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  ग्रामीणो ने उपजिलाधिकारी को सौपा ज्ञापन  


ऋषिकेश  :  

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ग्राम पंचायत खैरी  खुर्द के ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को मिलकर क्षेत्र से वन गुर्जरों को हटाने के लिए ज्ञापन सौंपा। 

ग्रामीणों का कहना है खैरी खुर्द ग्राम पंचायत में ग्राम पंचायत व वन विभाग की भूमि पर कुछ गुर्जर जबरन कब्जा कर रह रहे हैं। वन गुर्जरों के पशुओं के झुंड ग्रामीणों के खेतों में घुस जाते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचाते रहते हैं। वन गुर्जर जंगल जाने के लिए भी बंद रास्तों को खोल देते हैं, जिससे जंगली जानवर भी गांव में घुसते रहते हैं। कई बार बोलने के बावजूद भी इनके पशु गांव की सड़कों पर घूमते रहते हैं जिससे बच्चों व बूढों को आवाजाही में परेशानी होती है।ग्रामीण पशुओं को गांव में लाने पर आपत्ति जताते हैं तो वे गली गलौज व मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इससे पूर्व रेंज अधिकारी मोतीचूर व थाना रायवाला से वन गुर्जरों को खैरी खुर्द से हटाने की मांग की गई थी जिस पर विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस मौके पर सागर रानाकोटी, संदीप चमोली, नीरज, दिवाकर, राहुल, हर्षपति सेमवाल मौजूद  रहे।




*10 दिवस की अवधि के भीतर जनपद सारा कमेटियों की बैठक करते हुए आगामी बैठक में प्रस्तावों और सुझावों सहित उपस्थित होने के दिए  निर्देश*


*जल स्रोतों व जल निकायों के पुनर्जीवन और जल संचय के कार्यों के बेहतर इंप्लीमेंटेशन के लिए केंद्रीय जल संरक्षण बोर्ड, NIH और आईआईटी रुड़की जैसे संस्थानों से भी तकनीकी सहयोग लेने को कहा*


*अभियान में जन भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभागों, शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों, जनप्रतिनिधियों, संबंधित पक्षों और आम जनमानस को क्षमता विकास और कार्यशाला से जोड़ें*


अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में *जल संरक्षण अभियान: कैच द रेन - 2025* की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।



अपर मुख्य  सचिव ने समस्त जनपदों से वित्त वर्ष 2024 - 25 के जल संरक्षण  कार्यों की फीडबैक लेते हुए आगामी- 2025- 26 के कैंपेन की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।


निर्देशित किया कि 10 दिवस की अवधि के भीतर जनपदीय *सारा(स्प्रिंग हैंड एंड रिवर रिजुवनेशन एजेंसी)* कमेटियों की बैठक कर लें तथा आगामी बैठक में प्रस्तावों और सुझावों सहित कार्ययोजना को प्रस्तुत करें।

उन्होंने जल स्रोतों व जल निकायों के पुनर्जीवन और जल संचय के कार्यों के बेहतर इंप्लीमेंटेशन के लिए केंद्रीय जल संरक्षण बोर्ड, NIH और आईआईटी रुड़की जैसे संस्थानों से भी तकनीकी मार्गदर्शन लेने को कहा। 

अभियान में जन भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभागों, शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों, जनप्रतिनिधियों, संबंधित पक्षों और आम जनमानस को क्षमता विकास और कार्यशाला से जोड़ने को कहा ताकि अभियान का बेहतर तरीके से धरातल पर इंप्लीमेंटेशन हो सके।


अपर मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि पूर्व में बनाए गए जल निकायों व अमृत सरोवरों का भी एक बार पुनः सर्वे करें तथा उसमें किसी भी तरह का यदि पुनः सुधार करना अपेक्षित हो तो उसका भी प्रस्ताव बनाना सुनिश्चित करें।  जनपद स्तर के सारा सेंटर को  पुनः एक्टिव करने के भी निर्देश दिए। 


उन्होंने सभी जनपदों को जल संरक्षण और कैच द रेन से संबंधित बड़े प्रोजेक्ट के भी प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।


