सशत्र सेवा बल के स्थापना दिवस पर कमांडेंट सुवर्णा सजवाण को गृहमंत्री नेपुलिस पदक प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।
• इसी वर्ष गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रोपदी मूर्म ने पुलिस पदक प्रशस्ति पत्र से किया सम्मानित
• क्षेत्रीय लोगों तथा पारिवारिक सदस्यों ने की सराहना
• महिला सशक्तिकरण हेतु कर रही कार्य।
देहरादून:
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी)के 61 वें स्थापना दिवस पर सिलीगुड़ी ( पश्चिम बंगाल )में इसी माह 20 दिसंबर शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में देश के गृह मंत्री अमित शाह ने देहरादून निवासी एसएसबी कमांडेंट सुवर्णा सजवाण को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए भारतीय पुलिस पदक एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। इससे पहले उन्हें राष्टपति ने पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
वर्तमान में सुवर्णा सजवाण पटना में 40 वीं बटालियन एसएसबी की कमांडेंट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने 2002 में सहायक कमांडेंट के पद पर एसएसबी में प्रथम कंबेटाइज्ड महिला अधिकारी के तौर पर शामिल होकर अपने करियर की शुरुआत की थी।
सुभाष नगर देहरादून की निवासी सुवर्णा सजवाण को देश के गृह मंत्री अमित शाह ने सराहनीय सेवाओं के लिए विगत बीस दिसंबर को शुक्रवार को भारतीय पुलिस पदक समेत प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा भी इसी वर्ष गणतंत्र दिवस पर उन्हें पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
सुवर्णा सजवाण को सम्मान मिलने से उनके निवास सुभाष नगर ,देहरादून और ससुराल कांसखेत,पौड़ी गढ़वाल में खुशी की लहर है।उनको यह सम्मान मिलने पर पिता हरीश चंद्र सिंह रावत तथा माता सुरेशी रावत एवं पारिवारिक लोगों, सगे संबंधियों सहित क्षेत्र के लोगो ने प्रसन्नता जतायी है।
उल्लेखनीय है कि सशस्त्र सीमा बल में अपने 22 वर्ष के कार्यकाल के दौरान सुवर्णा सजवाण ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया जिसमे मुख्यतः भारत नेपाल बॉर्डर ड्यूटी, ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण देना , बल मुख्यालय में कमांडेंट रिक्रूटमेंट के पद पर रहते हुए कई भर्तियों में अपना अमूल्य योगदान शामिल है।
इन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम पर विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया है।इन्होंने एसएसबी में महिलाओं को मुख्य धारा में जोड़ने हेतु कई महत्वपूर्ण कदम उठाये।वर्तमान में एसएसबी मुख्यतः भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा करती है।
जनपद नैनीताल- भीमताल क्षेत्रान्तर्गत आमडाली के पास 100 मीटर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त हुई रोड़वेज़ बस, SDRF उत्तराखंड पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
यह वीडियो भीमताल में हुए बस दुर्घटना के बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियान का है।
सीएम धामी ने स्थानीय नागरिकों का धन्यवाद दिया है जिन्होंने मुसीबत के इस समय में पुलिस और SDRF की मदद के लिए आये। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि हमारे प्रदेश के लोग एक-दूसरे की मदद करने के लिए हमेशा तैयार हैं। आप सभी स्थानीय लोगों का हृदय से धन्यवाद सभी की सहायता से समय पर कई लोगों का रेस्क्यू किया जा सका। रेस्क्यू टीम और स्थानीय लोगों का यह परिश्रम एवं समर्पण अत्यंत सराहनीय है।
आज दिनाँक 25 दिसम्बर 2024 को जिला नियंत्रण कक्ष, नैनीताल द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि थाना भीमताल क्षेत्रान्तर्गत आमडाली के पास एक रोडवेज बस लगभग 100 मीटर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गयी है।
उक्त घटना की सूचना पर श्री अर्पण यदुवंशी, सेनानायक SDRF द्वारा तत्काल SDRF की 02 टीमों को घटनास्थल हेतु रवाना होने के लिए निर्देशित किया गया। सेनानायक महोदय के निर्देशानुसार पोस्ट खैरना से व पोस्ट नैनीताल से SI मनीष भाकुनी के नेतृत्व में SDRF रेस्क्यू टीमें तत्काल मौके के लिए रवाना हुई।
