Halloween party ideas 2015

 पिछले साढ़े तीन साल में 20 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

126 people got appointment letter from panchayti raj


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में पंचायतीराज विभाग के अन्तर्गत 126 नवनियुक्त ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। पिछले साढ़े तीन सालों में राज्य में 20 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नौकरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन आपके जीवन में एक नया अध्याय लेकर आया है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा नव चयनित अभ्यर्थी लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई ग्राम पंचायत के अभिन्न अंग बनकर गाँवों का समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करेंगे। राज्य के समग्र विकास के लिए गांवों का विकास जरूरी है। गांवों के विकास में एक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इस कानून में सजा और जुर्माने के कठोर प्राविधान किये गए हैं। जब मेहनती और ईमानदार व्यक्ति अपनी लगन और मेहनत के दम पर कोई पद प्राप्त करता है, तो वह आम लोगों की पीड़ा और समस्याओं को समझकर ईमानदारी से अपना काम करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से शहरों के साथ गाँवों के विकास पर भी प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में सख्त भू-कानून के लिए विधानसभा में विधेयक पारित हो चुका है। 


 *उत्तराखंड की एकता के साथ खिलवाड़ करने वालों को माफ नहीं करेंगे करेगी-सीएम*


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के निर्माण का सपना हमारे आन्दोलनकारियों ने इसलिए देखा था कि उत्तराखण्ड के अंतिम छोर में खड़े हुए व्यक्ति तक विकास पहुंचे। सभी उत्तराखण्डवासी मिल जुलकर  राज्य को आगे बढ़ायें। मुख्यमंत्री ने सभी उत्तराखण्ड वासियों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार के बहकावे में न आकर एक उत्तराखण्ड की भावना से मिलकर कार्य करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि चाहे वे कोई भी हों, मंत्री हों, विधायक हों, सांसद हों या कोई आम उत्तराखंडी ही क्यों न हों, उत्तराखंड की एकता के साथ खिलवाड़ करने वालों को सरकार बिल्कुल भी माफ नहीं करेगी। आज के बाद सभी प्रकार के भड़काऊ बयानों को गंभीरता से लिया जाएगा और उत्तराखंड की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।



पंचायतीराज मंत्री श्री सतपाल महाराज ने सभी नवचयनित ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार द्वारा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। जनवरी 2025 में समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखण्ड यह कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। पंचायतीराज विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में अवस्थापना सुविधाओं के तहत पंचायत भवनों का निर्माण, अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराये जा रहे हैं। विभाग द्वारा परिवार रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनापत्ति प्रमाण पत्र ऑनलाइन निर्गत किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा क पंचायतों में कम्प्यूटीकरण का कार्य किया जा रहा है। आगामी दो वर्षों में सभी पंचायतों में कम्प्यूटर स्थापित किये जायेंगे।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजानदास, श्रीमती सविता कपूर, श्री बृजभूषण गैरोला, एकल सदस्यीय समर्पित आयोग के अध्यक्ष श्री बी.एस वर्मा, सचिव पंचायतीराज श्री चन्द्रेश यादव, निदेशक पंचायतीराज निधि यादव उपस्थित थे।

आज का राशिफल

*दिनांक:- 27/02/2025, गुरुवार*

चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष,

फाल्गुन

"

Rashifal today 27 feb-2025

*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


*चतुर्दशी वृद्धि अमावस्या 


 *अमावस्याक्षय 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


कालः पचति भूतानि कालः संहरते प्रजाः ।

कालः सुप्तेषु जागर्ति कालो हि दुरतिक्रमः ।।

।। चा o नी o।।


काल सभी जीवो को निपुणता प्रदान करता है. वही सभी जीवो का संहार भी करता है. वह जागता रहता है जब सब सो जाते है. काल को कोई जीत नहीं सकता.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -: गुणत्रयविभागयोग :- अo-14


प्रकाशं च प्रवृत्तिं च मोहमेव च पाण्डव ।,

न द्वेष्टि सम्प्रवृत्तानि न निवृत्तानि काङ्‍क्षति ॥,


श्री भगवान बोले- हे अर्जुन! जो पुरुष सत्त्वगुण के कार्यरूप प्रकाश (अन्तःकरण और इन्द्रियादि को आलस्य का अभाव होकर जो एक प्रकार की चेतनता होती है, उसका नाम 'प्रकाश' है) को और रजोगुण के कार्यरूप प्रवृत्ति को तथा तमोगुण के कार्यरूप मोह (निद्रा और आलस्य आदि की बहुलता से अन्तःकरण और इन्द्रियों में चेतन शक्ति के लय होने को यहाँ 'मोह' नाम से समझना चाहिए) को भी न तो प्रवृत्त होने पर उनसे द्वेष करता है और न निवृत्त होने पर उनकी आकांक्षा करता है।, (जो पुरुष एक सच्चिदानन्दघन परमात्मा में ही नित्य, एकीभाव से स्थित हुआ इस त्रिगुणमयी माया के प्रपंच रूप संसार से सर्वथा अतीत हो गया है, उस गुणातीत पुरुष के अभिमानरहित अन्तःकरण में तीनों गुणों के कार्यरूप प्रकाश, प्रवृत्ति और मोहादि वृत्तियों के प्रकट होने और न होने पर किसी काल में भी इच्छा-द्वेष आदि विकार नहीं होते हैं, यही उसके गुणों से अतीत होने के प्रधान लक्षण है)॥,22॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐂मेष

किसी वरिष्ठ व्यक्ति के सहयोग से कार्य की बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। परिवार के लोग अनुकूल व्यवहार करेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। नए लोगों से संपर्क होगा। आय में वृद्धि तथा आरोग्य रहेगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। चिंता में कमी होगी। जल्दबाजी न करें।