इस दौरान अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी राज्य स्तर कमेटी नीना ग्रेवाल ने जल संरक्षण अभियान - 2025- 26 की कार्ययोजना प्रस्तुत की।  जिसमें उन्होंने बताया कि इस वर्ष जल संरक्षण अभियान में *धारा मेरा, नौला मेरा, गांव मेरा, प्रयास मेरा*  थीम के साथ जन भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी। कहा कि सुख रहे जल स्रोतों एवं सहायक नदियों, धाराओं का चिन्हीकरण करने के लिए *भगीरथ एप* के माध्यम से आंकड़ों का संग्रहण किया जाएगा।  Q - R कोड से प्रत्येक नागरिक भागीरथ अप के माध्यम से अपने गांव के जल स्रोतों की सूचना भेज सकेगा। जल्द ही इस ऐप को लॉन्च किया जाएगा तथा विभिन्न माध्यमों में इसका व्यापक प्रचार- प्रसार किया जाएगा। पहले चरण में सारा द्वारा प्राथमिकता के आधार पर 2000 जल स्रोतों के जल संरक्षण क्षेत्र की पहचान कर उपचार हेतु शत- प्रतिशत धनराशि कार्यदाई विभागों को उपलब्ध कराई जाएगी। सारा द्वारा कन्वर्जन के माध्यम से 50% धनराशि सहायक नदियों एवं धाराओं के तकनीकी एवं वैज्ञानिक आधार पर उपचार गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा इस वर्ष पंचायती राज विभाग के सहयोग से 200 ग्राम पंचायतों में जलसंसाधन प्रबंधन पर क्षमता विकास कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।  मैदानी क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार हेतु कार्यदाई विभागों द्वारा उपचार कार्यों का चिन्हीकरण कर उपचार गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जाएगा।


इस अवसर पर बैठक में केंद्रीय भूजल बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक प्रशांत राय, उपनिदेशक सारा स्टेट सेंटर N  S बर्फाल, उपनिदेशक यूसीआरआरएफपी(उत्तराखंड क्लाइमेट रेस्पॉन्सिव रेनफेड फार्मिंग प्रोजेक्ट) के उपनिदेशक एस के उपाध्याय,  प्रोजेक्ट संयोजक सुधा तोमर सहित सारा की राज्य स्तर टीम उपस्थित थी।

 श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति 


•बीकेटीसी कर्मियों का प्रसादी बाक्स एवं थैलियों के निर्माण प्रशिक्षण हुआ शुरू 


• सरस्वती जनकल्याण एवं स्वरोजगार संस्थान दे रहा प्रशिक्षण ।


• बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल तथा सरस्वती संस्थान अध्यक्ष ने किया प्रशिक्षण का शुभारंभ 


देहरादून :




।श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मन्दिर समिति ( बीकेटीसी )के तत्वावधान में स्वयंसेवी संस्था सरस्वती जनकल्याण एवं स्वरोजगार संस्थान द्वारा श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति के कर्मचारियों को  प्रसाद के बाक्स तथा थैलियां बनाने का  प्रशिक्षण आज से मंदिर  समिति के चंद्रवदनी मंदिर विश्राम गृह सभागार कारगी चौक देहरादून  में शुरू हो गया है।

बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल तथा सरस्वती  स्वरोजगार संस्थान अध्यक्ष ने प्रशिक्षण का शुभारंभ किया।


बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि  श्री बदरीनाथ तथा केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान का निर्माल्य प्रसाद थैलियों/ बॉक्स आदि में उपलब्ध कराया जाता है। उक्त के कम में प्रसादी थैलियां / बॉक्स आदि का निर्माण मन्दिर समिति के कार्मिकों के माध्यम से कराये जाने हेतु "सरस्वती जन कल्याण एवं स्वरोजगार संस्थान, देहरादून" के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिससे मंदिर समिति कर्मचारी स्वयं मंदिर समिति की जरूरत के अनुसार प्रसादी बाक्स, थैलियों आदि का निर्माण कर सकेंगे।


स्वयंसेवी संस्था सरस्वती जनकल्याण एवं स्वरोजगार संस्थान अध्यक्ष   प्रदीप डोभाल ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उद्योग से कार्य सिद्ध होते है कोई भी संस्था आत्मनिर्भर होने से आगे बढती है ।

संस्था के संरक्षक  एडी डोभाल ने बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की पहल‌ का स्वागत किया।


बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि  बीकेटीसी कर्मियों के उद्यमिता का यह प्रशिक्षण आज शुरू हुआ प्रशिक्षण प्रतिदिन  प्रात: दस बजे से शुरू होकर अपराह्न पांच बजे तक चलेगा तीन सप्ताह  के प्रशिक्षण का  समापन नौ अप्रैल को  होगा। पहली बार  मुख्य कार्याधिकारी के प्रयासों से प्रशिक्षण की पहल हुई है।


सरस्वती स्वरोजगार संस्थान ने मास्टर ट्रेनर रंजना गिरी,खुशबू, एवं  निधि प्रजापति, प्रशिक्षण दे रही है।


इस अवसर पर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, प्रबंधक किशन त्रिवेदी, अस्थायी/ संयुक्त कर्मचारी संघ सचिव राकेश झिंक्वाण सहित  प्रशिक्षणार्थी मंदिर समिति कार्मिक कुलदीप  धर्म्वाण,विनोद फर्स्वाण,  उमेद नेगी,दिनेश कोटियाल नीरज शुक्ला, राहुल,मैखुरी,शिशुपाल बजवाल,प्रीतम बिष्ट, देवी प्रसाद मैदुली, सतीश मैखुरी

गोपाल रावत, सुनील मैखुरी

 सुदीप रावत,कैलाश भट्ट,पिंकी, सविता रावत

विनोद पंवार,प्रमोद  कुंवर,दुर्गेश रावत,राजेन्द्र नेगी, विनोद डिमरी,सन्दीप बजवाल आदि मौजूद रहे।

 मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कृषि पर राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति (  State Level Sanctioning Committee) की बैठक ली





मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं किसान मान धन योजना की कवरेज शत् प्रतिशत सेचुरेशन मोड पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राज्य में रबी की फसल में वर्ष 2024-25 में 32420 किसानों को आच्छादित किया गया तथा 10308.19 हैक्टेयर भूमि कवर हुई है। वर्ष 2025-26 के लिए रबी की फसल में 100000 किसानों को योजना से आच्छादित करने का लक्ष्य है। पीएमएफबीवाई के तहत खरीफ की फसल में वर्ष 2024-25 में 42505 किसानों  तथा 9359.33 हैक्टेयर कृषि भूमि को कवर किया गया।  वर्ष 2025-26 में खरीफ की फसल में 100000 किसानों को बीमा योजना का लाभ देने का लक्ष्य है। 



मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी सचिवालय में कृषि पर राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति (  State Level Sanctioning Committee) की बैठक ले रही थी। 



सीएस श्रीमती रतूड़ी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सौ फीसदी लैण्ड सीडिंग, आधार आधारित भुगतान तथा सभी योग्य किसानों के ई-केवाईसी के लिए विशेष कैम्प लगाकर लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसान मान धन योजना के बारे में अधिकाधिक जानकारी के प्रसार हेतु जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को योजना का लाभ मिल सके। मुख्य सचिव ने 300 एफपीओं की स्थापना एवं प्रोत्साहन तथा एग्रीकल्चरल इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड हेतु ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि किसानों के उत्पादों के बेहतर वैल्यू एडिशन तथा मार्केटिंग के लिए अधिकाधिक किसानों को एफपीओ में शामिल किया जाय। सीएस ने एफपीओ के लिए राज्य स्तरीय पाॅलिसी ड्राफ्ट  का कार्य जल्द पूरा करने भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने एग्रीकल्चरल इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड में प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटी को शामिल करने तथा समुदायों, युवाओं, स्टार्ट अप की विशेषरूप से मदद करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कृषोन्नति योजना, नेशनल फूड सिक्योरिटी एण्ड न्यूट्रिशन मिशन तथा नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल के एक्शन प्लान पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने मिलेट्स की खेती के विस्तार के लिए ठोस कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत साॅयल हेल्थ कार्ड, कृषि मशीनीकरण, एग्रो फाॅरेस्ट्री तथा परम्परागत कृषि विकास योजना के लक्ष्य समयबद्धता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। 



बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत उत्तराखण्ड में कुल 8.89 लाख किसान पंजीकृत है। इस योजना के तहत 3107.34 करोड़ रू0 वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 98 प्रतिशत लैण्ड सीडिंग, 94 प्रतिशत आधार सीड बैंक अकाउंट तथा 98 प्रतिशत ई केवाईसी पूरी की जा चुकी है। राज्य में किसान मान धन योजना के तहत 2152 किसान रजिस्टर्ड हो चुके हैं। उत्तराखण्ड में मसालों, सब्जियों, हल्दी, बासमती, मिलेट्स डेयरी उत्पादों, फूलों से सम्बन्धित 163 एफपीओ स्थापित हो चुके हैं। इसके लिए राज्य में नाबार्ड, नैफेड सहित 7 कार्यदायी एजेंसिया कार्य कर रही हैं। एग्रीकल्चरल इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड में वर्ष 2025-26 में राज्य के लिए 785 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत अभी तक 930 आवेदन तथा 1276.03 करोड़ के प्रस्ताव जमा हो चुके हैं। जिसमें से 449 आवेदन, 530.69 करोड़ रूपये अनुमोदित हो चुके हैं। 




बैठक में सचिव श्री एस एन पाण्डेय, श्री रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव श्री हिमांशु खुराना, श्री विनीत कुमार सहित कृषि, वित्त, नियोजन के अपर सचिव एवं जिलों से मुख्य कृषि अधिकारी मौजूद रहे।

 

देहरादून:






धामी सरकार ने आगामी चारधाम यात्रा, हेमकुंड साहिब यात्रा और पर्यटन सीजन के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए व्यापक अभियान शुरू किया है। 


खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डा० आर० राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देश पर यात्रियों और आम जनता को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य पदार्थों की सघन जांच, मिलावट पर सख्ती और स्वच्छता अभियान को तेज कर दिया गया है। इसको लेकर अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है।



*खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती और सख्त जांच*


राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा और पर्यटन स्थलों पर खाद्य सुरक्षा को बनाए रखने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है। हरिद्वार, नैनीताल, देहरादून, टिहरी, ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों में स्थायी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ जैसे जिलों में अन्य जिलों से अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। यात्रा मार्गों और प्रमुख तीर्थस्थलों के होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, मिठाई विक्रेताओं और खाद्य विक्रेताओं की नियमित जांच होगी। फूड सेफ्टी टीमों को हाईवे और यात्रा मार्गों पर मोबाइल टेस्टिंग लैब के माध्यम से तैनात किया जाएगा। आयुक्त डा० आर० राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि "यात्रियों को किसी भी हाल में अस्वच्छ और मिलावटी खाद्य पदार्थ नहीं परोसे जाने देंगे। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।"


*मिलावट पर कड़ी कार्रवाई और गुणवत्ता की सख्त जांच*


दुग्ध उत्पाद, मसाले, तेल, आटा, मैदा, मिठाई, शीतल पेय और पैक्ड फूड जैसे उत्पादों की प्रयोगशाला जांच होगी। मिलावट पाए जाने पर FSSAI एक्ट 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई होगी।बिना लाइसेंस और पंजीकरण के खाद्य व्यापार करने वालों पर सीधी कार्रवाई होगी। खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।

आयुक्त ने कहा, "हमारी प्राथमिकता यात्रियों और श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"


*ग्रीन यात्रा और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा*


पर्यटन और चारधाम यात्रा के दौरान पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं।Single-use plastic (एकल उपयोग वाली प्लास्टिक) पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। यात्रा मार्गों पर गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन अनिवार्य किए जाएंगे। होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में कचरा प्रबंधन के कड़े नियम लागू होंगे। RUCO (Re-Purpose of Used Cooking Oil) अभियान के तहत उपयोग किए गए खाद्य तेल को पुनर्चक्रित किया जाएगा।



*जागरूकता अभियान और सख्त दिशा-निर्देश*


यात्रियों को FSSAI लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदने की अपील की गई है। अस्वच्छ या संदिग्ध खाद्य पदार्थ की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 18001804246 पर की जा सकती है। खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। मिलावटी और खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।आयुक्त डा० आर० राजेश कुमार ने सभी यात्रियों और स्थानीय निवासियों से अपील करते हुए कहा, "सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य पदार्थों का ही सेवन करें। किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की जानकारी तत्काल हेल्पलाइन पर दें ताकि कार्रवाई की जा सके।"


*सख्त नियमों के तहत कार्रवाई*


बिना लाइसेंस के खाद्य व्यापार करने वालों पर चालान और प्रतिष्ठान सील किए जाएंगे। मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाला भोजन बेचने पर FSSAI एक्ट 2006 के तहत कड़ी सजा दी जाएगी। अस्वच्छ वातावरण में खाद्य निर्माण और बिक्री करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।



