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Mana rescue operation complete, 08l died


चमोली जिले के माणा क्षेत्र में 28 फरवरी को हुए हिमस्खलन में फंसे श्रमिकों के लिए चलाया गया सर्च और रेस्क्यू अभियान पूरा हो चुका है। इस आपदा में कुल 54 श्रमिक प्रभावित हुए, जिनमें से 46 को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दुर्भाग्यवश 8 श्रमिकों की मृत्यु हो गई।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीआरओ, पुलिस, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अदम्य साहस और समर्पण का परिचय दिया।विपरीत परिस्थितियों में सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाकर 46 जिंदगियां बचाई गईं। दुर्भाग्यवश 8 लोगों को नहीं बचा पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह लगातार पूरे ऑपरेशन की जानकारी लेते रहे। 


मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू अभियान में सेना, आई.टी.बी.पी., बी०आर०ओ०., राज्य आपदा प्रबंधन विभाग, एन०डी०आर०एफ, एस०डी०आर०एफ, जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, वायु सेना, यूकाडा, अग्निशमन विभाग, खाद्य विभाग, बी०एस०एन०एल०, ऊर्जा, अग्निशमन विभाग द्वारा प्रदान की गई महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए उनके योगदान की सराहना की है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल में भर्ती घायल श्रमिकों की चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। सरकार पूरी तरह प्रभावितों के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। मृतक श्रमिकों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। 


मुख्यमंत्री ने भविष्य में इस तरह के घटनाओं में नुकसान कम से कम हो इसके लिए हिमस्खलनों के निगरानी का तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं।


*घटनाक्रम* 


दिनांक 28.02.2025 को समय प्रातः 8:30 बजे लगभग तहसील- जोशीमठ के अंतर्गत माणा गेट बी०आर०ओ० कैम्प के समीप बी०आर०ओ० के गजदूर कार्य कर रहे थे, इस दौरान हिमस्खलन होने से मजदूर फंस गये थे। पूर्व में श्रमिकों की संख्या 55 बताई गई थी। दूरभाष पर संपर्क करने पर ज्ञात हुआ है कि पूर्व से ही एक श्रमिक बिना बताये अपने घर चला गया था। इस प्रकार प्रभावित/फंसे श्रमिकों की कुल वास्तवित संख्या 54 है। क्षति का विवरण निम्नवत् है-


हिमस्खलन में फंसे कुल मजदूर (सिविलियन) -54


सुरक्षित 46


मृतक श्रमिक 08



जोशीमठ में उपचाराधीन श्रमिक -44 • एम्स ऋषिकेश में उपचाराधीन श्रमिक-02 


*युद्धस्तर पर संचालित किये गये राहत एवं बचाव कार्य*


• आज दिनांक 02.03.2025 को खोज एवं बचाव दलों द्वारा वृहद स्तर पर रेस्क्यू अभियान संचालित किया गया। इस दौरान 04 श्रमिकों के शव बरामद हुए।04 श्रमिकों के शव विगत् दिवस बरामद हुए थे। इस प्रकार कुल 08 श्रमिकों के शव बरामद किये जा चुके हैं।


बदरीनाथ/माणा से सुरक्षित रेस्क्यू किये गए 46 श्रमिकों में से 44 श्रमिकों को ज्योतिर्मठ स्थित सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति सामान्य बतायी गयी है। उनके उपचार की समुचित व्यवस्था की गयी है तथा उनकी जरूरतों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।


02 श्रमिकों का उपचार एम्स ऋषिकेश में किया जा रहा है। एम्स प्रशासन के अनुसार उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है।


07 मृतक श्रमिकों का रविवार को पोस्टमार्टम कर उनके पार्थिव शरीर को उनके घर रवाना कर दिया है।


*अभियान में प्रयुक्त तकनीक और संसाधन*

रेस्क्यू अभियान को गति देने के लिए आज दिनांक 02.03.2025 को GPR (Ground Penetrating radar) जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंची, जिसे एम०आई०-17 हैलीकाप्टर द्वारा घटना स्थल के लिए भेजा गया । एन०डी०आर०एफ० द्वारा थर्मल इमेजिंग कैमरा, विक्टिम लोकेटिंग कैमरा, RRSAW (ROTARY RESCUE SAW), एवलांच रॉड, डॉग स्क्वाड को घटना स्थल पर भेजा गया तथा इनके माध्यम से व्यापक स्तर पर रैस्क्यू अभियान संचालित किया गया। एस०डी०आर०एफ० तथा यू०एस०डी०एम०ए० द्वारा थर्मल इमेजिंग कैमरा, विक्टिम लोकेटिंग कैमरा भी मौके पर भेजे गए तथा इनके द्वारा भी लापता श्रमिकों की खोज की गयी। 