🐏वृष

स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि तथा उन्नति मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टनरों का सहयोग समय पर प्राप्त होगा। यात्रा की योजना बनेगी। घर-बाहर कुछ तनाव रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।


👫मिथुन

स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चोट व दुर्घटना से बचें। आय में कमी रह सकती है। घर-बाहर असहयोग व अशांति का वातावरण रहेगा। अपनी बात लोगों को समझा नहीं पाएंगे। ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा खर्च होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। हितैषी सहयोग करेंगे। धनार्जन संभव है।


🦀कर्क

किसी जानकार प्रबुद्ध व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होने के योग हैं। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। किसी राजनयिक का सहयोग मिल सकता है। लाभ के दरवाजे खुलेंगे। चोट व दुर्घटना से बचें। व्यस्तता रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस होगी। विवाद से बचें। धन प्राप्ति होगी। प्रमाद न करें।


🐅सिंह

पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। स्वादिष्ट व्यंजनों का लाभ मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेंगे। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। काम में मन लगेगा। शेयर मार्केट में लाभ रहेगा। नौकरी में सुविधाएं बढ़ सकती हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। धन प्राप्ति सुगमता से होगी।


🙍‍♀️कन्या

दु:खद सूचना मिल सकती है, धैर्य रखें। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। अपने काम पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। लाभ होगा।


⚖️तुला

भूले-बिसरे साथी तथा आगंतुकों के स्वागत तथा सम्मान पर व्यय होगा। आत्मसम्मान बना रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। परिवार के सदस्यों की उन्नति के समाचार मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक सहयोग बना रहेगा। किसी व्यक्ति की बातों में न आएं, लाभ होगा।


🦂वृश्चिक

यात्रा मनोनुकूल मनोरंजक तथा लाभप्रद रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। व्यापार-व्यवसाय से मनोनुकूल लाभ होगा। घर-बाहर सफलता प्राप्त होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। काम में लगन तथा उत्साह बने रहेंगे। मित्रों के साथ प्रसन्नतापूर्वक समय बीतेगा।


🏹धनु

घर-बाहर प्रसन्नतादायक वातावरण रहेगा। नौकरी में चैन महसूस होगा। व्यापार से संतुष्टि रहेगी। संतान की चिंता रहेगी। प्रतिद्वंद्वी तथा शत्रु हानि पहुंचा सकते हैं। मित्रों का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। यात्रा की योजना बनेगी। प्रसन्नता रहेगी।


🐊मकर

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सुकून रहेगा। जल्दबाजी में कोई आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। कानूनी अड़चन आ सकती है। विवाद न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।


🍯कुंभ

नई योजना लागू करने का श्रेष्ठ समय है। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक कार्य सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। सफलता के साधन जुटेंगे। जोखिम न उठाएं।


🐟मीन

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। बनते कामों में विघ्न आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जीवनसाथी से सामंजस्य बैठाएं। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। बेवजह लोगों से मनमुटाव हो सकता है। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। आय में निश्चितता रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। जल्दबाजी न करें।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*


 बेटियों के सशक्त होने से परिवारसमाज और देश सशक्त होगा - श्रीमती मुर्मु

राष्ट्रपति की उपस्थिति में बागेश्वर धाम में हुआ 251 जोड़ों का सामूहिक विवाहराष्ट्रपति ने उपहार देकर की नव दम्पतियों के सुखमय जीवन की कामना की

 

251 group wedding at bageshwar dham



गढा (छतरपुर) डा. रवीन्द्र अरजरिया;


 देश वुमेन डेवलपमेंट को लेकर अग्रसर है। ऐसे समय में बेटियों को सबल और सशक्त बनाने में सहयोग करना समाज और सरकार का कर्तव्य है। बेटियों की शिक्षास्वास्थ्य और सुरक्षा पर ध्यान देना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करने के लिए जन-जन को प्रतिबद्ध होना होगा। बेटियों के सशक्त होने से परिवारसमाज और देश सशक्त होगा। सामाजिक समरसता बढ़ाने के लिए संत समाज हरसंभव प्रयास करे।

        उक्त उद्गार देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने श्री बागेश्वरधाम में शिवरात्रि महापर्व पर आयोजित षष्ठम् विशाल 251 सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव के आशीवार्द समारोह में मुख्य अतिथि की गरिमा से व्यक्त किये।

 उन्होंने धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और श्री बागेश्वर धाम सेवा समिति द्वारा कराए जा रहे सामूहिक कन्या विवाह समारोह की सराहना की। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने नव दम्पतियों को उपहार भी दिए। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि समारोह में नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी के लिए विभिन्न वस्तुओं के साथ-साथ उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए सिलाई मशीन जैसी उपयोगी वस्तुएं भी उपहार में दी जा रही हैं। राष्ट्रपति ने सामूहिक कन्या विवाह समारोह को जन सहयोग से जनकल्याण का श्रेष्ठ उदाहरण बताया।

