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 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमत्री आवास में 45 नव चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। 

CM dhaani flagged off to forensic vehicle



जिसमें गृह विभाग के अन्तर्गत 11 लैब असिस्टेंट एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के अन्तर्गत 34 क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी शामिल हैं। 


मुख्यमंत्री ने सभी नव चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज आपके जीवन की एक नई शुरूआत हो रही है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सभी चयनित अभ्यर्थी अपने कार्य क्षेत्र में पूरी लगन और ईमानदारी से कार्य करेंगे। अगर नियमित दिनचर्या के साथ हम कार्य शुरू करते हैं, हर राह आसान होती है। उन्होंने कहा कि 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सबको अपने कार्यक्षेत्र में विशेष योगदान देना होगा। 



केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश को आपदा प्रबन्धन हेतु स्वीकृत किये 1480 करोड।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड को आपदा प्रबन्धन हेतु 1480 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सहित केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत की गई इस धनराशि से राज्य में आपदा के समय आपदा राहत एवं बचाव कार्यो के साथ आपदा के प्रभाव को कम करने में इससे बडी मदद मिलेगी।

उत्तराखण्ड में आपदा प्रबन्धन को सृदृढ़ और रिस्पांस टाईम को कम करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा ₹1480 करोड़ की विश्व बैंक सहायतित परियोजना ‘‘उत्तराखण्ड डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एण्ड रेजीलियेंट प्रोजेक्ट (यू-प्रिपेयर)’’ स्वीकृत की गई है।

इस परियोजना के अन्तर्गत 45 सेतुओं, 8 सड़क सुरक्षात्मक उपाय, 10 आपदा आश्रय गृहों का निर्माण, 19 अग्निशमन केन्द्रों का निर्माण/सुदृढ़ीकरण, राज्य आपदा प्रतिवादन बल हेतु प्रशिक्षण केन्द्रों का निर्माण के साथ-साथ वन विभाग के अन्तर्गत वनाग्नि नियंत्रण संबंधी कार्य किए जाएंगे।

ज्ञातव्य है कि उत्तराखण्ड आपदा प्रबन्धन को सुदृढ एवं आपदा के समय रिस्पांस टाइम को कम करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा रू0 1480 करोड की विश्व बैंक सहायतित 05 वर्षीय परियोजना ‘‘उत्तराखण्ड डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एण्ड रेजीलियेंट (यू-प्रिपेयर)’’ स्वीकृत की गई है, जिसका ऋण हस्ताक्षर दिनांक 16 दिसम्बर, 2024 को केन्द्र सरकार, उत्तराखण्ड सरकार एवं विश्व बैंक के मध्य किया गया। इस परियोजना के अन्तर्गत 45 सेतुओं, 08 सडक सुरक्षात्मक उपाय, 10 आपदा आश्रय गृहों का निर्माण, 19 अग्निशमन केन्द्रो का निर्माण/सुद्ढीकरण, राज्य आपदा प्रतिवादन बल हेतु प्रशिक्षण केन्द्रों का निर्माण के साथ-साथ वन विभाग के अन्तर्गत वनाग्नि नियंत्रण संबंधी कार्य किये जाने है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व में की गई घोषणा के तहत जनपद पिथौरागढ के विधानसभा पिथौरागढ मे इमला से इमलाधुरा तक संपर्क मार्ग के क्रियान्वयन हेतु चालू वित्तीय वर्ष में 56 लाख 03 हजार, विधानसभा क्षेत्र धारचूला में दाखिम से धामी गांव ट्रेक रूट निर्माण, कोटा मेला स्थल विकास कार्य निर्माण, पी.डब्लू.डी. रोड चौडा शहीद स्मारक तक ट्रैक रूट का निर्माण हेतु 60 लाख, विधानसभा क्षेत्र धारचूला में ही प्राथमिक विद्यालय बोथी से चुलकोट धार तक खडंजा मार्ग बनाये जाने हेतु 41 लाख 04 हजार तथा तहसील कनालीछीना, ग्राम टुण्डी में जन मिलन केन्द्र की स्थापना हेतु 10 लाख 53 हजार धनराशि की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।