वायु सेवा का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर, तीन चीता हेलीकॉप्टर, उत्तराखण्ड सरकार के 02 हेलीकॉप्टर, एम्स ऋषिकेश से एक एयर एंबुलेंस द्वारा राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया गया।


*प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने रखी नजर*

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पूरे ऑपरेशन पर नजर बनाए रखी। उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर सारी जानकारी ली और केंद्र से हर प्रकार की सहायता के प्रति आश्वस्त किया। पीएमओ और गृह मंत्रालय का राज्य सरकार से लगातार समन्वय रहा। 


*सीएम पुष्कर सिंह धामी खुद गए ग्राउंड जीरो पर, आपदा कंट्रोल रूम से लगातार की मॉनिटरिंग*


पूरे सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने लगातार नजर बनाए रखी।मुख्यमंत्री द्वारा इस रेस्क्यू अभियान के दौरान चार बार एस०ई०ओ०सी० पहुंचकर खोज एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की गयी। वे ज्योर्तिमठ भी गए और सर्च और रेस्क्यू कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने पूरे क्षेत्र का हवाई निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री के निर्देशन में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सभी के साथ समुचित समन्वय किया गया, लगातार राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से नियमित तौर पर पूरे घटनाक्रम की निगरानी की गई तथा सभी विभागों के आपसी समन्वय से युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य किया गया।गंभीर रूप से घायल श्रनिकों के उपचार का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।



बरेली में होली पर जिहादियों द्वारा हमला करने, जान से मारने और यहां तक कि खून की होली खेलने की बात करने पर विहिप ने सवालिया निशान खड़े किए है,और चेतावनी दी है कि 

हिंदू समाज को बहिष्कार के लिए विवश ना करें

 उन्होंने कहा है कि बरेली मामले में तो चारों ओर सन्नाटा है, किंतु जब ऐसी मानसिकता से बचने हेतु मथुरा वृंदावन में होली पर हिंदुओं द्वारा जिहादियों के बहिष्कार की बात आती है तो ये सारे चिल्ला पड़ते हैं। उनको संविधान स्मरण हो आता है।

मुस्लिम बहुल बस्तियों के सामने या मस्जिद-मदरसे के सामने से होली खेलते हुए कोई टोली निकल जाए तो पत्थर बाजी, हिंसा, आगजनी को अंजाम दिया जाता है।

आप होली के रंग गुलाल हिंदुओं को बेचो तो कोई बात नहीं किंतु वही रंग गलती से भी यदि आपके ऊपर, आपके घर, द्वार, मस्जिद मदरसे की दीवार को छू भी जाए तो उपद्रव हमले और मारकाट। आखिर क्यों? ये दोहरे मापदंड आखिर कब तक अपनाए जाते रहेंगे  

हिंदू समाज को भी ऐसी जिहादी मानसिकता को पहचान कर उसके पूर्ण बहिष्कार के लिए आगे बढ़ना ही होगा और साथ ही मुस्लिम नेतृत्व को भी अपने कट्टरपंथी मानसिकता पर लगाम लगानी होगी। अन्यथा, जैसे महाकुंभ में हिंदू शक्ति ने एकजुटता दिखाई और जिहादियों का पूर्ण बहिष्कार किया, शेष आयोजनों में भी हिंदू समाज ऐसा करने को मजबूर होगा, जो वास्तव में सामान्य तौर पर ना तो हिंदू का स्वभाव है और ना ही यह उनके हित में है।

शांति से रहें, विवश ना करें।

एक ओर हिंदू घरों, मंदिरों, आस्था केन्द्रों व सार्वजनिक स्थलों पर अनधिकृत कब्जे, तो वहीं महिला उत्पीड़न, लैंड जिहाद व जनसंख्या जिहाद के माध्यम से हिंदुओं को पलायन को विवश करने के षड्यंत्र है।