        मुख्य अतिथि के उद्बोधन से पहले मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विशेष अतिथि की गरिमा से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा स्वयं उपस्थित होकर प्रदेश के वर-वधुओं को आशीर्वाद प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वर्ष-2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सिद्धि के लिए सभी प्रतिबद्ध हैं। देश के विकास के लिए सामाजिक चेतना आवश्यक है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लिए अनुकरणीय हैं। समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का मध्यप्रदेश पधारने पर अभिनंदन करते हुए कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि बागेश्वर धाम में हनुमान जी के आशीर्वाद से सामाजिक बुराईयों को दूर करने का निरंतर कार्य किया जा रहा है। समाज में विद्यमान जातिगत दीवारों को तोड़ना आज के समय की आवश्यकता है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के प्रयासों से जातिगत बाधाएं टूटी हैं और अलग-अलग जातियों के दूल्हे एक साथ घोड़ी पर बैठे हैं। जातिगत विषमताओं के खिलाफ लड़ते हुए समाज के सामनेशासन-सत्ता और संत की त्रिवेणी की मौजूदगी में सामूहिक विवाह आयोजित कर बागेश्वर धाम नए कीर्तिमान बना रहा है। समाज में प्रेमसद्भाव और सामाजिक सौहार्द्र बढ़ाने के ऐसे उदाहरण प्रस्तुत करने की बहुत आवश्यकता है।

 

 श्रीमती मुर्मु के सम्मुख जोड़ों की वरमाला रस्म संपन्न हुई। राष्ट्रपति ने सभी जोडों के वधुओं को साडी तथा वर को सूट भेंट करने के क्रम में प्रतीक स्वरूप 3 जोड़ों को उपहार भेंट किए। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सभी जोडों को प्रदेश सरकार की योजनानुसार 51-51 हजार रुपये की सहायता राशि भेंट करने की घोषणा की। इस सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुईं 251 बेटियों में से 108 बेटियां जनजातीय समुदाय की हैं। पीठाधीश्वर ने मुख्य अतिथि को पीठाधीश्वर ने अंगवस्त्र, तुलसी की माला, हनुमान यंत्रबालाजी सरकार का विग्रहधाम से जुड़ा साहित्य और स्मृति चिन्ह भेंट किये। इसके पहले मुख्य अतिथि ने धाम की देव प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ यज्ञ में भी भागीदारी दर्ज की। समारोह में मुख्य अतिथि, विशेष अतिथि के अलावा पातांजिल योग पीठ के आचार्य बालकृष्ण तथा गीता मनीषी ज्ञानानन्द जी महाराज सहित खजुराहो सांसद श्री वी.डी. शर्मा भी मंचासीन रहे जबकि पंडाल में लगभग 20 देश के एन.आर.आई.देश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे संतवर-वधु के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक सम्मिलित हुए।



Dr. Ravindra Arjariya
Accredited Journalist
for cont. - 
dr.ravindra.arjariya@gmail.com
ravindra.arjariya@gmail.com

 देहरादून:

Raided in uttarakhand by fda


धामी सरकार का कड़ा संदेश, उत्तराखण्ड में होली पर मिलावटी उत्पाद बेचे तो खैर नहीं

प्रदेश भर में छापेमारी अभियान हुआ शुरू, सीमाओं पर कड़ी चौकसी : डा. आर राजेश कुमार

खोया, पनीर, मावा समेत खाद्य उत्पादों की जांच के लिए प्रत्येक जनपद में टीमें तैनात: ताजबर जग्गी


 राज्य सरकार ने त्योहारी सीजन को देखते हुए मिलावटखोरों के ख़िलाफ़ प्रदेशभर में ब्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। खाद्य संरक्षा एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन के आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देशों पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन होली त्योहार के दौरान मिलावटी उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। प्रशासन ने मिलावटखोरों से निपटने के लिए छापेमार दस्तों और सचल वाहन टीमों का गठन किया है। स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार का कहना है कि विभाग की प्राथमिकता आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण और मिलावट रहित उत्पाद उपलब्ध कराना है।


होली का त्योहार निकट है। ऐसे में खाद्य संरक्षा और औषधि नियंत्रण प्रशासन ने प्रदेश व्यापी अभियान शुरू किया है। विभाग के अपर आयुक्त एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर जग्गी का कहना है कि गढ़वाल और कुमाऊ मंडल में छापेमारी अभियान लगातार जारी है। विभाग ने विजिलेंस सेल का गठन किया है। यहां शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है और साथ ही सर्विलांस के माध्यम से भी मानीटरिंग की जा रही है। ताजबर जग्गी ने बताया हर जिले में नोडल अधिकारी बनाए गये हैं और वो  फूड इंस्पेक्टर के माध्यम से विभिन्न प्रतिष्ठानों में छापेमारी कर सैंपलिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सचल वाहनों में भी सैंपलिंग की व्यवस्था की गयी है।  

खाद्य संरक्षा और औषधि नियंत्रण प्रशासन के अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने बताया कि देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में मावा, पनीर,खोया आदि की जांच की जा रही है ताकि आम लोगों को सही और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सके। उन्होंने बताया कि हम प्रदेश की सीमा के साथ लगते यूपी के शहरों के ड्रग कंट्रोलर और फूड इंस्पेक्टरों के साथ कार्डिनेट कर संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं। 

हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंह नगर में हो रही कड़ी जांच


अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा ताजबर जग्गी ने बताया कि देहरादून में आशारोड़ी पर बाहर से आने वाले दूध और उससे बने उत्पादों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक शिकायतें ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार से हैं। यहां सघन चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है और उत्पादों की सैंपलिंग की जा रही है।

खटीमा में गौरी शंकर महादेव मंदिर, भ्रह्म कालोनी एंव आरपी पब्लिक स्कूल, मेलघाट रोड में महाशिवरात्रि के अवसर पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए ,सीएम

खटीमा में न्यूजीलैंड से आए डेलिगेशन ने शिष्टाचार भेंट की,सीएम ने


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर चकरपुर, खटीमा स्थित श्री वनखंडी महादेव शिव मंदिर में सपत्नीक जलाभिषेक एवं पूजा अर्चना कर प्रदेश में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की