*सरकार की अपील–सुरक्षित यात्रा, स्वच्छ यात्रा*


राज्य सरकार और खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने  सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से स्वस्थ, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों के सेवन की अपील की है। आयुक्त डा० आर० राजेश कुमार ने कहा, "हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान किसी भी यात्री को खाद्य सुरक्षा संबंधी कोई असुविधा न हो। आम जनता की सतर्कता और सहयोग से ही हम इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।"

देहरादून 
Meeting of congress senior leaders and MLA



आज उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागणों एवं कांग्रेस विधायकगणों की महत्वपूर्ण बैठक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री करन माहरा की अध्यक्षता में प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में नेता प्रतिपक्ष श्री यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं केन्द्रीय चुनाव समिति (सीईसी) सदस्य श्री प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं कंाग्रेस कार्यसमिति (सीडब्लूसी) के सदस्य गणेश गोदियाल, कंाग्रेस कार्यसमिति (सीडब्लूसी) के सदस्य श्री गुरदीप सिंह सप्पल, एआईसीसी सचिव एवं सहप्रभारी श्री सुरेन्द्र शर्मा, एआईसीसी सचिव काजी निजामुद्दीन, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व मंत्री डॉ0 हरक सिंह रावत, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, महेन्द्र सिह पाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल, पूर्व मंत्री नवप्रभात, विधायक तिलकराज बेहड़, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष रणजीत सिंह रावत, पूर्व मंत्री हीरा ंिसह बिष्ट, विधायक विक्रम सिंह नेगी, मदन सिंह बिष्ट, हरीश धामी, मनोज तिवारी, आदेश चौहान, ममता राकेश, फुरकान अहमद, अनुपमा रावत, विरेन्द्र जाति, रवि बहादुर, लखपत सिंह बुटोला, पूर्व विधायक जोत ंिसह गुनसोला एवं लोकसभा प्रत्याशी विरेन्द्र रावत एवं आर्येन्द्र शर्मा उपस्थित थे।
बैठक में कंाग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेशभर में चलाये जा रहे ‘‘मेरा वोट मेरा अधिकार’’ कार्यक्रम की समीक्षा के साथ ही आगामी छः माह के कार्यक्रमों की रूप रेखा पर विचार विमर्श किया गया। पार्टी नेताओं ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी उत्तराखंड प्रदेश में आगामी समय में भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ गढ़वाल मंडल एवं कुमाऊं मंडल में दो बडी रैलियों का आयोजन करेगी। उन्होंने कहा कि आज सत्ताधारी भाजपा संविधान द्वारा जनता को दिये गये वोट के अधिकार से वंचित कर ऐन-केन-प्रकारेण चुनाव जीतना चाहती है कांग्रेस पार्टी द्वारा भाजपा के इस षडयंत्र का पर्दाफाश किया जायेगा।
प्रदेश अध्यक्ष श्री करन माहरा ने बैठक में यह भी जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 21 एवं 22 मार्च को पार्टी के जिला एवं महानगर अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है जिसमें संगठन की मजबूती तथा जनता को संविधान द्वारा प्रदत्त अपने अधिकारों एवं जनहित के मुद्दों के प्रति जागरूक करने के लिए जिला एवं महानगर अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। साथ ही भाजपा की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आगामी छः महीने तक लगातार पूरे प्रदेश में एक अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन द्वारा प्रदेशभर के हर पोलिंग बूथ से 20 ऐसे मतदाताओं की सूची तैयार की जा रही है जिनके वोट इन निकाय चुनावों और केदारनाथ उपचुनाव में काटे गये हैं और बाहरी लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े गये हैं। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग के अध्यक्ष श्री सचिन राव की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में सहंशाही रिसार्ट राजपुर में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार की पिछले तीन वर्ष की प्रमुख उपलब्धियां, भ्रष्टाचार, बलात्कार और बेरोजगारी प्रमुख रही हैं। कांग्रेस पार्टी एकजुट होकर राज्य की भाजपा सरकार की तीन साल की हर मोर्चे पर विफलताओं को जनता के बीच प्रमुखता से उजागर करेगी।
सीडब्लूसी सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि आज देश और प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई एवं भ्रष्टाचार अपने चरम पर है तथा भाजपा साम्प्रदायिक मुद्दों की ओर जनता का ध्यान भटका रही है। कांग्रेस पार्टी भाजपा की इस जन विरोधी नीतियों का जनता के बीच जाकर पर्दाफाश करेगी। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड राज्य में सरकारी भ्रष्टाचार में आम जनता की गाढी कमाई का पैसा भाजपा सरकार के मंत्रियों के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा के राज में बेटियां सबसे अधिक असुरक्षित भाजपा के नेताओं से हैं, आम जनता भाजपा के नेताओं से बेटी बचाओ के लिए संघर्ष कर रही है। आगामी कुछ माह में कांग्रेस पार्टी एक चरणबद्ध तरीके से भाजपा की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतर कर संघर्ष करेगी।
बैठक में उपस्थित सभी वरिष्ठ नेताओं ने संगठन की मजबूती तथा पार्टी द्वारा आगामी समय में चलाये जाने वाले कार्यक्रमों एवं जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने-अपने सुझाव दिये। विधायकों द्वारा सदन में उठाये गये मुद्दों तथा सदन में सरकार पर बनाये गये दबाव की जानकारी साझा की तथा आने वाले समय में संगठन द्वारा उठाये जाने वाले मुद्दों पर अपने सुझाव दिये।


