• वृहत्त भंडारे का आयोजन, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने सभी का आभार जताया।
ज्योर्तिमठ:
श्री नृसिंह मंदिर प्रांगण में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा का हवन यज्ञ पूजा अर्चना, वृहत भंडारे के साथ समापन हो गया इसी के साथ श्रीमद देवीभागवत महापुराण को नवदुर्गा मंदिर में प्रतिष्ठित कर दिया गया।
इससे पहले बीते शनिवार को श्री नृसिंह मंदिर से विष्णुप्रयाग स़गम तक जलयात्रा का आयोजन किया गया इस अवसर पर देवपुजाई समिति , महिला मंगल दल, स्थानीय जन-मानस तथा समिति के अधिकारी एवं कर्मचारी जल यात्रा में उत्साहपूर्वक शामिल रहे साथ ही नौ दिनों तक कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया तथा आज समापन अवसर पर वृहत भंडारा आयोजित कर प्रसाद वितरित किया गया।
श्रीमद देवी भागवत कथा समापन अवसर पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि समिति द्वारा प्रतिवर्ष नवरात्रि में श्री नृसिंह मंदिर में श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन किया जाता है तथा नवदुर्गा मंदिर में भब्य पूजा-अर्चना होती है।बीकेटीसी उपाध्यक्ष ने भागवत कथा यज्ञ में सभी सहयोगी संस्थाओं श्री देवपुजाई समिति, महिला मंगल दल, सहयोगीजनों का आभार जताया।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कथा व्यास धर्माधिकारी आचार्य स्वयंवर सेमवाल ने नौ दिनों तक कथा के माध्यम से देवी महिमा का वर्णन किया और उपस्थित जनसमूह को धर्माचरण का संदेश दिया।
वेदपाठी आचार्य रविंद्र भट्ट तथा पंडित हितेश सती,आचार्य वाणीविलास डिमरी आदि ने पूजाअर्चना संपन्न की।
श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी / कथा यज्ञ प्रभारी संदीप कपरवाण मुख्य यजमान तथा देवपुजाई समिति अध्यक्ष अनिल नंबूदरी तथा बीकेटीसी मुख्य यजमान अजय सती तथा सभी बीकेटीसी पदाधिकारी, अधिकारी, कर्मचारी कथा यज्ञ तथा पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
आज इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, एडवोकेट प्रकाश भंडारी, मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट, अवर अभियंता गिरीश रावत,प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, प्रशासनिक अधिकारी विवेक थपलियाल, लेखाकार भूपेंद्र रावत,जगमोहन बर्त्वाल, संतोष तिवारी संजय तिवारी,पुजारी संजय डिमरी,सुशील डिमरी,प्रदीप बिष्ट, सत्येंद्र चौहान,मोहन प्रसाद मैखुरी, रामप्रसाद थपलियाल, विकास सनवाल, लक्ष्मी प्रसाद सेमवाल,आशीष नंबूदरी आदि मौजूद रहे। नृसिंह मंदिर प्रांगण में श्रीमद् देवी भागवत कथा यज्ञ का हुआ समापन
• वृहत्त भंडारे का आयोजन, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने सभी का आभार जताया।
ज्योर्तिमठ:
श्री नृसिंह मंदिर प्रांगण में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा का हवन यज्ञ पूजा अर्चना, वृहत भंडारे के साथ समापन हो गया इसी के साथ श्रीमद देवीभागवत महापुराण को नवदुर्गा मंदिर में प्रतिष्ठित कर दिया गया।
इससे पहले बीते शनिवार को श्री नृसिंह मंदिर से विष्णुप्रयाग स़गम तक जलयात्रा का आयोजन किया गया इस अवसर पर देवपुजाई समिति , महिला मंगल दल, स्थानीय जन-मानस तथा समिति के अधिकारी एवं कर्मचारी जल यात्रा में उत्साहपूर्वक शामिल रहे साथ ही नौ दिनों तक कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया तथा आज समापन अवसर पर वृहत भंडारा आयोजित कर प्रसाद वितरित किया गया।
श्रीमद देवी भागवत कथा समापन अवसर पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि समिति द्वारा प्रतिवर्ष नवरात्रि में श्री नृसिंह मंदिर में श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन किया जाता है तथा नवदुर्गा मंदिर में भब्य पूजा-अर्चना होती है।बीकेटीसी उपाध्यक्ष ने भागवत कथा यज्ञ में सभी सहयोगी संस्थाओं श्री देवपुजाई समिति, महिला मंगल दल, सहयोगीजनों का आभार जताया।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कथा व्यास धर्माधिकारी आचार्य स्वयंवर सेमवाल ने नौ दिनों तक कथा के माध्यम से देवी महिमा का वर्णन किया और उपस्थित जनसमूह को धर्माचरण का संदेश दिया।
वेदपाठी आचार्य रविंद्र भट्ट तथा पंडित हितेश सती,आचार्य वाणीविलास डिमरी आदि ने पूजाअर्चना संपन्न की।
श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी / कथा यज्ञ प्रभारी संदीप कपरवाण मुख्य यजमान तथा देवपुजाई समिति अध्यक्ष अनिल नंबूदरी तथा बीकेटीसी मुख्य यजमान अजय सती तथा सभी बीकेटीसी पदाधिकारी, अधिकारी, कर्मचारी कथा यज्ञ तथा पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
आज इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, एडवोकेट प्रकाश भंडारी, मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट, अवर अभियंता गिरीश रावत,प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, प्रशासनिक अधिकारी विवेक थपलियाल, लेखाकार भूपेंद्र रावत,जगमोहन बर्त्वाल, संतोष तिवारी संजय तिवारी,पुजारी संजय डिमरी,सुशील डिमरी,प्रदीप बिष्ट, सत्येंद्र चौहान,मोहन प्रसाद मैखुरी, रामप्रसाद थपलियाल, विकास सनवाल, लक्ष्मी प्रसाद सेमवाल,आशीष नंबूदरी आदि मौजूद रहे।
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