Halloween party ideas 2015


देहरादून :


55th gst council meeting in jaiselmer


प्रदेश के वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल आगामी 20 व 21 दिसम्बर को राजस्थान के जैसलमेर में जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक में प्रतिभाग करेंगे। 


इससे 20 दिसम्बर को प्री बजट बैठक, 21 दिसम्बर को जीएसटी कॉउंसिल बैठक आयोजित की जाएगी। जिसमें भारतवर्ष के सभी राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होंगे।


उत्तराखंड से वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, कमिश्नर इकबाल अहमद, एडिशनल कमिश्नर बीएस नगन्याल, ज्वाइंट कमिश्नर अनुराग मिश्रा प्रतिभाग करेंगे।


आज शासकीय आवास में वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों के साथ राजस्थान के जैसलमेर में आयोजित बैठक में शामिल होने से पूर्व एजेंट पर चर्चा की।

 ऋषिकेश:

Bharat gaurav samman


क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल को नई दिल्ली में बीती देर सांय भारत गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार डॉ अग्रवाल को राजनीति में लंबे अनुभव, अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय रहने तथा सामाजिक कार्यों में योगदान एवं आध्यात्मिक कार्यक्षेत्र से जुड़े रहने पर दिया गया।


नई दिल्ली में आयोजित भारत गौरव पुरस्कार के आठवें अधिवेशन में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी , प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र भट्ट , केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती नीमूबेन बंभानिया , प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम , डॉ. संदेश यादव जी, और श्री आकाश पांडेय द्वारा सम्मान प्रदान किया गया।


इस अवसर पर डॉ अग्रवाल ने कहा कि यह सम्मान को अपने कार्यों के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता और सेवा भावना का प्रतीक मानते हैं। साथ ही, यह पुरस्कार उन्हें समाज की सेवा में और भी अधिक समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देगा।


बता दे कि भारत गौरव अवॉर्ड फाऊंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में देशभर के 14 राज्यों के दो लोकसभा सदस्यों, दो राज्यसभा सदस्यों, पद्मश्री, पद्म विभूषण, आध्यात्मिक तथा सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाने वाले लोगों को पुरस्कार दिया गया।

खिलाड़ी ही दे सकते हैं रजत जयंती का गिफ्ट

- प्रदेश की खेल सुविधाओं में  उस समय एक नया आयाम जुड़ गया जब हरिद्वार  में बुधवार को रोशनाबाद में खेल मंत्री रेखा आर्या ने नए बास्केटबॉल कोर्ट का लोकार्पण किया।

38th national games  uttarakhand


खेल मंत्री रेखा आर्या ने करीब डेढ़ घंटे का वक्त खिलाड़ियों से मिलने में  बिताया । रोशनाबाद में चल रहे तीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के एक-एक खिलाड़ी से मिलकर उन्होंने उनका हौसला बढ़ाया और आगामी राष्ट्रीय खेल के लिए शुभकामना दी । खेल *मंत्री ने उनसे कहा कि लोकार्पण तो एक औपचारिक कार्यक्रम है, मैं खास तौर से सिर्फ आपसे मुलाकात और बातचीत करने यहां आई हूं।* खिलाड़ियों से पूछा कि उन्हें खाना कैसा मिल रहा है, कोच कैसी तैयारी कर रहे हैं और क्या वे व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। इस दौरान खिलाड़ियों ने खेल मंत्री के साथ जमकर सेल्फी ली और फोटोग्राफी कराई। 

 इस मौके पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने तीन प्रशिक्षण शिविरों में शामिल खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट भी बांटी। 


सबसे पहले खेल मंत्री रेखा आर्या ने रोशनाबाद स्पोर्ट्स स्टेडियम में पूजन हवन करके नवनिर्मित बास्केटबॉल कोर्ट का लोकार्पण किया ।

 उन्होंने कहा कि यह बास्केटबॉल कोर्ट प्रदेश की खेल यात्रा में एक और मील का पत्थर साबित होगा । खेल मंत्री ने कहा कि अन्य खेलों की तरह ही हरिद्वार जल्द बास्केटबॉल खिलाड़ियों की नर्सरी के रूप में भी नाम रोशन करेगा ।  उनका कहना था कि 28 जनवरी से शुरू हो रहे 38 वें  नेशनल गेम्स में हरिद्वार हॉकी, कुश्ती और कबड्डी के रूप मे तीन इवेंट आयोजित कर रहा है और यह धर्मनगरी के लिए गौरव की बात है। उत्तराखंड बास्केटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास तिवारी ने कहा कि खेल मंत्री रेखा आर्या के प्रयासों से भारतीय ओलंपिक संघ ने दो परंपरागत खेलों योगासन और मलखंब को भी पदक कैटेगरी में शामिल कर लिया है। । बास्केटबॉल कोर्ट के लोकार्पण के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने रोशनाबाद स्पोर्ट्स स्टेडियम में बन रहे नए 400 मीटर ट्रैक का निरीक्षण किया और इसके काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा ।

 इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, जिला क्रीड़ा अधिकारी शाबली गुरुंग, समाजसेवी विशाल गर्ग व अन्य अधिकारी गण मौजूद रहे। 

राष्ट्रीय खेलों में पारदर्शिता रखने के लिए नई पहल की गई है । खेल मंत्री ने बताया कि प्रदेश की कोई भी खेल प्रतिभा इन खेलों में भाग लेने से वंचित न हो जाए इसके लिए जनवरी के पहले सप्ताह में ओपन सिलेक्शन ट्रायल कराया जाएगा।

 खेल मंत्री ने बताया कि जो खिलाड़ी किसी वजह से प्रशिक्षण शिविरों में शामिल नहीं हो पाए हैं वे भी ओपन ट्रायल में शामिल होंगे और इसके जरिए हर हुनरमंद खिलाड़ी को प्रदेश की टीम में चयनित होने का मौका मिलेगा।खेल मंत्री ने बताया कि उन्होंने इसके लिए ओलंपिक संघ से बात की है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान कहा कि हम अगले साल प्रदेश का रजत जयंती स्थापना वर्ष मना रहे हैं और इस मौके पर प्रदेश को सबसे बड़ा गिफ्ट आप लोग ज्यादा से ज्यादा मैडल जीत कर दे सकते हैं । उन्होंने से कहा कि आप से बेहतर गिफ्ट उत्तराखंड प्रदेश की 25वीं वर्षगांठ पर कोई और नहीं दे सकता। 

*ओपन ट्रायल के जरिए होगा सलेक्शन* 

प्रदेश में होने वाले 38 वें राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों के सलेक्शन में पूरी तरह 

- *राज्य स्तरीय बाल अधिकार एवं सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में बोली कैबिनेट मंत्री*

 

 अपने जीवन को ऐसा बनाइये कि आपके माता-पिता, समाज और देश आप पर गौरव कर सके। बुधवार को बाल अधिकार एवं सुरक्षा पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुई कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने यह बात कही । उन्होंने शिक्षा व खेलों के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित भी किया । 

