Halloween party ideas 2015

 पुण्य तिथि.......वीरांगना रानी अवंतीबाई ने मृत्यु से पूर्व अंग्रेजों के नाम छोड़ा था पत्र, जिसे पढ़कर हैरान रह गई थी ब्रिटिश हुकूमत

Avanti hai lodhi



मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में जन्मीं रानी अवंतीबाई लोधी भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली वीरांगना थीं। रानी अवंतीबाई के पति राजा विक्रमादित्य बहुत धार्मिक प्रवृत्ति के थे। अत राज्य का संचालन रानी ही करती थीं।

वीरांगना रानी अवंतीबाई ने मृत्यु से पूर्व अंग्रेजों के नाम छोड़ा था पत्र, जिसे पढ़कर हैरान रह गई थी ब्रिटिश हुकूमत

भारत की धरा पर अनेक ऐसे वीर- वीरांगनाओं का जन्म हुआ जिन्होंने सन् 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम से लेकर संपूर्ण स्वाधीनता संघर्ष में अग्रणी भूमिका का निर्वहन किया, किंतु कुछ दरबारी इतिहासकारों की धूर्तता के कारण उनका अमूल्य योगदान आज भी काल के गर्भ में दफन होने को मजबूर है। स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य पर आज आपको अवगत कराते हैं एक ऐसी ही वीरांगना से जिन्होंने उस दौर में अंग्रेजों से लोहा लिया, जब महिलाएं राजनीति से अनभिज्ञ थीं। हम बात कर रहे हैं रानी अवंतीबाई की। इनका जन्म 16 अगस्त, 1831 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के मनकेहणी ग्राम में हुआ था। इनके पिता राव जुझार सिंह 187 गांवों के जमींदार थे। अवंतीबाई की संपूर्ण शिक्षा घर पर ही हुई। घर पर ही उन्होंने तलवारबाजी का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। कम आयु में ही वह युद्ध कौशल में पूर्णरूपेण दक्ष हो गई थीं।

अवंतीबाई का विवाह रामगढ़ के राजा लक्ष्मण सिंह लोधी के पुत्र विक्रमादित्य के साथ संपन्न हुआ। राजा लक्ष्मण सिंह ने रामगढ़ की रियासत तैंतीस साल तक संभाली। वर्ष 1850 में उनका देहावसान हो गया। इसके बाद रामगढ़ रियासत की बागडोर उनके पुत्र विक्रमादित्य ने संभाली, लेकिन विक्रमादित्य का मन राजकाज की अपेक्षा धार्मिक कार्यों में अधिक लगता था। यही कारण था कि राज्य के सारे निर्णय रानी अवंतीबाई ही करती थीं। विक्रमादित्य के पुत्र अमर सिंह एवं शेर सिंह अभी शैशवावस्था में ही थे कि राजा मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गए। अब दोनों पुत्रों और रामगढ़ की संपूर्ण जिम्मेदारी रानी के कंधों पर आ गई। राजा के विक्षिप्त होने की खबर जैसे ही ब्रिटिश अधिकारियों को हुई, उन्होंने कोर्ट आफ वाड्र्स के तहत कार्यवाही करके राज्य का प्रशासन अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया और प्रतिनिधि के रूप में शेख मोहम्मद और मोहम्मद अब्दुल्ला को नियुक्त करके रामगढ़ भेज दिया। अंग्रेजों की राज्य हड़प नीति से रानी भलीभांति परिचित थीं।

अतएव उन्होंने अंग्रेजों के दोनों प्रतिनिधियों को राज्य से बाहर खदेड़ दिया। कुछ समय पश्चात राजा विक्रमादित्य का स्वास्थ्य और खराब हो गया और उनका देहावसान हो गया। अब राज्य का सारा जिम्मा रानी के सिर आ गया था। वहीं दूसरी ओर अंग्रेजों की राज्य हड़प नीति के चलते सतारा, नागपुर और झांसी सहित कई रियासतों का विलय ब्रिटिश साम्राच्य में जबरन कर लिया गया। जब बात रामगढ़ की रियासत पर आयी तो रानी अवंतीबाई ने इस फरमान का पुरजोर विरोध किया। इस कुटिल नीति के विरुद्ध मंडला के गोंड राजा शंकर शाह की अध्यक्षता में आसपास के सभी राजाओं एवं जमीदारों का एक सम्मेलन बुलाकर एकजुट होने का संदेश दिया गया।