मुख्यमंत्री ने जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र कपकोट में चिल्ठा माता मंदिर सूपी में टीनशैड मिर्माण, तप्त कुण्ड मंदिर सलिंग में टीनशैड निर्माण, कालिका माता मंदिर चौडास्थल में टीनशैड व सुरक्षा दीवार निर्माण, नौलिंग मंदिर फरसाली में टीनशैड निर्माण, मॉ भगवती मंदिर, कर्मी में टीन शैड व सुरक्षा दीवार निर्माण किये जाने हेतु 50 लाख 09 हजार धनराशि की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।


पंचम राज्य वित्त आयोग उत्तराखण्ड की संस्तुतियों पर त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं के अन्तर्गत समस्त जिला पंचायतों को मुख्यमंत्री के अनुमोदन के उपरान्त चतुर्थ त्रैमासिक किश्त 77 करोड 50 लाख की धनराशि जारी कर दी गई है।

*जल और सीवर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा पर अमल करते हुए शासन ने प्रदेश के जल और सीवर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। जल और सीवर के अवशेष देयकों के एकमुश्त भुगतान पर सम्पूर्ण सरचार्ज माफी की अवधि को अगले वर्ष 31 मार्च 25 तक बढ़ा दिया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बीते नवंबर माह में जल और सीवर के अवशेष देयकों का 31 दिसंबर तक एकमुश्त भुगतान किए जाने पर विलंब शुल्क की धनराशि को शत प्रतिशत माफ करने की घोषणा की थी। बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने इसका लाभ उठाया है। अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुनः जल व सीवर माफी के अवशेष देयकों के एकमुश्त भुगतान करने की दशा में विलंब शुल्क की शत प्रतिशत माफी की अवधि को अगले वर्ष 31 मार्च 25 तक बढ़ा दिया गया है।


*मुख्यमंत्री ने किया 06 फॉरेंसिक वाहनों का फ्लैग ऑफ* 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में गृह विभाग के अधीन 06 फॉरेंसिक लैब वाहनों का फ्लैग ऑफ किया। 65 लाख की लागत वाले प्रत्येक फॉरेंसिक लैब वाहन में ड्रग डिडक्शन किट, एक्सप्लोजिव किट, फिंगर प्रिंट किट, फुट प्रिंट किट, डीएनए किट, फ्रिज, जनरेटर, साइबर सुरक्षा से संबंधित साफ्टवेयर, वीडियो कैमरा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन फॉरेंसिक लैब वाहनों के माध्यम से किसी भी अपराधिक घटना की मौके पर ही प्राथमिक परीक्षण संभव हो जाएगा। 


 प्रथम चरण में ये फॉरेंसिक लैब वाहन देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल , उधमसिंहनगर , नैनीताल, अल्मोड़ा और श्रीनगर भेजे जा रहें। बाद मे सभी जनपदों के लिए यह व्यवस्था की जायेगी। इन वाहनों के लिए राज्य को केन्द्र सरकार से 3.92 करोड़ की धनराशि मिली है। 


इस मौके पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, विधायक दिलीप रावत, सचिव गृह शैलेश बगौली, एडीजी और निदेशक फॉरेंसिक साइंस लैब अमित कुमार सिन्हा, संयुक्त निदेशक डॉ. एसके शर्मा, उप निदेशक डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ पान सिंह, विशेषज्ञ डॉ दयाल शरण, वैज्ञानिक डॉ मोनिका और डॉ राकेश कुमार शामिल थे।




 देहरादून:  

प्रवर्तन निदेशालय ने आज पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी  राजीव जैन के घर पर छापेमारी की है ।

ED raided in dehradun

  आज सुबह  ही विभागीय  टीम जंर उनके ब्रह्मानवाला स्थित  निवास  स्थान पर पहुंची। लगभग 15 वाहनों के साथ पहुंची टीम ने, राजीव जैन सहित उनके करीबी व कुछ अन्य घरों पर भी छापेमारी की हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल के समय मे राजीव जैन  सलाहकार थे।

 मौजूदा समय मे राजीव जैन का शहर में प्रॉपर्टी का बड़ा कारोबार है।

 सूत्रों के अनुसार राजीव जैन के दिल्ली में भी दो घर हैं वहाँ भी ईडी की छापेमारी चल रही है। 

अब तक बड़ी संख्या में ज़मीनों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। उनके खिलाफ धन शोधन के तहत कार्रवाई सम्भव है।

 