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 राज्य के प्राकृतिक जल स्रोतों के संवर्द्धन के लिए मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश।

3 years of BJP


मुख्यमंत्री ने वर्तमान सरकार के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष्य में दिल्ली से वर्चुअल बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि 22 से 25 मार्च तक प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इन आयोजनों में जनता के जुड़ाव के लिए भी प्रभावी पहल की जाए। 23 मार्च को सेवा दिवस के रूप में मनाया जाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के तीन साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकासखण्ड स्तर तक बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाए। स्वास्थ्य शिविर लगाये जाएं। जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। जन सरारेकारों से जुड़े कार्यों में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि वे अभी दिल्ली प्रवास पर हैं, लेकिन उनका मन हर पल राज्य के विकास के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि सरकार के तीन साल के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में समाज के हर वर्ग  और क्षेत्र के लोगों को जोड़ा जाए। विभिन्न क्षेत्रों में सरानीय कार्य करने वालों की सफलताओं की कहानियां आम लोगों तक पहुंचाई जाए।


 मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तीन साल के कालखण्ड में राज्य की जनभावनाओं के अनुरूप विकास के कई प्रतिमान स्थापित किये गये हैं। कई ऐसे निर्णय लिये गये हैं, जो राज्यहित के लिए नितान्त जरूरी हैं। समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी जैसे ऐतिहासिक कानून लागू किये गये, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर राज्य को अलग पहचान मिली है। राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए पहली बार राज्य का बजट 01 लाख करोड़ के पार पहुंचा है। 


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के प्राकृतिक जल स्रोतों के संवर्द्धन के साथ ही चाल-खाल, कुओं, गाड-गदेरों के पुनर्जीवीकरण के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास किये जाएं। आगामी ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत प्रदेशभर में पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये।  


बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय श्री प्रदीप पंत, प्रमुख सचिव श्री एल.फैनई, श्री आर.मीनाक्षी सुदंरम, डीजीपी श्री दीपम सेठ, सचिवगण, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन श्री विनय रोहिला, प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु, आर.सी श्री अजय मिश्रा एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।


सीएम हेल्पलाइन 1905 में समय पर समस्याओं का निवारण न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए - मुख्यमंत्री*


*जन समस्याओं का त्वरित समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है - मुख्यमंत्री*