इस विराट सम्मेलन के आयोजन हेतु रानी अवंतीबाई को प्रचार-प्रसार का दायित्व मिला। रानी ने अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए पड़ोसी राज्यों के राजाओं एवं जमींदारों को पत्र के साथ कांच की चूडिय़ां भी भिजवाईं और पत्र में लिखा- देश की रक्षा के लिए या तो कमर कस लो या कांच की चूडिय़ां पहन कर बैठो, तुम्हें अपने धर्म-ईमान की सौगंध, जो इस कागज में लिखा पता बैरी को दिया। इस संदेश को जिसने भी पढ़ा वह देश के प्रति अपना सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए तत्पर हो उठा। रानी के आवाहन की गूंज दूर-दूर तक गुंजायमान हुई और तय योजना के अनुसार आसपास के सभी राजा अंग्रेजों के विरुद्ध एकजुट हो गए। वर्ष 1857 का महासमर प्रारंभ हो चुका था। गोंड राजा शंकर शाह ने अंग्रेजों के विरुद्ध क्रांति का उद्घोष किया। वह अंग्रेजों की सेना से बहुत बहादुरी से लड़े, किंतु अंग्रेजों की विशाल सेना के चलते उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

18 सितंबर, 1857 को अंग्रेजों ने राजा शंकर शाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह को तोप में बांधकर आग लगा दी। इन दोनों वीर हुतात्माओं के बलिदान से अन्य राजाओं में आक्रोश की च्वाला और धधक उठी और वे सभी अंग्रेजों के खिलाफ उठ खड़े हुए। रानी अवंतीबाई के नेतृत्व में रामगढ़ के सेनापति ने भुआ बिछिया थाने पर धावा बोलकर उसे अपने अधिकार में ले लिया साथ ही घुघरी क्षेत्र पर भी अपना कब्जा कर लिया। विद्रोह की चिंगारी मंडला और रामगढ़ के संपूर्ण क्षेत्र में फैल गई जिसने अंग्रेज डिप्टी कमिश्नर वाडिंग्टन की नींद उड़ा दी। मंडला के राजा शंकर शाह की वीरगति के पश्चात यहां की रक्षा का दायित्व भी रानी अवंतीबाई ने बखूबी निभाया। 23 नवंबर, 1857 को मंडला की सीमा में स्थित खैरी नामक गांव में रानी और अंग्रेजों के मध्य भयंकर युद्ध हुआ। इस युद्ध में डिप्टी कमिश्नर वाडिंग्टन बुरी तरह परास्त हुआ और उसे मंडला से भागना पड़ा। अब अंग्रेजों ने रानी अवंतीबाई से प्रतिशोध लेने के लिए रीवा के राजा की सहायता से अचानक रामगढ़ पर हमला कर दिया। अंग्रेजों की विशाल सेना का रानी अवंतीबाई ने साहस के साथ मुकाबला किया, किंतु तत्कालीन परिस्थितियों का आकलन करके वह किले से प्रस्थान कर देवहारगढ़ की पहाडिय़ों में जा पहुंचीं।

20 मार्च, 1858 को अंग्रेजों की विशाल सेना से रानी अवंतीबाई ने अपने कुछ सैनिकों के साथ साहस और वीरता के साथ युद्ध किया, लेकिन जब रानी को आभास हुआ कि उनकी मृत्यु निकट है तो उन्होंने रानी दुर्गावती का स्मरण करके अपनी ही तलवार से स्वयं के प्राण मातृभूमि के रक्षार्थ अर्पण कर दिए। कारण, उनका मानना था कि भारतीय स्त्री को जीते जी कोई शत्रु स्पर्श न कर सके। मृत्यु से पूर्व उन्होंने ब्रिटिश अधिकारियों के नाम एक पत्र छोड़ा, जिसमे लिखा था कि इस विद्रोह के लिए मैं जिम्मेदार हूं। मैंने ही सैनिकों को भड़काकर युद्ध के लिए प्रेरित किया। वे स्वयं विद्रोही नहीं बने। रानी के इस पत्र की मंशा यह थी कि उनकी मृत्यु के पश्चात अंग्रेज उनकी प्रजा को भयंकर यातनाएं न दें। धन्य है ऐसी वीरांगना जिसने राष्ट्रहित में अपने प्राणों की आहुति दे दी साथ ही राष्ट्र की मातृशक्तियों को यह संदेश दिया कि विपरीत परिस्थितियों में भी कैसे अपने आत्मबल को जागृत करके अपनी मातृभूमि की रक्षा की जा सकती है। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बने बरगी डैम को रानी अवंतीबाई लोधी का नाम दिया गया है। 20 मार्च, 1988 को भारत सरकार ने रानी अवंतीबाई के नाम एक 60 पैसे का डाक टिकट भी जारी किया था।