उक्त उत्तराखंड परिवहन की बस (UK07PA 2822) जो हल्द्वानी की तरफ जा रही थी और आमपड़ाव के पास अनियंत्रित होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। बस में कुल 29 लोग सवार थे जिनमें से 04 लोगों (02 पुरुष, 01 महिला, 01 बच्चा) की मौके पर ही मृत्यु हो गयी है।
SDRF रेस्क्यू टीम द्वारा जिला पुलिस, स्थानीय लोगों, फायर सर्विस इत्यादि के साथ संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए घायलों को रेस्क्यू किया गया व 04 मृतकों को जिला पुलिस के सुपर्द किया गया। 11 लोग सामान्य घायल है जिन्हें निकट अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि गम्भीर घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया है।
लाड-प्यार से बच्चों मे गलत आदते ढलती है, उन्हें कड़ी शिक्षा देने से वे अच्छी आदते सीखते है, इसलिए बच्चों को जरुरत पड़ने पर दण्डित करें, ज्यादा लाड ना करें।
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -: भक्तियोग अo-12
अथैतदप्यशक्तोऽसि कर्तुं मद्योगमाश्रितः ।,
सर्वकर्मफलत्यागं ततः कुरु यतात्मवान् ॥,
यदि मेरी प्राप्ति रूप योग के आश्रित होकर उपर्युक्त साधन को करने में भी तू असमर्थ है, तो मन-बुद्धि आदि पर विजय प्राप्त करने वाला होकर सब कर्मों के फल का त्याग (गीता अध्याय 9 श्लोक 27 में विस्तार देखना चाहिए) कर॥,11॥,
*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। रोजगार की चिंता रह सकती है। स्वास्थ्य ठीक रहेगा। मानसिक दृढ़ता से निर्णय लेकर कार्य करना चाहिए। व्यापार में लाभकारी परिवर्तन होंगे।
🐂वृष
शत्रु परास्त होंगे। भूमि व भवन की खरीद-फरोख्त हो सकती है। रोजगार मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। नवीन गतिविधियां लाभकारी रहेंगी। व्यापार में नई योजनाओं का प्रारंभ होगा। पराक्रम के प्रति निष्क्रियता के कारण मन अप्रसन्न रहेगा।
👫मिथुन
परिवार की चिंता रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। परोपकार करके मानसिक सुख अर्जित करेंगे। व्यापारिक स्थिति आशाजनक रहेगी। पारिवारिक, मांगलिक कार्य की योजना बनेगी। कर्ज लेने से बचना चाहिए।
🦀कर्क
व्यर्थ भागदौड़ होगी। लाभ के अवसर टलेंगे। विवाद न करें। कार्य निर्णय बहुत शांति से विचार करके करना ही शुभ है। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें। रुका धन मिलेगा। दु:खद समाचार मिल सकता है। विरोध होगा।
🐅सिंह
फालतू खर्च होगा। अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार मिलेंगे। मान बढ़ेगा। विवाद न करें। आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है। व्यापार में नए अनुबंध होंगे। व्ययों में कमी करना चाहिए। व्यापार अच्छा चलेगा। जीवनसाथी से मतभेद।
🙍♀️कन्या
पुराना रोग उभर सकता है। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। आय में कमी रहेगी। धैर्य रखें। स्वास्थ्य की समस्या हल होगी। ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ेगी। जीवनसाथी की भावनाओं को समझें। आर्थिक निवेश लाभकारी रहेगा।
⚖️तुला
नई योजना बनेगी। कार्य का विस्तार होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अपनी वस्तुएं संभालकर रखें। काम के प्रति दृढ़ता से कार्य में अनुकूल सफलता मिल सकेगी। पारिवारिक सुख व धन बढ़ेगा। वाणी संयम आवश्यक है।
🦂वृश्चिक
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कानूनी अड़चन दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। समाज के कामों में उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। नौकरी में तबादला तथा पदोन्नति के योग हैं। अनावश्यक क्रोध न करें। धन संबंधी काम पूरे होंगे।
🏹धनु
कुसंगति से बचें। लेन-देन में सावधानी रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। विवाद न करें। सार्वजनिक कार्यों में समय व्यतीत होगा। संतान की ओर से शुभ समाचार मिलेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। रोजगार के क्षेत्र में उन्नति होगी।
🐊मकर
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा संभव है। विवाद न करें। रोजगार मिलेगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। आपकी मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति आपके जीवन में आनंद का संचार करेगी। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी।
