एक्सप्रेस-वे ने भरा डिजिटल प्रगति की यात्रा में जोश
डिजिटल एम्पावरमेंट पर चर्चा के लिए दून में जुटे देशभर के विशेषज्ञों ने मानी अहमियत
-डिजिटल विकास की योजनाओं में रहेगी अहम भूमिका
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से उत्तराखंड की उम्मीदों को पंख लग रहे हैं। विकास की योजनाओं का खाका खींचते वक्त दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर अब अहम भूमिका में है। डिजिटल प्रगति के लक्ष्य को हासिल करने की राह में भी इसे मददगार दोस्त की तरह देखा जा रहा है। इंडिया डिजिटल एम्पावरमेंट मीट एंड अवार्ड कार्यक्रम के लिए दून में जुटे देशभर विशेषज्ञों ने डिजिटल प्रगति में एक्सप्रेस-वे की अहमियत को रेखांकित किया है।
पलाइट नहीं, एक्सप्रेस-वे से तय की यात्रा
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे जनता को समर्पित किया है। इसके बाद, दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई से तीन घंटे का रह गया है। इंडिया डिजिटल एम्पावरमेंट मीट एंड अवार्ड कार्यक्रम में गुरूवार को कई बार एक्सप्रेस-वे चर्चा में आया। सूचना प्रौद्योगिक विकास एजेंसी (आईटीडीए) के निदेशक आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कई विशेषज्ञों ने एक्सप्रेस-वे का रास्ता चुनाव। उनके पास फ्लाइट का विकल्प मौजूद था, लेकिन उन्होंने एयर टिकट कैंसिल कराए और एक्सप्रेस -वे से दून पहुंचे ।
अब और बेहतर कनेक्टिविटी, फायदा मिलेगा
-कार्यक्रम में कई सत्रों में विशेषज्ञों के साथ देश-प्रदेश की डिजिटल प्रगति पर चर्चा हुई। इस दौरान सभी का कहना था कि डिजिटल इंडस्ट्री को उत्तराखंड में बढ़ावा देने के लिए हर तरह से अनुकूल स्थिति मौजूद है। कनेक्टिविटी पहले से अच्छी थी, अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से और भी बेहतर हो गई है। इसका फायदा मिलना तय है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा से लेकर सचिव नितिश कुमार झा तक ने डिजिटल प्रगति में एक्सप्रेस-वे की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार डिजिटल प्रगति के लिए असाधारण कार्य कर रही है।
ग्रीन, प्लास्टिक मुक्त रहेगी श्री केदारनाथ धाम यात्रा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*
*चारधाम यात्रा के मद्देनजर ग्राउंड जीरो पर उतरे मुख्यमंत्री, रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग से किया यात्रा मार्ग का निरीक्षण*
*अधिकारी मानवीय, धार्मिक पहलुओं का रखें विशेष ध्यान: मुख्यमंत्री*
*वोकल फॉर लोकल, स्थानीय उत्पाद, रोजगार एवं बेहतर व्यवस्थाएं सरकार की प्राथमिकताएं*
आस्था और श्रद्धा के महान पर्व के रूप में प्रतिष्ठित श्री केदारनाथ धाम के कपाट वर्ष 2026 की यात्रा हेतु आगामी 22 अप्रैल 2026 को विधि-विधान एवं सनातन परंपराओं के अनुरूप श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जनपद रुद्रप्रयाग पहुंचे और ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक कार द्वारा निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जवाड़ी बाईपास, निर्माणाधीन सुरंग, तिलवाड़ा में हटाए गए अतिक्रमण, बांसवाड़ा, कुंड-काकड़ागाड़ जैसे भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क के पेचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज, क्रैश बैरियर, सुरक्षा उपायों एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी लंबित कार्यों को यात्रा शुरू होने से पूर्व हर हाल में पूर्ण किया जाए।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा गुप्तकाशी में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर जनपदीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्य व्यवहार रखने के निर्देश दिए। साथ ही हेलीपैड पर यात्री शेड, लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों के समीप पुलिस चौकियों में आवश्यक सुविधाएं जैसे दवाइयां, पेयजल एवं फूड पैकेट उपलब्ध रखने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।
मुख्यमंत्री ने यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष जोर देते हुए “ग्रीन यात्रा” के उद्देश्य को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
गैस आपूर्ति के विषय में मुख्यमंत्री ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार से अतिरिक्त गैस आपूर्ति की मांग की गई है, जिससे यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को यात्रा से जोड़ते हुए “वोकल फॉर लोकल” के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।
इसके अतिरिक्त पैदल मार्गों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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