 मुख्यमंत्री ने श्री वनखण्डी महादेव मंदिर में 12 दिवसीय महाशिवरात्रि मेले का भी शुभारंभ किया। 



मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को महाशिवरात्रि की बधाई देते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे। उन्होंने कहा वे कई वर्षो से महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री वनखंडी महादेव शिव मंदिर में आ रहे हैं।  राज्य सरकार, प्रदेश में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने पर कार्य कर रही है। शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर से किया गया है। अब वर्ष भर हमारे धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं आ सकेंगे, जिससे प्रदेश व क्षेत्र की जनता को सीधा लाभ मिलेगा। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि वनखण्डी मंदिर को सुन्दर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जायेगा। माँ पूर्णागिरि मंदिर में शीघ्र रोपवे, एवं टनकपुर में शारदा रिवर फ्रंट बनाया जा रहा है। जिसमें खटीमा व उसके आस पास के क्षेत्रों को रिवर फ्रंट डीपीआर में जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हनोल क्षेत्र के विकास के लिए सरकार ने 120 करोड़ कि धनराशि दी है। सरकार द्वारा पूरे प्रदेश का समेकित विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा  खटीमा बस अड्डा शीघ्र तैयार होगा। टनकपुर बस अड्डे को 200 करोड़ रूपये की धनराशि से आई.एस.बी.टी बनाया जा रहा है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के अंदर धार्मिक स्थलों का कायाकल्प हुआ है। जिससे पुरे देश में धार्मिक पुनर्जागरण हुआ है। उन्होंने कहा केदारनाथ में भीषण आपदा आने से श्रद्धांलुओं का आना बहुत कम हो गया था। प्रधानमंत्री ने केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर वहां पूजा अर्चना की एवं रात्रि प्रवास किया। और अब केदारनाथ धाम में हर साल 20 लाख से भी अधिक श्रद्धांलु दर्शन करने आ रहें हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पिथौरागढ़ के आदि कैलाश, जोलीकोंग की यात्रा की, जिससे मानसखंड को भी विश्व पटल नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा आदि कैलाश पर जाने वाले यात्री कुमाऊँ सड़क मार्ग से ही जाते है। जिससे यहाँ के सभी प्रकार के कारोबारियों को वर्ष भर रोजगार मिलेगा। मानसखण्ड योजना के अंतर्गत कुमाऊँ के सभी मंदिरों को जोड़ा जा रहा है। जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 

     

कार्यक्रम में मेला समिति द्वारा मुख्यमंत्री का मंदिर  सौंदर्यकरण हेतु पूर्व में 1 करोड़ रुपए की धनराशि प्रदान करने हेतु आभार व्यक्त किया। मंदिर समिति ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया। 

        

इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्री रमेश चंद्र जोशी, मंदिर समिति अध्यक्ष श्री गोपाल सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष श्री कमल जिंदल, श्री गणेश जोशी, श्री सुधीर वर्मा, जिलाधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी श्री मणिकांत मिश्रा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे। 

CM participated in groud wedding at khatima


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को खटीमा में गौरी शंकर महादेव मंदिर, भ्रह्म कालोनी एंव आरपी पब्लिक स्कूल, मेलघाट रोड में महाशिवरात्रि के अवसर पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होकर नव दम्पतियों को आशीर्वाद व बधाई देते हुए उनके नव दाम्पत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। इस दौरान दोनों स्थानों पर कुल 50 जोड़ो विवाह सम्पन्न हुआ। 


मुख्यमंत्री ने नव दम्पतियों को उनके सुखमय वैवाहिक जीवन के शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कन्यादान को हमारे समाज व संस्कृति में महादान की संज्ञा दी गई है। उन्हें भी एक अभिभावक के रूप में विवाह में शामिल होने का अवसर मिला यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा खटीमा एक बगीचा है जिसमे सभी समुदाय के लोग प्रेम भाव से रहते हैं। यह एक लघु भारत का स्वरूप लगता है, इसी भावना का उदाहरण यह सामूहिक विवाह भी है। 


मुख्यमंत्री ने कहा बेटियां दो-दो घरों को रोशन करती हैं। बेटियों के सशक्त होने से राष्ट्र सशक्त होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बालिका एवं महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने सभी नौकरियों में महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण दिया है। जिससे राज्य में महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम हो रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में 38 वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन हुआ। इन खेलों के आयोजन की चारों ओर प्रसंशा मिल रही है। जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में मेडल तालिका में हम 25वें स्थान से 7 वें स्थान पर आएं है। जिसमें बेटियों ने अधिक मैडल जीतकर हमे गौरवान्वित किया है। 


इस दौरान श्रीमती गीता धामी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री रमेश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक श्री प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष श्री कमल जिंदल, श्री  गणेश जोशी, जिलाधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी श्री मणिकांत मिश्रा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को खटीमा में न्यूजीलैंड से आए डेलिगेशन ने शिष्टाचार भेंट की।



ग़ौरतलब है कि प्राइमरी इंडस्ट्री मिनिस्ट्री, न्यूजीलैंड सरकार के सलाहकार प्रोफेसर गैरी तथा न्यूजीलैंड के पशुचिकित्सा वैज्ञानिक प्रोफेसर निकोलस द्वारा जनपद उधम सिंह नगर के तहसील किच्छा, गदरपुर, काशीपुर के अंतर्गत भारत सरकार की ब्रीड मल्टीप्लीकेशन फार्म योजना के लाभार्थियों के फार्मो का निरीक्षण व अध्ययन किया जा रहा है। 


इस दौरान जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष जोशी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