🍯कुंभ
सुख के साधन जुटेंगे। प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में मनचाही पदोन्नति मिलने के योग बनेंगे। धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। अजनबियों पर विश्वास न करें।
🐟मीन
वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। लाभ होगा। उत्तम मनोबल आपकी सभी समस्याओं को हल कर देगा। प्रतिष्ठित जनों से मेलजोल बढ़ेगा। व्यापार में नए प्रस्ताव मिलेंगे।
*ऋषिकेश मार्ग पर सात मोड़ के पास वाहन बस दुर्घटनाग्रस्त, बस में फंसी लड़की को SDRF उत्तराखंड पुलिस ने किया रेस्क्यू।*
आज दिनाँक 24 दिसम्बर 2024 को ऋषिकेश मार्ग पर सात मोड़ के पास एक बस के अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना पर वाहिनी मुख्यालय व ढालवाला से SDRF की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
घटनास्थल पर दुर्घटनाग्रस्त बस में सवार एक लड़की का पैर बस में फंसा हुआ था जिससे वह अंदर ही फंस गई थी। SDRF टीम द्वारा मौके पर पहुँचकर जिला पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए उक्त लडक़ी *नैन्सी टाकुली पुत्री श्री जीवन सिंह, कपकोट बागेश्वर, उम्र-16 वर्ष* को सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। बस में 45 बालिकाएं सवार थी जो सुरक्षित है। यह स्कूली बच्चों का ग्रुप स्पोर्ट्स इवेंट में शामिल होने के लिए बागेश्वर से महाराणा प्रताप, स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून आ रहा था। अन्य खिलाड़ियों को सुरक्षित महाराणा प्रताप रायपुर स्टेडियम की ओर रवाना किया गया। उक्त बालिका जिसका पैर बस में फंसा हुआ था,उसे अग्रिम उपचार हेतु अस्पताल भिजवा दिया गया है।
नगर निगम देहरादून में एक सशक्त प्रत्याशी के रूप में भाजपा की और से सुनीता बौड़ाई, विद्यार्थी का नाम सुर्खियों में है।
डॉ सुनीता बौड़ाई का परिचय किसी का मोहताज नही है। एक समाज सेवी, भाजपा संगठन कार्यकर्ता और वैज्ञानिक के तौर पर उन्होंने अनेको कार्य किये है।
जनसंघ परिवार से सम्बन्ध रखती हैं। छात्र जीवन से ही ABVP से इनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई थी. 2009 में ये भाजपा से जुड़ी और उसके बाद पीछे मुड़कर नही देखा।
2020 में इन्हें प्रदेश संगठन में स्थान मिला।
तभी से भाजपा मीडिया पैनलिस्ट के साथ साथ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, तथा प्रदेश प्रवक्ता हैं।
अनेको समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहकर वे सदैव बच्चों , महिलाओं जरूरतमंदों के साथ खड़ी रहतीहै।
इसके अलावा सौर वैज्ञानिक के तौर पर भी अपना योगदान दिया है। आईआईटी के साथ रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम के अनेको प्रोजेक्ट पर काम कर चुकी है।
मुख्यमंत्री ने पेशावर कांड के नायक को अर्पित की श्रद्धान्जलि*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पेशावर कांड के नायक वीर चन्द्र सिंह ‘गढ़वाली‘ का उनकी जयंती पर भावपूर्ण स्मरण किया है। मुख्यमंत्री ने वीर चन्द्र सिंह ‘गढ़वाली’ की जयंती की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में वीर चन्द्र सिंह ‘‘गढ़वाली‘‘ को पेशावर कांड का महानायक बताते हुए कहा की उन्होंने देश की आजादी के लिये आन्दोलनरत निहत्थी जनता पर गोली चलाने के आदेश को न मानकर देशभक्ति और साहस का परिचय दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आजादी के लिए ‘पेशावर कांड‘ एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के आंदोलन में यह घटना मील का पत्थर साबित हुई, जिसने देश की आजादी के लिए एक क्रांतिकारी आधार तैयार किया।