उत्तराखण्ड प्रधान संगठन प्रदेश मीडिया प्रभारी व निवर्तमान ग्राम प्रधान भुटली आशीष रणाकोटी ने जानकारी देते हुए कहा कि हाल ही में सरकार के द्वारा ग्राम प्रधान को प्रशासक नियुक्त किया गया है लेकिन अभी तक स्पष्ट आदेश शासन द्वारा नहीं दिया गया है कि ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों का वित्तीय भुगतान कौन करेगा और कैसी किया जाएगा क्या ग्राम प्रधानो की पूर्व डीएससी ड़ोंगल से ही भुगतान किया जायेगा या प्रशासक की नई डीएससी बनाई जाएगी, साथ ही ग्राम पंचायतों में जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र या चरित्र प्रमाण पत्र, सत्यापन, ग्राम पंचायत में विकास कार्यों आदि विषयों पर अभी तक सरकार के द्वारा स्पष्ट नहीं किया गया है ?


युवाओं को आर्मी भर्ती के लिए ग्राम प्रधान से अविवाहित और चरित्र प्रमाण पत्र की आवयकता होती है आशीष रणाकोटी ने सरकार से माँग की है कि जल्द निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के कार्यों का प्रशिक्षण देकर जानकारी दे ताकि ग्राम पंचायतों के विकास कार्य निरंतर चलते रहे और आम जानता को दिक्कते न हो !

 

*देहरादून के विभिन्न वार्डों में 18 दिसंबर से विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर का किया जाएगा आयोजन*


देहरादून;

Clinical camp in various ward of dehradun


दिनांक 18 दिसंबर 2024 से 27 फरवरी 2025 तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (एन.यू.एच.एम.) कार्यक्रम के तहत विशेषज्ञ चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। 


स्वाति एस. भदौरिया, मिशन निदेशक, एन.एच.एम. द्वारा बताया गया कि एन.यू.एच.एम. कार्यक्रम के तहत एक नवाचार योजना के रूप में 20 विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर, देहरादून नगर निगम के मलिन बस्तियों में आयोजित किए जाएंगे, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की अधिक आवश्यकता है। इन शिविर में निजी अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा भी अपनी सेवाएं प्रदान की जाएगी।


उन्होंने कहा, इन शिविरों का उद्देश्य मलिन बस्तियों में रहने वाली जनसंख्या को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना है। शिविरों में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का परीक्षण एवं उपचार किया जाएगा। इसके अलावा, शिविरों में स्वास्थ्य संबंधित सेवाएं और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। 


चिकित्सा शिविर के आयोजन पर मिशन निदेशक ने कहा, "विशेषज्ञ चिकित्सा शिविरों के माध्यम से मलिन बस्तियों और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित क्षेत्रों के लोगों को विशेष चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। यह शिविर उन परिवारों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होंगे, जिनके पास नियमित स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सीमित है। 


मिशन निदेशक द्वारा अवगत कराया गया इस विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर के सफल क्रियान्वयन उपरांत यह शिविर प्रदेश के समस्त नगर निगम क्षेत्रों के मलिन बस्ती में भी आयोजित किए जाएंगे जिससे की वहां रहने वाले लोग लाभान्वित होंगे। 


इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को अधिक समावेशी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इन शिविरों से न केवल जरूरतमंदों को निःशुल्क चिकित्सा सहायता मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति में भी सुधार होगा।


*विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर का कार्यक्रम:*

इन शिविरों का आयोजन देहरादून नगर निगम के वार्डों में किया जाएगा। प्रत्येक शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मौजूद होगी, जो विभिन्न बीमारियों की जांच और उपचार करेंगे। आम जनमानस से अपील है कि निम्नलिखित चिकित्सा शिविरों में आकर नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं।


*शिविर का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है:*

*शिविर की दिनांक*      *वार्ड*

18-12-2024        संजय कॉलोनी

23-12-2024         डीएल रोड 

28-12-2024         चुक्खूवाला

2-1-2025          बिंदाल बस्ती

6-1-2025              कुसुम विहार

10-1-2025         दून विहार

14-1-2025       सत्तोवाली घाटी

18-1-2025        मुस्लीम बस्ती

22-1-2025        बिहारी बस्ती

25-1-2025           देहराखास

30-1-2025    नगर निगम कॉलोनी

6-2-2025           राजीवनगर

8-2-2025             सिंगल मंडी

11-2-2025        जैन प्लॉट

14-2-2025       चिढोवाली

17-2-2025        पथरिया पीर

18-2-2025           रांझावाला

20-2-2025       गुजरारा मानसिंह

24-2-2025      सेवला कलां

27-2-2025          नकरौंदा

ऋषिकेश;