-

 *श्री केदारनाथ धाम 2025* 


 02 मई  को खुलेंगे ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट


उखीमठ ( रूद्रप्रयाग): 26 फरवरी

Shri kedarnath dhaam kapat opened date 2025


 विश्वप्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट  2 मई को प्रात:   7 बजे बैशाख, मास, मिथुन राशि, वृष लग्न में विधि- विधान से खुलेंगे।

27 अप्रैल को भगवान भैरवनाथ जी की पूजा होगी। जबकि बाबा केदार की पंच मुखी डोली 28अप्रैल को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से केदारनाथ धाम प्रस्थान करेगी।

आज शिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में श्री केदारनाथ धाम रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, दायित्व धारी चंडीप्रसाद भट्ट एवं श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल सहित पंचगाई समिति  पदाधिकारियों, तथा सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में  धर्माचार्यों वेदपाठियों द्वारा पंचाग गणना पश्चात विधि- विधान से श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हुई।

इस अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ को 

भब्य रूप से फूलों से सजाया गया था श्रद्धालुओं में उत्साह रहा सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुजन श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ दर्शन को पहुंचे इस अवसर पर भोलेनाथ के भजन कीर्तन का आयोजन भी हुआ तथा श्रद्धालुओं ने प्रसाद वितरण किया।

कपाट खुलने की तिथि तय होने के साथ ही  भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली के श्री केदारनाथ धाम प्रस्थान का कार्यक्रम भी घोषित हो गया।


 बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने श्री केदारनाथ धाम के कपाट तय होने के अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी है  बताया कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होते ही यात्रा की केदारनाथ धाम यात्रा तैयारियों को अधिक गति मिलेगी।  मंदिर समिति के स्तर  श्री केदारनाथ यात्रा तैयारियां की जा रही है।

कहा कि कपाट खुलने की तिथि तय होने के साथ ही  भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली के श्री केदारनाथ धाम प्रस्थान का कार्यक्रम भी घोषित हो गया।

पंचमुखी डोली के केदारनाथ धाम प्रस्थान कार्यक्रम के तहत 27 अप्रैल को भगवान भैरवनाथ जी की पूजा-अर्चना होगी।

श्री केदारनाथ भगवान की पंचमुखी डोली  28अप्रैल को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से प्रस्थान कर  रात्रि प्रवास हेतु प्रथम पड़ाव श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी।


29अप्रैल को श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी से  रात्रि प्रवास हेतु द्वितीय पड़ाव फाटा को प्रस्थान होगी।

30 अप्रैल फाटा से   रात्रि प्रवास हेतु  तृतीय पड़ाव गौरादेवी मंदिर गौरीकुंड पहुंचेगी। 1 मई शाम को भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंच जायेगी।

तथा  2 मई  शुक्रवार को

 प्रात: 7 बजे वृष लग्न में श्री केदारनाथ धाम के कपाट तीर्थयात्रियों के दर्शनार्थ खुलेंगे।

बीकेटीसी अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी ने बताया कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हो गयी है जल्द मंदिर समिति का अग्रिम दल केदारनाथ धाम जाकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करेगा।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आज ही इस यात्रा वर्ष हेतु श्री केदारनाथ धाम, मद्महेश्वर धाम हेतु पुजारियों के नाम घोषित हुए श्री केदारनाथ धाम हेतु  बागेश लिंग   पुजारी  का दायित्व संभालेंगे।    शिवलिंग मद्महेश्वर पुजारी रहेंगे तथा  श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ गंगाधर लिंग तथा श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में शिवशंकर लिंग पूजा-अर्चना का दायित्व निभायेंगे ।


आज कपाट खुलने की तिथि तय होने के अवसर पर बीकेटीसी अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी,सहायक अभियंता गिरीश देवली, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवान,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी/ केदारनाथ प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, प्रशासनिक अधिकारी रमेश नेगी, पुजारी शिवशंकर लिंग, टी गंगाधर लिंग, बागेश लिंग,वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, यशोधर मैठाणी, विश्व मोहन जमलोकी , कुलदीप धर्म्वाण, प्रकाश पुरोहित,उमेश शुक्ला ( भंडारी) खुशाल सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या यें तीर्थ पुरोहितगण, हकहकूकधारी,आदि मौजूद रहे।


उल्लेखनीय है कि इस यात्रा वर्ष श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई को प्रात: छ बजे खुलेंगे। तथा परंपरागत रूप से श्री गंगोत्री यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया को खुलते है इस वर्ष अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को है।

 श्री महाशिवरात्रि का व्रत /पर्व फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस वर्ष में यह शुभ उपवास, 26 फरवरी,2025 को  अर्थात आज है। 

 

महाशिवरात्रि


भगवान शिव बहुत भोले हैं, यदि कोई भक्त सच्ची श्रद्धा से उन्हें सिर्फ एक लोटा पानी भी अर्पित करे तो भी वे प्रसन्न हो जाते हैं। इसीलिए उन्हें भोलेनाथ भी कहा जाता है। 

 महाशिवरात्रि  पर शिव भक्त भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए अनेक उपाय करते हैं।इस दिन का व्रत रखने से भगवान भोले नाथ शीघ्र प्रसन्न हों, उपवासक की मनोकामना पूरी करते हैं।  सभी इस व्रत को कर  सकते  है।

 विधिपूर्वक व्रत रखने पर तथा शिवपूजन,रुद्राभिषेक, शिवरात्रि कथा, शिव स्तोत्रों का पाठ व "उँ नम: शिवाय" का पाठ करते हुए रात्रि जागरण करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल प्राप्त होता हैं। व्रत के दूसरे दिन  यथाशक्ति वस्त्र-क्षीर सहित भोजन, दक्षिणादि प्रदान करके संतुष्ट किया जाता हैं।



इस व्रत के विषय में यह मान्यता है कि इस व्रत को जो जन करता है, उसे सभी भोगों की प्राप्ति के बाद, मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह व्रत सभी पापों का क्षय करने वाला है.