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व0 अटल बिहारी बाजपेई को अर्पित की श्रद्धांजलि*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न, स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी कुशल प्रशासक, राजनीतिज्ञ एवं लोकप्रिय जन नेता के साथ महान वक्ता थे, जिन्हें समाज के सभी वर्गों के लोग सम्मान देते थे। स्व. वाजपेयी के लिए राष्ट्रहित सर्वाेपरि था। अटल जी उत्तराखण्ड राज्य के प्रणेता रहे हैं, उन्होंने न केवल उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण किया बल्कि राज्य विकास के लिए आधार भी तैयार किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में अपनी नयी पहचान बनाई तथा 21 वीं शदी में मजबूती से कदम आगे बढ़ाया। उनमें सभी को साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता थी। उनकी दूरगामी सोच, रचनाओं, पोखरण परमाणु परीक्षण, कारगिल की लड़ाई में भारत को मिली विजय के लिये उन्हें हमेशा याद किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी के चित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर दी श्रद्धांजलि*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को उत्तराखण्ड निवास नई दिल्ली में स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी की जयन्ती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पृथक उत्तराखंड राज्य निर्माण आन्दोलन में स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के गांधी के नाम से विख्यात स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी 1994 के राज्य आंदोलन के सूत्रधार रहे। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिये उनकी संकल्पनाओं एवं राज्य निर्माण के संघर्ष में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. बड़ोनी जी की जयन्ती का अवसर हमें उत्तराखण्ड को विकसित एवं अग्रणी राज्य बनाने की भी प्रेरणा देता है। उत्तराखंड राज्य आन्दोलन में उनके सक्रिय सहयोग को सदैव याद रखा जाएगा।
नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर आयोजित बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेस वार्ता की जिसमे उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मन्त्री अमित शाह का आभार जताया।
*केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन नए आपराधिक कानूनों के उत्तराखंड में क्रियान्वयन की समीक्षा की*
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज तीन नए आपराधिक कानूनों - भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 के उत्तराखंड राज्य में क्रियान्वयन में की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों और त्वरित क्रियान्वयन की प्रशंसा की।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह आज नई दिल्ली में आयोजित बैठक में तीन नए आपराधिक कानूनों के उत्तराखंड में क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में बताया कि उत्तराखंड राज्य में तकनीकी एकीकरण जैसे कि ई-साक्ष्य, ई-कोर्ट और ई-समन का सफल एकीकरण किया गया है। इन प्रौद्योगिकियों के प्रभावी उपयोग ने न्याय प्रणाली को तेज, पारदर्शी, और प्रभावी बनाया है।
मेडलीप्र (MedLEaPR) के माध्यम से चिकित्सा और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच तालमेल बनाया गया है।
मुकदमों के निस्तारण में प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि अदालतों द्वारा मामलों के शीघ्र निस्तारण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है। 41% मामलों का निपटान और दोषसिद्धि दर प्रभावी न्याय प्रणाली का प्रमाण है।
कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण और जनशक्ति विकास के अंतर्गत 23,000 से अधिक पुलिस कर्मियों और अभियोजकों का सफल प्रशिक्षण किया गया है। उत्तराखंडहिंदी भाषा में एआई (Artificial Intelligence) आधारित कोर्स तैयार करने वाला पहला राज्य है। नए तीन कानूनों के संबंध में जन जागरूकता अभियान संचालित किए गए है।सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए नुक्कड़ नाटक, चौपाल, और सेमिनार जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए।
केंद्रीयगृह मंत्री ने राज्य सरकार को ऑनलाइन तंत्र के क्रियान्वयन से हुई लागत में बचत का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया।
उन्होंने राज्य में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) सुविधाओं की संख्या बढ़ाने का भी सुझाव दिया, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में न्याय प्रक्रिया को और सुलभ बनाया जा सके।
