रशिक्षण सेंटर विकसित किये जा रहे हैं। राज्य में कुल 28 बहुदेशीय हाल, 52 छोटे और बड़े स्टेडियम, 155 प्लेग्राउंड और हॉल, 1 शूटिंग रेंज, 5 एथलेटिक ट्रैक, 1 माउंटेनियरिंग सेंटर, 1 लॉन बॉल ग्राउंड, 5 एस्ट्रो टर्फ्स, 1 वेलोड्रोम,1 एडवेंचर  ट्रेनिंग संस्थान है जिन इन्फ्रास्ट्रक्चर की लीगेसी प्लानिंग की जा रही है।

 

बैठक में मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव श्री शैलेश बगोली, श्री रविनाथ रमन, श्री रंजीत सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक खेल श्री प्रशांत आर्य उपस्थित थे।

 नाम है ‘सचेतक': डीएम का एक और अभिनव प्रयास


राजस्व के लिए जनमानस के संग धोखाधड़ी की नही दी जा सकती है छूटः  सीएम की प्रेरणा*


*भूमि धोखाधड़ी का मुख्य कारण जनमानस को रजिस्ट्री लैण्ड रिकार्ड की पहले से जानकारी न होना-डीएम*


*अब जनमानस को क्लेक्ट्रेट परिसर में स्थापित कियोस्क से मिलेगी निःशुल्क एवं पुख्ता जानकारी*


*रजिस्ट्री करवाने से तुरंत पूर्व सुदृढ़ सशक्त हो हमारे जिले के नागरिक जनमन-डीएम*


*पूर्ण हुआ जन सूचना गैप, भूमि क्रय विक्रय से पूर्व खतौनी, चौहदवी, जियो लोकेशन व वास्तविक स्वामी की जांच की मिली सुविधा*


*लैंड फ्रॉड को न्यून करने का एक अहम प्रयास।*


*रजिस्ट्री ऑफिस के समीप बना राज्य का प्रथम डेडिकेटेट ई-कियोस्क ‘सचेतक’, सामान्य नागरिक ई-रजिस्ट्रेशन वेबसाईट से ले पाएंगे भूमि सम्बन्धी जानकारी, जिलाधिकारी ने किया विधिवत उद्घाटन।*


*डेडिकेटेड कंप्यूटर कियोस्क के माध्यम से टूटेगा बिचौलियों व दलालों की चैन।*


*जनमानस की जागरूकता हेतु रजिस्ट्री से पूर्व किन बिन्दुओं का रखे ध्यान, कार्यालयों पर लगे फ्लैक्स।*

 

देहरादून :

First dedicated registry kiosk  uttarakhand, dehradun DM

जिलाधिकारी सविन बंसल के अभिनव प्रयासों से भूमि फर्जीवाड़ा रोकने और आम जनमानस को भूमि क्रय-विक्रय में फर्जीवाड़े से बचाने के लिए राज्य का प्रथम डेडिकेटेड ई-कम्प्यूटर कियोस्क की शुरूआत हो गई है।


 बुधवार को जिलाधिकारी ने क्लेक्ट्रेट परिसर स्थित रजिस्ट्री आफिस के समीप बने राज्य के प्रथम डेडिकेटेड ई-कियोस्क ‘‘सचेतक’’ का उद्घाटन करते हुए जनता के लिए समर्पित किया।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि जनता दरबार, बहुउद्देशीय शिविर एवं अन्य माध्यमों से भूमि धोखाधड़ी के अधिकांश शिकायतें और मामले सामने आ रहे थे। 

इसका मुख्य कारण भूमि खरीदने वाले लोगों को भूमि के संबंध में पहले से जानकारी नहीं रहती है कि उस भूमि का असली मालिक कौन है?