बुधवार को आईआरडीटी ऑडिटोरियम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित कार्यशाला का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक होना होगा । उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद बच्चों से कहा कि 24 वर्ष की आयु तक वह अपने व्यक्तित्व का जैसा निर्माण करेंगे वैसा ही नागरिक समाज और देश को मिलेगा । 


इसलिए शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति और सभ्यता भी सीखना बच्चों के लिए जरूरी है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सभागार में मौजूद सभी बच्चों को आगामी राष्ट्रीय खेलों में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री ने विभिन्न खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया। 


बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष डा.गीता खन्ना ने प्रतिभागी बच्चों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया।  


बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य दीपक गुलाटी ने कहा कि बच्चों के अधिकारों के प्रति समाज को अधिक संवेदनशील होना होगा। उन्होंने कहा आयोग लगातार बाल अधिकारों को सुरक्षित रखने के अलावा आम लोगों को इसके प्रति संवेदनशील बनाने में अहम भूमिका निभा रहा हैI दीपक गुलाटी ने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित और स्वस्थ परिवेश उपलब्ध कराकर ही देश के उज्जवल भविष्य की नींव रखी जा सकती है । कार्यक्रम में महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल,राज्यमंत्री विश्वास डाबर, दून विवि कुलपति डॉ सुरेखा डंगवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य दीपक गुलाटी, विनोद कपड़वान, धर्म सिंह आदि मौजूद रहे।





*सोशल मीडिया पर लगाइए नेशनल गेम्स के प्रतीक*


 खेल मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों, कोचेज और प्रदेश की पूरी जनता से यह अपील भी की कि वह अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नेशनल गेम्स के प्रतीक बतौर स्टेटस लगाएं  जिससे प्रदेश से बाहर के लोगों को भी पता चले कि उत्तराखंड राष्ट्रीय खेलों की तैयारी किस तरह से कर रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के शुभंकर, लोगो, एंथम, जर्सी और मशल की फोटो सबको अपने फेसबुक और व्हाट्सएप इंस्टाग्राम आईडी पर अपलोड करना चाहिए




 

 

आज का राशिफल

*दिनांक:- 19/12/2024, गुरुवार*

चतुर्थी, कृष्ण पक्ष, 

पौष

Rashifal today 19 dec 2024


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 *श्री सर्वेश्वर देवाचार्य पाटोत्सव 


*प्रथम गुरुवार मेला लक्ष्मी जी बेलवन (वृन्दावन)


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


न विश्वसेत्कुमित्रे च मित्रे चापि न विश्वसेत् ।

कदाचित्कुपितं मित्रं सर्वगुह्यं प्रकाशयेत् ।।

।। चा o नी o।।


एक बुरे मित्र पर तो कभी विश्वास ना करे। एक अच्छे मित्र पर भी विश्वास ना करें। क्यूंकि यदि ऐसे लोग आपसे रुष्ट होते है तो आप के सभी राज से पर्दा खोल देंगे।


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -:     भक्तियोग अo-12


क्लेशोऽधिकतरस्तेषामव्यक्तासक्तचेतसाम्‌ ।,

अव्यक्ता हि गतिर्दुःखं देहवद्भिरवाप्यते ॥,


उन सच्चिदानन्दघन निराकार ब्रह्म में आसक्त चित्तवाले पुरुषों के साधन में परिश्रम विशेष है क्योंकि देहाभिमानियों द्वारा अव्यक्तविषयक गति दुःखपूर्वक प्राप्त की जाती है॥,5॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति के सहयोग से कार्य की बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। परिवार के लोग अनुकूल व्यवहार करेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। नए लोगों से संपर्क होगा। आय में वृद्धि तथा आरोग्य रहेगा। चिंता में कमी होगी। जल्दबाजी न करें।


🐂वृष

किसी जानकार प्रबुद्ध व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होने के योग हैं। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। किसी राजनयिक का सहयोग मिल सकता है। लाभ के दरवाजे खुलेंगे। चोट व दुर्घटना से बचें। व्यस्तता रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस होगी। विवाद से बचें। धन प्राप्ति होगी। प्रमाद न करें।


👫🏽मिथुन

स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चोट व दुर्घटना से बचें। आय में कमी रह सकती है। घर-बाहर असहयोग व अशांति का वातावरण रहेगा। अपनी बात लोगों को समझा नहीं पाएंगे। ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा खर्च होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। हितैषी सहयोग करेंगे। धनार्जन संभव है।


🦀कर्क

नई योजना लागू करने का श्रेष्ठ समय है। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक कार्य सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। सफलता के साधन जुटेंगे। जोखिम न उठाएं।


🐅सिंह

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। बनते कामों में विघ्न आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जीवनसाथी से सामंजस्य बैठाएं। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। बेवजह लोगों से मनमुटाव हो सकता है। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। आय में निश्चितता रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। जल्दबाजी न करें।


🙍‍♀️कन्या

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सुकून रहेगा। जल्दबाजी में कोई आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। कानूनी अड़चन आ सकती है। विवाद न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।


⚖️तुला

स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि तथा उन्नति मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टनरों का सहयोग समय पर प्राप्त होगा। यात्रा की योजना बनेगी। घर-बाहर कुछ तनाव रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।


🦂वृश्चिक

भूले-बिसरे साथी तथा आगंतुकों के स्वागत तथा सम्मान पर व्यय होगा। आत्मसम्मान बना रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। परिवार के सदस्यों की उन्नति के समाचार मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक सहयोग बना रहेगा। किसी व्यक्ति की बातों में न आएं, लाभ होगा।


🏹धनु

दु:खद सूचना मिल सकती है, धैर्य रखें। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। अपने काम पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। लाभ होगा।


🐊मकर

पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। स्वादिष्ट व्यंजनों का लाभ मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेंगे। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। काम में मन लगेगा। शेयर मार्केट में लाभ रहेगा। नौकरी में सुविधाएं बढ़ सकती हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। धन प्राप्ति सुगमता से होगी।


🍯कुंभ

घर-बाहर प्रसन्नतादायक वातावरण रहेगा। नौकरी में चैन महसूस होगा। व्यापार से संतुष्टि रहेगी। संतान की चिंता रहेगी। प्रतिद्वंद्वी तथा शत्रु हानि पहुंचा सकते हैं। मित्रों का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। यात्रा की योजना बनेगी। प्रसन्नता रहेगी।


🐟मीन

यात्रा मनोनुकूल मनोरंजक तथा लाभप्रद रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। व्यापार-व्यवसाय से मनोनुकूल लाभ होगा। घर-बाहर सफलता प्राप्त होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। काम में लगन तथा उत्साह बने रहेंगे। मित्रों के साथ प्रसन्नतापूर्वक समय बीतेगा।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

