Halloween party ideas 2015

सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो से भ्रम फैलाने की कोशिश, एक और FIR दर्ज*

*केदारनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं पर गलत जानकारी फैलाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई*

*फर्जी नैरेटिव फैलाने वालों पर शिकंजा, केदारनाथ को लेकर भ्रम फैलाने पर सख्त एक्शन*

*वृद्ध श्रद्धालु के मामले को तोड़-मरोड़ कर पेश करना पड़ा भारी, आरोपी पर केस दर्ज*

*फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए फैलाई गई फर्जी कहानी, प्रशासन ने दर्ज की FIR

*FIR दर्ज होते ही फेक पोस्ट कर रहे डिलीट*


heli service kedarnath booking online


चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है। पूर्व में दर्ज प्रकरणों के क्रम में आज जनपद रुद्रप्रयाग के थाना सोनप्रयाग में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है।


सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान इंस्टाग्राम आईडी thecurlypoet के माध्यम से प्रसारित एक वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर भ्रामक एवं निराधार दावे किए गए। वीडियो में यह गलत जानकारी दी गई कि एक वृद्ध श्रद्धालु को स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद प्रशासन द्वारा सहायता नहीं दी गई तथा वीआईपी प्रोटोकॉल के चलते सामान्य श्रद्धालुओं की अनदेखी की जा रही है।


जबकि वास्तविकता में दिनांक 22.04.2026 को गुजरात निवासी एक श्रद्धालु की तबीयत खराब होने पर प्रशासन द्वारा तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, केदारनाथ पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित किया गया। तत्पश्चात प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्यवाही करते हुए हेलीकॉप्टर के माध्यम से शव को गुप्तकाशी भेजा गया।


उक्त वीडियो के माध्यम से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत कर आमजन को भ्रमित करने एवं प्रशासन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया, जिस पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।


पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चार धाम यात्रा से जुड़ी किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार पर तत्काल, सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


साथ ही, अन्य संदिग्ध वीडियो एवं सोशल मीडिया कंटेंट की भी सतत निगरानी की जा रही है और उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई के दायरे में लाया जा रहा है। स्पष्ट किया जाता है कि चार धाम यात्रा की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था एवं उत्तराखंड की छवि के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की यह प्रक्रिया लगातार, सख्ती और पूरी सतर्कता के साथ जारी रहेगी।

[केदारनाथ हेली शटल सेवा हेतु ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न, पारदर्शिता और सुव्यवस्था से यात्रियों को मिली सुविधा*


 दिनांक 15 अप्रैल 2026 को सायं 6:00 बजे से श्री केदारनाथ हेली शटल सेवा के लिए 22 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 की अवधि हेतु ऑनलाइन बुकिंग  के हेली यात्रा बुकिंग पोर्टल के माध्यम से प्रारंभ की गई। निर्धारित अवधि के लिए कुल 31,450 सीटों की बुकिंग खोली गई, जिनमें 10,855 टिकटों के माध्यम से सभी 31,450 सीटों की सफलतापूर्वक बुकिंग की गई।



ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया की समीक्षा के लिए टूरिस्ट हेल्पलाइन कॉल सेंटर, उत्तराखंड पर्यटन द्वारा 565 रैंडम कॉल्स की गईं। इस विश्लेषण में पाया गया कि IRCTC की बुकिंग में यात्रियों द्वारा उपयोग किए गए 10,859 मोबाइल नंबरों में से 4,400 नंबर वास्तविक यात्रियों से मेल खाते पाए गए। साथ ही लगभग 51 प्रतिशत बुकिंग स्वयं यात्रियों द्वारा की गई, जबकि शेष 49 प्रतिशत बुकिंग अन्य माध्यमों से संपन्न हुई।




बुकिंग प्रक्रिया के दौरान प्रथम टिकट सायं 6:02 बजे तथा अंतिम टिकट सायं 7:28 बजे बुक की गई। सायं 6:10 बजे से 6:32 बजे के मध्य पीक बुकिंग दर्ज की गई, जिसमें 6:10 बजे 849 बुकिंग दर्ज की गईं और 6:32 बजे तक बुकिंग संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।



राज्यवार आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र से सर्वाधिक 1708 बुकिंग, उत्तर प्रदेश से 1243, दिल्ली से 867, तेलंगाना से 864, कर्नाटक से 801 तथा गुजरात से 700 बुकिंग दर्ज की गईं।



बुकिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाए रखने हेतु प्रति यूज़र अधिकतम 2 बुकिंग एवं अधिकतम 12 सीट बुक करने की अनुमति दी गई। एक IP से अधिकतम 5 यूज़र ID द्वारा बुकिंग की जा सकती है तथा एक बुकिंग में अधिकतम 6 यात्रियों को शामिल किया जा सकता है। इस प्रकार एक यूज़र द्वारा कुल अधिकतम 12 यात्रियों की बुकिंग संभव है।


वर्तमान तक 510 बुकिंग ID के सापेक्ष कुल 913 सीटों के लिए कैंसलेशन दर्ज किए गए हैं।


राज्य सरकार द्वारा संचालित यह बुकिंग प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न की गई है, जिससे यात्रियों को सुगम, सुरक्षित एवं विश्वसनीय यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

एक टिप्पणी भेजें

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.