 परिसंपत्तियों के रिकॉर्ड के लिए राज्य में एक पोर्टल बना है। जिसमें भूमि संबंधी पूरी जानकारी रहती है। आम लोगों को ई-रजिस्ट्रेशन पोर्टल में एक्सिस करने के लिए साधन, सुविधा की कमी रहती है।


 हमारा उद्देश्य आज जनमानस तक सुलभ तरीके से इस सुविधा को पहुंचाना था। इसके लिए रजिस्ट्रार एवं स्टॉप रजिस्ट्रेशन अधिकारियों के साथ इसकी समीक्षा की गई और इसके लिए एक डेडिकेटेड कियोस्क तैयार किया गया है।


 भूमि रजिस्ट्री के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस जाने से पहले भूमि खरीदने वाले वार्यस निःशुल्क इस कियोस्क में भूमि की पुष्टि कर सकते है।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि धोखाधडी संबंधी समस्याओं पर इससे अंकुश लगेगा और यह पोटर्ल वार्यस को सशक्त और सुदृढ़ करने में सहायक साबित होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इस ई-कियोस्क का नाम सचेतक रखा गया है और ‘सचेतक’ ई-कियोस्क के नाम से आज इसे जनहित में लांच किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के भी निर्देश है कि आम जनता के लिए जो भी सुविधाएं है, उनको सुगम बनाया जाए। इसी दिशा में सचेतक ई-कियोस्क को जनहित में लांच किया गया है। ताकि संपत्ति क्रय करने वाले आम जन मानस को धोखाधड़ी से बचाया जा सके।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व बढाना ही नहीं, बल्कि जनमानस को धोखाधड़ी से बचाना भी विभाग की जिम्मेदारी है। जनमानस को जागरूक करने हेतु कलेक्टेªट में विभिन्न स्थानों पर जागरूकता स्लोगन वाले फ्लैक्सी भी लगाए गए है। जिससे जनमानस भूमि क्रय विक्रय करने से पूर्व जानकारी प्राप्त कर सकते है। इस अवसर पर सब रजिस्ट्रार प्रीती मंजली, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कपिल कुमार, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेन्द्र शर्मा सहित स्टाम्प एवं सब रजिस्ट्रार अधिकारी उपस्थित थे। 

डोईवाला:


 मिल बन्दी की तृतीय / अन्तिम सूचना. डोईवाला शुगर कम्पनी लिमिटेड, डोईवाला (देहरादून) द्वारा विभिन्न गन्ना समितियों के माध्यम से गन्ना आपूर्ति करने वाले समस्त कृषकगणों एवं सर्व सम्बन्धित को सूचित किया गया है कि मिल का पेराई सत्र 03 अप्रैल,2025 को समाप्त किया जाना सुनिश्चित हुआ है।

Doiwala sugar mill crushing season 2024-25


जबकि दूसरी और डोईवाला के किसानों द्वारा निदेशक मिल को अपील की गई है कि स्थानीय कृषकों का गन्ना कतिपय कारणों से  मिल तक पंहुचने में देरी हुई है अतः उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाए ।

 मुख्य गन्ना प्रबंधक का कहना है कि विगत कई दिनों से मिल गेट को फ्री करने के पश्चात् भी मिल को प्रतिदिन पराई योग्य पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। 

जिससे यह मान लिया गया है कि  अधिकांश कृषकों के पास गन्ना उपलब्ध नहीं है तथा क्षेत्र बहुत कम मात्रा में गन्ना अवशेष है जिसको मिल हित में अतिशीघ्र आपूर्ति करवाना आवश्यक है। 

 बता दें  कि आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग उत्तराखण्ड द्वारा वर्तमान पेराई सत्र 2024 25 हेतु इस चीनी मिल को मिल गेट के अतिरिक्त 61 वाह्य गन्ना क्रय केन्द्र सुरक्षित / अभ्यर्पित किये गये थे। 

जिसके क्रम में जनपद-देहरादून की डोईवाला समिति के 05, देहरादून समिति के 20 जनपद हरिद्वार की ज्वालापुर समिति के ०६. इकबालपुर ( रूड़की) समिति के 27 लक्सर समिति का 01 व हिमाचल प्रदेश की पांवटा समिति के 02 गन्ना क्रय केन्द्री को संचालित किया गया था।