महाशिवरात्री व्रत सामग्री

उपवास की पूजन सामग्री में जिन वस्तुओं को प्रयोग किया जाता हैं, उसमें पंचामृत (गंगाजल, दुध, दही, घी, शहद), सुगंधित,चावल, केसर, कलावा, जनेऊ, फूल, शुद्ध वस्त्र, बिल्व पत्र,धतूरा, समीपत्र, आक पुष्प, दूर्वा, धूप, दीप, नैवेध, चंदन का लेप, ऋतुफल,नारियल और अभिषेक के लिए दूध आदि।

महाशिवरात्री व्रत विधि

महाशिवरात्री व्रत को रखने वालों को उपवास के पूरे दिन, भगवान भोले नाथ का ध्यान करना चाहिए। प्रात: स्नान करने के बाद भस्म का तिलक कर रुद्राक्ष की माला धारण की जाती है। इसके ईशान कोण दिशा की ओर मुख कर शिव का पूजन धूप, पुष्पादि व अन्य पूजन सामग्री से पूजन करना चाहिए।

 

इस व्रत में चारों पहर में पूजन किया जाता है। प्रत्येक पहर की पूजा में "ॐ नम: शिवाय" व " शिवाय नम:" का जाप करते रहना चाहिए। अगर शिव मंदिर में यह जाप करना संभव न हों, तो घर की पूर्व दिशा में, किसी शान्त स्थान पर जाकर इस मंत्र का जाप किया जा सकता हैं। चारों पहर में किये जाने वाले इन मंत्र जापों से विशेष पुन्य प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त उपावस की अवधि में रुद्राभिषेक करने से भगवान शंकर अत्यन्त प्रसन्न होते है।

                                                                     26 feb,2025 mahashivratri

शिव अभिषेक विधि

महाशिव रात्रि के दिन शिव अभिषेक करने के लिये सबसे पहले एक मिट्टी का बर्तन लेकर उसमें पानी भरकर, पानी में बेलपत्र, आक धतूरे के पुष्प, चावल आदि डालकर शिवलिंग को अर्पित किये जाते है। व्रत के दिन शिवपुराण का पाठ सुनना चाहिए और मन में असात्विक विचारों को आने से रोकना चाहिए। शिवरात्रि के अगले दिन सवेरे जौ, तिल, खीर और बेलपत्र का हवन करके व्रत समाप्त किया जाता है।


रुद्राभिषेक प्रयुक्त होने वाले  द्रव्य व उनका फल


1. जलसे रुद्राभिषेक -- वृष्टि होती है


2. कुशोदक जल से -- समस्त प्रकार की व्याधि की शांति


3. दही से अभिषेक -- पशु प्राप्ति होती है


4. इक्षु रस -- लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए


5. मधु (शहद)-- धन प्राप्ति के लिए यक्ष्मारोग (तपेदिक) ,नाश के लिए


6. घृत से अभिषेक व तीर्थ जल से भी -- मोक्ष प्राप्ति के लिए।


7. दूध से अभिषेक -- प्रमेह रोग के विनाश के लिए -पुत्र प्राप्त होता है ।


8. जल की की धारा भगवान शिव को अति प्रिय है अत: ज्वर के कोपो को शांत करने के लिए जल धरा से अभिषेक करना चाहिए।


9. सरसों के तेल से अभिषेक करने से शत्रु का विनाश होता है।यह अभिषेक विवाद मकदमे सम्पति विवाद न्यालय में विवाद को दूर करते है।


10.शक्कर मिले जल से पुत्र की प्राप्ति होती है ।


11. इतर मिले जल से अभिषेक करने से शारीर की बीमारी नष्ट होती है ।


12. दूध से मिले काले तिल से अभिषेक करने से भगवन शिव का आधार इष्णन करने से सा रोग व शत्रु पर विजय प्राप्त होती है ।


13.समस्त प्रकार के प्रकृतिक रसो से अभिषेक हो सकता है ।


सार --उप्प्युक्त द्रव्यों से महालिंग का अभिषेक पर भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होकर भक्तो की तदन्तर कामनाओं का पूर्ति करते है ।

पूजन करने का विधि-विधान


महाशिवरात्री के दिन शिवभक्त का जमावडा शिव मंदिरों में विशेष रुप से देखने को मिलता है। भगवान भोले नाथ अत्यधिक प्रसन्न होते है, जब उनका पूजन बेल- पत्र आदि चढाते हुए किया जाता है। व्रत करने और पूजन के साथ जब रात्रि जागरण भी किया जाये, तो यह व्रत और अधिक शुभ फल देता है। इस दिन भगवान शिव की शादी हुई थी, इसलिये रात्रि में शिव की बारात निकाली जाती है। सभी वर्गों के लोग इस व्रत को कर पुन्य प्राप्त कर सकते हैं।


महाशिवरात्रि व्रत कथा


एक बार. 'एक गाँव में एक शिकारी रहता था। पशुओं की हत्या करके वह अपने कुटुम्ब को पालता था। वह एक साहूकार का ऋणी था, लेकिन उसका ऋण समय पर न चुका सका। क्रोधवश साहूकार ने शिकारी को शिवमठ में बंदी बना लिया। संयोग से उस दिन शिवरात्रि थी। शिकारी ध्यानमग्न होकर शिव संबंधी धार्मिक बातें सुनता रहा। चतुर्दशी को उसने शिवरात्रि की कथा भी सुनी। संध्या होते ही साहूकार ने उसे अपने पास बुलाया और ऋण चुकाने के विषय में बात की। शिकारी अगले दिन सारा ऋण लौटा देने का वचन देकर बंधन से छूट गया।