30 देशों के 142 खरीदार बी2बी बैठकों में शामिल हुए


देहरादून, 18 दिसंबर:

World ayurveda congress 2024


 इस सप्ताह की शुरुआत में देहरादून में संपन्न हुए 10वें वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस (विश्व आयुर्वेद कांग्रेस-डब्ल्यूएसी 2024) और आरोग्य एक्सपो में कुल 150 मिलियन (लगभग ₹ 1,275 करोड़) अमरीकी डॉलर के व्यापारिक सौदे हुए, जो आयुर्वेदिक दवाओं और स्वास्थ्य उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग को दर्शाता है।


12 से 15 दिसंबर तक चले आयुर्वेद क्षेत्र और संबद्ध हितधारकों के प्रमुख द्विवार्षिक सम्मेलन के आयोजन ने कारोबार होने के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। इसकी बड़ी वजह थी  30 देशों के 142 खरीदारों का आयुष निर्यात संवर्धन परिषद (आयुष एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल -आयुषेक्सिल) द्वारा आयोजित लगभग 3200 बी2बी बैठकों में भाग लेना।


विश्व आयुर्वेद फाउंडेशन (WAF) द्वारा आयुष मंत्रालय, भारत सरकार, उत्तराखंड सरकार, अन्य राज्य सरकारों और प्रमुख आयुर्वेद प्रतिष्ठानों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ''डिजिटल स्वास्थ्य, एन आयुर्वेद पर्सपेक्टिव' था।


 डब्ल्यूएसी 2024 में कुल 10321 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें से 352 प्रतिनिधि 58 देशों से थे, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए।


देहरादून के विशाल परेड ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य विषयों को कवर करने वाले 172 सत्र शामिल थे, जिसका उद्देश्य आयुर्वेद को मुख्य स्वास्थ्य विकल्प के रूप में वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से प्रयास करना था।


डब्ल्यूएसी 2024 की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि सभा में 27 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिन्होंने आयुर्वेद की देश में क्या स्थिति है, इस पर रिपोर्ट प्रस्तुत की। साथ ही, डब्ल्यूएएफ ने आयुर्वेद की वैश्विक वापसी को और गति देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ बनाने की पहल की। 


 


इस कार्यक्रम में भारत के बाहर किसी आयुर्वेद संस्थान के लिए पहली बार यूरोप आयुर्वेद अकादमी एसोसिएशन को मान्यता प्रदान की गई।


आयुष चेयर पैनल चर्चा में थाईलैंड, मॉरीशस, लातविया, रूस के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।


एक लाख वर्ग फीट क्षेत्र में आयोजित आरोग्य एक्सपो में प्रमुख आयुर्वेदिक संस्थानों के उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित किया गया, जिसमें लगभग डेढ लाख लोगों ने भाग लिया।


कार्यक्रम के दौरान आयुष क्लिनिक में, जहां प्रमुख चिकित्सकों ने निःशुल्क सेवा प्रदान की, 4000 से अधिक लोगों ने नैदानिक परामर्श प्राप्त किया।


चार दिवसीय बैठक के अन्य मुख्य आकर्षणों में उद्योग सम्मेलन(इंडस्ट्री कान्क्लेव(-इन्वेस्ट इंडिया, एनसीआईएम कान्क्लेव, पारंपरिक चिकित्सकों की बैठक, अंतर्राष्ट्रीय औषधीय पौधों की संगोष्ठी (इंटरनेशनल मेडिसिनल प्लांट सेमीनार) , पशु चिकित्सा आयुर्वेद के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (इंटरनेशनल कान्कलेव्स ऑफ वेटेनरी आयुर्वेद), वृक्ष आयुर्वेद और आयुर्वेद फिल्म महोत्सव शामिल थे।


सम्मेलन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी एकत्रित हुए, जिन्होंने गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय चुनौतियों से जूझ रही दुनिया में एक समग्र और स्थायी स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में आयुर्वेद की बढ़ती हिस्सेदारी पर विचार-विमर्श किया।

 *उत्तराखंड में जनवरी 2025 से लागू होगी समान नागरिक संहिता – मुख्यमंत्री* 

UCC in Uttarakhand. 2025


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड में जनवरी 2025 से  समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस तरह उत्तराखंड, आजादी मे बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला प्रदेश बन जाएगा।  


बुधवार को सचिवालय में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की बैठक के दौरान सीएम श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने संकल्प के अनुसार, समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में होमवर्क पूरा कर चुकी है। उन्होंने कहा कि मार्च 2022 में प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति, गठित करने का निर्णय लिया गया था। इस क्रम में सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया। समिति की रिपोर्ट के आधार पर 07 फरवरी, 2024 को राज्य विधान सभा से समान नागरिक संहिता विधेयक 2024 पारित किया गया। इस विधेयक पर महामहिम राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद 12 मार्च, 2024 को इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसी क्रम में अब समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम की नियमावली भी तैयार कर ली है। इस तरह उत्तराखंड अब जनवरी से समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए, संहिता के प्रावधान लागू करने के लिए कार्मिकों का समुचित प्रशिक्षण देने के साथ ही सभी तरह की आधारभूत सुविधाएं जुटा ली जाएं। साथ ही अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन रखते हुए, जनसामान्य की सुविधा का ख्याल रखा जाए।


 मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सामान्य की सुलभता के दृष्टिगत समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक पोर्टल तथा मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जिससे कि पंजीकरण, अपील आदि की समस्त सुविधाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं।


*जनवरी, 2025 में उत्तराखंड में राज्य समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। उत्तराखंड का समान नागरिक संहिता कानून, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की मूल भावना पर चलते हुए, समाज को नई दिशा देगा। यह कानून विशेषकर  देवभूमि की महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के नए द्वार खोलेगा।*


*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*

नेशनल गेम्सः वाॅलंटियर बनने का क्रेज, तैयारी तेज*


*छात्रों से लेकर रिटायर्ड आर्मी अफसर तक लाइन में, अन्य राज्यों से भी रजिस्ट्रेशन*


*दस हजार पहुंचने वाला है वाॅलंटियर रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा*


*खेल विभाग को दो से ढाई हजार वाॅलंटियर की आवश्यकता*


38 वें नेशनल गेम्स की तेज होती तैयारियों के बीच वाॅलंटियर बनने का जबरदस्त क्रेज है। काॅलेजों के छात्रों से लेकर रिटायर्ड आर्मी अफसर तक वाॅलंटियर बनने के लिए लाइन में हैं। यही नहीं, उत्तराखंड से बाहर के अन्य प्रदेशों से भी रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा दस हजार तक पहुंचने वाला है। हालांकि विभाग की आवश्यकता दो से ढाई हजार वाॅलंटियर्स की है। नेशनल गेम्स के शुभंकर समेत अन्य प्रतीकों की लाॅंचिंग के बाद रजिस्ट्रेशन में तेजी आई है।


