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*उत्तरकाशी: SDRF उत्तराखंड की टीम ने जंगल की आग पर पाया काबू*





दिनांक 20 मई 2026 को देर रात्रि SDRF उत्तराखंड को सूचना प्राप्त हुई कि ज्ञानसू से साल्ड रोड बासुगांव के समीप जंगल में आग लगी हुई है, जिसके आवासीय क्षेत्र तक फैलने की संभावना बनी हुई थी।


सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट उजेली में व्यवस्थापित SDRF टीम हेड कांस्टेबल दुर्गेश रतूड़ी के नेतृत्व में आवश्यक उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई। मौके पर SDRF टीम द्वारा वन विभाग, फायर सर्विस एवं NDRF की टीम के साथ मिलकर संयुक्त रूप से आग बुझाने का अभियान चलाया गया।


सभी टीमों के समन्वित एवं अथक प्रयासों से जंगल में लगी आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया तथा आग को आवासीय क्षेत्र तक फैलने से रोक दिया गया। समय रहते की गई कार्रवाई से एक संभावित बड़ी घटना टल गई।


 *सोनप्रयाग, रुद्रप्रयाग — भूस्खलन के बीच SDRF उत्तराखंड ने 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला* 



श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग–गौरीकुंड के मध्य मुनकटिया क्षेत्र में अचानक भूस्खलन होने से मुख्य सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया। मार्ग बाधित होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए। रात्रि का समय, खराब मौसम, पहाड़ी क्षेत्र में लगातार गिरता मलबा तथा यात्रियों की भारी भीड़ के कारण स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी।


घटना की सूचना DCR रुद्रप्रयाग द्वारा समय 21:16 बजे SDRF को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक श्री आशीष डिमरी के नेतृत्व में SDRF सोनप्रयाग टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर SDRF एवं NDRF की संयुक्त टीम द्वारा राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया गया।


सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी के निर्देशनुसार SDRF टीमें पूर्व से ही यात्रा मार्ग पर संभावित आपदाओं एवं आपात परिस्थितियों से निपटने हेतु पूर्ण रूप से तैयार एवं सतर्क थीं। इसी पूर्व तैयारी, त्वरित रिस्पॉन्स एवं प्रभावी समन्वय के चलते SDRF टीमों द्वारा इतने विशाल स्तर पर सफल रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा सका।


संयुक्त टीमों द्वारा अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में सूझबूझ, धैर्य एवं साहस का परिचय देते हुए सड़क के दूसरी ओर फंसे लगभग 10,450 श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से मार्ग पार कराया गया। लगातार बारिश और अंधेरे के बीच जवानों ने श्रद्धालुओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।


रेस्क्यू कार्य पूर्ण होने के उपरांत जेसीबी मशीनों की सहायता से मार्ग पर आए मलबे को हटाने का कार्य किया गया, जिसके बाद सड़क मार्ग को पुनः सुचारु कर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई।


SDRF एवं NDRF द्वारा समन्वित रूप से किए गए इस राहत एवं बचाव कार्य ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हजारों श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा एक बार फिर आपदा की घड़ी में सुरक्षा बलों की तत्परता, मानवता एवं सेवा भावना को प्रदर्शित किया।

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