 मुख्य गन्ना प्रबन्धक ने कहा है कि दिनांक 01.04.2025 में अवगत कराया गया है कि उपरोक्त क्रय केन्द्रों में से गन्ने की अत्यधिक कमी / सम्पूर्ण गन्ना क्रय करने के उपरान्त रूड़की समिति के 27 वाहय गन्ना क्रय केन्द्रों, देहरादून समिति के 13 पौण्टा समिति के 02 डोईवाला समिति के 05 ज्वालापुर समिति के 06 एवं लक्सर समिति का 01 क्रय केन्द्र कुल 54 क्रय केन्द्रों को बन्द कर दिया गया है।


अनुमान है कि संचालित मिल गेट एवं क्रय केन्द्रों पर उपलब्ध अवशेष गन्ने की पेराई चीनी मिल दिनांक 03 04.2025 तक पूर्ण कर लेगी।

अतः  चीनी मिल  प्रशासन ने  कृषकों से अनुरोध किया है कि गन्ना आपूर्ति करने वाले सभी कृषक के पास चीनी मिल को आपूर्ति योग्य जो गन्ना उपलब्ध है, उसकी आपूर्ति चीनी मिल को दिनांक 03.04.2025 तक अनिवार्य रूप से करने का कष्ट करें। 

दिनांक 03.04.2025 के उपरान्त चीनी मिल की पेराई सत्र 2024-25 हेतु अन्तिम रूप से बन्द कर दिया जायेगा |

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में जनहित से जुड़ी योजनाओं और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए योग्य एवं अनुभवी महानुभावों को विभिन्न विभागीय दायित्व सौंपे गए हैं।

CM Dhami gave responsibilities for people work


 इससे प्रदेश में विकास की गति तेज होगी तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी अनुश्रवण संभव होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता को सुशासन और पारदर्शी प्रशासन प्रदान करना है। जिन महानुभावों को दायित्व सौंपे गए हैं, वे अपने अनुभव और कार्यक्षमता के माध्यम से जनसेवा के इस दायित्व को निभाएंगे तथा राज्य की प्रगति में योगदान देंगे। उन्होंने  सभी नव-नियुक्त दायित्वधारकों को शुभकामनाएँ दीं और अपेक्षा व्यक्त की कि वे उत्तराखंड के समग्र विकास में अपना योगदान देंगे।

विभिन्न महानुभावों को विभागीय दायित्व:--

 

इस संबंध में जानकारी देते हुए सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा जिन महानुभावों को दायित्व सौंपे गये हैं उनमें श्री हरक सिंह नेगी जनपद चमोली को उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, सुश्री ऐर्श्वया रावत रूद्रप्रयाग को उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग, श्रीमती गंगा विष्ट जनपद अल्मोडा को उपाध्यक्ष राज्य महिला उद्यमिता परिषद, श्री श्याम अग्रवाल जनपद देहरादून को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड आवास सलाहकार परिषद, श्रीमती शांति मेहरा जनपद नैनीताल को उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, श्री भगवत प्रसाद मकवाना जनपद देहरादून को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड सफाई कर्मचारी आयोग, श्री हेमराज विष्ट जनपद पिथौरागढ को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय खेल परिषद, श्री रामचंन्द्र  गौड जनपद चमोली को अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, श्री पूरन चंद नैलवाल जनपद अल्मोडा को उपाध्यक्ष प्रवासी उत्तराखण्ड परिषद, श्री रामसुन्दर नौटियाल जनपद उत्तरकाशी उपाध्यक्ष भागीरथी नदी घाटी प्राधिकरण, श्रीमती सायरा बानो जनपद ऊधम सिंह नगर उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग, श्रीमती रेनू अधिकारी जनपद नैनीताल को अध्यक्ष राज्य महिला उद्यमिता परिषद, सुश्री रजनी रावत जनपद देहरादून उपाध्यक्ष समाज कल्याण योजनाएं अनुश्रवण समिति, श्री ओम प्रकाश जमदग्नि जनपद हरिद्वार उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड पारिस्थितिकीय पर्यटन सलाहकार परिषद, श्री भूपेश उपाध्याय जनपद बागेश्वर उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड जैविक उत्पाद परिषद, श्री कुलदीप कुमार जनपद देहरादून अध्यक्ष उत्तराखण्ड वन पंचायत सलाहकार परिषद, श्री ऋषि कण्डवाल जनपद पौडी उपाध्यक्ष सिंचाई सलाहकार समिति, श्री वीरेन्द्र दत्त सेमवाल जनपद टिहरी उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड हतकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद, श्री अजय कोठियाल जनपद टिहरी अध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार समिति, श्री श्याम नारायण पाण्डे जनपद नैनीताल उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति का दायित्व सौंपा गया है।