नेशनल गेम्स सचिवालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा के अनुसार नेशनल गेम्स जैसे बडे़ आयोजन के लिए सभी का सहयोग लिया जा रहा है। वाॅलंटियर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया फिलहाल गतिमान है। वाॅलंटियर नेशनल गेम्स के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाएंगे। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत आर्या ने  बताया कि कई रिटायर्ड अफसरों ने भी वाॅलंटियर बनने की इच्छा प्रकट करते हुए रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र व अन्य प्रदेशों से भी रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं।


*इस तरह बन सकेंगे नेशनल गेम्स वाॅलंटियर*


यदि आप नेशनल गेम्स में वाॅलंटियर बतौर अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आप खेल विभाग की वेबसाइट 38nguk.in पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यह जरूरी है कि आपकी आयु 18 वर्ष या इससे अधिक हो। रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद आपके स्तर पर दी गई जानकारी के आधार पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। रजिस्ट्रेशन कराते वक्त आपको श्रेणियों के दो विकल्प मिलेंगे। इसमें से एक खेल पृष्ठभूमि को इंगित करता विकल्प होगा, जबकि दूसरा विकल्प सामान्य होगा। 


*वाॅलंटियर बनें या ना बनें, मिलेगा सर्टिफिकेट*

नेशनल गेम्स के वाॅलंटियर के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद आप विभाग से एक सर्टिफिकेट प्राप्त करने के अधिकारी हो जाएंगे। यह ई-सर्टिकिकेट होगा, जो कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले हर एक को दिया जाएगा। वाॅलंटियर बतौर चयनित हो जाने वालों को नेशनल गेम्स 2025 का सर्टिफिकेट अलग से मिलेगा। चयनित वाॅलटियर को विभाग के स्तर पर आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद, उन्हें जरूरत के हिसाब से अलग-अलग जगहों पर तैनात किया जाएगा। स्पोर्ट्स इवेन्ट से लेकर पार्किंग, मेहमानों को लाने-ले जाने से लेकर अन्य तमाम व्यवस्थाओं में वाॅलंटियर सहयोग करेंगे।


*रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध*

नेशनल गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की अंतिम तिथि 25 दिसंबर 2024 तय की गई है, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग की ओर से तिथि विस्तारित करने का अनुरोध किया गया है। खेल विभाग ने इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। खेल विभाग जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह तक वाॅलंटियर के चयन की प्रक्रिया को पूरा कर लेना चाहता है, ताकि उसी हिसाब से प्रशिक्षण व तैनाती संबंधी कार्य फाइनल किए जा सकें।


*नेशनल गेम्स का आयोजन किसी विभाग का नही, बल्कि ये पूरे उत्तराखंड का है। सभी के सहयोग से उत्तराखंड नेशनल गेम्स का भव्य आयोजन करेगा। मैं सभी से ये आह्वान करता हूं कि इस महा आयोजन के साथ वह किसी न किसी रूप में अवश्य जुड़े। नेशनल गेम्स की मेजबानी मिलना हमारा सौभाग्य है।*

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री*

*उत्तराखण्ड में वैडिंग डेस्टिनेशन विकसित करने के लिए 04 सप्ताह में पॉलिसी बनाई जाय-मुख्यमंत्री।*

*पंतनगर और देहरादून एयरपोर्ट में विमानों की नाइट लैंडिग की व्यवस्था के लिए जल्द कार्यवाही की जाए।* 

*दो  नये शहरों को विकसित करने की कार्ययोजना को धरातल पर लाने के लिए तेजी से कार्यवाही की जाए।*

*विरासत के साथ विकास के मॉडल पर कार्य किया जाए।*


उत्तराखण्ड में वैडिंग डेस्टिनेशन विकसित किये जाने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा 04 सप्ताह में पॉलिसी बनाई जाए। पंतनगर और देहरादून एयरपोर्ट में विमानों की नाइट लैंडिग की व्यवस्था के लिए की जा रही कार्यवाही में तेजी लाई जाए। दो  नये शहरों को विकसित करने की कार्ययोजना को धरातल पर लाने के लिए तेजी से कार्यवाही की जाए। गंगा और शारदा कॉरिडोर डेवलपमेंट और डाकपत्थर में बनने वाले नॉलेज सिटी के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किये जाएं। जून 2026 तक सभी परियोजनाओं पर विधिवत कार्य प्रारंभ किया जाए।बुधवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यू.आई.आई.डी.बी.) की तृतीय बैठक के दौरान ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत के साथ विकास के मॉडल पर कार्य किया जाए। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आगामी 25 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकास योजनाओं का सुनियोजित प्लान कर कार्य किये जाएं। 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य में भी अल्पकालिक, लघुकालिक और दीर्घकालीन योजनाओं पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड के तहत सभी परियोजनाओं से संबधित क्षेत्रों के विकास के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जाए। जनप्रतिनिधियों और स्टेक होल्डरों के सुझावों को शामिल कर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जायेगी। 


मुख्यमंत्री ने प्रदेश को वैडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाने के लिये विभिन्न स्थलों का चयन कर वहां अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर ध्यान देने को कहा। इसके लिए वेडिंग प्लानरों, होटल समूहों से सहयोग लेकर इसके प्रचार प्रसार पर भी ध्यान देने पर बल दिया। राज्यों में दो नये शहरों के विकास और सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना के तहत कार्य करने के उन्होंने निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यू.आई.आई.डी.बी. की परियोजनाओं के तहत पर्यटन और तीर्थाटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। गंगा और शारदा कोरिडोर के पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य हित में जिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिये यू.आई.आई.डी.बी. का गठन किया गया है, उसके परिणाम शीघ्र धरातल पर दिखाई दंे।  


बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, विधायक श्री मदन कौशिक, श्रीमती रेनू बिष्ट, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, श्री शैलेश बगोली, श्री दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर राजेश कुमार, उपाध्यक्ष एमडीडीए श्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, जिलाधिकारी पौड़ी डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी हरिद्वार श्री कर्मेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 राज्यसभा में देश के  गृह मंत्री  अमित शाह  ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को उत्तराखंड में सबसे पहले लागू करने की बात का ज़िक्र  किया जिस पर सीएम धामी  ने आभार जताया।


श्री अमित शाह ने कहा  कि यह भाजपा सरकार की अपने वादे के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारी डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में समान अधिकार की यह गंगा जो देवभूमि उत्तराखण्ड से निकली है वह देश के हर राज्य तक शीघ्र पहुंचेगी।*

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज राज्यसभा में भारत के संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुई चर्चा का उत्तर दिया


पढ़ने का चश्मा अगर विदेशी है तो संविधान में भारतीयता कभी दिखाई नहीं देगी


एक परिवार पार्टी को परिवार की जागीर समझता है और साथ ही संविधान को भी निजी जागीर समझता है