 @Uppolice @dmbareilly व @CMOfficeUP द्वारा गहन जांच व जिहादी मानसिकता के मर्दन हेतु कठोर कार्यवाही आवश्यक है।


https://x.com/vinod_bansal/status/1896111291925749875?t=1uk2SDg64nlNWd5kOfyksw&s=19

 

ज्योतिर्मठ स्थिति सेना के अस्पताल में 44 श्रमिकों का इलाज चल रहा है, जबकि 2 को ऋषिकेश  एम्स रेफर किया गया है।


  44 श्रमिकों में  सभी खतरे से बाहर है। उपचार ले रहे श्रमिकों में पिथौरागढ़ के रहने वाले गणेश कुमार ने बताया कि मुझे तो बचने की उम्मीद ही नहीं थी लेकिन सरकार के रेस्क्यू अभियान के कारण आज मैं बिल्कुल सुरक्षित हू। 


इसी क्रम में उत्तरकाशी के रहने वाले  मनोज भंडारी ने रेस्क्यू अभियान की प्रशंसा की। भारतीय सेना और प्रशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने मुश्किल समय में सरकार ने हमारी बहुत मदद की ।

सेना अस्पताल मे ही  उपचार करवा रहे मुरादाबाद के विजयपाल ने बताया कि 28 फरवरी को जब ग्लेशियर से हमारे कंटेनर पर गिरा तो हम घबरा गए लेकिन आर्मी कैंप में हमें सेना ने सुरक्षित रात भर रखा और अगले दिन रेस्क्यू अभियान में हमें सेना के अस्पताल ज्योतिर्मठ में सुरक्षित लाया गया।


इस प्रकार घटना के बाद चलाए गए रेस्क्यू अभियान की घायलों ने सराहना की। सेना के अस्पताल में भर्ती श्रमवीरों ने कहा भारतीय सेना,आई. टी.बी.पी, वायुसेना , एन.डी.आर. एफ, एस.डी.आर.एफ और जिला प्रशासन की ओर से तेजी से चलाए गए रेस्क्यू अभियान के कारण ही वे सुरक्षित हैं। उन्होंने रेस्क्यू अभियान को लेकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सहित रेस्क्यू में जुटी पूरी टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि लापता श्रमिकों की तलाश के लिए सर्च एवं रेस्क्यू के लिए आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है। आज दिनांक 02.03.2025 को GPR (Ground Penetrating Radar) जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंची, जिसे एम0आई0-17 हैलीकाप्टर द्वारा घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। इसके अतिरिक्त एन0डी0आर0एफ0 द्वारा थर्मल-इमेजिंग कैमरा, विक्टिम लोकेटिंग कैमरा, RRSAW (ROTARY RESCUE SAW), एवलांच रॉड, डॉग स्क्वाड को घटना स्थल पर भेजा जा चुका है तथा इनके माध्यम से व्यापक स्तर पर रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर एस0डी0आर0एफ0 तथा यू0एस0डी0एम0ए0 द्वारा थर्मल-इमेजिंग कैमरा, विक्टिम लोकेटिंग कैमरा भी मौके पर भेज दिया गया है तथा इनके द्वारा भी लापता 04 श्रमिकों खोज की जा रही है।




आगामी 3 मार्च को मौसम के हायर अलर्ट को देखते हुए ऊंचाई वाले स्थानों पर रहने वाले लोगों को सूचित करने तथा जिला प्रशासन को आवश्यकतानुसार पूर्व तैयारी के दिए निर्देश


माणा रेस्क्यू अभियान में रेस्क्यू किए गए श्रमवीरों का ज्योतिर्मठ में सेना के अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।

Labour rescued from mana in jyotirmay hospital


यूएसडीएमए-:


*मुख्यमंत्री ने एसईओसी पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की समीक्षा की*

*रेस्क्यू किए गए 46 सुरक्षित श्रमिकों का पूरा ख्याल रखने के निर्देश दिए*

*मृतकों का पोस्टमार्टम कर शव घर भेजने की व्यवस्था करने को कहा*

  

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने माणा में हिमस्खलन की चपेट में आए लापता 04 श्रमिकों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर खोज और बचाव अभियान संचालित करने तथा मौसम विभाग द्वारा 03 मार्च से मौसम के दोबारा खराब होने की चेतावनी के दृष्टिगत रविवार को हर हाल में लापता श्रमिकों को ट्रेस करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने सुरक्षित रेस्क्यू किए गए 46 श्रमिकों के उपचार की समुचित व्यवस्था करने तथा उनकी जरूरतों का पूरा ख्याल रखने के निर्देश दिए हैं। 


रविवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और रेस्क्यू अभियान की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी चमोली श्री संदीप तिवारी से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से खोज एवं बचाव अभियान की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा दिनांक 03 मार्च से दोबारा मौसम के खराब होने का एलर्ट जारी किया है, इसलिए आज ही रविवार को लापता श्रमिकों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। 


इस दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी चमोली को निर्देश दिए कि मृतक श्रमिकों का पोस्टमार्टम कर उनके शवों को शीघ्रताशीघ्र उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने घायल श्रमिकों तथा मृतक श्रमिकों को आपदा प्रबन्धन विभाग के प्रावधानों के अनुसार समुचित मुआवजा राशि मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत और बचाव दलों द्वारा सराहनीय कार्य किया गया, जिसके फलस्वरूप 46 श्रमिकों को सुरक्षित बचाया जा सका। उन्होंने बताया कि लापता श्रमिकों की खोजबीन के लिए लगभग 200 लोग कार्य कर रहे हैं। आपदा प्रबंधन सेना, आईटीबीपी, बी0आर0ओ0, एन0डी0आर0एफ, एस0डी0आर0एफ, जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, वायु सेना, यूकाडा, अग्निशमन विभाग, खाद्य विभाग द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी और मार्च में हिमस्खलन की संभावना बढ़ जाती है, ऐसे में आपदा प्रबन्धन विभाग के माध्यम से एडवाइजरी जारी कर दी गई है। जो भी श्रमिक उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण विद्युत व्यवस्था तथा संचार व्यवस्था बाधित है, उन्हें दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। पांच ब्लाकों में विद्युत व्यवस्था बहाल कर दी गई है।    

इस अवसर पर उपाध्यक्ष राज्य सलाहकार समिति आपदा प्रबंधन श्री विनय कुमार रुहेला, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन, आई0जी0 एस0डी0आर0एफ0, श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, अपर मुख्य कार्यकारी, अधिकारी क्रियान्वयन, डी.आई0जी0 श्री राज कुमार नेगी, वित्त नियंत्रक श्री अभिषेक आनंद, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, यूएसडीएमए मोहम्मद ओबैदुल्लाह अंसारी, डा0 बिमलेश जोशी आदि उपस्थित रहे। 



*46 सुरक्षित श्रमिक ज्योतिर्मठ लाए गए*


बदरीनाथ/माणा से सभी 50 श्रमिकों (46 सुरक्षित तथा 04 मृतक) को ज्योतिर्मठ लाया जा चुका है। मृतक श्रमिकों का पोस्टमार्टम कराये जाने की कार्यवाही गतिमान है, जिसके बाद उनके शवों को उनके घर भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सभी के साथ समुचित समन्वय किया जा रहा है। लगातार राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से नियमित तौर पर पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है तथा सभी विभागों के आपसी समन्वय से युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। बता दें कि पूर्व में श्रमिकों की संख्या 55 बताई गई थी। एक श्रमिक के घर फोन कर संपर्क किया गया तो पता चला कि पहले ही एक श्रमिक बिना बताए अपने घर चला गया था। इस प्रकार प्रभावित/फंसे श्रमिकों की कुल वास्तवित संख्या 54 है। 


*आधुनिक उपकरणों से की जा रही खोज*




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में युवा लेखक जय प्रकाश पांडेय के कहानी संग्रह ‘भूले बिसरे मतवाले’ का  विमोचन किया।



 यह पुस्तक आजादी के अमृत महोत्सव की पूर्वपीठिका में  भारतीय स्वाधीनता संग्राम के गुमनाम नायकों के बलिदान और संघर्षों को केंद्र में रखकर लिखी गई है ।


मुख्यमंत्री  ने ‘भूले बिसरे मतवाले’ की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक भारत के स्वतंत्रता संग्राम के उन महान नायकों को श्रद्धांजलि है, जिन्हें इतिहास में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया। उन्होंने लेखक जय प्रकाश पाण्डेय के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संग्रह नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के बलिदान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 देहरादून:

SOP issued for adulteration


होली से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा, फूड सेफ्टी विभाग ने जारी की SOP, मिलावटखोरों पर 05 लाख जुर्माना और 06 साल की कैद


