ऋषिकेश:
दो माह तक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान, वार्ड संख्या 34 मालवीय नगर में लावारिस गोवंश से बढ़ी समस्याएं
ऋषिकेश:
वार्ड संख्या 34, मालवीय नगर में सड़कों पर घूमते लावारिस गो वंश की गंभीर समस्या को लेकर नगर निगम ऋषिकेश की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्षेत्र के निवासी एवं भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ, जिला ऋषिकेश के जिला संयोजक तथा समाजसेवी अजीत वशिष्ठ ने बताया कि उन्होंने 25 मई 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (शिकायत संख्या CMHL-052026-2-1038024) पर इस संदर्भ में शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया कि पिछले लगभग दो माह से लगातार शिकायत का अनुसरण (फॉलो-अप) किया जाता रहा। इस दौरान शिकायत कई स्तरों और अधिकारियों के पास भेजी गई, लेकिन मौके पर समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
अंततः नगर निगम ऋषिकेश द्वारा एक पत्र जारी कर यह जानकारी दी गई कि नगर निगम के पास स्वयं का कांजी हाउस (गौशाला) उपलब्ध नहीं है तथा गौशाला के लिए भूमि चिन्हित की गई है और कार्यवाही प्रगति पर है।
अजीत वशिष्ठ ने कहा कि नगर निगम का यह उत्तर वास्तविक समस्या का समाधान नहीं है।
वार्ड संख्या 34, मालवीय नगर में आज भी बड़ी संख्या में आवारा सांड खुलेआम घूम रहे हैं।
ये सांड आए दिन सड़कों पर बैठकर यातायात बाधित करते हैं तथा बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों के लिए दुर्घटना एवं हमले का खतरा बने हुए हैं। कई लोग इनके कारण भय के वातावरण में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम के पास वर्तमान में कांजी हाउस की व्यवस्था नहीं है, तो भी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नगर निगम और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
केवल पत्र जारी कर यह बताना कि भविष्य में गौशाला बनाई जाएगी, तब तक की समस्या का समाधान नहीं माना जा सकता।
अजीत वशिष्ठ ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान करना है।
यदि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिक पत्राचार तक सीमित रह जाए और जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई न हो, तो इससे आम जनता का भरोसा उठ जाएगा।
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