हमारी सरकार द्वारा किये गए संविधान संशोधन लोकतंत्र को मज़बूत करने और जिनको अधिकार नहीं है ऐसे लोगों को समकक्ष अधिकार देने के लिए थे और विपक्षी पार्टी की सत्ता को बनाए रखने के लिए परिवर्तन किए गए


विपक्ष ने संविधान को हाथ में रखकर झूठ बोलकर जनादेश लेने का कुत्सित प्रयास किया है


संविधान सभाओं में लहराने और बहकाने का मुद्दा नहीं है, संविधान एक विश्वास और श्रद्धा है


वीर सावरकर जी के बारे में अपमानजनक बातें करने वाले लोगों को सावरकर जी की महानता पर इंदिरा गांधी के विचारों को पढ़ना चाहिए


मुस्लिम पर्सनल लॉ इस देश में संविधान आने के बाद तुष्टिकरण की शुरुआत है


शरिया लागू करना है तो पूरा कीजिए, क्रिमिनल से क्यों निकाल दिया


नेहरू जी ने 'भारत' नाम का विरोध किया... अगर इंडिया के चश्मे से 'भारत' को देखोगे, तो 'भारत' कभी समझ नहीं आएगा


देशभक्ति, वीरता और बलिदान को धर्म, विचारधारा और पार्टी के साथ मत जोडिए, वीर, देशभक्त और बलिदानी किसी धर्म और विचारधारा का नहीं होता


राजनीतिक लाभ के लिए लोकसभा और विधानसभाओं के कार्यकाल को 6 साल तक बढ़ाने जैसी निर्लज्जता विपक्षी पार्टी के अलावा दुनिया में किसी और ने नहीं की



केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज राज्यसभा में भारत के संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुई चर्चा का उत्तर दिया।


चर्चा का जवाब देते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि ये चर्चा एक ओर जनता को ये अहसास कराएगी कि संविधान के कारण हमारा देश कितना आगे बढ़ा और दूसरी ओर संविधान की मूल भावना के कारण ही 75 साल में लोकतंत्र की जड़ें गहरी होने का अहसास भी कराएगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ये भी अहसास होता है कि जब संविधान की भावनाओं के साथ कोई छेड़छाड़ का प्रयास करता है तो किस प्रकार की घटनाएं होती हैं। श्री शाह ने कहा कि संविधान पर दोनों सदनों में हुई चर्चा हमारे किशोरों और युवा पीढ़ी के साथ-साथ संसद में बैठकर देश के भविष्य का निर्णय करने वालों के लिए शिक्षाप्रद साबित होगी। उन्होंने कहा कि ये चर्चा देश की जनता के लिए भी ये तय करने में मदद करेगी कि किस पार्टी ने संविधान का सम्मान किया और किस पार्टी ने नहीं किया।


केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि लंबी आज़ादी की लड़ाई के बाद जब भारत आज़ाद हुआ तो दुनिया में कई देशों का मानना था कि ये देश बिखर जाएगा और आर्थिक रूप से कभी आत्मनिर्भर नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा कि आज संविधान को स्वीकार करने के 75 साल बाद जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो हमें सरदार पटेल का धन्यवाद करना चाहिए कि उनके अथक परिश्रम के कारण आज देश एक होकर मज़बूती के साथ दुनिया के सामने खड़ा है। श्री शाह ने कहा कि पिछले 75 साल में हमारे पड़ोस में कई देशों में कई बार लोकतंत्र को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन भारत के लोकतंत्र की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि बिना किसी रक्तपात के हमारे यहां अनेक परिवर्तन हुए। उन्होंने कहा कि भारत की जनता ने अनेक तानाशाहों के गुमान, अभिमान और अहंकार को चूर-चूर करने का काम लोकतांत्रिक तरीके से किया है।


श्री अमित शाह ने कहा कि जो लोग कहते थे कि हम आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो सकेंगे, उन्हें भी देश की जनता और हमारे संविधान की खूबसूरती ने जवाब दिया है और आज हम विश्व का पांचवा सबसे बड़ा अर्थतंत्र बनकर सम्मान के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि जिस ब्रिटेन ने सालों तक हम पर राज किया, आज वो भी हमारे पीछे खड़ा है और ये हम सबके लिए गौरव और संकल्प लेने का पल है।


केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि 31 घंटे तक चली इस चर्चा में 80 से ज़्यादा सांसदों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि आज हम जिस मुकाम पर खड़े हैं, वहां से महर्षि अरविंद और स्वामी विवेकानंद की वो भविष्यवाणी सच होती दिखाई देती है जब भारत माता अपने दैदीप्यमान और ओजस्वी स्वरूप से खड़ी होगी तब दुनिया की आंखें चकाचौंध हो जाएंगी और पूरी दुनिया भारत की ओर देखेगी। उन्होंने कहा कि उस दिन के नज़दीक आने का सफर हमने काफी हद तक पूरा कर लिया है।


श्री अमित शाह ने कहा कि हमारा संविधान, संविधान सभा और संविधान की रचना की प्रक्रिया दुनिया के सभी संविधानों में अनूठी है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां दुनिया का सबसे ज़्यादा विस्तृत और लिखित संविधान, चर्चा के हमारे पारंपरिक लक्षणों के साथ बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इस संविधान सभा में 299 सदस्य थे, 22 धर्मों, जातियों और समुदायों के सदस्य थे, हर प्रिंसली स्टेट और राज्य का प्रतिनिधित्व था। उन्होंने कहा कि एक प्रकार से समावेशी प्रतिनिधित्व के साथ भारत का भविष्य तय करने, यानी संविधान की रचने की हमारी प्रक्रिया आगे बढ़ी। श्री शाह ने कहा कि 2 साल, 11 माह और 18 दिन तक अनवरत विस्तृत चर्चा चली और देश के भविष्य, देश चलाने के नियम और देश की परंपरा को समाहित करते हुए देश को आगे ले जाने का संकल्प बना। उन्होंने कहा कि 13 समितियों में कार्य विभाजन किया गया, 7 सदस्यीय ड्राफ्टिंग समिति बनी और शायद ही दुनिया का कोई ऐसा संविधान होगा जिसका ड्राफ्ट जनता को कमेंट्स के लिए दिया गया हो। उन्होंने कहा कि इतनी गहरी लोकतांत्रिक परंपरा और प्रक्रिया से बना हमारा संविधान, 295 अनुच्छेदों, 22 भागों और 12 अनुसूचियों में बंटा है और ये सभी विश्व के किसी भी संविधान से अधिक उदार मानव मूल्यों का सृजन करने वाले रहे हैं। गृह मंत्री ने कहा कि हमें इस पर गर्व है और हम सभी इसे हमेशा मस्तक झुकाकर प्रणाम करते हैं।


केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमारे संविधान में भगवान राम, बुद्ध, और महावीर, दसवें गुरू गोविंद सिंह के भी चित्र मिलेंगे। इसके साथ साथ, गुरुकुल के माध्यम से हमारी शिक्षा नीति कैसी होनी चाहिए, इसका संदेश भी मिलता है। इसी प्रकार, भगवान श्री राम, सीता और लक्ष्मण को एक प्रकार से हमारे अधिकारों का चित्रण करते हुए दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि भगवत गीता के संदेश के चित्र, शिवाजी महाराज और लक्ष्मीबाई को भी संविधान में स्थान देकर देशभक्ति का पाठ हमें सिखाया गया है। श्री शाह ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय हमारी प्राचीन शिक्षा पद्धति का स्मरण कराता है और नटराज जीवन में संतुलन के सिद्धांत को इंगित करते हैं। श्री शाह ने कहा कि अगर संदेश लेना नहीं आता तो संविधान का भी कोई उपयोग नहीं है। उन्होंने कहा कि ये सारे चित्र हमारे हज़ारों साल पुराने भारतवर्ष के जीवन को उद्घोषित करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि कोई ये न समझे कि हमारा संविधान दुनिया के संविधानों की नकल है। उन्होंने कहा कि हमने हर संविधान का अभ्यास ज़रूर किया है क्योंकि हमारे ऋगवेद में कहा गया है कि हर कोने से हमें अच्छाई और शुभ विचार प्राप्त हों और इसे स्वीकारने के लिए हमारा मन खुला हो।


श्री अमित शाह ने कहा कि पढ़ने का चश्मा अगर विदेशी है तो संविधान में भारतीयता कभी दिखाई नहीं देगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी संविधान को सिर्फ शब्दों में छापा है और चित्रों को निकाल दिया है, उन्होंने संविधान की भावनाओं के साथ छल किया है। श्री शाह ने कहा कि हमारी संविधान सभा के सदस्यों, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डॉ बीआर अंबेडकर, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू, श्री काटजू, के टी शाह, आयंगार, मौलाना आज़ाद, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, डॉ राधाकृष्णन, के एम मुंशी जैसे विद्वानों ने अनेक चर्चाओं में हिस्सा लेकर संविधान को समद्ध और संपूर्ण बनाने का काम किया। उन्होंने कहा कि संविधान सभा के सदस्यों के अलावा, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद, महात्मा गांधी, गोपाल कृष्ण गोखले, तिलक जी, वीर सावरकर, लाला लाजपतराय के साथ-साथ राष्ट्र, लोकतंत्र और हमारी परंपराओं में उच्च मूल्यों को स्थापित करने वाले हर महापुरुष की भावनाओं का उल्लेख कर किसी न किसी सिद्धांत को इसमें स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि जिस संविधान में इतने सारे मनीषियों के अच्छा विचार हों, उसे सफल होना ही था।


केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि हमारे संविधान को 75 साल हो गए हैं औऱ इसे किस प्रकार से राजनीतिक दलों और सरकारों ने आगे बढ़ाया, इसकी भी चर्चा ज़रुर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान की रचना के बाद डॉ अंबेडकर ने कहा था कि कोई संविधान कितना भी अच्छा हो, वो बुरा बन सकता है अगर जिन लोगों पर उसे चलाने की ज़िम्मेदारी है वो अच्छे न हों। इसी प्रकार कोई भी संविधान कितना भी बुरा हो, वो अच्छा साबित हो सकता है अगर उसे चलाने वालों की भूमिका सकारात्मक और अच्छी हो। श्री शाह ने कहा कि ये दोनों घटनाएं हमने संविधान के 75 साल के कालखंड में देखी हैं।


श्री अमित शाह ने कहा कि हमारे संविधान को कभी भी अपरिवर्तनशील नहीं माना गया है और समय के साथ देश, कानून और समाज को बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान के अंदर ही अनुच्छेद 368 में संविधान संशोधन के लिए प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने 16 साल राज किया, 6 साल अटल जी ने, 10 साल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया और 5 साल और प्रधानमंत्री मोदी जी करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 22 बार संविधान में परिवर्तन किए। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी ने 55 साल के अपने शासन में 77 संविधान परिवर्तन किए। श्री शाह ने कहा कि दोनों पार्टियों द्वारा संविधान में किए गए परिवर्तनों का उद्देश्य क्या था? क्या हमारे लोकतंत्र को मज़बूत करने या जिनको अधिकार नहीं है ऐसे लोगों को समकक्ष अधिकार देने के लिए या अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए परिवर्चन किए गए? उन्होंने कहा कि संविधान परिवर्तन के पीछे उद्देश्य से ही पार्टी का चरित्र, चलने की पद्धति और संविधान में विश्वास प्रतिबिंबित होता है।


केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पहला संशोधन 18 जून 1951 को हुआ जिसे संविधान सभा ने ही किया। उन्होंने कहा कि इस संशोधन में 19ए को जोड़ा गया, इसका उद्देश्य क्या था और इसे किस लिए जोड़ा गया? 

उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी को curtail करने लिए किया गया। उन्होंने कहा कि ये संशोधन किसने किया, उस वक्त प्रधानमंत्री कौन थे। उन्होंने कहा कि पहला संविधान संशोधन अभिव्यक्ति की आजादी को रोकने के लिए लाया गया था और इसे जवाहरलाल नेहरू के लिए लाया गया था। 


श्री शाह ने कहा कि 24वां संविधान संशोधन इंदिरा गांधी  की पार्टी 5 नवंबर 1971 को लाई थी। उन्होंने कहा कि 24वें संशोधन के माध्यम से संसद को नागरिकों के मौलिक अधिकार कम करने का अधिकार दे दिया गया। श्री शाह ने कहा कि 39वें संविधान संशोधन ने सभी सीमाओं को पार कर दिया।

 उन्होंने कहा कि 10 अगस्त 1975 का वह दिन हमारे संविधान के इतिहास में हमेशा काले अक्षरों में दर्ज रहेगा जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी जी के चुनाव को अमान्य करार दिया था। उन्होंने कहा कि इंदिरा जी ने संविधान संशोधन से प्रधानमंत्री पद की न्यायिक जांच पर भी प्रतिबंध लगा दिया। उन्होंने कहा कि ये संविधान संशोधन retrospective effect से किया गया था, यानी पुराना मुकदमा भी है तो वह खारिज हो जाएगा।


श्री अमित शाह ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी हैं जो कहते हैं कि मैं प्रधानमंत्री नहीं हूं प्रधान सेवक हूं और दूसरी ओर कोई कहता है मुझ पर मुकदमा नहीं हो सकता मैं शासक हूं और शासन के खिलाफ उंगली नहीं उठाई जाती। उन्होंने कहा कि भले संविधान ने अधिकार दिया लेकिन वह अधिकार उन्होंने समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि श्रीमती इंदिरा गांधी ही 42वां संविधान संशोधन लेकर आईं थी जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष से बढ़कर 6 साल कर दिया गया था। श्री शाह ने कहा कि ऐसा इसी भय से किया था कि उस वक्त चुनाव होतं तो वे हार जाते, इसीलिए लोकसभा के कार्यकाल को ही लंबा कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि इतनी निर्लज्जता के साथ विश्व में कोई संविधान संशोधन नहीं हुआ।


केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  के नेतृत्व में ये सरकार अपना पहला और 101वां संविधान संशोधन 1 जुलाई, 2017 को लाई जब देश के अर्थतंत्र को लय में लाने के लिए जीएसटी को लागू किया गया। उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और कामाख्या से द्वारका तक फैले इस विशाल देश को जीएसटी के तहत लोगों की परेशानी को खत्म कर एक कानून लाने का काम नरेन्द्र मोदी जी ने लोगों की भलाई के लिए किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष जीएसटी तो लाना चाहता ता लेकिन राज्यों क क्षतिपूर्ति की गारंटी नहीं देना चाहता था। उन्होंने कहा कि हम जीएसटी भी लाए और राज्यों को विकास दर के हिसाब से कम्पेनसेशन की गारंटी भी दी और मोदी सरकार ने इस गारंटी का 10 साल तक पालन भी किया। श्री शाह ने कहा कि हम देश के अर्थतंत्र को सुचारू बनाने के लिए संशोधन लाए।


श्री अमित शाह ने कहा कि हम दूसरा संशोधन लाए, 102वां संशोधन नेश्नल कमीशन ऑफ बैकवर्ड क्लास को संवैधानिक दर्जा देने के लिए। उन्होंने कहा कि ये नरेन्द्र मोदी जी इसीलिए कर सके क्योंकि विपक्षी पार्टी ने नहीं किया था। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी की प्राथमिकता और नीति कभी भी पिछड़ी जातियों का कल्याण करने की नहीं रही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार तीसरा संशोधन 12 जनवरी, 2019 को लाई जिसके तहत किसी भी प्रकार का आरक्षण का फायदा न पाने वाली गरीब जाति के बच्चों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया। श्री शाह ने कहा कि विपक्ष ने गरीब कल्याण और गरीबी हटाओ की बातें सालों तक कीं, लेकिन ये करने के लिए समय नहीं मिला और विचार नहीं किया। उन्होंने कहा कि ये विचार मोदी जी को आया और गरीबों के बच्चों को 10 फीसदी आरक्षण देशभर में दिया। उन्होंने कहा कि पहले ओबीसी की पहचान करने के लिए केन्द्र के पास अधिकार थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि 10 अगस्त, 2021 को लाए गए 105वें संशोधन के बाद पिछड़ेपन के निर्णय का अधिकार राज्य सरकारों को दिया गया।


केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा मोदी सररकार का चौथा और कुल 106वां संविधान संशोधन 28 दिसंबर 2023 को लाया गया था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाकर मातृ शक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया। उन्होंने कहा कि दोनो सदनों में 33 प्रतिशत नारी शक्ति की उपस्थिति होने से संविधान निर्माताओं का सपना पूरा हो सकेगा। श्री शाह ने कहा कि इसके अलावा ट्रिपल तलाक समाप्त करने के लिए कानून लाया गया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम माताओं और बहनों के अधिकार पर विपक्ष ने हमेशा से राजनीति की है, जबकि मोदी सरकार ने इन माताओं और बहनों को उनका अधिकार दिलाया है। 


श्री अमित शाह ने कहा कि नयी शिक्षा नीति-2020 लाई गयी, जम्मू कश्मीर में आरक्षण देने का विधेयक पारित हुआ, तीन नये आपराधिक कानून को लागू किया गया। उन्होंने कहा कि 160 वर्ष पहले अंग्रेजों द्वारा बने आपराधिक कानूनों को बदलकर संपूर्ण आपराधिक न्यायिक प्रक्रिया को भारतीय बनाने का काम नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उन कानूनों को बदला है जो अंग्रेजी राज को बनाए रखने के लिए बनाए गये थै और इन पुराने कानूनों को बदलकर मोदी जी ने हमारे देश की संसद द्वारा बनाए गये संविधान सम्मत कानून देश को दिए हैं और देश को गुलामी की मानसिकता से आजाद किया है। उन्होंने कहा कि पहले बजट शाम को साढ़े पांच बजे पेश किया जाता था क्योंकि उस समय ब्रिटेन की महारानी की घड़ी में 11 बजते थे। उन्होंने कहा कि इस प्रता को भी अटल जी की सरकार ने बदलकर बजट पेश किये जाने की प्रक्रिया में बदलाव किया।


केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अब तक के चुनावों में कभी भी संविधान को लहराकर और झूठ बोलकर वोट मांगने के प्रयास नहीं किए गए थे। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि विपक्ष ने संविधान को हाथ में रखकर झूठ बोलकर जनादेश लेने का कुत्सित प्रयास किया है। श्री शाह ने कहा कि संविधान लहराने और बहकाने का मुद्दा नहीं है, संविधान एक विश्वास और श्रद्धा है जिसका इसका सम्मान करने की आवश्यकता है और ये काम श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र चुनावों के दौरान कई जगहों पर लोगों को जो संविधान की प्रतियां बांटी गई थीं, उनमें कई पन्ने कोरे मिले हैं। उन्होंने कहा कि 75 साल के इतिहास में संविधान के नाम पर इतना बड़ा छल कभी नहीं किया गया है।


श्री अमित शाह ने कहा कि हमारे देश के जवान देश की मिट्टी पर प्राण न्यौछावर करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की एक इंच भूमि अगर किसी को देनी है तो संविधान के अनुच्छेद 1 में बदलाव करना होता है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी ने एग्रीमेंट करके तमिलनाडु के पास के कच्छिथिवु टापू को श्रीलंका को दे दिया और वो भी संवैधानिक संशोधन किए बिना। उन्होंने कहा कि ऐसा खिलवाड़ दुनिया के किसी भी देश के शासक ने नहीं किया है जैसा कि हमारे देश में पहले की सरकार ने किया है। श्री शाह ने कहा कि 35A को राष्ट्रपति के ऑर्डर से दाखिल किया गया पर दोनों ही सदनों से इसकी मंजूरी नहीं ली गयी थी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने धारा 370 हटाने के लिए दोनों सदनों से मंजूरी ली थी। उन्होंने कहा कि एक परिवार पार्टी को परिवार की जागीर समझता है और साथ ही संविधान को भी निजी जागीर समझता है।


केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान लाखों लोगों को बिना किसी अपराध के जेल में डाल दिया गया था। उन्होंने कहा कि उस वक्त न्यायालय में डर का माहौल था, मीडिया पर सेंसरशिप लागू थी। उन्होंने कहा कि इंडियन एक्सप्रेस ने संपादकीय पृष्ठ कोरा प्रकाशित किया था। उन्होंने कहा कि उस दौरान यह तय था जो भी एक व्यक्ति कहेगा वही कानून होगा। श्री शाह ने कहा कि यह आपातकाल सिर्फ इसलिए लगाया गया था क्योंकि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इंदिरा गांधी को सांसद के रूप में अयोग्य ठहरा दिया था। उन्होंने कहा कि देश को किसी प्रकार का कहीं से भी खतरा नहीं था और न ही देश की आंतरिक सुरक्षा पर कोई आंच थी, लेकिन सिर्फ सत्ता और कुर्सी बचाने के लिए आपातकाल लाया गया था।