 हरिद्वार :

Sita circuit pauri and sati kund haridwar


सांसद और पूर्व सीएम श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से शिष्टाचार भेंट की|


 इस दौरान सांसद द्वारा मंत्री से हरिद्वार में सती कुंड और पौड़ी में सीता सर्किट एवं सीता माता मंदिर, फलस्वाड़ी के विकास से सम्बंधित चर्चा की।


सांसद द्वारा आगामी 29 एवं 30 मार्च 2025 को देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार एवं देवभूमि विकास संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार में सनातन संस्कृति पर आयोजित होने वाली 02 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी हेतु मंत्री जी को आमंत्रित किया गया|

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 22 मार्च से 25 मार्च तक सभी जिला मुख्यालयों में और 24 मार्च से 30 मार्च तक विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर बहुद्देशीय शिविरों का बड़े स्तर पर आयोजन किया जाए।



 जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं का लोगों को लाभ दिया जाए। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आयोजनों में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को शामिल किया जाए। सभी कार्यक्रमों को जन-जन का कार्यक्रम बनाया जाए।


 सरकारी योजनाओं के माध्यम से जिन लोगों ने अपने कार्यक्षेत्र में सराहनीय कार्य किये हैं, उनकी सफलता की गाथाओं को अन्य लोगों को भी बताया जाए। पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, खेती, बागवानी और अन्य क्षेत्रों में राज्य में अच्छा कार्य करने वालों को इन आयोजनों में शामिल किया जाए। समाज के प्रतिष्ठित लोगों, सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों, राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित राज्य के लोगों और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को भी इन कार्यक्रमों में शामिल किया जाए। 


मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही उनका नियमित लाभ भी दिया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में होम स्टे योजना, स्वरोजगार और स्टर्टअप्स को बढ़ावा देने के साथ ही बुनियादी सुविधाओं के विकास, एक जनपद दो उत्पाद योजना, कुटीर और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए और तेजी से कार्य किये जाएं। जिन लोगों ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत अच्छा कार्य कर पलायन को रोकने में योगदान दिया है, उनको प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्द्धन के साथ जल संचय की दिशा में जनपदों में और तेजी से कार्य किये जाएं। 


बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु, श्री आर.मीनाक्षी सुदंरम, सचिव श्री शैलेश बगोली, श्री विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक श्री ए.पी.अंशुमन, उपाध्यक्ष एमडीडीए श्री बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रेंजर्स ग्राउण्ड, देहरादून में कंचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ द्वारा आयोजित इण्डो नेपाल अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला तथा पर्यटन महोत्सव में प्रतिभाग

Nepal international fair, cm dhami

किया।


 इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारत और नेपाल के स्थानीय उत्पादों पर आधारित स्टालों का भी अवलोकन किया। 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह महोत्सव, भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों को बढ़ाएगा। इससे हमारी समृद्ध परंपराओं को संजोए रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में भी योगदान मिलेगा। उन्होंने कहा भारत और नेपाल के बीच सदियों से धार्मिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक और रोटी-बेटी का संबंध रहा है। जब जब प्रभु श्रीराम और माता सीता  को याद किया जाएगा, तब-तब भारत और नेपाल के संबंधों का उल्लेख भी अवश्य होगा। उन्होंने कहा अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के निर्माण में नेपाल की सनातनी जनता की आस्था को भी देखा गया। 