बॉर्डर पर सख्त पहरा, ऑनस्पॉट टेस्ट हो रहे सैंपल, विजिलेंस सेल और सर्विलांस के जरिए सख्त मॉनिटरिंग शुरू :- डा. आर. राजेश कुमार, खाद्य आयुक्त


मिलावटखोरी रोकने के लिए डिकॉय आपरेशन, इंफोर्समेंट और सर्विलांस की भी ली जाएगी मदद :- ताजबर जग्गी

देहरादून:


 होली पर आम जनता तक शुद्ध और सुरक्षित खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने प्रदेशभर में मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है। खासतौर पर दूध, मावा, पनीर और खोया जैसे उत्पादों की जांच की जा रही है। देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। देहरादून के आशारोड़ी बॉर्डर पर बाहर से आने वाले दूध और उसके उत्पादों की सख्त जांच की जा रही है। 


खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि इसको लेकर एक विस्तृत SOP जारी कर दी गई है। सम्बंधित अधिकारियों को मिलावटखोरों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया खाद्य सैम्पलों की प्राथमिकता से जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले मिलावटखोरों और विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए 05 लाख तक जुर्माना और 06 साल तक की कैद हो सकती है। आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन प्रदेश भर में मिलावटखोरी को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाता है। यह अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में चल रहा है। इसके तहत अब होली के मद्देनजर विभाग ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। 


*सख्त SOP जारी, नहीं बच पाएंगे मिलावटखोर*


फूड सेफ्टी विभाग ने सख्त SOP जारी की है। राज्य के सभी जिलाधिकारियों, 

समस्त प्रभारी/अभिहित अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। डॉ आर राजेश कुमार ने कहा SOP में खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम-2006 एवं नियम 2011 के प्राविधानों के अंतर्गत मिलावटी खाद्य पदार्थ निर्माताओं/ थोक विक्रेता/आपूर्तिकर्ता/ फुटकर विक्रेताओं के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के लिए कहा गया है।  होली के अभियान की अवधि में की गयी प्रवर्तन कार्यावाहियों की समीक्षा की जायेगी। खाद्य कारोबारी जो नियमों का उल्लंघन करते हुये गये एवं जो नियमित रूप से उल्लंघन कर्ता हैं को चिन्हित करते हुये कड़ी कानूनी कार्यवाही की जायेगी। डॉ आर राजेश कुमार ने कहा आदेशों का तत्काल कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक कार्य दिवस की गयी कार्यवाही ई-मेल के माध्यम से कार्यालय खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखण्ड को अवगत कराई जाएगी। इस विस्तृत SOP में हर पहलू का ध्यान रखा गया है।



*प्रदेश के जनपदों को तीन श्रेणियों में बांटा*


खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि होली को देखते हुए मिलावटखोरों से निपटने के लिए प्रदेश को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिलों को एक श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके अलावा चम्पावत, बागेश्वर और अल्मोड़ा को एक श्रेणी में बांट गया है। इन जिलों के लिए विभाग ने सचल खाद्य लैब की व्यवस्था की है। ये टीमें त्योहारी सीजन में अचानक कहीं भी छापेमारी कर सैंपलिंग कर सकती हैं। 



**डिकॉय आपरेशन, इंफोर्समेंट और सर्विलांस की ली जाएगी मदद*



अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने बताया कि मिलावटखोरी रोकने के लिए डिकॉय आपरेशन, इंफोर्समेंट और सर्विलांस की मदद भी ली जाएगी। साथ ही विभाग की ये टीमें उपभोक्ताओं को भी मिलावटी वस्तुओं के बारे में जागरूक करेंगी। अभिसूचना से मिली जानकारी के आधार पर छापेमारी की जाएगी। संभावित विरोध को देखते हुए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमें पुलिस प्रशासन का भी सहयोग लेगी। अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने बताया कि उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चमोली जिलों में भी यह अभियान चलेगा। 



*दूध से बने उत्पादों पर पैनी नज़र*


दूध से बने उत्पाद और अन्य पदार्थों की सैंपलिंग होगी और इसे लैब में भेजा जाएगा। मानको का अनुपालन न करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी। बिना लाइसेंस के उत्पाद करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अपर आयुक्त जग्गी ने बताया कि सभी सैंपलों की जांच प्राथमिकता के आधार पर होगी। यदि सैंपल में मिलावट पाई गयी तो मिलावटी वस्तुओं का उत्पादन करने वाले और मिलावटी वस्तुओं की बिक्री करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



