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 मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं



*जनसमस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिए त्वरित कार्यवाही के निर्देश*

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।


मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं को एक-एक कर सुना और संबंधित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और सरकार के बीच आमजन का सीधा संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाता है। जनसुनवाई के माध्यम से लोगों को अपनी बात सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है और विभिन्न स्तरों पर लंबित मामलों के समाधान का मार्ग भी प्रशस्त होता है।


मुख्यमंत्री के समक्ष लोगों ने सड़क एवं संपर्क मार्ग, पेयजल, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, सिंचाई, रोजगार, स्थानांतरण तथा स्थानीय विकास से जुड़े विभिन्न मामले रखे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए पात्रता एवं नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों में विभागीय स्तर पर कार्रवाई संभव है, उनमें अनावश्यक विलंब न किया जाए तथा जिन प्रकरणों में शासन स्तर पर निर्णय अपेक्षित है, उन्हें आवश्यक प्रक्रिया के साथ प्रस्तुत किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक सुशासन का लाभ पहुंचाना है। सरकार की योजनाओं और नीतियों का प्रभाव तभी सार्थक होगा, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को भेजकर  इन पर यथाशीघ्र कार्यवाही की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनभावनाओं और जनअपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि आमजन से जुड़े मामलों में मानवीय दृष्टिकोण के साथ नियमों के अनुरूप समाधान सुनिश्चित किया जाए।


इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगोली, आयुक्त गढ़वाल श्री आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, अपर सचिव श्री जे.सी. काण्डपाल सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ₹ 74 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति’*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अवस्थाना सुविधाओं के विकास, प्रारम्भिक व माध्यमिक विद्यालयों की आपदा के कारण क्षतिग्रस्त सम्पत्तियों की मरम्मत, शासकीय आवासीय भवनों के निर्माण, विभिन्न गांवों तथा कार्यालयों के बाढ़ सुरक्षा उपायों, क्षतिग्रस्त मार्गों के पुर्ननिर्माण, आपदा से बचाव व हेलीपैड निर्माण आदि कार्यों के लिए ₹ 74 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद बागेश्वर के बेडा-मझड़ा (करीमपुर) हैलीपैड निर्माण किये जाने हेतु ₹ 8.91 करोड, गंगोत्री धाम में सीवर लाईन एवं छुटे हुए घरों/सार्वजनिक शौचालयों से सम्बंधित कार्यों हेतु ₹ 4.99 करोड की योजना स्वीकृत किये जाने के साथ ही अभियोजन कार्यालय में अभियोजन अधिष्ठान के अन्तर्गत अवशेष धनराशि ₹ 8.89 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा आपदा के मध्येनजर विद्यालयों परिसरों में विद्यार्थियों एवं कार्मिकों की सुरक्षा के दृष्टिगत क्षतिग्रस्त आधारभूत सुविधाओं की त्वरित मरम्मत एवं शिक्षण कार्यों की निरन्तरता बनाये रखने के लिए माध्यमिक शिक्षा के अन्तर्गत संचालित विद्यालयों हेतु ₹ 15.00 करोड एवं प्रारम्भिक शिक्षा के अन्तर्गत संचालित विद्यालयों हेतु ₹ 15.00 करोड़ कुल धनराशि ₹ 30.00 करोड़ राज्य आपदा मोचन निधि के पुर्नप्राप्ति एवं पुर्ननिर्माण हेतु स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। इसके साथ ही उत्तरकाशी, बागेश्वर, अल्मोडा, चमोली, चम्पावत, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ एवं देहरादून जनपदों को राज्य आपदा मोचन निधि के विभिन्न मदों यथा राहत एवं बचाव, पुर्नप्राप्ति एवं पुर्ननिर्माण तथा तैयारी एवं क्षमता निर्माण हेतु ₹ 1.08 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के विकासखण्ड खटीमा के 07 ग्रामों में आवासीय भवनों की नदी/नालों की बाढ़ से सुरक्षा हेतु ₹ 4.01 करोड़ तथा भारत-नेपाल सीमा पर जगबूढा नदी के दांये पार्श्व पर स्थित ग्राम-सिसैया, मेलाघाट एवं एस.एस.बी. कैंप कार्यालय की बाढ़ सुरक्षा हेतु ₹ 4.62 करोड की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चमोली में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2021 से पूर्व ओपन कम्यूनिकेशन के तहत आपदा क्षतिग्रस्त मागों को खोले जाने तथा मार्गों से मलबा हटाये जाने हेतु उपयोग में लाई गई    जे.सी.बी./पॉकलैण्ड के बीजकों का भुगतान ₹ 3.18 करोड की धनराशि राज्य आपदा मोचन निधि के राहत एवं बचाव मद से स्वीकृत किये का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा नगर पालिका परिषद हरबर्टपुर क्षेत्रान्तर्गत ठोस अपशिष्ट परियोजना हेतु ₹ 3.27 करोड का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली यंत्रों के रख-रखाव हेतु ₹ 2.00 करोड, सैटेलाईट फोनों के रिचार्ज हेतु ₹ 1.90 करोड़, विश्व बैंक सहायतित परियोजना के सहयोग से जनपदों में स्थापित उपकरणों के रख-रखाव एवं मानदेय तथा जोशीमठ भूस्खलन कन्ट्रोल रूम में तैनात विशेषज्ञों के मानदेय हेतु ₹ 40 लाख, विभिन्न मॉक अभ्यासों के आयोजन हेतु ₹ 60 लाख तथा प्राधिकरण में तैनात ई.ई.आर.एस. कार्मिकों के मानदेय हेतु ₹ 18 लाख की धनराशि राज्य आपदा मोचन निधि के क्षमता विकास से अवमुक्त किये का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