बैठक के दौरान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास में भारत सरकार से समर्थन का अनुरोध किया। गृह मंत्री ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए राज्य को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
समीक्षा बैठक में भारत सरकार के गृह सचिव के साथ ही उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (कानून), सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, उपमहानिरीक्षक उपस्थित थे। बैठक मेंमहानिदेशक बीपीआरएनडी (Bureau of Police Research and Development), गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारी भी मौजूद थे।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में उत्तराखंड में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में तीन नए आपराधिक कानून, नागरिक अधिकारों के रक्षक और ‘न्याय की सुगमता’ का आधार बन रहे हैं
ज़्यादा FIR दर्ज होने वाले क्षेत्रों के सभी पुलिस स्टेशनों और जेलों में नए कानूनों के शत-प्रतिशत अमल को प्राथमिकता दें
राज्य के हर ज़िले में एक से अधिक फॉरेन्सिक मोबाइल वैन उपलब्ध हों और अन्य राज्यों को स्थानांतरित Zero FIRs की नियमित मॉनिटरिंग हो
फॉरेन्सिक विज़िट के लिए टीमों को तीन श्रेणियों – ‘गंभीर, सामान्य व अति सामान्य’ में विभाजित करें, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके
उत्तराखंड सरकार को नए कानूनों पर शत-प्रतिशत अमल की दिशा में तकनीक और अन्य क्षेत्रों में gaps भरने के प्रयास करने चाहिए
बैठक में उत्तराखंड में पुलिस, जेल, कोर्ट, अभियोजन और फॉरेन्सिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। इस बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, उत्तराखंड के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, BPR&D के महानिदेशक, NCRB के महानिदेशक और केन्द्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक में चर्चा के दौरान केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में तीन नए आपराधिक कानून, नागरिक अधिकारों के रक्षक और ‘न्याय की सुगमता’ का आधार बन रहे हैं। गृह मंत्री ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को जल्द से जल्द नए आपराधिक कानूनों को शत-प्रतिशत कार्यान्वित करने को कहा।
श्री अमित शाह ने कहा कि नए कानून पीड़ित और नागरिक केन्द्रित हैं और इन्हें इसी भावना के साथ मुस्तैदी से लागू किए जाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार को नए कानूनों पर शत-प्रतिशत अमल की दिशा में तकनीक और अन्य क्षेत्रों में gaps भरने के प्रयास करने चाहिएं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ज़्यादा FIR दर्ज होने वाले क्षेत्रों के सभी पुलिस स्टेशनों और जेलों में नए कानूनों के शत-प्रतिशत अमल को प्राथमिकता दे। तकनीक के उपयोग पर बल देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि राज्य के हर ज़िले में एक से अधिक फॉरेन्सिक मोबाइल वैन उपलब्ध हों। श्री शाह ने कहा कि फॉरेन्सिक विज़िट के लिए टीमों को तीन श्रेणियों – गंभीर, सामान्य और अति सामान्य - में विभाजित करना चाहिए जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। इसके साथ ही गृह मंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए निर्दिष्ट स्थान तय करने के लिए प्रोटोकॉल बने और सभी स्थानों पर लगने वाले कैमरा उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले हों।
श्री अमित शाह ने कहा कि इस बात की नियमित और निरंतर मॉनीटरिंग होनी चाहिए कि दर्ज की गई कुल Zero FIRs में से कितनी FIRs में न्याय मिला और कितनी FIRs राज्यों को स्थानांतरित की गईं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को हर 15 दिन और मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सप्ताह में एक बार तीन नए कानूनों के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा करनी चाहिए। श्री शाह ने उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक को सभी पुलिस अधीक्षकों द्वारा निर्धारित समयसीमा के तहत मामलों की जांच सुनिश्चित करने का सुझाव दिया।