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और नेपाल के संबंध और भी अधिक मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों के साथ ही व्यापारिक संबंधों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा नेपाल और भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उत्तराखंड से लेकर नेपाल तक अनेक पर्यटन और धार्मिक स्थल हैं, जहां आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उत्तराखंड सरकार, उत्तराखंड और नेपाल के बीच व्यापार को सुगम बनाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ की गई नेबरहुड फर्स्ट नीति के अंतर्गत नेपाल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस नीति के माध्यम से दोनों देशों में आर्थिक विकास को गति प्रदान की जा रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से विभिन्न स्तरों पर कनेक्टिविटी, व्यापार, संस्कृति, रक्षा तथा जनसंपर्क को भी निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी द्वारा अयोध्या से जनकपुर के बीच बस सेवा प्रारंभ की गई थी। उन्होंने कहा काली नदी पर प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना के माध्यम से साझा ऊर्जा उत्पादन का भी संकल्प दोनों देशों ने लिया है। जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति होगी, और दोनों देशों की आर्थिकी को भी बल मिलेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार, बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक सड़कों, सुरंगों और पुलों का निर्माण जारी है। इसके अंतर्गत अब तक लगभग 4500 किलोमीटर से भी अधिक सड़कों का निर्माण कार्य संपन्न किया जा चुका है। भारत और नेपाल के बीच धारचूला के छारछुम में मोटर पुल का निर्माण भी गतिमान है। जिससे दोनों देशों के बीच संपर्क और अधिक सुगम होगा।


इस अवसर पर श्री राजेंद्र सिंह रावल (पूर्व मुख्यमंत्री सुदूर पश्चिम प्रदेश, नेपाल ), श्री पीतांबर जोशी (अध्यक्ष कचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ), विधायक श्री खजान दास, श्री दिवान सिंह बिष्ट , श्री विक्रम धामी , श्री प्रकाश रावल, श्रीमती जानकी कुंवर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

 डोईवाला;



अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद डोईवाला द्वारा दिए गए आदेशों के क्रम में नगर पालिका टीम द्वारा डोईवाला नगर के भानियावाला, मिल रोड, रेलवे स्टेशन रोड डोईवाला में सड़क में बढ़ रहे अतिक्रमण को हटाए जाने हेतु विशेष अभियान संचालित किया गया ।

जिसमें निकाय के श्री रविंद्र सिंह पवार कर एवं राजस्व अधीक्षक, श्री सचिन सिंह रावत मुख्य सफाई निरीक्षक, श्री विवेक राणा कर निरीक्षक, श्री शैलेंद्र गोसाई, श्री सुरेंद्र श्री तापस आदि अधिकारी, कर्मचारी एवं पुलिस प्रशासन उपस्थित रहे। अभियान के दौरान ₹4500 का जुर्माना वसूला गया एवं अतिक्रमण संबंधी सामग्री भी जप्त की गई।

 उत्तराखंड आगमन पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कार्यसमिति(सीडब्ल्यूसी) सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल का देहरादून एयरपोर्ट पर कांग्रेस ने किया स्वागत ।


आज उत्तराखंड आगमन पर कांग्रेस सीडब्ल्यूसी सदस्य व कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष के सलाहकार गुरदीप सिंह सप्पल का देहरादून एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया ।

 सप्पल आज शाम 6:00 बजे की फ्लाइट से देहरादून एयरपोर्ट पहुंचे ।

परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने बताया कि आज देहरादून कांग्रेस मुख्यालय में उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक व 21-22 मार्च को देहरादून में कांग्रेस जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभाग करने के लिए सप्पल देहरादून पहुंचे ।

इस दौरान परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल,कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अभिनव थापर, पीसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला,ऋषिकेश एनएसयुआई अध्यक्ष हिमांशु जाटव,कांग्रेस मंडलम अध्य्क्ष तेजपाल सिंह मोंटी,शुभम काम्बोज आदि उपस्थित रहे ।

आज का राशिफल

दिनांक:- 21/03/2025, शुक्रवार

सप्तमी, कृष्ण पक्ष,

चैत्र


Rashifal today 21 march 2025


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 *शीतला सप्तमी (बासोड़ा)


