स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह को अंतिम विदाई, पूरे सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
देहरादून:
असम के जोरहाट एयर बेस पर AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट दुर्घटना में शहीद हुए भारतीय वायु सेना के पांच जवानों में से एक जवान स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह उत्तराखंड सेलाकुई के रहने वाले हैं ।
स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह का पार्थिव शरीर आज उनके निवास स्थान राजा रोड, सेलाकुई पहुंचाया गया। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंच रहे हैं। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
उनका अंतिम संस्कार आज सेलाकुई श्मशान घाट में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया जाएगा।
परिजनों के अनुसार प्रशांत सिंह अपने परिवार के इकलौते पुत्र थे और घर के अकेले चिराग थे।
उनकी शादी महज दो वर्ष पहले ही हुई थी। शहादत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
माता-पिता तत्काल असम के लिए रवाना हो गए थे और अब बेटे के पार्थिव शरीर के साथ वापस लौटे हैं।
प्रशांत सिंह का संबंध एक सैन्य परिवार से था। बचपन से ही उनमें देशसेवा का जज़्बा था और उन्होंने भारतीय वायु सेना में शामिल होकर अपने सपने को साकार किया। उनकी शहादत से न केवल परिवार बल्कि पूरे देहरादून और उत्तराखंड को गहरा आघात पहुंचा है।
शहीद प्रशांत सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों और प्रशासनिक अधिकारियों का जमावड़ा लगा हुआ है।
हर आंख नम है और हर जुबान पर एक ही बात है—"देश ने अपना वीर सपूत खो दिया।"
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