नगर पंचायत से लेकर नगर निगम तक के अब तक के सफर में लंबे वर्षों बाद मेयर पद को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित करने पर समाज से जुड़े लोगों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह तथा कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल का आभार प्रकट किया है इस अवसर पर आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया गया। 


मेयर पद के प्रत्याशी शंभू पासवान ने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर क्षेत्रीय विधायक व शहरी विकास मंत्री का आभार प्रकट किया। कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सदैव अनुसूचित जाति समाज को आगे बढ़ने का काम किया है। इसी क्रम में प्रदेश की धामी सरकार ने भी अनुसूचित जाति समाज का मान सम्मान बढ़ाया है। 


उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति समाज के व्यक्ति को मेयर जैसे पद पर सुशोभित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अनुचित समाज सदैव धामी सरकार का ऋणी रहेगा।


इस अवसर पर पूर्व पालिका अध्यक्ष शंभू पासवान, जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा कविता साह, वन विकास निगम के सदस्य देवदत्त शर्मा, चंदू यादव, राधे जाटव, अजय दास, निवेदिता सरकार, अक्षत खेरवाल, किशन मंडल आदि सैकड़ों की संख्या में अनुसूचित समाज के लोग उपस्थित रहे।


विजन उत्तराखण्ड @2047 के सम्बन्ध में विभागों को राज्य में बेहतरीन संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान करते हुए  उन्हें ग्रोथ इंजन के रूप में चिन्हित करने की हिदायत देते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने सभी विभागों को समयबद्धता से इस सम्बन्ध में एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। 

Vision2047 uttarakhand


सचिवालय में विकसित भारत @2047 के तर्ज पर विकसित उत्तराखण्ड @2047  के तहत विजन डाॅक्यूमेंट तैयार करने के सम्बन्ध में बैठक लेते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने विकसित उत्तराखण्ड @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में बाधा बन रही सरकारी नीतियों की नई परिस्थितियों के अनुरूप समीक्षा पर बल दिया। 



मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्वतीय कृषि में विशेषरूप से जैविक कृषि, एरोमेटिक व जड़ी-बूटियां, आयुष, रिन्युएबल एनर्जी, वन सम्पदा, पर्यटन तथा आईटी व एमएसएमई को पहले ही उत्तराखण्ड विजन 2030 के तहत ग्रोथ ड्राइवर के रूप में चिन्हित किया जा चुका है। इसके साथ ही सशक्त उत्तराखण्ड पहल के तहत राज्य की सकल घरेलू उत्पाद को दुगना करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की पर्यावरणीय विरासत को संरक्षित करते हुए समावेशी विकास एवं रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। 



बैठक में चर्चा के दौरान उत्तराखण्ड में हाॅर्टीकल्चर एवं जैविक खेती, आयुष एवं वेलनेस हब, पर्यटन, वन क्षेत्र, ऊर्जा क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य को मुख्य ग्रोथ ड्राइवर के रूप में विजन 2047 के डाॅक्यूमेंट में महत्व देने पर चर्चा हुई। 


मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि मुख्य ग्रोथ इंजन के रूप में होर्टीकल्चर और आर्गेनिक फार्मिंग के तहत उच्च मूल्य वाली फसलें: सुगंधित और औषधीय पौधों, पॉलीहाउस-खेती, बागवानी फसलों, केसर, सेब और कीवी फल, स्थानीय खट्टे फल और अखरोट की खेती को बढ़ावा देना होगा ।  कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संचालित कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित करना होगा । कृषि-पर्यटन के बागवानी को पर्यटन के साथ एकीकृत करना होगा । सेब मिशन, कीवी मिशन: 2023-2030 के तहत राज्य भर में फैली 12 परियोजनाओं के माध्यम से सेब उत्पादन को 10 गुना बढ़ाना और किसानों की आय को 10-15 गुना बढ़ाना है | जलवायु-लचीली कृषि रणनीति के हिस्से के रूप में किसानों को 50,00,00 पॉलीहाउस प्रदान करना है । खट्टे फल और अखरोट मिशन के तहत फसल क्षेत्र के अलावा बागवानी किसानों की आय बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाएगी।  जैविक राज्य के विजन के तहत राज्य को जैविक उच्च मूल्य वाले उत्पादों के रूप में विकसित करना, विशेष रूप से राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में बाजरा मिशन, हर्बल मिशन और फूल मिशन सफल बनाना है |


मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने आयुष विभाग के अधिकारियों के हिदायत दी कि   प्रमुख विकास चालक के रूप में आयुष और वेलनेस हब की अपार संभावनाएं हैं  |    उत्तराखंड आयुष नीति - 2023 के तहत उत्तराखंड को विश्व प्रसिद्ध आयुष गंतव्य में बदलना है |राज्य में दुर्लभ औषधीय पौधों की 1,000 से अधिक प्रजातियाँ मौजूद हैं।  औषधीय पौधों की खेती, आयुष विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, कल्याण, शिक्षा और अनुसंधान प्रमुख क्षेत्र हैं | राज्य में 900 हेक्टेयर क्षेत्र में 2500 मीट्रिक टन उत्पादनऔर 30 करोड़ रुपये का राजस्व के साथ इस क्षेत्र में 232 प्रमाणित आयुर्वेद, 8 होम्योपैथी और 2 यूनानी विनिर्माण इकाइयाँ हैं। इस क्षेत्र का जीएसडीपी योगदान: 4000-5000 करोड़ रुपये है |

 20,000-25,000 लोग रोजगार में संलग्न है| विजन 2047 के तहत उत्तराखंड को देश का प्रमुख आयुष गंतव्य बनाना है |जड़ी-बूटियों और एमएपी उत्पादन राज्य बनाना: लगभग 40,000 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जाएगा | राज्य के 100 गंतव्यों को वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित करना

1000 आयुष गांव और योग ग्राम बनाना है |



मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य में ग्रोथ इंजन के रूप में  पर्यटन का अत्यंत महत्व है | यह जीएसडीपी में 10-12 प्रतिशत का योगदान देता है और 4 लाख लोगों को रोजगार प्रदान करता है। राज्य में मान्यता प्राप्त इको-टूरिज्म हॉटस्पॉट: फूलों की घाटी (यूनेस्को विरासत स्थल), बिनसर वन्यजीव अभयारण्य और नंदा देवी बायोस्फीयर है । राज्य ने 59.6 मिलियन से अधिक घरेलू पर्यटकों और 1.5 लाख विदेशी पर्यटकों का स्वागत किया है | प्रमुख पर्यटक आकर्षण: आध्यात्मिक, कल्याण, साहसिक, प्रकृति, वन्यजीव, खगोल-पर्यटन, इको-टूरिज्म स्थल है ।

इको-टूरिज्म जोन में शुद्ध-शून्य उत्सर्जन वाले मॉडल इको-टूरिज्म गांवों की स्थापना, स्थायी पर्यटन प्रथाओं को बढ़ावा देना (जैसे, अपशिष्ट से ऊर्जा संयंत्र, सौर ऊर्जा से चलने वाले आवास) विज़न में है । साहसिक और कल्याण पर्यटन के तहत योग, आयुर्वेद और आध्यात्मिक पर्यटन को एकीकृत करते हुए उत्तराखंड को साहसिक खेलों और कल्याण रिट्रीट के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में ब्रांड करें।


विजन 2047 के तहत सालाना 200 मिलियन पर्यटकों को आमंत्रित करने और पर्यटन के योगदान को जीएसडीपी के 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य है |


 मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि ग्रोथ इंजन के रूप में राज्य में  ऊर्जा क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं | राज्य का लक्ष्य आत्मनिर्भरता और निर्यात के लिए 100 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करना है ।