अपनी दिनचर्या की भाँति वह जंगल में शिकार के लिए निकला, लेकिन दिनभर बंदीगृह में रहने के कारण भूख-प्यास से व्याकुल था। शिकार करने के लिए वह एक तालाब के किनारे बेल वृक्ष पर पड़ाव बनाने लगा। बेल-वृक्ष के नीचे शिवलिंग था जो बिल्वपत्रों से ढँका हुआ था। शिकारी को उसका पता न चला।पड़ाव बनाते समय उसने जो टहनियाँ तोड़ीं, वे संयोग से शिवलिंग पर गिरीं। शिकारी को उसका पता न चला।पड़ाव बनाते समय उसने जो टहनियाँ तोड़ीं, वे संयोग से शिवलिंग पर गिरीं। इस प्रकार दिनभर भूखे-प्यासे शिकारी का व्रत भी हो गया और शिवलिंग पर बेलपत्र भी चढ़ गए।

एक पहर रात्रि बीत जाने पर एक गर्भिणी मृगी तालाब पर पानी पीने पहुँची। शिकारी ने धनुष पर तीर चढ़ाकर ज्यों ही प्रत्यंचा खींची, मृगी बोली, 'मैं गर्भिणी हूँ. शीघ्र ही प्रसव करूँगी। तुम एक साथ दो जीवों की हत्या करोगे, जो ठीक नहीं है। मैं अपने बच्चे को जन्म देकर शीघ्र ही तुम्हारे सामने प्रस्तुत हो जाऊँगी, तब तुम मुझे मार लेना। ' शिकारी ने प्रत्यंचा ढीली कर दी और मृगी झाड़ियों में लुप्त हो गई।

शिकार को खोकर उसका माथा ठनका। वह चिंता में पड़ गया। रात्रि का आखिरी पहर बीत रहा था। तभी एक अन्य मृगी अपने बच्चों के साथ उधर से निकली शिकारी के लिए यह स्वर्णिम अवसर था  उसने धनुष पर तीर चढ़ाने में देर न लगाई, वह तीर छोड़ने ही वाला था कि मृगी बोली, 'हे पारधी! मैं इन बच्चों को पिता के हवाले करके लौट आऊँगी. इस समय मुझे मत मार।शिकारी हँसा और बोला, 'सामने आए शिकार को छोड़ दूँ, मैं ऐसा मूर्ख नहीं। इससे पहले मैं दो बार अपना शिकार खो चुका हूँ. मेरे बच्चे भूख-प्यास से तड़प रहे होंगे।

उत्तर में मृगी ने फिर कहा, 'जैसे तुम्हें अपने बच्चों की ममता सता रही है, ठीक वैसे ही मुझे भी, इसलिए सिर्फ बच्चों के नाम पर मैं थोड़ी देर के लिए जीवनदान माँग रही हूँ। हे पारधी! मेरा विश्वास कर मैं इन्हें इनके पिता के पास छोड़कर तुरंत लौटने की प्रतिज्ञा करती हूँ।

मृगी का दीन स्वर सुनकर शिकारी को उस पर दया आ गई। उसने उस मृगी को भी जाने दिया। शिकार के आभाव में बेलवृक्ष पर बैठा शिकारी बेलपत्र तोड़-तोड़कर नीचे फेंकता जा रहा था। पौ फटने को हुई तो एक हष्ट-पुष्ट मृग उसी रास्ते पर आया। शिकारी ने सोच लिया कि इसका शिकार वह अवश्य करेगा।

शिकारी की तनी प्रत्यंचा देखकर मृग विनीत स्वर में बोला,' हे पारधी भाई! यदि तुमने मुझसे पूर्व आने वाली तीन मृगियों तथा छोटे-छोटे बच्चों को मार डाला है तो मुझे भी मारने में विलंब न करो, ताकि उनके वियोग में मुझे एक क्षण भी दुःख न सहना पड़े, मैं उन मृगियों का पति हूँ। यदि तुमने उन्हें जीवनदान दिया है तो मुझे भी कुछ क्षण जीवनदान देने की कृपा करो। मैं उनसे मिलकर तुम्हारे सामने उपस्थित हो जाऊँगा।

मृग की बात सुनते ही शिकारी के सामने पूरी रात का घटना-चक्र घूम गया। उसने सारी कथा मृग को सुना दी। तब मृग ने कहा, 'मेरी तीनों पत्नियाँ जिस प्रकार प्रतिज्ञाबद्ध होकर गई हैं, मेरी मृत्यु से अपने धर्म का पालन नहीं कर पाएँगी। अतः जैसे तुमने उन्हें विश्वासपात्र मानकर छोड़ा है, वैसे ही मुझे भी जाने दो। मैं उन सबके साथ तुम्हारे सामने शीघ्र ही उपस्थित होता हूँ।

उपवास, रात्रि जागरण तथा शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से शिकारी का हिंसक हृदय निर्मल हो गया था। उसमें भगवद् शक्ति का वास हो गया था। धनुष तथा बाण उसके हाथ से सहज ही छूट गए। भगवान शिव की अनुकम्पा से उसका हिंसक हृदय कारुणिक भावों से भर गया। वह अपने अतीत के कर्मों को याद करके पश्चाताप की ज्वाला में 