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


बह्वाशी स्वल्पसन्तुष्टः सनिद्रो लघुचेतनः ।

स्वामिभक्तश्च शूरश्च षडेतो श्वानतोगुणाः ।।

।। चा o नी o।।


कुत्ते से ये बाते सीखे १. बहुत भूख हो पर खाने को कुछ ना मिले या कम मिले तो भी संतोष करे. २. गाढ़ी नींद में हो तो भी क्षण में उठ जाए. ३. अपने स्वामी के प्रति बेहिचक इमानदारी रखे ४.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -: पुरुषोत्तमयोग :- अo-15


उत्तमः पुरुषस्त्वन्यः परमात्मेत्युदाहृतः ।,

यो लोकत्रयमाविश्य बिभर्त्यव्यय ईश्वरः ॥,


इन दोनों से उत्तम पुरुष तो अन्य ही है, जो तीनों लोकों में प्रवेश करके सबका धारण-पोषण करता है एवं अविनाशी परमेश्वर और परमात्मा- इस प्रकार कहा गया है॥,17॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

व्यवसाय ठीक चलेगा। पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। व्यय होगा। प्रसन्नता रहेगी। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। परिश्रम का अनुकूल फल मिलेगा। परिजनों के स्वास्थ्य और सुविधाओं की ओर ध्यान दें।


🐂वृष

विवाद से क्लेश होगा। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग परेशान कर सकता है। जोखिम न लें। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता प्राप्ति के योग हैं। सावधानी व सतर्कता से व्यापारिक अनुबंध करें। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा।


👫मिथुन

यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। रोजगार‍ मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ संभव है। जोखिम न लें। धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति जीवन में आनंद का संचार करेगी। कई दिनों से रुका पैसा मिल सकेगा।


🦀कर्क

चोट व रोग से बचें। कानूनी अड़चन दूर होगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। क्रय-विक्रय के कार्यों में लाभ होगा। योजनाएं बनेंगी। उच्च और बौद्धिक वर्ग में विशेष सम्मान प्राप्त होगा। भाइयों से अनबन हो सकती है। अपनी वस्तुएं संभालकर रखें।


🐅सिंह

राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। जायदाद संबंधी समस्या सुलझने के आसार बनेंगे। अनुकूल समाचार मिलेंगे तथा दिन आनंदपूर्वक व्यतीत होगा। नए संबंध लाभदायी सिद्ध होंगे।


🙍‍♀️कन्या

मेहनत का फल मिलेगा। कार्य की प्रशंसा होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। संतान की शिक्षा की चिंता समाप्त होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। महत्व के कार्य को समय पर करें। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा।


⚖️तुला

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम न उठाएं। आज का दिन आपके लिए शुभ रहने की संभावना है। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी। रोजगार के अवसर मिलेंगे। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।


🦂वृश्चिक

मेहनत का फल मिलेगा। योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कर्ज से दूर रहना चाहिए। खर्च में कमी होगी। कानूनी विवादों का निपटारा आपके पक्ष में होने की संभावना है। प्रतिष्ठितजनों से मेल-जोल बढ़ेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।


🏹धनु

कुसंगति से हानि होगी। वाहन मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वाणी प‍र नियंत्रण रखें, जोखिम न लें। परेशानियों का मुकाबला करके भी लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे। व्यापारिक लाभ होगा। संतान के प्रति झुकाव बढ़ेगा। शिक्षा व ज्ञान में वृद्धि होगी।

 

🐊मकर

किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। लाभ होगा। धन संचय की बात बनेगी। परिवार के कार्यों पर ध्यान देना जरूरी है। रुका कार्य होने से प्रसन्नाता होगी। आर्थिक सलाह उपयोगी रहेगी। कर्ज की चिंता कम होगी।


🍯कुंभ

संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। धैर्य एवं शांति से वाद-विवादों से निपट सकेंगे। दुस्साहस न करें। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। स्वयं की प्रतिष्ठा व सम्मान के अनुरूप कार्य हो सकेंगे।


🐟मीन

बुरी खबर मिल सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। थकान रहेगी। व्यापार-व्यवसाय संतोषप्रद रहेगा। आपसी संबंधों को महत्व दें। अल्प परिश्रम से ही लाभ होने की संभावना है। खर्चों में कमी करने का प्रयास करें। अति व्यस्तता रहेगी।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.