जलविद्युत शक्ति का उपयोग करके हरित हाइड्रोजन उत्पादन में उत्तराखंड को भारत का अग्रणी राज्य बनाना है | 2047 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन ऊर्जा क्षेत्र में परिवर्तन करना है | मुख्य फोकस क्षेत्र जलविद्युत विस्तार है | सूक्ष्म और लघु जलविद्युत सहित 26215 मेगावाट (वर्तमान: 3355.02 मेगावाट) की पूरी क्षमता का दोहन करना है |ग्रिड स्थिरता और ऊर्जा भंडारण के लिए पंप स्टोरेज परियोजनाओं को प्राथमिकता देना है |नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण के तहत सौर और पवन हाइब्रिड प्रणालियों को बढ़ाना, विशेष रूप से जलाशयों (फ्लोटिंग सोलर) पर, पीक डिमांड प्रबंधन के लिए बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) विकसित करना है | हरित नवाचार के तहत औद्योगिक अनुप्रयोग और निर्यात बाजारों के लिए एक हरित हाइड्रोजन हब स्थापित करना,भूतापीय ऊर्जा का दोहन करना है | स्मार्ट-ऊर्जा अवसंरचना के तहत रियल टाइम मॉनिटरिंग और कंट्रोल के साथ राज्य-व्यापी स्मार्ट ग्रिड सिस्टम लागू करना व बढ़ी हुई ऊर्जा दक्षता और चोरी में कमी के लिए स्मार्ट-मीटरिंग परियोजनाओं का विस्तार करना है |

बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु सहित सभी विभागों के सचिव, अपर सचिव आदि मौजूद रहे।

 *विकसित उत्तराखंड @2047 के विज़न के तहत राज्य की अर्थव्यवस्था को एक समृद्ध, प्रगतिशील एवं स्वस्थ राज्य में परिवर्तित करना है ताकि राज्य के  लोग शिक्षित हो कर एक समतापूर्ण समाज में  लाभकारी रोजगार प्राप्त कर सकें, पर्यावरण और निवासियों के बीच तालमेल बढ़ सके तथा विकास प्रक्रिया सतत और समावेशी हो

- मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी*

ऋषिकेश:


Uski ambulance aiims rishikesh


एम्स, ऋषिकेश से संचालित देश की पहली सरकारी हेली एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से उत्तरकाशी के जोशियाड़ा क्षेत्र से एक प्रसूता को प्रसव के लिए एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया। जहां प्रसूति विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने हाईरिस्क सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर डिलीवरी कराई। चिकित्सकों ने बताया कि जच्चा बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हैं। हाईरिस्क सर्जरी के चलते पेशेंट को कुछ दिन रिकवरी के बाद डिस्चार्ज किया जाएगा।

बीते शनिवार को हेली एंबुलेंस के माध्यम से उत्तरकाशी के जोशियाडा हेलीपैड से स्थानीय धनारी क्षेत्र निवासी एक गर्भवती महिला को हाईरिस्क डिलीवरी केस के चलते एम्स,ऋषिकेश लाया गया। प्रसूति विभाग की विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. ओम कुमारी ने बताया कि उक्त क्षेत्र में महिला को दी जाने वाली शल्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं थी, लिहाजा उन्हें एम्स के लिए रेफरल किया गया। हेली एंबुलेंस में प्रसूति विभाग की डॉ. ओम कुमारी व ट्रॉमा एसएनओ अखिलेश उनियाल टीम के आब्जर्वेशन में एम्स पहुंचाया गया। 

इस अवसर पर एम्स की हेली एंबुलेंस सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि एम्स द्वारा संचालित राज्य सरकार द्वारा समर्थित यह हेली इमरजेंसी सेवा गंभीरतम मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से निशुल्क है। 

वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी अखिलेश उनियाल ने बताया कि इस सेवा का उपयोग दुर्घटना में गंभीररूप से घायल अथवा अत्यधिक बीमार मरीज कर सकते हैं। जिन्हें जिला चिकित्सालय-राजकीय चिकित्सालयों के माध्यम से हायर सेंटर के लिए रेफरल किया जाएगा, ऐसे मरीज प्रशासन के सहयोग से हेली एंबुलेंस का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस हेली एंबुलेंस सेवा को सूबे के सभी 13 जिलों के आपदा प्रबंधन कार्यालयों के माध्यम से एम्स के  हेली एंबुलेंस कंट्रोल रूम जोड़ा गया है।

गौरतलब है कि एम्स, ऋषिकेश के द्वारा संजीवनी हेली इमरजेंसी मेडिकल सर्विस, (हेम्स) के माध्यम से उत्तराखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों से गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता मुहैया कराने के उद्देश्य से बीते 29 अक्टूबर-2024 को भगवान धन्वंतरी दिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस सेवा का वर्चुअल माध्यम से विधिवत शुभारंभ किया गया था, एम्स परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,पूर्व सीएम एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित कई हस्तियों ने प्रमुखता से शिरकत की थी।

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