जलने लगा।थोड़ी ही देर बाद मृग सपरिवार शिकारी के समक्ष उपस्थित हो गया, ताकि वह उनका शिकार कर सके, किंतु जंगली पशुओं की ऐसी सत्यता, सात्विकता एवं सामूहिक प्रेमभावना देखकर शिकारी को बड़ी ग्लानि हुई। उसके नेत्रों से आँसुओं की झड़ी लग गई। उस मृग परिवार को न मारकर शिकारी ने अपने कठोर हृदय को जीव हिंसा से हटा सदा के लिए कोमल एवं दयालु बना लिया।

देव लोक से समस्त देव समाज भी इस घटना को देख रहा था। घटना की परिणति होते ही देवी-देवताओं ने पुष्प वर्षा की. तब शिकारी तथा मृग परिवार मोक्ष को प्राप्त हुए।


कुछ ऐसे ही छोटे और अचूक उपायों के बारे शिवपुराण में भी लिखा है। ये उपाय इतने सरल हैं कि इन्हें बड़ी ही आसानी से किया जा सकता है। हर समस्या के समाधान के लिए शिवपुराण में एक अलग उपाय बताया गया है। ये उपाय इस प्रकार हैं-

महाशिवरात्रि पर करें ये आसान उपाय, प्रसन्न होंगे भोलेनाथ

शिवपुराण के अनुसार, जानिए भगवान शिव को कौन सा रस (द्रव्य) चढ़ाने से क्या फल मिलता है-

बुखार होने पर भगवान शिव को जल चढ़ाने से शीघ्र लाभ मिलता है। सुख व संतान की वृद्धि के लिए भी जल द्वारा शिव की पूजा उत्तम बताई गई है।

तेज दिमाग के लिए शक्कर मिला दूध भगवान शिव को चढ़ाएं।

शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाया जाए तो सभी आनंदों की प्राप्ति होती है।

शिव को गंगा जल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।

शहद से भगवान शिव का अभिषेक करने से टीबी रोग में आराम मिलता है।

यदि शारीरिक रूप से कमजोर कोई व्यक्ति भगवान शिव का अभिषेक गाय के शुद्ध घी से करे तो उसकी कमजोरी दूर हो सकती है।

शिवपुराण के अनुसार, जानिए भगवान शिव को कौन-सा फूल चढ़ाने से क्या फल मिलता है-

लाल व सफेद आंकड़े के फूल से भगवान शिव का पूजन करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।

चमेली के फूल से पूजन करने पर वाहन सुख मिलता है।

अलसी के फूलों से शिव का पूजन करने पर मनुष्य भगवान विष्णु को प्रिय होता है।

शमी वृक्ष के पत्तों से पूजन करने पर मोक्ष प्राप्त होता है।

बेला के फूल से पूजन करने पर सुंदर व सुशील पत्नी मिलती है।

जूही के फूल से भगवान शिव का पूजन करें तो घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती।

कनेर के फूलों से भगवान शिव का पूजन करने से नए वस्त्र मिलते हैं।

हरसिंगार के फूलों से पूजन करने पर सुख-सम्पत्ति में वृद्धि होती है।

 धतूरे के फूल से पूजन करने पर भगवान शंकर सुयोग्य पुत्र प्रदान करते हैं, जो कुल का नाम रोशन करता है।

लाल डंठलवाला धतूरा शिव पूजन में शुभ माना गया है।

दूर्वा से भगवान शिव का पूजन करने पर आयु बढ़ती है।

*आमदनी बढ़ाने के लिए*

महाशिवरात्रि पर घर में पारद शिवलिंग की स्थापना करें और उसकी पूजा करें। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का 108 बार जाप करें-

ऐं ह्रीं श्रीं ऊं नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं

प्रत्येक मंत्र के साथ बिल्वपत्र पारद शिवलिंग पर चढ़ाएं। बिल्वपत्र के तीनों दलों पर लाल चंदन से क्रमश: ऐं, ह्री, श्रीं लिखें। अंतिम 108 वां बिल्वपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद निकाल लें तथा उसे अपने पूजन स्थान पर रखकर प्रतिदिन उसकी पूजा करें। माना जाता है ऐसा करने से व्यक्ति की आमदनी में इजाफा होता है।

*संतान प्राप्ति के लिए उपाय*

महाशिवरात्रि की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद भगवान शिव की पूजा करें। इसके बाद गेहूं के आटे से 11 शिवलिंग बनाएं। अब प्रत्येक शिवलिंग का शिव महिम्न स्त्रोत से जलाभिषेक करें। इस प्रकार 11 बार जलाभिषेक करें। उस जल का कुछ भाग प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।

यह प्रयोग लगातार 21 दिन तक करें। गर्भ की रक्षा के लिए और संतान प्राप्ति के लिए गर्भ गौरी रुद्राक्ष भी धारण करें। इसे किसी शुभ दिन शुभ मुहूर्त देखकर धारण करें।

*बीमारी ठीक करने के लिए उपाय*

महाशिवरात्रि पर पानी में दूध व काले तिल डालकर शिवलिंग का अभिषेक करें। अभिषेक के लिए तांबे के बर्तन को छोड़कर किसी अन्य धातु के बर्तन का उपयोग करें। अभिषेक करते समय ऊं जूं स: मंत्र का जप करते रहें


मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पावन पर्व शिव एवं शक्ति की आराधना का पर्व है। यह पर्व हमें प्रेम, एकता और आध्यात्मिक जागरण की प्रेरणा देता है।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पावन पर्व पर कामना की है कि भगवान शिव की असीम कृपा सभी प्रदेशवासियों पर हमेशा बनी रहे और प्रदेश उन्नति एवं खुशहाली के पथ पर हमेशा आगे बढता रहे।

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.