*’मुख्यमंत्री ने चलकुडिया-मसमोली-नौखोली मोटर मार्ग का नाम शहीद मंदीप सिंह नेगी के नाम किये जाने का किया अनुमोदन’*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा विधानसभा क्षेत्र चौबटटाखाल के अन्तर्गत चलकुडिया-मसमोली- नौखोली मोटर मार्ग नाम शहीद मंदीप सिंह नेगी मोटर मार्ग रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

चारधाम यात्रा : 114  दिनों में दर्शनार्थियों की संख्या 47 लाख पार*

*पिछले वर्ष के मुकाबले यात्रियों की संख्या 4.68 लाख अधिक*

*तीर्थयात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : सीएम धामी*


देहरादून:


उत्तराखण्ड में मानसून की बाधाओं और चुनौतियों के बावजूद चारधाम यात्रा नया रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है। प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यात्रा को नियंत्रित और आवश्यकता के अनुसार रोककर संचालित कर रही है, लेकिन तीर्थयात्रियों की आस्था में कोई कमी नहीं आई है।

114 दिनों में ही दर्शनार्थियों की संख्या 47 लाख के पार पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में साढ़े चार लाख से अधिक है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा को बेहद सतर्कता और निगरानी के साथ संचालित किया जा रहा है। मानसून की सक्रियता को देखते हुए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद राज्य आपदा कंट्रोल रूम के माध्यम से आपदा प्रबंधन पर नजर रखे हुए हैं। चारों धामों और यात्रा पड़ावों में यात्रियों के ठहरने, खाने और अन्य सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों की मदद के लिए सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है।