सीएम हेल्पलाइन 1905 में समय पर समस्याओं का निवारण न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। जिन अधिकारियों के स्तर पर अधिक शिकायतें लंबित हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और लापरवाही बरते जाने की स्थिति में सख्त कार्रवाई भी की जाए। सभी विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि कार्मिकों की सेवानिवृत्ति के बाद एक माह के अन्दर उनके सभी देयकों का भुगतान हो जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री ने बुधवार को नई दिल्ली से सीएम हेल्पलाइन 1905 की वर्चुअल समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिये। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जन मानस की है। जन समस्याओं का त्वरित समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। राजस्व विभाग, वन विभाग और शिक्षा विभाग में जन शिकायतों के समाधान में हो रही लेट लतीफी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि अधिक समय तक लंबित प्रकरणों के मामले में संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लिया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये है कि राजस्व विभाग से सबंधित सभी मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। जिन क्षेत्रों में अधिक शिकायते प्राप्त हो रही हैं, उसका कारण जानने के साथ ही उचित समाधान के लिए आगे की योजना बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि सभी सुनिश्चित करें कि जिन समस्याओं का समाधान जिस स्तर पर हो सकता हैं, वहीं समाधान किया जाए। अनावश्यक रूप से शिकायत उच्च स्तर पर आने पर उन अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए, जो अपने स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने वाले अधिकारियों को सम्मानित भी किया जाए। पेयजल से सबंधित अधिक शिकायते प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी प्रयास किये जाएं। आगामी ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत भी प्रदेश में पेयजल की सुचारू आपूर्ति के लिए पूरी व्यवस्था की जाए। 180 दिन से अधिक समय से लंबित मामलों पर विशेष अभियान चलाकर उनका निस्तारण करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को दिये हैं। 


*सीएम हेल्पलाइन पर मुख्यमंत्री ने सुनी जन समस्याएं*


मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर 05 लोगों की समस्याएं सुनी और उनका यथाशीघ्र समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। 


उत्तरकाशी की लक्ष्मी देवी ने कहा कि उनके पिता शिक्षा विभाग में कार्यरत थे पिता की मृत्यु के पश्चात् उनकी माता को पेंशन मिलती है। वे पूर्णत अपनी माता पर आश्रित है, शासनादेश अनुसार प्रार्थिनी ने पारिवारिक पेंशन हेतु नॉमिनी बनाये जाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को सभी औपचारिकता पूर्ण कर अपर निदेशक पौड़ी को कार्यवाही हेतु प्रेषित किया, उनके स्तर पर प्रकरण लंबित है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को तीन दिन के अन्दर लक्ष्मी देवी की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिये हैं। 


रूद्रप्रयाग के जगदम्बा प्रसाद नौटियाल ने कहा उनके द्वारा मेडिकल के बिल के लिए आवेदन किया गया था पर शिक्षा विभाग के द्वारा उन्हें पूर्ण रूप से भुगतान नहीं किया गया। विभाग को इसकी सूचना दिये जाने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिये कि इस प्रकरण का शीघ्र परीक्षण कर समाधान किया जाए और जिम्मेदार अधिकारी को कारण बताओ नोटिस दिया जाए।


नैनीताल के बहादुर सिंह बिष्ट ने बताया कि 31 दिसम्बर 2023 को सहायक विकास अधिकारी के पद से उद्यान विभाग से रिटायर्ड होने के बाद अभी तक उन्हें 10 प्रतिशत जीपीएफ का पैसा नही मिल पाया है।  मुख्यमंत्री ने उद्यान और वित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि बहादुर सिंह बिष्ट के जीपीएफ की अवशेष धनराशि शीघ्र उनको दी जाए। उन्होंने कहा कि कार्मिकों को समय पर उनके अधिकार की धनराशि मिले, यह सबंधित विभागों का कर्तव्य है।   


बागेश्वर के जगदीश कार्की ने कहा कि वर्ष 2019 में उनके द्वारा प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना के अंतर्गत टेंट हाउस के लिए लोन लिया था, लेकिन उद्योग विभाग द्वारा अभी तक सब्सिडी नहीं दी गई है। बैंक द्वारा लगातार किस्ते काटी जा रही है, जिस वजह से समस्या हो रही है।  मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी बागेश्वर को एक सप्ताह में जगदीश कार्की  को सब्सिडी दिलवाने के निर्देश दिये हैं।

 

देहरादून के विराट ने कहा कि भू माफिया द्वारा अवैध खनन एवं पेड़ों का कटान किया जा रहा है, जिससे प्रकृति को बहुत नुक्सान हो रहा है, एवं अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। भूमाफियाओं द्वारा उनको धमकी भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग को इस प्रकरण पर शीघ्र कार्यवाही करने और एसएसपी देहरादून को धमकी देने वालों पर कारवाई करने के निर्देश दिये हैं।


बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय श्री प्रदीप पंत, प्रमुख सचिव श्री एल.फैनई, श्री आर.मीनाक्षी सुदंरम, डीजीपी श्री दीपम सेठ, सचिवगण, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन श्री विनय रोहिला, प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु, आर.सी श्री अजय मिश्रा एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

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