*बॉर्डर इलाकों में भी मिलावटखोरों पर नजर*


अपर आयुक्त एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर जग्गी ने बताया कि उत्तर प्रदेश से सटे बॉर्डर इलाकों में भी मिलावटखोरों पर नजर रखी जा रही है। विभाग ने सैंपल टेस्ट वाहनों के जरिए ऑनस्पॉट सैंपल टेस्टिंग की व्यवस्था की है ताकि मिलावट का तुरंत पता लगाया जा सके। ऐसे में मिलावट की गई चीज़ें पहचान में आ जाएंगी।


*संयुक्त टीमों के साथ छापेमारी*


खाद्य संरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए संयुक्त टीमें बनाई हैं  ये टीमें जिलों के नोडल अधिकारियों के साथ मिलकर प्रतिष्ठानों में छापेमारी कर रही हैं। विभाग की ओर से विजिलेंस सेल का गठन किया गया है, जो शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करती है. साथ ही सर्विलांस के जरिए भी मॉनिटरिंग की जा रही है. गौरतलब है कि बड़े स्तर पर होली की मिठाई में ज़हर घोलने वालों पर लगाम लगाई जा रही है।


*ऊधम सिंह नगर-हरिद्वार में सबसे ज्यादा सैंपलिंग*


अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने बताया कि सबसे ज्यादा शिकायतें ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार जिलों से मिलती हैं। इन जिलों में विशेष चेकिंग अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की जा रही है। सभी जिलों में फूड इंस्पेक्टर लगातार प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रहे हैं. आमतौर पर त्योहारों के दौरान मिठाई समेत कई खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल शुरु हो जाता है। इसको ध्यान में रखते हुए हम इस बार बड़े स्तर पर पूरे प्रदेश में ऐसी कार्रवाई को अंज़ाम दे रहे हैं, जिससे प्रदेश में मिलावटखोरों का अस्तित्व ही खत्म हो जाए।



बच्चे ही समाज का सूत, प्रत्येक कक्षा कक्ष में Tv; wi-fi ही नहीं बल्कि डिजिटल Content देना भी है हमारे प्रोजेक्ट उत्कर्ष का लक्ष्य: डीएम

Digital education to children under utkarsh scheme


बेसिक शिक्षा के बहुरेंगे दिन, बच्चों को मिलेगी डिजिटल लर्निंग की सुगम सुविधा।


 प्रोजेक्ट उत्कर्ष के तहत राज्य भर में जिला प्रशासन देहरादून  का बच्चों को डिजिटल लर्निंग देने हेतु IIT- मद्रास संचालित संस्था से एमओयू हस्तांतरित।


पायलट प्रोजेक्ट के तहत 50 विद्यालयों में शुरू होगी साइंस इंग्लिश बेस्ड प्रैक्टिकल डिजिटल स्टडी ऑनलाइन टीचिंग ।


 सीएम के निर्देश पर विद्यालयों को हाईटेक बनाने के लिए  डीएम ने  मुख्य शिक्षा अधिकारी के  निवर्तन  पर रुपए 5 करोड़ और जारी 


देहरादून : 


 आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं और वर्चुअल रियलिटी (वीआर) के उपयोग से बेसिक शिक्षा के स्तर को बढ़ाने का काम किया जाएगा। जिला प्रशासन जल्द ही इसके लिए ट्रस्ट के साथ एमओयू  हस्तांतरित करेगा। इसके तहत कक्षा 5 से 9 तक के बच्चों को स्कूल में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों में ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। 


जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को बेसिक स्कूलों में विद्या शक्ति के तहत ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन हेतु जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में 50 विद्यालयों को चयनित किया जाएगा। इन विद्यालयों में प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत इंटरनेट, वाईफाई, एलईडी टीवी एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की समुचित व्यवस्था की जाए। डीएम द्वारा मा0 सीएम के निर्देश पर विद्यालयों को हाईटेक बनाने के लिए   मुख्य शिक्षा अधिकारी के  निवर्तन  पर रुपए 5 करोड़ और जारी की जा रही है।  खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों को विद्या शक्ति के अंतर्गत संचालित होने वाले ऑनलाइन शैक्षणिक कार्यक्रमों की जानकारी दी जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जल्द ही ट्रस्ट के साथ एमओयू साइन कर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सके और ट्यूशन कक्षाओं तक पहुंच न रखने वाले सभी बच्चों को इसका लाभ मिल सके।