श्री अमित शाह ने कहा कि संविधान पर यह बहस इसलिए जरूरी थी क्योंकि पिछली सरकार के कृत्यों को लोग जान सकें। उन्होंने कहा कि ऐसा करने के लिए जनता ने उन्हें ऐसा दण्ड दिया है कि अब वे स्वपन में भी संविधान के साथ ऐसा खिलवाड़ नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी जी ने संविधान निर्माताओं की पुण्यस्मृति में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अगर इंडिया के चश्मे से भारत को देखेंगे तो भारत समझ में नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि विकास करना है, दुनिया में सबसे आगे बढ़ना है और विरासत को अपनाकर आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि गुलामी की हर परंपरा को हम समाप्त करना चाहते हैं।


केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी जी ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ रखा, इंडिया गेट पर किंग जॉर्ज पंचम की मूर्ति थी, वहां सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा लगाई। नौसेना का चिन्ह जो अंग्रेज़ देकर गए थे, हमने वीर छत्रपति शिवाजी महाराज को उसका चिन्ह बनाया। हमने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाया, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक बनाया और उसमें अमर जवान ज्योति को विलीन करने का काम किया। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने संसद में विधिवत तरीके से सेंगोल को स्थापित किया। श्री शाह ने कहा कि हमने नई संसद बनाई और विश्वभर में भारत से चोरी की गई 345 मूर्तियां और artefacts वापस लाने का काम हमारे विदेश मंत्रालय ने किया। श्री शाह ने कहा कि नई शिक्षा नीति में हमने प्राथमिक शिक्षा को मातृभाषा में अनिवार्य किया। अंडमान निकोबार द्वीप समूह का नाम शहीद और स्वराज द्वीप रखा। लुटियंस में रेस कोर्स रोड का नाम लोककल्याण मार्ग और डलहौज़ी मार्ग का नाम दारा शिकोह के नाम पर किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कुल 1500 से अधिक पुराने कानूनों को समाप्त किया है।


श्री अमित शाह ने कहा कि ओबीसी को आरक्षण देने के लिए 1955 में काका साहब कालेलकर कमीशन बनाया गया था लेकिन इसकी रिपोर्ट कहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर काका साहब कालेलकर कमीशन का रिपोर्ट स्वीकार कर लिया गया होता तो मंडल कमीशन की रिपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती। इसके बाद मंडल कमीशन की रिपोर्ट को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत प्रधानमंत्री मोदी जी ने ओबीसी कमिशन को संवैधानिक मान्यता दी और पिछड़े वर्ग का सम्मान किया। श्री शाह ने कहा कि आज देश के दो राज्यों में धर्म पर आधारित आरक्षण अस्तित्व में है जो असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि दोनों सदन में जब तक हमारी पार्टी का एक भी सदस्य है, हम धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होने देंगे।


केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि UCC इसलीलिए नहीं आया क्योंकि संविधान सभा समाप्त होने के बाद चुनाव होने के बाद पहले मुस्लिम पर्सनल लॉ लाया गया। उन्होंने कहा कि इस देश में संविधान आने के बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ ने तुष्टिकरण की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि समाज के जीवन में इतना बड़ा सामाजिक बदलाव करने वाले UCC कानून को उत्तराखंड सरकार ने मॉडल कानून के रूप में पारित किया है।


उन्होंने कहा कि जब मोदी सरकार सत्ता में आई तब मऊ में डॉक्टर अंबेडकर के जन्म स्थान पर स्मारक बना। उन्होंने कहा कि हमने 14 अप्रैल को राष्ट्रीय समरसता दिवस घोषित किया। श्री शाह ने कहा कि धारा 370 के एक टेंपरेरी प्रोविजन को अपनी गोद में 70 साल तक विपक्षी पार्टी ने खिलाने का काम किया। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटाने के लिए लोहे का जिगर चाहिए और जब श्री नरेन्द्र मोदी जी 2019 में फिर से प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने एक ही बार में 370 और 35A को समाप्त कर दिया।


श्री अमित शाह ने कहा कि श्री अमित शाह ने कहा कि अनुच्छेद 14 और 21 के तहत प्रत्येक व्यक्ति को जीने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि 75 साल तक इस देश की जनता को गरीबी हटाओ का नारा देने वाले पिछली सरकारों ने हर व्यक्ति को गरीब रखा। उन्होंने कहा कि लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार ने 10 साल में 9.6 करोड़ गरीब महिलाओं को उज्जवला गैस कनेक्शन दिया, 12 करोड़ घरों को शौचालय, शुद्ध पीने का पानी 12.65 करोड़ घरों में पहुंचा, 18 हजार गावों में बिजली पहुंची, 14.5 करोड़ किसानों के खातों में 2.40 लाख करोड़ रूपया डीबीटी से ट्रांसफर हुआ। उन्होंने कहा कि 36 करोड़ आयुष्मान कार्ड बने जिससे 8.19 करोड़ रोगियों ने मुफ्त में इलाज कराया है। उन्होंने कहा कि अब मोदी सरकार 70 साल से अधिक उम्र के किसी भी आय वर्ग के व्यक्ति को 5 लाख तक का इलाज मुफ्त दे रही है ।


केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश के 80 करोड़ लोगों को one nation one ration card दिया, पांच किलो अनाज मुफ्त दिया। 1 करोड़ रेहड़ी पटरी वाले लाभार्थियों को 11 हजार करोड़ रूपया दिया गया है और दो करोड़ लखपति दीदी बनाने का काम नरेन्द्र मोदी की सरकार ने किया है। इसके साथ ही विश्वकर्मा योजना में कारीगरों को भी मदद दी गयी है।


श्री अमित शाह ने कहा कि लोक सभा में चर्चा के दौरान सावरकर जी का उल्लेख हुआ। उन्होंने कहाकि उन्होंने कहा कि सावरकर जी के नाम के आगे वीर किसी पार्टी, सत्ता द्वारा नहीं दिया गया है, बल्कि देश के 140 करोड़ लोगों ने उनकी वीरता के कारण दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे देशभक्त के बारे में देश की संसद में कुछ भी कह दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 1857 से लेकर 1947 तक के स्वतंत्रता संग्राम में दो आजीवन कारावास सिर्फ वीर सावरकर को दिया गया है। श्री शाह ने कहा कि सावरकर जी ने कहा है कि हे मातृभूमि, तेरे बिना जीवन मृत्यु समान है और तेरे बिना जीवन भी मृत्यु जैसा है।


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