प्रदेश सरकार के बेहतर आपदा प्रबंधन और इंतजामों के चलते यात्रा नया कीर्तिमान बनाने की ओर बढ़ रही है। इस वर्ष 19 अप्रैल को गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाटोद्घाटन के साथ चारधाम यात्रा का आगाज हुआ था। सोमवार 10 अगस्त तक इस यात्राकाल के 114 दिनों में कुल 47 लाख 02 हजार 703 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं, जबकि बीते वर्ष 2025 में इतनी ही अवधि में 42 लाख 34 हजार 147 यात्री चारधाम दर्शन को पहुंचे थे। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 04 लाख 68 हजार 556 अधिक है। चारों धामों में अब तक की कुल संख्या की बात करें तो बद्रीनाथ में 16 लाख 12 हजार 112, केदारनाथ में 14 लाख 50 हजार 116, गंगोत्री में 07 लाख 37 हजार 629 और यमुनोत्री धाम में 06 लाख 62 हजार 347 यात्री दर्शन कर चुके हैं। जबकि हेमकुंट साहिब में 02 लाख 40 हजारे 499 श्रद्धालु शीश नवा चुके हैं।


*चारों धामों में एक दिन में पहुंचे 15 हजार से अधिक श्रद्धालु*

मौसम लगातार खराब होने और प्रशासनिक अलर्ट के बावजूद सोमवार को 15 हजार 376 श्रद्धालु चारधाम दर्शन को पहुंचे। इनमें सर्वाधिक 9559 यात्री बद्रीनाथ धाम पहुंचे। जबकि केदारनाथ में 4170, गंगोत्री में 1204 और यमुनोत्री धाम में 443 श्रद्धालुओं न दर्शन किए।


*बद्रीनाथ पहुंचे 16.12 लाख से अधिक श्रद्धालु*

भगवान बद्रीविशाल के दर्शनों को श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। 23 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा सोमवार 10 अगस्त को 110 दिन की अवधि पूर्ण कर चुकी है। इस दौरान 16 लाख 12 हजार 112 श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम में शीश नवा चुके हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 03 लाख 50 हजार 192 अधिक तीर्थयात्री दर्शनों को पहुंच चुके हैं। पिछले वर्ष 04 मई 2025 को बद्रीनाथ यात्रा का श्रीगणेश हुआ था। तब 21 अगस्त यानी 110 दिन में यह आंकड़ा 12 लाख 61 हजार 280 था।


*कोट--------*


चारधाम यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।  मानसून की सक्रियता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिलाधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू हो सके। भूस्खलन या अन्य किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं को मौसम के मिजाज को देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।


 *-पुष्कर सिंह धामी*

*मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में विधायक पुरोला श्री दुर्गेश्वर लाल ने भेंट की


 उन्होंने विल्ला नौगांव, विधानसभा पुरोला के अंतर्गत 65 गांवों के आराध्य देवता श्री रुद्रेश्वर महादेव के डांडा देवराणा मंदिर, के सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री घोषणा के तहत ₹1.79 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ ही स्थानीय स्तर पर आस्था और परम्परा से जुड़े मंदिरों एवं मेलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और परम्परायें उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान हैं तथा इनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता है।


विधायक श्री दुर्गेश्वर लाल ने कहा कि डांडा देवराणा स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र के 65 गांवों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्थाएं जुड़ी हुई हैं। मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं अवस्थापना सुविधाओं के विकास से क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती मिलेगी।


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण और विकास के साथ-साथ स्थानीय आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। रुद्रेश्वर महादेव मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत धनराशि से मंदिर परिसर में विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य किए जा सकेंगे, जिससे क्षेत्र के लोगों एवं श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा।


उन्होंने पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा डांडा देवराणा रुद्रेश्वर महादेव मेले को राजकीय मेला घोषित किए जाने के लिए भी उनका धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि राजकीय मेले का दर्जा मिलने से इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक मेले को व्यापक पहचान मिलेगी और क्षेत्र की लोक संस्कृति, परंपराओं तथा धार्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को नई गति प्राप्त होगी।


इस अवसर पर रुद्रेश्वर मंदिर समिति के केंद्रीय अध्यक्ष एवं मंदिर समिति के सदस्य तथा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण सिंह चौहान, भाजपा नेता जगनमोहन चंद, सरदार सिंह राणा, पूर्व मंडल अध्यक्ष बचन चौहान एवं वर्तमान मंडल अध्यक्ष अनिल चौहान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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