 Fourth navratri 02 april,2025


चैत्र नवरात्रि की पंचमी तिथि को मां दुर्गा के पंचम स्वरूप माता स्कंदमाता की पूजा का विधान है। मान्यता है कि यह मां अपने भक्तों पर स्नेह लुटाती हैं। मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना करने से नकारात्मक शक्तियों दूर होती हैं और कार्यों की विघ्न-बाधा भी खत्म होती है। मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता की पूजा नवरात्रि की पंचमी तिथि पर की जाती है। स्कंदमाता की भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करने व व्रत करने से जातक की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान कार्तिकेय की माता होने के कारण मां दुर्गा के इस स्वूप को स्कंदमाता का नाम मिला। जानें मां स्कंदमाता की पूजा विधि, भोग, मंत्र व आरती। आपको बता दें कि इस साल चैत्र नवरात्रि पर तृतीया तिथि का क्षय होने से नवरात्रि 8 दिन के हैं। चैत्र नवरात्रि की पंचमी तिथि 2 अप्रैल 2025, बुधवार को है।

नवरात्र-पूजन के चौथे दिन कुष्माण्डा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन 'अनाहत' चक्र में अवस्थित होता है। अतः इस दिन उसे अत्यंत पवित्र और अचंचल मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा-उपासना के कार्य में लगना चाहिए।


जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब इन्हीं देवी ने ब्रह्मांड की रचना की थी। अतः ये ही सृष्टि की आदि-स्वरूपा, आदिशक्ति हैं। इनका निवास सूर्यमंडल के भीतर के लोक में है। वहाँ निवास कर सकने की क्षमता और शक्ति केवल इन्हीं में है। इनके शरीर की कांति और प्रभा भी सूर्य के समान ही दैदीप्यमान हैं।


इनके तेज और प्रकाश से दसों दिशाएँ प्रकाशित हो रही हैं। ब्रह्मांड की सभी वस्तुओं और प्राणियों में अवस्थित तेज इन्हीं की छाया है। माँ की आठ भुजाएँ हैं। अतः ये अष्टभुजा देवी के नाम से भी विख्यात हैं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा है। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जपमाला है। इनका वाहन सिंह है। 

  सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥

माँ कूष्माण्डा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक मिट जाते हैं। इनकी भक्ति से आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है। माँ कूष्माण्डा अत्यल्प सेवा और भक्ति से प्रसन्न होने वाली हैं। यदि मनुष्य सच्चे हृदय से इनका शरणागत बन जाए तो फिर उसे अत्यन्त सुगमता से परम पद की प्राप्ति हो सकती है।

विधि-विधान से माँ के भक्ति-मार्ग पर कुछ ही कदम आगे बढ़ने पर भक्त साधक को उनकी कृपा का सूक्ष्म अनुभव होने लगता है। यह दुःख स्वरूप संसार उसके लिए अत्यंत सुखद और सुगम बन जाता है। माँ की उपासना मनुष्य को सहज भाव से भवसागर से पार उतारने के लिए सर्वाधिक सुगम और श्रेयस्कर मार्ग है।

माँ कूष्माण्डा की उपासना मनुष्य को आधियों-व्याधियों से सर्वथा विमुक्त करके उसे सुख, समृद्धि और उन्नति की ओर ले जाने वाली है। अतः अपनी लौकिक, पारलौकिक उन्नति चाहने वालों को इनकी उपासना में सदैव तत्पर रहना चाहिए।चतुर्थी के दिन माँ कूष्मांडा की आराधना की जाती है। इनकी उपासना से सिद्धियों में निधियों को प्राप्त कर समस्त रोग-शोक दूर होकर आयु-यश में वृद्धि होती है। प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में चतुर्थ दिन इसका जाप करना चाहिए।

    या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।'

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