विद्या शक्ति ओपन मेंटर से आए डा. एस सुब्रमण्यम ने प्रोजेक्ट की विस्तार से जानकारी दी। बताया कि उत्तराखंड में तारा जोशी फाउंडेशन के साथ मिलकर स्थानीय हिन्दी भाषा में ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कक्षा 5 से 9 तक के बच्चों को गणित, साइंस और अंग्रेजी विषय इंटरैक्टिव सिमुलेशन (वर्चुअल लैब) और गेमीफिकेशन (खेल-खेल में) के माध्यम से सरल तरीके से पढ़ाए और सिखाए जाएंगे।


बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल, ओपनमेंटर से आए डा. एस सुब्रमण्यम, तारा जोशी फाउंडेशन से किरन जोशी आदि मौजूद थे।

 मादक पदार्थों की तस्करी* के विरुद्ध चलाये जा रहे  विशेष अभियान में पुलिस ने पिछले दो माह में 591 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार 


*24.25 करोड़ कीमत के मादक पदार्थ* बरामद



▪️ *डीजीपी के निर्देश पर अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध जारी रहेगा विशेष अभियान*


▪️ *वांछित एवं ईनामी अपराधियों व ड्रग्स तस्करों की गिरफ्तारी पर होगा फोकस*


▪️ लंबित विवेचनाओं के निस्तारण के लिए की जाए थानावार समीक्षा। लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर थानाध्यक्ष और IO की जवाबदेही होगी तय।


श्री दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड  द्वारा प्रदेश में कानून व्यवस्था के दृष्टिगत गढ़वाल व कुमाऊँ रेंज प्रभारी सहित समस्त SSP/SPs के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध की गयी कार्यवाही* की समीक्षा की गयी।


*मादक पदार्थों की तस्करी* के विरुद्ध चलाये गये विशेष अभियान में अब तक *427 अभियोग* पंजीकृत करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त *591 अभियुक्तों* को गिरफ्तार कर उनके पास से *24.25 करोड़ कीमत के 936.56 कि.ग्रा. मादक पदार्थ* बरामद किये गये हैं। 


अभियान के दौरान *26 अपराधियों को गैंगस्टर एक्ट* के अन्तर्गत निरुद्ध करते हुए *15 अभियुक्तों* द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गयी लगभग 1.74 करोड़ कीमत की सम्पत्ति अधिग्रहित की गयी।  *इस विशेष अभियान को 31 मार्च, 2025 तक बढ़ाये जाने का निर्णय लिया गया है।*


*समीक्षा के दौरान पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड महोदय द्वारा निम्न दिशा-निर्देश निर्गत किये गये-*


▪️ विभिन्न अपराधों में लिप्त *वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी, गैर जमानतीय/कुर्की वारण्टों की तामील* हेतु 01 माह का विशेष अभियान चलाये जाने हेतु निर्देशित किया गया।


▪️ गंभीर आपराधिक घटनाओं में लापरवाही व शिथिलता बरतने वाले *सम्बन्धित थानाध्यक्षों और चौकी प्रभारियों की जवाबदेही तय की जाए।*


▪️ *लम्बित विवेचनओं की समीक्षा* करते हुए दोनों परिक्षेत्र प्रभारियों को अपने निकट पर्यवेक्षण में निस्तारण कराए जाने के निर्देश दिए गए।


▪️ सभी जनपद प्रभारियों को लगातार  *पुलिस विसिबिलिटी* बढ़ाते हुए प्रभावी रात्रि गश्त, पैट्रोलिंग, नाका/बैरियर्स पर *सघन चैकिंग* कराने तथा भीड़-भाड़ वाले महत्वपूर्ण स्थानों पर पैदल गश्त कराने हेतु निर्देशित किया गया।


समीक्षा गोष्ठी में श्री वी. मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक. अपराध एवं कानून व्यवस्था, श्री ए. पी. अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन/अभिसूचना, श्री कृष्ण कुमार वीके, पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना, श्री नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।



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